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04 Jun 2010
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झूठ बोलने की सच्चाई

वे पुरुषोचित सौन्दर्य ,प्रतिभा और सफलता के आदर्श कहे जा सकते है.पिछले कुछ माह से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओ ने परेशान किया तो उचित सलाह हेतु चिकित्सक की याद आई .घंटो की प्रतीक्षा के बाद जब समस्या समाधान का अवसर आया तो उन्होंने विशिष्ट जानकारियों को बांटना
 
radhasaxena
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वरदान न मांगो

मौन चले जाओ निज पथ पर,युग युग की तुम प्यास छिपाए,मौन बढे जाओ निज पथ पर,अपनी चिर अभिलाष छिपाए,शूलों मे ही आह छुपा लो,मिट जाओ, पर दान न मांगो,यह जीवन है स्नेह समर्पित,तुम सुख का वरदान न मांगो.दीप की भांति तिल तिल कर,तुम जलते जाओ हंसते जाओ,दुख जीवन की एक
 
radhasaxena
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परिवर्तन एक शाश्वत सत्य

आपने कभी रोलर कोस्टर की सवारी का आनंद उठाया है? उसके उतार चढाव भरे रोमांचक पलों की तरह हमारी जिन्दगी भी किसी रोलर कोस्टर से कम नहीं होती.बचपन से ही परिवर्तन प्रतिक्षण आते रहते हैं.जिन्दगी का टाइम टेबल आंखें खोलने के साथ ही प्रारम्भ हो जाता है.सही वक्त पर
 
radhasaxena
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वफ़ादारी के मायने

समाज ने सामाजिक व्यव्स्थाओं को सुचारु रुप से चलाने के लिये कुछ नियम बनाये हैं.जिन्हें आदर्श कहा जा सकता है.यह एक प्रकार का मानसिक व्यावहारिक नियन्त्रण है जिनके माध्यम से मानव समाज को निरंकुश और अव्यावहारिक होने से बचाया जाता है.यह समाज में मानवीयता और
 
radhasaxena
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BHAVANAAO KA ABHAAV

सम्बंधों का अंतरजाल है जिंदगी.न केवल मनुष्य का मनुष्य से,अपितु पूरी पृथ्वी का आपस मे गहरा रिश्ता है.यह अस्तित्व मानो एक मकड़ी के जाले जैसा है.इसके अद्ऱ्श्य वा महीन धागेचर अचर सभी के साथ मजबूती से बंधे है.अहंकार मे कैद मनुष्य को भले ही यह मह्सूस न हों
 
radhasaxena
Dec 29 2009 11:53 AM
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FIR AAYENGE PHOOL

प्रकृति का स्नेह जब जीवन दायक बूंदो के रूप मे घर वापस आता है तो दहकती धरती पर मानो स्वयं परमेश्वर की असीम सत्ता जीवंत हो उठती है.हर तरफ हरियाली का साम्राज्य हो जाता है.ठंडी हवाएँ मन मे प्रसन्नता एवम् सन्तोष देती है.घर के खामोश पौधो मे कलियाँ आने लगती
 
radhasaxena
Dec 29 2009 11:53 AM
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SANKALP

कोई भी काम शुरू करने के लिए मुहूर्त से कहीं ज्यादा इच्छा शक्ति की जरूरत होती है.जो शुरुआत करना ही नही चाहता वह टालने के बहाने खोजता रहता है.संकल्प के अभाव में मन अंतर्द्वंद में फंस कार रह जाता है.कमजोर संकल्पों के कारण बार बार निर्णय बदलना पड़ता है.ए
 
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JINDAGI

जिंदगी है एक पहेली,न थी सुलझी न सुलझेगीचंद लमहो क़ी ठिठोली, जाने कब तक उलझेगी. जब थे चुनने आशा के फूल. वहा निराशा आई क्यो, सब हो इच्छित इस जीवन मे ऐसी प्रत्याशा आई क्यो. सब है अपना,पर कुछ भी नही, यह बात समझ ना आई क्यो. विश्वास छत्र जो बिखर गया, जो जी
 
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उम्मीद का दरवाजा

उम्मीद प्रत्येक व्यक्ति के जीवन मे अपना विशेष स्थान रखती है.जो साधारण संवेदनाए हम देखते है,वह विचार या सोच है.हमारे दिमाग की सभी वास्तविक अवस्थाए,किसी भी परिस्थिति का जटिल प्रदर्शन करती है.इस जटिलता का कुछ हिस्सा हाल मे घटती घटनाए होती है तो कुछ भविष
 
radhasaxena
Dec 29 2009 11:53 AM
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तेरी याद में

गुनगुनी सी धूप,अच्छी लग रही है.याद आँखों मे,सुनहरी भर रही है.मेरे चेहरे पर टिकी,वे आँखें थी कुछ बोलती.बस गई साँसों मे एसी,खुशबू अब न भूलती.तू मेरे दिल की तड्प है,तू मेरी बाँहों का जोर.तुझको कैसे भूल जाऊ,तू मेरी साँसों की डोर.तू मेरी हल्की सी धड्कन,तू
 
radhasaxena
Dec 29 2009 11:53 AM
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मनोरोग - आवश्यक और उपयोगी जानकारियां

समृध्धि की आकांक्षा और महत्वाकांक्षा की पराकाष्ठा ने आज मानव को प्रतियोगिताओं की उस कगार पर खड़ा कर दिया है जहाँ वह दिशाभ्रम और आशचर्य का शिकार तो है ही अपितु अनेकों समस्याओं से भी जूझ रहा है.पाश्चात्य सभ्यता के प्रभाव ,जीवन मूल्यों के बदलते प्रतिमान
 
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ज्ञान और बुद्धि

सामन्यतया ग्यान और बुद्धि के बीच कोई अंतर नही समझा जाता है,किन्तु ग्यान और बुद्धि के बीच बहुत बड़ा अंतर है,ग्यान अर्जित होता है जबकि बुद्धि जन्मजात यह धारणा है कि सभी प्राणी जन्म के समय ग्यान शून्य ,किन्तु बुद्धिमान होते है मनुष्य संसार मे बुद्धि लेक
 
radhasaxena
Dec 29 2009 11:53 AM
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गंभीर गलती पर जुरमाना

एक बार फ़िर शिक्षकों के द्वारा छात्रों की प्रतिभा के साथ खिलवाड़ .आख़िर कब तक शिक्षकों के द्वारा छात्रों के असीम परिश्रम और भविष्य के साथ खिलवाड़ होता रहेगा ?प्रति वर्ष कितने ही मासूम छात्र इन गलतियों का शिकार बनते हैं .कुछ संवेदनशील छात्र इन गंभीर अन
 
radhasaxena
Dec 29 2009 11:53 AM
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प्रेम-एक सच्चा उपहार

ईश्वर ने मानव को कुछ विशेष गुणो का उपहार दिया है. काम , क्रोध, लोभ और मोह आदि.ये मानव स्वभाव के लिए नीव का काम करते हैं.प्रेम वास्तव में मोह का ही एक स्वरूप है.यह अपने निःस्वार्थ भाव में आराध्य से अपने प्यार और सेवा के बदले कुछ पाने की कामना नहीं करत
 
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THOUGHT

इसलिए राह संघर्ष की हम चुनेजिंदगी आँसुओं में नहाई न होशाम सहमी न हो,रात न हो डरीभोर की आँख फिर डबडबाईं न हो.कोई अपनी खुशी के लिए गैर कीरोटियाँ छीन ले हम नहीं चाहतेछींट कर थोड़ा चारा,कोई उम्र कीहर खुशी बीन ले,हम नहीं चाहतेहो किसी के लिए मखमली बिस्तराऔ
 
radhasaxena
Dec 29 2009 11:53 AM
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THOUGHT

धैर्य - धारण,संतोष ,अथवा सहनशीलता का नाम धृति है.संसार मैं अनेकों विपतियाँ आती हैं. साधारण पुरुष इनसे घबराकर अपने कर्तव्य से हट जाते हैं इनसे वे दोगुनी हो जाती है.क्योकिकर्तव्य से विमुख हो कर वह कहीँका नहीं रह जाता.उनकी दशा ठीक वैसे ही होती है जैसे र
 
radhasaxena
Dec 29 2009 11:53 AM
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मुस्कान हमारा जीवन

प्रकृति ने हमें बहुत से गुण दिए है जो हमें औरो से अलग बनाता है. इनमे से एक है मुस्कान. यह वो अदभुत गुण है जो न केवल अपने लिए बल्कि सभी के लिए लाभ प्रद है. आज के तनाव भरे वातावरण मे अब दुर्लभ भी है एक प्यारी सी मुस्कान मे इतना जादू होता है कि समस्याए
 
radhasaxena
Dec 29 2009 11:53 AM
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सब मानने की बात है

हमारी शक्तियों का हमें ज्ञान नहीं है.हम मामूली चाल से चलते और आलस्य भरे दिमाग से विचार करते है ।इस अधूरे प्रयास और थके हुए संकल्प के कारण हम जो कुछ हो सकते है ,वह नहीं हो पाते।बहुत से विद्यार्थी मामूली खेल कूद ,सस्ती नेतागिरी ,फिल्म-एक्टिग तथा फैशन क
 
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उलझन

वो आए है ,खुशियों की सौगात लेकर , मेरी भीगी पलकों में ,सपने सजाने। न जाने कहा क्या है ,नजरों ने दिल से, हुए ग़ुम है शिकवे,भूले सब फ़साने। करू भी मै कैसे , यकीं इस वफ़ा पर, जो बोलूं तो लगते है,लब थरथराने। है आहट से उनकी ,ये महकी फिजाये, है मदहोश आलम,है
 
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मेरे शहर में ............प्रेम

धर्म की दीवारें कितनी ऊँची क्यों न हो जाए ,प्रेम करने वाले इन्हे बौना कर सकते है.यह शक्ति सिर्फ़ प्रेम में ही हो सकती है.मेरे छोटे से शहर में कुछ समय से निरंतर प्रेमी जोड़ो द्वारा आत्महत्या के किस्से समाचार पत्रों में आ रहे थे .काफी समय के उपरांत इस ख
 
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तेरे नाम चदरिया

जनम जनम को मैंने ओढ़ी ,तेरे नाम चदरिया , पिजरे जैसी चादर तेरी,घर के अन्दर रैन अँधेरी , पड़ी रहू तो पीर घनेरी ,उड़ पाउं यह शक्ति न मेरी, तरसा करे वियोगी पंछी ,बरसा करे बदरिया । कुछ नासमझ सी बुद्धि लरकैया, उस पर दुनिया भूल भुलैया, रखा जाय हाथ न पैयां ,जल
 
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समय की अमुल्यता

मनुष्य जीवन का समय बहुत ही मूल्यवान है।लाख रुपया खर्च करके भी एक क्षण का भी समय अधिक नही मिल सकता ।करने को बहुत कुछ है पर समय नही है, बहुत से लोग ऐसा कहते हुए मिल जायेगें ।आज के आधुनिक युग में यातायात,संवाद और संचार के तीव्र तम साधन उपलब्ध है ,जिनका
 
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dilvar

रहे दोस्त बन कर , जो दिल में हमारे , वही आज दिल को , दुखाने लगे हैं । जाने किस खता पर ,खफा हो के दिलवर , यूं सीने में खंजर , चुभाने लगे हैं । थीं उम्मीदें जिनसे , वफ़ा की जियादा , वो ही आज दामन , छुडाने लगे हैं । ये दुनियां दोरंगी , न जाना था हमने , ब
 
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स्वयं के प्रति ईमानदार बने.

दूसरो के प्रति नही वरन सबसे पहले हमें स्वयं के प्रति ईमानदार बनना होगा .जो व्यक्ति स्वयं के प्रति ईमानदार नही है ,वह दूसरों के प्रति क्या होगा। इसका अर्थ यह है कि अपने शारीरिक स्वास्थ्य ,मानसिक शांति ,उन्नति एवं आर्थिक प्रगति के लिए हम जो भी योजनाए ब
 
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समर्पण तुझको

जीव को जीवन है मिलता एक बार , मौत भी आती है बस यू एक बार , जिंदगी में प्यार होता एक बार , होता है जीवन समर्पित एक बार । बांध कर रस्मों में छोड़ी आत्मा , अब भला कैसे मिले परमात्मा । जो है हर पल ,धड़कनो में बस रहा, है वही साथी ,सच्ची यह भावना । खुशिया ह
 
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शान्ताकारम भुजगशयनम

SHANTAAKAARAM BHAJAGASHAYANAMयह प्रतीक जीवन का एक मर्म प्रकट करता है.जिस व्यक्ति के नीचे सदा खतरा ही खतरा हो, क्या वह कभी शांत और अविचलित रह सकता है.परंतु वे ,जो सर्वशक्तियों से संपन्न है ,ऐसे ही शांति स्वरूप है.ऐसा कौन है जिसके जीवन में सदा हास ही
 
radhasaxena
Sep 23 2009 06:12 PM
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चाहत

वो दिल ही क्या ,तेरे मिलने की जो दुआ न करे ,मै तुझको भूल के जिन्दा रहू ,खुदा न करे ।ये ठीक है ,नही मरता कोई जुदाई मै ,खुदा किसी को ,किसी से कभी जुदा न करे ।सुना है उनको मोहब्बत दुआए देती है ,जो दिल चोट तो खाए, मगर गिला न करे ।करेगे इन्तेजार उम्रभर ,तेरा
 
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तकदीर का मातम

हर् घड़ी तेरी याद आती है ,सुबह भी बन के शाम आती है ।मौत देती है आदमी को पनाह ,जिंदगी किसके काम आती है।बेदिली गम असर न हो जाए ,इश्क की परदा दर न हो जाए ।मौत की आरजू से डरती हू,जिंदगी को ख़बर न हो जाए ।कैफ -ओ -मस्ती से खेलती हू मै,अपनी हस्ती से खेलती हू मै
 
radhasaxena
Sep 09 2009 05:19 AM
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SOMETHING ABOUT MENTAL HYGIENE

Mental hygiene is the science that creates a personality in every individual in society that makes for good adjustment with the environment,that attains a proper synthesis between the intellectual,emotional and physical aspects,that is satisfied and
 
radhasaxena
Jul 29 2009 11:58 AM