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12 Jun 2010
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देश बचाने के लिए विचार मांगे तो सांप सूंघ गया क्या ?

कहाँ गये वे ढोंगी लोग !कहाँ गये वे शिखण्डी लोग ?और कहाँ गये वो गन्दी गन्दी गालियों से मेराdahboard मैला करने वालेतथाकथित भद्र लोग जो ज़बरदस्ती के ठेकेदार बने फिरते हैं ...............हैं ? क्या कहा ?समय नहीं मिला ?पता नहीं चला ?ऐसी फ़ालतू बात के लिए वक्त
 
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बेनामी बन्धुओं को ये मालूम होना चाहिए

मेरे मुख्य ब्लॉग albelakhatri.com पर लगातार भद्दी गालियाँ, गन्दे शब्दों भरी टुच्ची बातें, नंगे नंगे शब्द इस्तेमाल करके टिप्पणियां करने वाले बेनामी बन्धुओं को ये मालूम होना चाहिए कि शब्द ब्रह्महै ........शब्द बहुत बड़ी ऊर्जा का स्रोत है और शब्द कभी व्यर्थ
 
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उड़न तश्तरी उर्फ़ समीरलाल जी ! आप वहां से भी कर सकते हो

कल मैंने मेरे मुख्य ब्लॉग albelakhatri.com पर एक पोस्ट लगाकर तमाम कवि शायरों को सूचित किया था कि यदि उनमें कविताव शायरी लिखने और उसे अच्छे तरीके से सुनाने का हुनर है तो मुम्बई मेंश्री नवनीत भाटिया को तुरन्त सम्पर्क करें ।ऐसा मैंने इसलिए कहा क्योंकि कई
 
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एक बुढ़िया बचपन में ही मर गई

दुनिया का सबसे छोटा चुटकुला :एक बुढ़ियाबचपन में हीमर गई_____ हो सकता है इस से भी छोटा चुटकुला अथवा इस से भीमज़ेदार चुटकी किसी के पास हो, पर अपने पास तो नहीं है भैया ..इसी सेकाम चलाओ क्योंकि महंगाई का ज़माना है हर चीज़ आजकल छोटी होती जा रही है दुकानों पर
 
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जिसके कारण मैं इसकी कुछ परवाह नहीं करता...........

बहाद्दुर आदमी जिन दिनों अपने जिस्म पर गहरे घाव नहीं खाता, वह समझता है कि वे दिन व्यर्थ नष्ट हो गये.........- तिरुवल्लुवरमैं पानी के भीषण प्रवाह की तरह अत्यन्त भयंकर अवसरों पर भीआगे ही बढ़ता हूँ । मानो मेरे लिए इस जान के अलावाकोई और जान भी है जिसके कारण
 
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अलबेला खत्री पर एक नापसंद का चटका लगादे ना भाई !

फोन करके धमकाने वाले 78फोन पर समझाने वाले 37फोन पर पुचकारने वाले 12फोन पर बधाई और शाबासी देने वाले 169__________वाह रे हिन्दी ब्लोगिंग !स्तनों का जोड़ा 1देखने वाले 10,000 से भी ज़्यादाब्लॉग पर स्तन दिखाने वाली महिलानग्नता का विरोध करने वाला पुरूष____उस
 
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Jun 08 2010 10:24 AM
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जो सास ही को न पीटे तो फिर बहू क्या है

ग़ालिब साहिब ने फ़रमाया :रगों में दौड़ने के हम नहीं कायल ग़ालिबजो आँख ही से न टपके तो फिर लहू क्या हैकिसी ने इसमें तड़का लगायाघर में शान्ति से रहने के हम नहीं कायल भैयाजो सास ही को न पीटे तो फिर बहू क्या है .............www.albelakhatri.com
 
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Hasyakavi Albela Khatri

कहते हैं दर्पण झूठ नहीं बोलता...........गूगल बाबा भी झूठ नहीं बोलता................हिन्दी कवि सम्मेलनों में काव्यपाठ करते हुए 25 से भी ज़्यादा वर्ष होगये मुझे और जहाँ, जिस शहर में भी जाता हूँ, लोग मेरी प्रस्तुति को ख़ूबसराहते हैं ये मुझे बताने की ज़रूरत
 
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प्रश्न-पत्र लीक हो गया है..........

रंगलाल का बेटा नंगलालजब परीक्षा देने गया तो पलम्बर को भी साथ ले गयाजानते हो क्यों ?क्योंकि उसे पता चला था कि प्रश्न-पत्र लीक हो गया हैwww.albelakhatri.com
 
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जैसा कि मैंने कहा था ...नक्सलवाद को मिटाना चुटकी बजाने जैसा है तो ये लीजिये चुटकी और बजाइए

श्रीमान चिदम्बरम जी !जैसा कि मैंने कहा था ...नक्सलवाद को मिटाना चुटकी बजाने जैसा हैतो ये लीजिये चुटकी और बजाइएमैंने अपना वादा पूरा कियाये रहा मेरा फार्मूला
 
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चिदम्बरम जी ! जो काम केवल चुटकी बजाने जैसा है, उसे इत्ता बड़ा मुद्दा बना रखा है आपने ?

सम्मान्य श्री चिदम्बरम जी,गृह मन्त्री - भारत सरकारनयी दिल्लीप्रसंग : देश में नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण सुझावसन्दर्भ : दंतेवाड़ा समेत अनेक स्थानों पर नक्सलवादियों द्वारा नरसंहार और आपके नेतृत्व में सरकार द्वारा लगातार कमज़ोर व
 
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हँस रहे हैं कसाब, रो रहे उज्ज्वल, आ लिखें ऐसे परिवेश में हम ग़ज़ल

न तो जीना सरल है न मरना सरलआ लिखें ऐसे परिवेश में हम ग़ज़लकल नयी दिल्ली स्टेशन पे दो जन मरे रेलवे ने बताया कि ज़बरन मरेअब मरे दो या चाहे दो दर्जन मरेममतामाई की आँखों में आये न जलआ लिखें ऐसे परिवेश में हम ग़ज़लतप रहा है गगन, तप रही है धराहर कोई कह रहा मैं
 
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कहिये क्या विचार है डॉ रूपचंद्र शास्री मयंक जी ? कितने देने वाले हैं आप इस पोस्ट के अंक जी ?

श्रद्धेय डॉ रूपचंद्र शास्त्री जी !नमस्कारमुझे एक आईडिया आ रहा है और बहुत ज़ोर से आ रहा है इसलिए रोक नहीं पा रहा हूँ , तुरन्त अभिव्यक्त कर रहा हूँ कि क्यों न हम एक खेल खेलें.............. आप भी रोज़ रोज़ नया काव्य सृजन करते हैं और मुझे भी भ्रम है कि मैं
 
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सुहागरात को ही वाट लग गई दुल्हे राजा की ..........

कहते हैं जोड़ियाँ स्वर्ग में बनती हैं,बनती होंगी भाई...हमें क्या ?लेकिन स्वर्ग में बनी जोड़ियाँ भीतब तब फेल हो जाती हैंजब जोड़ी बेमेल हो जाती हैअभी कल की ही बात हैमैं आपको बताता हूँएक दृश्य दिखाता हूँमेरे घर के एक मच्छर चिरंजीव चना नेपडौस की एक मक्खी
 
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ये कोई पद्मश्री नहीं है कि गए और ले आये इसके लिए तो खपना पड़ता है

बाप रे बाप !बड़ा मुश्किल काम हैये कोई पद्मश्री नहीं है कि गए और ले आयेइसके लिए तो खपना पड़ता हैखपाना पड़ता है खुद को........महिलायें तो कर लेती हैंलेकिनपुरुषों के लिएआसान नहीं है भाई !पहले हाथ में लोफिर सीधा करोफिर मुँह में लोफिर थूक लगा कर गीला करोफिर
 
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नंगलाल को लू लग गई

रंगलाल के बेटे नंगलाल को लू लग गईऔर लू के चलते दस्तें लग गईं........डाक्टर - बोलो........क्या तकलीफ है ?रंगलाल - जी मेरे बेटे को दस्तें लग रही हैं पतली पतली.......डाक्टर - पतली ...कितनी पतली ?रंगलाल - पतली पतली जी.............डाक्टर - हाँ हाँ लेकिन कितनी
 
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क्यों कैसी रही पाबला जी ? जवाब ठीक है न ?

मैं एक दिन सुबह सुबहसर पर तोता बैठा कर जा रहा था कि रास्ते में बी एस पाबला जी ने पूछ लिया- ये कौन सा जानवर है भाई ?तोता बोला - आदमी है साला................हा हा हा हाwww.albelakhatri.com
 
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नंगलाल अब पैदल ही कॉलेज जाता है .....

रंगलाल का बेटा नंगलाल हमेशा गधे पर बैठ कर कॉलेज जाता था । 3 साल बाद अब पैदल जाने लगा है जानते हो क्यों ?क्योंकि गधे ने ग्रेजुएशन पूरा कर लिया है .........हा हा हा हा हाwww.albelakhatri.com
 
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मुम्बई, राउरकेला, कोलकाता, लखनऊ और जयपुर के ब्लोगर्स से मिलने का संयोग बन सकता है

एक बार फिर काव्य- यात्रा पर निकल रहा हूँ ।शायद फिर कुछ ब्लोगर मित्रों से मुलाक़ात हो जाये ।इस बार का टूर इस प्रकार है :08 से 09 एप्रिल - मुम्बई10 एप्रिल - राउरकेला11 एप्रिल - सुबह कोलकाता11 एप्रिल - शाम को लखनऊ12 एप्रिल - लखनऊ13 से 26 एप्रिल तक जयपुरमेरा
 
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फ़ोकट में घर पहुँच गये

रंगलाल और उसका बेटा नंगलाल अपने इलाके के सबसे समझदारलोग माने जाते हैं । इतने समझदार कि वन वे स्ट्रीट पर करतेवक्त भी दोनों तरफ देखते हैं ।एक बार मुम्बई में रात के समय taxi वाले ने इनसे ज़्यादा पैसेमांग लिए तो रंगलाल ने कहा - रूपये चाहे तुम दस-बीस और लेलो,
 
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अक्ल बादाम खाने से नहीं, ठोकर खाने से आती है

रंगलाल का बेटा नंगलाल शादी करने को उतावला है लेकिन नंगलाल उसे उपदेश दे रहा है कि शादी कोई अच्छी चीज़ नहीं है ।इससे आदमी बर्बाद हो जाता है वगैरह वगैरहनंगलाल भड़क जाता है और बाप से पूछता है - पापा ! जब शादीइतनी ही बुरी चीज़ है तो आपने क्यों की ? और आपसे भी
 
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महात्माजी को मिला सही जवाब.........

रंगलाल और उसका बेटा नंगलाल बड़े मनोयोग से महात्मा जी काप्रवचन सुन रहे थे जो उनकी ही सोसायटी में हो रहा था और सैकड़ोंनर-नारी सत्संग का लाभ ले रहे थे । तभी महात्माजी बोले- जिनजिन को स्वर्ग जाना है अपने हाथ खड़े कीजिये..........लगभग सभीने हाथ खड़े किये लेकिन
 
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हुशियारी नंगलाल की .......

रंगलाल का बेटा नंगलाल हुशियारी में अपने बाप का भी बाप है ।उसे ज्ञान देना बड़ा मुश्किल है । लेकिन बाप कोशिश नहीं छोड़ता,असफल प्रयास करता रहता है ।अभी कल ही उसने माचिस की तीली जला कर पूछा - बताओनंगलाल ये आग कहाँ से आई ? नंगलाल की समझ में कुछ नहींआया तो उसने
 
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नंगलाल की वाट लग गई............

रंगलाल का बेटा नंगलाल स्कूल से घर आ रहा था । अचानक रास्तेमें ज़ोर से बरसात आ गई जिस कारण वह भीगता-भागता हीसड़क पर चल रहा था कि अचानक पाँव फिसलने से कीचड़ में गिरगया तभी आकाश में ज़ोरदार बिजली चमकी।नंगलाल ने ख़ुद की हालत देखी और फिर आकाश की तरफ मुँहकरके बोला
 
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Feb 23 2010 06:11 PM
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हिन्दी कवि-सम्मेलनों का नया आकर्षण रुचिप्रिया भारतीय

हिन्दी कवि-सम्मेलनों का नया आकर्षणएक शानदार और जानदार कवयित्रीआ रही है अपनी धुंआधार प्रस्तुति ले कर....जिसका नाम हैरुचिप्रिया भारतीय www.albelakhatri.com
 
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Feb 22 2010 01:40 PM
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बोलो नारीवादियो ! क्या बुराई है इस फोटो में ?

क्या यह फोटोअश्लील है ?बेहूदा है ?भौंडा है ?गन्दा है ?नग्न है ?फटा हुआ है ?गीला है ?अवयस्क है ?सुगर का मरीज़ है ?हार्ट पेशेंट है ?_________क्या तकलीफ है इस फोटो से ?नारी ब्लॉग वालो !नारीवादियो !बोलो क्या बुराई है इस फोटो में ?क्यों फ़ोकट में मेरी टी आर पी
 
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Feb 17 2010 08:37 PM
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ये है एक कलाकार का दर्द.......कोई समझेगा ?

आज बड़ा ख़ास दिन था मेरे लिए भी, मेरे बड़े भाई के लिए भीऔर मेरे परिवार के लिए भी...........क्योंकि आज इस कवि-सम्मेलनीय श्रंखला का आखरी प्रोग्राम करके मुझे घर जाना था मेरा बेटा बीमार है और लगातार मुझे याद कर रहा है, आजही मेरे बड़े भाई साहेब की बाई पास
 
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Feb 16 2010 11:06 PM
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हास्य कवि अलबेला खत्री सूरत में विद्यार्थियों के साथ...वेलंटाइन डे और लाल गुलाब की चर्चा करते हुए

यदि ऐसा हो जाये तो 14 फरवरी कोलाल गुलाब 100-100 रूपये में नहीं बिकेगाwww.albelakhatri.com
 
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नंगलाल का जवाब नहीं...........

रंगलाल के बेटे नंगलाल को डांटते हुए स्कूल मास्टर ने कहा -तुम्हें शर्म आनी चाहिए ! तीन साल से एक ही क्लास में पड़ेहुए हो.........इस में शर्म की क्या बात है सर ? नंगलाल बोला - और अगरहै, तो आपको भी आनी चाहिए.......क्योंकि आप भी तो पिछलेदस सालों से इसी एक
 
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चर्चा है भाई चर्चा है ...चर्चा है भाई चर्चा है

दाल है थोड़ी , मर्चा ज़्यादाआय ज़रा सी खर्चा ज़्यादायकीं न हो तो देखलो ख़ुद हीचिट्ठे कम हैं, चर्चा ज़्यादा
 
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नया अर्थ

तमसो मा ज्योतिर्गमयका नया अर्थतुम सो जाओ माँ ! मैं ज्योति के पास जा रहा हूँ
 
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पापा, आपकी शादी हो गई ?

एक बहुत ही पुराना बाबा आदम के ज़माने का लतीफ़ा यादआ रहा है । रंगलाल का बेटा नंगलाल अपने बाप से बतिया रहा था ।नंगलाल - पापा, आपकी शादी हो गई ?रंगलाल - हाँ बेटा ! हो गई ?नंगलाल - किस से हुई ?रंगलाल - ये बैठी तुम्हारी माँ, इससे हुई........नंगलाल - क्या पापा
 
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आज से अपन ने भी चर्चा का खर्चा उठाना शुरू कर दिया

प्यारे मित्रो !चूँकि अभी तक मेरा चिट्ठाचर्चा वाला ब्लॉग ब्लोगवाणी परदिखना शुरू नहीं हुआ है इसलिए आपको सूचना देने हेतु ये पोस्टयहाँ टिकाई है कि आज से अपन ने भी चर्चा का खर्चा उठाना शुरूकर दिया है । अगर आपके पास थोड़ा समय हो, तो एक बारयहाँ भी झांक लीजियेगा
 
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नंगलाल रंगीन मुगले-आज़म देख कर आया

रंगलाल का बेटा नंगलाल रंगीन मुगले-आज़म देख कर आया । रंगलाल - कैसी लगी रंगीन मुगले-आज़म बेटा ?नंगलाल - ठीक है वैसे इतना खर्च करके भी पूरी फ़िल्मरंगीन नहीं की , कहीं कहीं ऐसे ही छोड़ दी.....रंगलाल - क्या मतलब ? नंगलाल - अरे मतलब क्या ? हाथी तो अभी भी काले ही
 
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नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के अनमोल वचन

साम्राज्य में एक हठ, गर्वऔर अकड़ होती है जिस पर वहसैकड़ों गुलामों का कत्ले-आमकर सकता हैतुम मुझे खून दोमैं तुम्हेंआज़ादी दूंगाजय हिन्द ! -नेताजी सुभाष चन्द्र बोस
 
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बच्चे बताते हैं कि आप में ऊर्जा कितनी है -अलबेला खत्री

हास्य कवि अलबेला खत्री का बिन्दास परफ़ॉर्मेंस
 
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