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चर्चा हिन्दी चिट्ठो की !!!

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16 Apr 2010
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मैंने अपने बॉस से ब्लागिंग शुरू करवाई ! पंकज मिश्रा ( चर्चा हिन्दी चिट्ठो की )

नमस्कार , मै पंकज मिश्रा - आप सब को प्रणाम ! जैसा कि आप कुछ दिनों से देख रहे है मै अपने इस चिट्ठा चर्चा पर ज्यादा समय नहीं दे पा रहा हु ! आप सबको ऐसा लगा होगा कि मै तो गायब ही हो गया लेकिन साहब जी ऐसी कोई बात नहीं है ! नई -नई नौकरी है और अभी पुरी तरह से
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खुनी रेड हंट---कुछ टिप्पणियों की चर्चा----ललित शर्मा

बीते कल की सुबह 36गढ के बस्तर क्षेत्र के ताड़मेटला के जंगलों में सुरक्षा बलों के लिए कहर बनकर आई, जिसमें नक्सली हमले मे 75जवान शहीद हो गये। इस कायरता पुर्ण घटना की सर्वत्र निंदा की जा रही है। सरकार अभी तक जागी नही है, प्रधानमंत्री सलाह कारों की सलाह पर कह
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कहने को आज़ाद हो गए किन्तु गुलामी जारी है----"चर्चा हिंदी चिट्ठों की"--- ललित शर्मा

नित नेताओं अफ़सरों के एक से बढकर एक घोटाले और भ्रष्ट्राचार के कारनामे सामने आते हैं। जनता की गाढी कमाई को अपनी पैतृक सम्पत्ति समझ कर हजम करने का काम बरसों से चल रहा है। जब भी किसी अधिकारी के यहां छापा पड़ता है तो करोड़ों की बेनामी सम्पत्ति सामने आती है।
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ब्लॉगर्स सावधान--लिव इन रिलेशनशिप--ये किस मोड़ पर ? "चर्चा हिन्दी चिट्ठों की"

पिछले साल एक मशीन बनाई गई थी ब्रह्माण्ड का रहस्य जानने के लिए, उसके बनते ही समाचार आने लगा था कि दुनिया पर खतरा मंडरा रहा है, प्रयोग असफ़ल होने पर दुनिया खत्म हो सकती है। इक बार मशीन खराब हो गयी थी दुबारा शुरु करने में 18 माह लगे। इस बिगबैंग प्रयोग के लिए
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दुष्यंत और शंकुन्तला के बीच---लिव इन रिलेशनशिप--(चर्चा हिन्दी चिट्ठों की)--->>>>ललित शर्मा

पृथ्वी के पर्यावरण को बचाने के लिए एक घंटे का ब्लेक आउट कि्या गया, इससे पर्यावरण तो बचा कि नही ये तो पता नही, बेचारे पुरनदास गुरुजी का घर जरुर लुट गया, गर्मी में वे सब लाईट बंद करके सपरिवार बाहर  बैठे थे, लेकिन चोर भी ताक में थे वे भी बत्ती गुल होते
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आज सान्ध्यकालीन विशेष चर्चा हिंदी चिट्ठों की------------------------ललित शर्मा

भगवान श्री राम का जन्मदिवस धुम-धाम से मनाया गया,आज कुछ चिट्ठों की फ़टाफ़ट चर्चा करते हैं, अब मै ललित शर्मा आपको ले चलता हुँ आज की चर्चा हिंदी चिट्ठों की पर---सबसे पहले चर्चा करते हैं ताउ डॉट कॉम पर जहां वैशाखनंदन सम्मान प्रतियोगिता प्रारंभ हो चुकी है। आज
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रविवार की छोटी चर्चा , पर खबरे बड़ी (चर्चा हिन्दी चिट्ठो की )

नमस्कार ,मै पंकज मिश्रा आप सबका स्वागत करता हु अपने इस चर्चा ब्लॉग पर ..चर्चा में समय कम दे पा रहा हु क्युकी नौकरी पर समय ज्यादे दे रहा हु . खैर कोई बात नहीं दोनों की जरुरत के हिसाब से समयानुकूल मैनेज किया जाएगा !चलिए चर्चा की तरफ चलते है .आज ललित शर्मा
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“ब्लॉग में अपार संभावनाएँ हैं” (चर्चा हिन्दी चिट्ठों की)

अंक : 159 चर्चाकार : डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" ज़ाल-जगत के सभी हिन्दी-चिट्ठाकारों को डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"" का सादर अभिवादन! आइए पिछले 24 घण्टों की कुछ पोस्टों की चर्चा प्रम्भ करता हूँ! तेताला ब्लॉग में अपार संभावनाएं
 
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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तबदीलियाँ तो वक्त का पहला उसुल है----शक्ति रुपेण नारी-- "चर्चा हिंदी चिट्ठों की"--ललित शर्मा

आज दिन भर हंगामा था मायावती के नोटों की माला को लेकर, बस इतने सारे नोट एक जगह पर देखने को पहली बार मिले वह भी चित्र में। अब इनसे गरीबों का विकास होगा, उनके लिए रोटी कपड़ा और मकान जुटाया जाएगा। अब यह ना पुछना कि कौन से गरीब? नव रात्रि पर्व मे मातृ शक्ति
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हिन्दुस्तान दैनिक के धुरंधर पत्रकरो के ब्लाग ( चर्चा हिन्दी चिट्ठो की )

नमस्कार , सोमवारी चर्चा मे आपका स्वागत है ! अजय भाई साहब ने सलाह दिया था कि रफ़्तार, जागरण मंच , इडिजी , हिंदी ब्लोग्स से भी चिट्ठे उठा कर चर्चा में लगाएं , बस उसी की शुरुआत करते है आज और आज आपको परिचित कराते है हिन्दुस्तान दैनिक के धुरंधर पत्रकरो के
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कल मै भी बुढा होने वाला हु तब यही बुढऊ ब्लागर्स एशोसियेशन मेरे काम मे आयेगा ( चर्चा हिन्दी चिट्ठों की )

नमस्कार ! पंकज मिश्रा आप सबके साथ ..आपके लिक्खे चिट्ठो की चर्चा लेकर ! कल ही वापस आया और आप सबने इतना प्यार दिया कि मन भर आया , और अच्छा लगा यह जानकर कि आप सब मुझको इतना प्यार करते है .. समीर जी ने सवाल किया था कि रुद्रपुर कहां है ? आदरणीय समीर जी
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साहेबा मै वापस आ गया हु ! पंकज मिश्रा ( चर्चा हिन्दी चिट्ठों की )

नमस्कार , मै पंकज मिश्रा बहुत दिनो के बाद आप सबसे मुखातिब हो रहा हु. माफ़ करियेगा बहुत दिनो से आप सबसे दूर रहा और सबसे बडी गलती यह थी कि बिना बताये गायब रहा . लेकिन अब कोशीश यह रहेगी कि बराबर आप सबसे बना रहू. चलिये पहले यही बता दु कि मै इतने दिन था कहा?
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लागल झुलनिया के धक्का----पहिरी हमरो पैजामा----बालम मोर गदेलवा ---"चर्चा सिर्फ़ होली चिट्ठों की" (ललित शर्मा)

मौसम बदल रहा हैं और साथ मे कुछ सर्द गर्म के कारण अब स्वास्थ्य पर भी हमला हो रहा है। कल से हमारे स्वास्थ्य पर भी इसका प्रभाव दिखा। होली की उमंग ने उत्साह बनाए रखा है अन्यथा आराम के अलावा कोई चारा नही था। होली  साल भर मे आने वाला सभी तबकों का त्योहार
Feb 27 2010 06:52 AM
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मुर्गी तो जान से गई और खाने वाले को मजा नही आया--"चर्चा हिन्दी चिट्ठों की" (ललित शर्मा)

मौसम बादल रहा है वातावरण में हलकी सी गरमाहट आने लगी है. शर्म होते ही ठंडी हवा के साथ फूलों की खुशबु के साथ वातावरण गमक उठता है. बड़ा ही अच्छा मौसम है. पलास भी अब अपनी रंगत पर आने लगे है. उसके भी फ़ूल लालियाने लगे है. गेंहूँ -चने की फसल भी पक कर तैयार होने
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ज़रूरी ऐलान: सुनो. सुनो...होशियार-तलवारें खिंच गई हैं..."चर्चा हिंदी चिट्ठों की" (ललित शर्मा)

चंदा सकेल के मंदिर, धर्मशाला, मस्जिद बनाना तो आम बात है, लेकिन बिहार के मुजफ्फरपुर के सकरा थाना क्षेत्र के बरियार पुर गांव के ग्रामीणों ने चंदा करके एक पोलिस चौकी का निर्माण किया है. इसके निर्माण में तीन लाख रूपये खर्च हुए हैं. यहाँ पहले चौकी की जगह एक
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धमकियों के बाद-ब्लागर मिलन-दी्वानगी कभी दे्खी नहीं "चर्चा हिंदी चिट्ठों की (ललित शर्मा)

रविवार को ही ढेर सारे काम हो जाते हैं घर के. घर के काम करना भी जरुरी है. क्योंकि आखिर में घर वाले ही साथ देते हैं. देखिये ना हमारे जार्ज बाबु को, जब तक वो स्वयं भले चंगे थे तब तक तो उनका परिवार (पत्नी और बच्चे) कहीं नहीं दिखे. लेकिन जब उन्हें अल्जाइमर
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क्या पुलिस वाले इंसान नही कीड़े-मकौड़े है?“चर्चा हिन्दी चिट्ठों की” (ललित शर्मा)

आज मिडिया पर से भी लोगों का भरोसा उठता जा रहा है, इतने चैनल हैं कि कुछ भी उल-जलुल दिखाते रहते हैं। कुछ तो अंधविस्वास को अविश्नीय तरीके से बढावा दे रहे हैं। ताबीज बेचना रुद्राक्ष बेचना टोना-टोटका बताना तो आम हो गया है। समाचार को इतना सनसनीखेज बना देते हैं
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“विशेष ब्लागर सम्मान पुरस्कार - 2010 की घोषणा.” (चर्चाकारः शास्त्री “मयंक”)

“पी.सी.गोदियाल जी को टिप्पणी नहीं चाहिएँ??” अपना  ब्लॉग शामिल करें!नया एग्रीगेटर "पल पल-हलचल"http://palpalhalchal.feedcluster.com/ तैयार है!  अंक : 144चर्चाकार : डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"ज़ाल-जगत के सभी हिन्दी-चिट्ठाकारों को
 
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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“सन्तू गदहे की पूँछ टाँक रहा हैःएक बच्चा” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")

अंक : 143 चर्चाकार : डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" ज़ाल-जगत के सभी हिन्दी-चिट्ठाकारों को डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" का सादर अभिवादन! आइए “चर्चा हिन्दी चिट्ठों की” में कुछ महत्वपूर्ण चिट्ठों की ओर आपको ले चलता हूँ! सबसे पहले देखिए एक बच्चा कैसे आँखों पर
 
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
Feb 11 2010 02:44 PM
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मुन्ना भाई दिल्ली सम्मेलन से बैरंग लौट के आगयेला है!

सबसे पहले तो मैं सर्किट आप सबसे माफ़ी मंग रयेला है…आप लोग पूछेगा…सर्किट भाई…तुम माफ़ी काये कू मंग रयेला है?  तो अपुन आपको बता रयेला है कि अपुन दो वजह से माफ़ी मंग रयेला है…   पहले तो अपुन भौत दिन से आप लोगों से मिलने नही आसका और दूसरे अपुन दिल्ली
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हरामी..? यानी हराम का जना हुआ “चर्चा हिन्दी चिट्ठों की”(ललित शर्मा)

अभी तीन चार दिनों से ब्लागवाणी की नापसंद सेवा का भरपुर लाभ उठाया जा रहा है। कुछ विशेष पोस्ट आते ही लगातार नापसंद की बाढ आ जाती है। मतलब यह है कि वही पो्स्ट ज्यादा पसंद की जा रही है और तो और कविताएं और गजल भी नापसंद होने लगी हैं। हमारे भाई लोग इतने जागरुक
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आखिर ताऊ की हिंदी चिठ्ठा चर्चा शुरु हो ही गई..(चर्चा हिन्दी चिट्ठों की )

नमस्कार , चर्चा हिन्दी चिट्ठों के इस अंक के साथ मै पंकज मिश्रा ! चर्चा को मिल रहे आप सबके इस सपोर्ट के लिये हम सब आप सबके बहुत – बहुत आभारी है और आशा है कि आगे भी आप सबका सहयोग भरपुर मिलता रहेगा!   सर्कस यह नाम शायद आने वाली पीढ़ी के लिये अपरचित हो
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तेरा सत्यानाश हो-साला..कुछ भी करेगा”चर्चा हिंदी चिट्ठों की”(ललित शर्मा)

आज खुशी की बात है कि संगीतकार ए आर रहमान को दो ग्रेमी अवार्ड मिले। आज सुरों के शहंशाह हैं तथा अपनी प्रयोग धर्मिता से भारतीय संगीत को विश्वस्तर पर पहचान दिलाई है। ग्रेमी अवार्डस मे भी अपने जय हो नामक गाने से परचम लहराया है और दो पुरस्कार जीत कर अपनी
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भाई ! गाँधी की हत्या कितनी बार करोगे ?(चर्चा हिन्दी चिट्ठों की)

नमस्कार , पंकज मिश्रा आपके साथ ! आपके चिट्ठों की चर्चा लेकर .आपके समक्ष मै अपने आप को रखता हु तो बहुत खुशी होती है..आप सब अपना प्यार ऐसे ही देते रहे तो मेरा मनोबल बढता रहेगा ! सादर अभिवादन –पंकज मिश्रा ! चलते है आज के चर्चा की तरफ़! सबसे पहले 
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“एकता में अनेकता-अविनाश वाचस्पति” (चर्चा हिन्दी चिट्ठों की)

पहचान लीजिए इन्हें- अविनाश वाचस्पतिAge: 51 Gender: Male Industry: GovernmentOccupation: सेवाLocation: संत नगर : नयी दिल्ली : IndiaAbout Meभारतीय जन संचार संस्थान से 'संचार परिचय', तथा हिंदी पत्रकारिता पाठ्यक्रम पत्रकारिता। व्यंग्य, कविता एवं फ़िल्म लेखन
 
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
Jan 31 2010 10:47 AM
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एक नम्बर के कुत्ते अब्बू तुम्हारे-इक बुत बनाऊंगा“चर्चा हिन्दी चिट्ठों की” (ललित शर्मा)

आज कल पद्म श्री को लेकर काफी चर्चाएँ मीडिया और ब्लाग दोनों पर आ रही हैं. सैफ अली खां को पद्म श्री देने पर विश्नोई समाज ने अपना मुखर विरोध दर्ज कराया है तथा विरोध प्रदर्शन करते हुए पद्म श्री वापस लेने की मांग की है. सैफ अली द्वारा हिरण का शिकार करने के
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चिठ्ठाचर्चा डोमेन डकैतों द्वारा लूटा गया? (चर्चा हिन्दी चिट्ठों की )

  नमस्कार. पंकज मिश्रा आपके साथ !  चर्चा हिन्दी चिट्ठों के इस अंक मे मै आपका हार्दिक स्वागत करता हु! आज रतन सिंह शेखावत जी के माध्यम से काफ़ी कुछ जानने का मौका मिला और उसी का नतीजा है हमारा यह नया वेब साईट जो कि मेरे बारे मे व्यक्तिगत जानकारी
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“ये झूठ इतना खूबसूरत क्यूँ होता है?” (चर्चा हिन्दी चिट्ठों की)

अंक : 134 चर्चाकार : डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" ज़ाल-जगत के सभी हिन्दी-चिट्ठाकारों को डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"" का सादर अभिवादन! आइए “चर्चा हिन्दी चिट्ठों की” में कुछ महत्वपूर्ण चिट्ठों की ओर आपको ले चलता हूँ! शेफाली पाण्डेय, हल्द्वानी (उत्तराखण्ड)
 
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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"तुम मुझे खून दो मै तुम्हे आजादी दूंगा"(चर्चा हिन्दी चिट्ठों की)

नमस्कार, पंकज मिश्रा  आपके साथ…चर्चा हिन्दी चिट्ठों की –मे मुंबई बम कांड का अपराधी आजकल मराठी भाषा का बहुत प्रयोग कर रहा है ,,अदालत के सवाल जवाब मे भी वह मराठी भाषा का प्रयोग करता है..राज साहब ठाकरे तो बहुत खुश होगे कि कोई तो उनकी पीडा समझता है :)
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टिप्पणी खींचू तेल-जब मैं चोरी करते पकड़ा गया" चर्चा हिंन्दी चिट्ठों की" (ललित शर्मा)

किसी आदमी की करोड़ों रूपये की लाटरी निकलती है तो वह सबसे पहले उस काम को छोड़ना चाहता है जिसे वह करते आया है. सोचता है इतना पैसा आ गया है कि दूसरा कम धंधा करेंगे. लेकिन एक आदम ऐसा मिला जिसकी २६ मिलियन पौंड (लग-भग २ अरब रूपये) की लाटरी निकालने के बाद भी
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मौज लेने वालों के सर्वनाश का इतिहास: संभल जाओ’(चर्चा हिन्दी चिट्ठो की )

नमस्कार ..चर्चा हिन्दी चिट्ठो के  इस अंक में मै पंकज मिश्रा आप सभी का स्वागत करता हु !  कुछ दिन पहले से चल रहे मौजुलिया रोग से पिडित ब्लाग समुदाय आप अकेले नही हो ..मौज और उससे होने वाले नुकसान बहुत पहले से चला आ रहा है और इसके बारे मे आज प्रवचन
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अर्थी सजाने की कला में भी वे माहिर हैं (चर्चा हिन्दी चिट्ठों की )

नमस्कार ,  पंकज मिश्रा आपके साथ आपके द्वारा लिखे गये चिट्ठो की चर्चा लेकर ! एक प्रयास भर है नही तो मेरी क्या बिसात ! शरद कोकाश जी ने बहुत ही सुन्दर बात कह गये है ..ब्लाग बिरादरी से जुडने के बाद इतना तो अच्छा है कि आप जैसे महानुभाव के विचारो से
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“वो, जो प्रधानमंत्री न बन सका….” (चर्चा हिन्दी चिट्ठों की)

अंक : 129 चर्चाकार : डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" ज़ाल-जगत के सभी हिन्दी-चिट्ठाकारों को डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"" का सादर अभिवादन! आज “चर्चा हिन्दी चिट्ठों की” में बिना किसी लाग-लपेट के कुछ महत्वपूर्ण चिट्ठों की ओर आपको ले चलता हूँ! कस्‍बा qasbaकहने
 
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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विवेक जी ,खुशदीप जी . बवाल जी औरअनिल पुसादकर जी के पोस्ट की विशेष चर्चा (चर्चा हिन्दी चिट्ठो की )

नमस्कार ...पंकज मिश्रा आप सब के बीच .चर्चा कर्म में इस समय लापरवाही बरत रहा हु . अपने निजी व्यस्तताओं के चलते ..लेकिन हमारे विवेक भाई नाराज हो गए है शायद उनके पोस्ट को काफी दिन से चर्चा में ना ले पा रहा था इसके लिए .बवाल जी ने भी सवाल दागा है कि क्या वे
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कटी भी और लुटी भी नहीं ..कैसी किस्मत है-छुपे तीन ब्लॉगर पकड़ाये "चर्चा हिंदी चिट्ठों की"(ललित शर्मा)

कल मकर सक्रांति के पर्व के बाद आज सुबह कुछ ज्यादा ही ठंडक लिए हुए आई, साथ में सूर्य ग्रहण भी लेकर आई. पौष कृष्ण अमावश्या यानि आज १५ जनवरी को भारतीय समय के अनुसार उत्तराषाढ़ा नक्षत्र मकर राशि में कंकणाकृति सूर्य ग्रहण होगा जो सम्पूर्ण भारत में दिखाई देगा.
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गंभीरता की देवी बोली - ......, ज्यादा जबान लडाता है (चर्चा हिन्दी चिट्ठों की )

नमस्कार,  पंकज मिश्रा आपके साथ आपके चिट्ठो की चर्चा लेकर . चलिये शुरुआत करते है कुछ प्रश्नो के द्वारा जो कि ताऊ रामपुरिया जी के द्वारा पुछा गया है! १. क्या हमको पलायन करना चाहिये?२. क्या हमे इधर उधर से मार कर ब्लडी, ईडियट, साला, ससुरा, शराब, सिगरेट
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सावधान! ब्लागिंग की छवि की रक्षा के लिए मिसाईलें तैनात (चर्चा हिंदी चिट्ठों की)

पंकज मिश्रा जी ने चिट्ठों की चर्चा करने का आग्रह किया था जिसे स्वीकार करके सोमवार से चर्चा करने का मन बनाया ,लेकिन सोमवार को शास्त्री जी को चर्चा करनी थी इसलिए हम मंगलवार को आ गये बजरंग बली की जय बोलकर। अभी अभी मैने एक पोस्ट पढी है जिसमे ब्लागिंग की
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“कैसी-कैसी पोस्ट, कैसी-कैसी टिप्पणियाँ?” (चर्चा हिन्दी चिट्ठों की")

अंक : 124 चर्चाकार : डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" ज़ाल-जगत के सभी हिन्दी-चिट्ठाकारों को डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक"" का सादर अभिवादन! आज “चर्चा हिन्दी चिट्ठों की” में कुछ मजेदार पोस्टों और उन पर आयी हुई टिप्पणियों के कुछ नमूने
 
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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मंदिर, मस्जिद या गुरुद्वारा सर मेरा झुक ही जाता है(चर्चा हिन्दी चिट्ठो )

नमस्कार, मै पंकज मिश्रा आपके साथ आपके चर्चा को लेकर ! जैसा कि हमारे बडे भाई साहब अपने कल के चर्चाकार चर्चा मे कह चुके है कि .....और ये हैं , युवा चिट्ठा चर्चाकार पंकज मिश्रा (चिट्ठाकार चर्चा ) तो मै आशा करता हु कि अब आप सब लोगो से हमेशा इस बच्चे को प्यार
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हाय रे इंसानी फ़ितरत, चाँद भी इसके झाँसे में आ गया (चर्चा हिन्दी चिट्ठो की )

नमस्कार, पंकज मिश्रा आपके साथ आपके चिट्ठो की चर्चा लेकर …कल भोजपुरी गीत देख रहा था एक गीत मे कुछ ऐसा फ़ोटो दिखा तो रख लिया आप सब के लिये और गीत है मरद सुधार संगठन … खैर गीत के बात बाद मे पहले चर्चा पढिये….. चर्चा मे आज खुशी जाहिर कर रहा हु विनोद कुमार
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