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अक्षरशः

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06 Apr 2010
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मानवता कहां खो गयी...

पहले शराब ऊपर से जहरीली शराब..! सुन कर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं..! बार-बार हो रही घटनाओं ने हृदय को तार-तार कर दिया है... आखिर अपनी ही प्रजाति का दुश्मन कोई कैसे हो जाता है ..? वह भी मानव जिसे प्रकृति में सर्वोच्च प्राणी होने का दर्जा प्राप्त है । बात
 
हेमन्त कुमार
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महिला आरक्षण

महिला आरक्षण विधेयक ने पहली बाधा अवश्य पार कर ली है किन्तु इसे अभी अनेक पड़ाव पार करने बाकी  हैं । सीटों में तैंतीस फीसदी आरक्षण से यह अवश्य होगा कि महिलाओं की सहभागिता बढेगी लेकिन सवाल यह है कि सभी भारतीय नारियों को इसका समुचित लाभ मिल सकेगा ..? यह
 
हेमन्त कुमार
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मानव अधिकार

मानव एक व्यक्तिगत सत्ता का स्वामी है। नि:सन्देह वह सामाजिक प्राणी भी है। उसके अधिकारों को दबाया नहीं जा सकता। भारतीय सन्दर्भों में मानवाधिकारों की चर्चा पहले से रही है लेकिन मूर्त रूप में मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम-१९९३ के प्रभावी होने के बाद हुआ। वर
 
हेमन्त कुमार
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एक पहल.......दीपावली पर्व पर ....!

आईये ! आगे आयेंउनके लिये भी । जो नहीं याद करना चाहते । किसी भी ऐसे त्योहार को जो रख दे उनकी दुखती रग पर हांथ । जहां दो वक्त की रोटी भी आसानी से नसीब नहीं होती । ये कर्मकाण्ड, त्योहार, धार्मिक बातें केवल दूसरों से सुनने के लिये होती हैं । अपनाने के लि
 
हेमन्त कुमार
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कल ही जमां कर देंगे चिन्ता मत करिये ......!

एक ऐसी साख जिसका डंका कहां नहीं बजा । विश्वसनीयता के मामले में समाज का कोई ऐसा वर्ग नहीं जो उंगली उठा सके । मामला वर्षों के भरोसा निभाने का जो ठहरा । भारत की बीमा कंपनी-"भारतीय जीवन बीमा निगम" जिसने कभी सोचा भी न होगा कि मुझे अपने ही लोग पैरों में कु
 
हेमन्त कुमार
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विश्व पर्यावरण संकट......

आज समूचा विश्व पर्यावरण संकट से जूझ रहा है । 1970 के दशक में पर्यावरणीय विचारात्मक आन्दोलन का प्रारंभ माना जाता है । इसको लेकर हो रहे राजनीति को हरित राजनीति की संज्ञा दी गयी । पर्यावरणवाद के समर्थन में यह कहा गया कि यह विरासत की वस्तु न हो कर भावी प
 
हेमन्त कुमार
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गांधी जी और आज का परिप्रेक्ष्य....!

गांधी नाम लेते ही मोहन दास करमचन्द गांधी आ खड़े होते हैं मानस पटल पर । बापू,राष्ट्रपिता और भी कई नामों से नवाजे जाने वाले । एक ऐसा व्यक्त्तित्व जिसने जीवन में किसी भी प्रकार के अस्त्र शस्त्रों को स्थान नहीं दिया । इसकी भरपाई के लिये इनके पास इनके विचा
 
हेमन्त कुमार
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यह दुनियां है स्ववित्तपोषित शिक्षकों की .....!

आईये रूबरू कराता हूं एक ऐसी दुनियां से जिसमें रहते हैं ऐसे लोग जिनके योगदान को आज की शिक्षा व्यवस्था में कम कर के नहीं आंका जा सकता । यह दुनियां है स्ववित्तपोषित शिक्षकों की । चाहे वह इण्टरमीडिएट लेवल के हों या उच्च शिक्षा के । कभी उनका चेहरा खिला हुआ
 
हेमन्त कुमार
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हां ! सेलरी चली गयी चन्दे में .....!

हां ! सेलरी चली गयी चन्दे में । बहुत ही अजीब महसूस होता है । तरह तरह के लोग होते हैं ये चन्दे वाले । न जाने कौन सा पाठ पढ़ कर चन्दा काटने की कारगुजारी शुरू कर देते हैं । इनका बाजार हमेशा गर्म होता है । कभी भी खाली नहीं रहते । इनका मौसम सदाबहार है । आ जाते
 
हेमन्त कुमार
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विचार क्रान्ति के माध्यम से ...!

आज कितना आसान हो गया है इस भौतिकवादी दुनियां में अपनी संवेदना को ढूढना । रोज सुबह होते ही इस फिराक में कि कब फुरसत मिले और आ जाऊं उस जगह जहां ऐसी दुनिया बसती है जहां कोई अपने पराये का भेद नहीं । बस विचार क्रान्ति के माध्यम से ही हार्दिक और मानसिक शान्ति
 
हेमन्त कुमार
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वाद विवाद को गति देने से......

हर विचार ,आन्दोलन ,अवधारणाओं की अपनी अपनी ऐतिहासिक स्थिति रही है । विचारों को उचित स्थान तभी मिल पाता है जब उसे सामाजिक स्वीकृति प्राप्त हो । बिना सामाजिक स्वीकृति के आपके विचारों को वैधता नही मिलती ।किसी को कोई अधिकार नहीं कि वह किसी की सीमा का अनायास
 
हेमन्त कुमार
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तेजी से उभर रही अर्थव्यवस्था : कितना सच .....!

भारतीय अर्थव्यवस्था के संबंध में कुछ स्वप्नलोकी आशाएं सामने आ रही हैं । हाल ही में प्रधानमन्त्री डा० मनमोहन सिंह जी की अध्यक्षता में हुई योजना आयोग की बैठक में पिछले वित्त वर्ष की विकास दर नौ फीसदी से काफी कम रही थी।योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह
 
हेमन्त कुमार
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परमाणु उर्जा के क्षेत्र में भारत के बढ़ते कदम...!

परमाणु उर्जा के क्षेत्र में भारत के बढ़ते कदम को देखकर आने वाले समय में बेहतरी का अन्दाजा लगाना स्वाभाविक है । भारत की यात्रा पर आये मंगोलिया के राष्ट्रपति साखियगिन एल्बेगदोर्ज और भारत के प्रधानमंत्री डा० मनमोहन सिंह के बीच हुई वार्ता में परमाणु उर्जा व
 
हेमन्त कुमार
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Sep 16 2009 05:58 AM
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पर्यावरणीय जागरुकता को लेकर.......!

प्रयोग यदि सही तरीके से हो ,परिणाम खुद ब खुद रंग दिखाने लगते हैं । कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला । पास के एक गांव में । एक नुक्क्ड़ नाटक के माध्यम से पर्यावरणीय जागरूकता को लेकर मंचन हो रहा था ।उसका मुख्य उद्देश्य बुन्देलखण्ड व विन्ध्य क्षेत्र में कम से
 
हेमन्त कुमार
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आईये...! हिन्दी दिवस पर ....!

"आज पहली बार ऐसा संविधान बना है जबकि हमने अपने संविधान में एक भाषा रखी है जो संघ की भाषा होगी।"- डा० राजेन्द्र प्रसादहमें अपनी भाषा मिलीसविधान सभा मेंशुरू हुई बहस१२सितम्बर १९४९ कोचार बजे अपराह्न सेहुई समाप्त१४ सितम्बर १९४९ कोस्थान मिलासंविधान के भाग - १४
 
हेमन्त कुमार
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भारत-चीन सीमा विवाद

समय-समय पर चीन अपनी वास्तविकता का परिचय देता आ रहा है कि वह भारत के बारे में क्या सोचता है । सीमा के अतिक्रमण  की बात नयी नहीं । अपनी कमजोरियों के चलते भारत को १९६२ में हार का सामना भी करना पड़ा है पर अब वह हालात नहीं कि आसानी से जिसको जो करना है कर
 
हेमन्त कुमार
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मानवाधिकारों की अवधारणा के विकास के संदर्भ में

मानवाधिकार संबंधी साक्ष्य प्राचीन विचार तथा प्राकृतिक अधिकारो की दार्शनिक अवधारणाओं में भी विद्यमान है । प्लेटो (427-348 B.C.) प्रथम चिन्तक रहा है जिसने नैतिकता की बात की ,कहा कि व्यक्तियों को सार्वजनिक कल्याण के लिये कार्य करना चाहिए ।अरस्तू ने भी अपनी
 
हेमन्त कुमार
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मानवाधिकारों के प्रकार

मानवाधिकारों के प्रकार --                            ये अदेय व अविभाज्य हैं।संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा मानवाधिकारों के
 
हेमन्त कुमार
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Sep 08 2009 08:45 PM
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सूचना का अधिकार : समस्यायें व समाधान

आज विश्व सूचना और संचार क्रान्ति के दौर से गुजर रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी ने सम्पूर्ण विश्व को एक विश्व गाँव में परिवर्तित कर दिया है। इसका किस हद तक प्रजातांत्रिक प्रणाली में उपयोग हो पाया है ? प्रजातांत्रिक प्रणाली में जनसूचना अधिकार की महत्ता किस हद
 
हेमन्त कुमार