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जाने भी दो यारो!

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17 Jun 2010
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जाने भी दो यारो!

वाह वाह !! नीतिश कुमार ! गुड़ खाओगे और गुलगुले से परहेज़ करोगे ? इस सादगी पे कौन ना मर जाये ए खुदा लड़ते हैं और हाथ में तलवार भी नहीं जी हां ,ये ज़ुबानी ज़मा-खर्च की लड़ाई किसे दिखा रहे हैं बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार ? भाजपा के साथ गल्बहियां भी हैं
 
अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi
Jun 17 2010 03:18 PM
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वाह लालूजी वाह!! नीतिश को गरियाओगे तो पासवान को कहां छिपाओगे ?

इस हमाम में सभी नंगे हैं . इधर नीतिश कुमार का मुलम्मा उतरा तो उधर लालू जी भी अपनी भद पिटवा गये. एक प्रेस कांफ्रेंस के ज़रिये लालू जी ने भाजपा से दोस्ती के सवाल पर नीतिश को कटघरे में खड़ा करके गोला दागा. कहने लगे कि जरा भी शर्म है तो या तो भाजपा से अलग हो
 
अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi
Jun 17 2010 03:02 PM
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एंडरसन के भव्य बंगले के पिछले दरवाजे से बी.एड. में प्रवेश दिलवायेगा " हिंदुस्तान"

है ना चौंकाने वाली खबर ? हिन्दी हिन्दुस्तान के रविवार 13 जून के अंक में वारेन एंड्रसन के अमेरिका स्थित भव्य बंगले को उ.प्र. सरकार के बी.एड. में प्रवेश से जोड़ दिया गया है.खबर का इंट्रो बनाया गया है उत्तर प्रदेश सरकार के एक फैसले को ,जिसमे बी.एड .के लिये
 
अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi
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माफी नहीं, सर चाहिये

नहीं, इस बार माफी से काम नहीं चलेगा. दोषी चाहे कोई भी हो, गिरफ्तारी हो, समयबद्ध मुक़दमा चले और सज़ा होनी चाहिये वारेन एंडर्सन को किसने भगाया ,किसने उससे रिश्वत ली और किसने देश वासियों के साथ धोखा किया? रोज़ाना नई नई जानकारिया सामने आ रही हैं . भोपाल के
 
अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi
टैग: gas.bhopal
Jun 15 2010 03:38 PM
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जाति ही क्यों ? खाप, गोत्र, अल्ल,उपजाति, प्रजाति सभी कुछ पूछिये ना?

इस देश को पीछे धकेलने में और प्रगति की रफ्तार को कम करने में यदि कोई सोच,विचार, भावना ज़िम्मेदार है तो वह हमारा जातिवादी सोच है.यह बात अनेक प्रबुद्ध विचारकों, समाज सुधारकों एवं समाजशास्त्रियों ने ठोक-बजा कर कही है. बार बार कही है.किंतु हमारे राजनेताओं की
 
अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi
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फिर बांटी गयी रेवड़ियां

एक प्रश्न जिसका उत्तर हर वर्ष मांगा जाता है और नहीं मिलता वह है प्रति वर्ष गणतंत्र दिवस पर दिये जाने वाले पद्म पुरुस्कारों का ? आखिर क्या पैमाना होता है पद्म पुरुस्कारों का ?फिर आई 26 जनवरी और फिर हुआ रेवड़ियां बांटने का सिलसिला . किसी को चोट ना पहुंचे
 
अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi
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न्यूज़ 24 हिन्दी के शरद जोशी को नहीं जानता?

प्रभाष जी नही रहे. सारे समाचार पत्रों व टीवी चैनलों ने प्रभाष जी को श्रद्धांजलि अर्पित की . हिन्दी टी वी चैनल न्यूज़ 24 पर भी प्रभाष जी पर एक श्रद्धांजलि दिखाई गयी, जिसमे बताया गया था कि प्रभाष जी ने नई दुनिया इन्दोर से पत्राकारिता प्रारम्भ की तथा इनक
 
अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi
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शिकायतकर्ता को भी अपनी बात कहने का हक़ है. गिला शिकवा माफ.हेप्पी दशहरा. अब गुस्सा थूक दीजिये

यह अपील दोनों हे पक्षों से है. धीरे धीरे ही मामला समझ में आया है क्यों कि पूरे दो दिन से अन्य कामों में व्यस्त था. ब्लोगवाणी बिलकुल एक निज़ी उद्यम है और इसे बिलकुल अपने ढंग से चलाने की उन्हे पूरी छूट होने ही चाहिये. जब मामला बृहत्तर ( ब्लोगर ) समाज का
 
अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi
Sep 28 2009 03:06 AM
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कामचोर कहीं का

विश्व भर के व्यावसायिक संगठनों में मानव संसाधन प्रबन्धक चाहते हैं कि प्रति-व्यक्ति उत्पादकता ( Productivity ) को अधिकतम स्तर पर ले जाया जाय ताकि प्रति-व्यक्ति शुद्ध लाभ भी बढे.दूसरी तरफ तमाम अनुसन्धान कर्ताओं ने यह नतीज़ा निकाला है कि जब भी किसी संगठन में
 
अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi
टैग: hrm
Sep 21 2009 06:03 PM
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कितने आदमी थे ?

य़ही सवाल तो गब्बर सिंह ने फिल्म शोले में सांभा से पूछा था. किंतु वहां तो सांभा को पता ही था कि आदमी दो थे.य़ह अलग बात है कि गब्बर को यह जवाब पसन्द नहीं आया और फिर ..... यहां जिक्र कुछ और है. परसों जब युवराज राहुल गांधी शताब्दी एक्सप्रेस से दिल्ली लौट रहे
 
अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi
टैग: media
Sep 17 2009 07:15 PM
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दौलत का भोंडा प्रदर्शन या सादगी का ढोंग ?

आज NDTV 24x7 के एक कार्यक्रम में जाने का अवसर मिला.मुद्दा था वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी द्वारा संप्रग सरकार के दो अन्य मंत्रियों को अपने पांच सितारा होटल स्थित आवास को खाली करने का निर्देश. इस बहस के कई आयाम हैं परंतु मेरी राय में जो प्रमुख प्रश्न हैं वे
 
अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi
टैग: सादगी
Sep 13 2009 01:30 AM
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अरे भैया ! यहां कब हुआ था चुनाव ?

चुनाव हुआ कहीं और अखबार कह रहा है कहीं और !!!जी हां. यही तो खबर है आज ( शुक्रवार 11 सितम्बर 2009) के दैनिक हिन्दुस्तान के मुख्यपृष्ठ पर .दिल्ली के द्वारका विधान सभा क्षेत्र में 10 सितम्बर को उपचुनाव हुआ था. उस चुनाव के बारे में अपने पहले ही पन्ने पर एक
 
अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi
टैग: newspaper
Sep 11 2009 08:07 PM
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पानी की भी संख्या होती है भला?

जी हां,आप भी चौंक गये ना ? पानी को गिना जाना सम्भव नहीं है अत:पानी की संख्या नहीं होती. पानी का आयतन होता है या पानी की मात्रा होती है.यदि हमें 'बहुत ज्यादा ' पानी कहना हो तो कहेंगे कि पानी की मात्रा अधिक है. टी वी चैनलों की तो आजकल बाढ़ आयी हुई है .ज़ाहिर
 
अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi
टैग: भाषा
Sep 11 2009 07:28 PM
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बड़े बड़े अखबारों में ऐसी छोटी छोटी बातें...

अब हिन्दुस्तान की बारी है और पूरी तैयारी है ? नहीं जी ,कहां है पूरी तैयारी? यहां तो आलम यह है कि एक तरफ विज्ञापन छपने के बावज़ूद धार्मिक / आध्यात्मिक गुरुओं के नामों में भी भयंकर लापरवाही. एक नज़ारा प्रस्तुत है इस राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक के दो अंकों
 
अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi
Sep 05 2009 07:41 PM
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यह सब ग्लोबल वार्मिंग का असर है भाई!!

ग्लोबल वार्मिंग भारत पर कुछ ज्यादा ही कहर ढा रही है. यह देश में दिखाई पडने वाले सूखे के आसार तक् ही सीमित नहीं है. हमारे चारों ओर होने वाली घटनाओं में भी यह दुष्प्रभाव परिलक्षित हो रहा है.यूं तो अमरसिंह बीमार हैं और सिंगापुर में इलाज करा रहे हैं पर
 
अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi
टैग: vasundhara
Aug 23 2009 02:34 AM
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'हिन्दुस्तान' में अपहरण की "चेस्टा"

यदि कोई दुष्प्रयास को प्रयास कहे तो बात समझ में आती है किंतु यदि चेष्टा को चेस्टा कहने का प्रयास करे तो इसे क्या कहें.और यदि 'दिनदहाड़े' यह चेस्टा हो तो ...?( फोटो देखकर अब पूरी बात समझ में आ गयी ना ?)जी हां, यह 'हिन्दुस्तान' है. हिन्दी का हिन्दुस्तान .
 
अरविन्द चतुर्वेदी Arvind Chaturvedi
Aug 19 2009 05:41 PM