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धनात्मक चिन्तन

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08 Mar 2010
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फक्र है मुझे इस पाकिस्तानी पर !!! :- उम्दा सोच

Source Links: http://www.dailytimes.com.pk/default.asp?page=2010\03\03\story_3-3-2010_pg7_21 http://news.bbc.co.uk/2/hi/uk_news/8544531.stmजी हां आप ने सही सुना ,एक सच्चा भारतीय होने के बावजूद फक्र है मुझे इस पाकिस्तानी पर जिसमे इंसानियत का साथ देने का
 
उम्दा सोच
Mar 03 2010 12:41 PM
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वो कहते है की हम "दंगाई" है!!! - उम्दा सोच

http://umdasoch.blogspot.com/2010/02/blog-post.htmlबवाल said...ए भैया फिर ब्लॉग पर हिन्दू-मुस्लिम दंगा न करवाना यार। बड़ी मुश्किल से बंद हुआ है।Wednesday, February 17, 2010 9:47:00 PM GMT+05:30 इ देखो! बवाल भाई तो हमको दंगाई बना गए !!! अरे बवाल भाई ये आप
 
उम्दा सोच
Feb 18 2010 10:50 AM
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किशोर अजवानी को "खामख्वाह" लिखी बात का जवाब दूं ???:- उम्दा सोच

प्रिय ब्लॉगर साथियो यदि आप मुद्दे को समझना चाहते है तो आप से निवेदन है कृपया निम्न लिंक पर हो कर आये पर वैसे भी मेरा जवाब पढ़ कर आप को खुद बा खुद माजरा समझ में आ जाएगा !http://kishoreajwani.blogspot.com/2010/02/blog-post_11.htmlकिशोर जी आप का प्राथमिक
 
उम्दा सोच
Feb 17 2010 12:29 AM
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जहाँपनाह तुस्सी ग्रेट हो !!! तोहफा क़ुबूल करो !

Jahapana tussi great ho…… Tohfa kubool karo…. हमारे जीने का मकसद चिता तक एक लंबा सुरक्षित सफ़र तय करना भर नहीं है , ये सफ़र है खुशिया बिखेरते और गम बटोरते चलते रहने का ! परिस्थितिया चाहे कोई भी हो दिल से सदा कहो , "भैया आल इज्ज़ वेल !!!"
 
उम्दा सोच
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"उसने कहा था" पर किसने कहा ???

ये किसकी ऊँगली है,जो ऊँगली कर रहा है ?"उसने कहा था" के पन्ने पर जो आज पढ़ा साथी मामला कुछ समझ नहीं आ रहा, लेखक के बारे में भी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है ,कही ये सबोटाज वाला मामला तो नहीं ??? भाई सुरेश चिपलूनकर ने ये बात किस स्थान, काल ,पात्र को देख
 
उम्दा सोच
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गर फिर्दौसे ज़मीन अस्तों : उम्दा सोच

प्रदर्शन करते हताश कश्मीरी पंडित युवा कर बसर को दर-बदर ,बेपनाह उसे दे कहर,मिट्टियों का छीन हक़ !ऐ बेअदब ऐ बेखबर !!अब होगी तुझे कब्र नज़र !!!
 
उम्दा सोच
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भाई हमें तो नहीं भा रहा है ब्लॉग वाणी का ये नया रूप!

भाई हमें तो नहीं भा रहा है ब्लॉग वाणी का ये नया रूप! बड़ी असुविधा हो रही है,पहले वाले अवतार में हम तो ज्यादा रमे थे, अब तो मित्रो को पसंद करने के लिए भी घडी घडी लागिन करना पड़ रहा है !सुन रहे है इसमें अब भी बहुत विकास होने वाला है , जो था भाई हम तो उसमे
 
उम्दा सोच
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इस्लामी मीनारों पर बैन कि तैयारी है !

मामला स्विट्ज़रलैंड का है और स्विस संसद अब अपने राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए संगठित हो उठ खड़ा हुआ है ! उसे खतरा लग रहा है इस्लाम से , इसके चलते भारी पैमाने पर एक प्रस्ताव पर वोटिंग करवाई गई है और जिसे स्विस संसद की सबसे बड़ी पार्टी स्विस पीपल्स
 
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"ललकार है"सभी धर्म और मान्यता के ठेकेदार जो राजनैतिक गलियारों पर टुकड़े बटोरते फिरते है या गिने चुने दिनों पर संस्कृति के नाम पर युवा और युवतियों को

सभी धर्म और मान्यता के ठेकेदार जो राजनैतिक गलियारों पर टुकड़े बटोरते फिरते है या गिने चुने दिनों पर संस्कृति के नाम पर युवा और युवतियों को लप्पड़ भन्नाटा जड़ दाईत्व की इतिश्री समझते है उन्हें ललकार है ! मेरे एक सहयोगी ने youtube पर एक विडियो दिखाया ज
 
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मुर्दा जिन्ना का ज़िन्दा जिन्न

विभाजन और उसके तहत मौते "गदर" जिम्मेदार हिन्दु और मुसलमान खुद रहे हैं! रही बात जिन्ना की जो उन्हों ने जो किया सही-गलत ये कथित सेकुलर ढोंग से बाहर आ कर वास्तविक परिपेक्ष को देखते हुए बात करने का विषय है! जिन्ना की औकात कभी निर्णायक की नही थी प्रथम दोष
 
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आज भी हर चौथा भारतीय भूखा सोता है

जब भारत विश्व शक्ति बनकर उभरने का दावा कर रहा है,ऐसे समय देश में हर चौथा व्यक्ति भूखा है. भारत में भूख और अनाज की उपलब्धता पर भारत के एक ग़ैर-सरकारी संगठन की ताज़ा रिपोर्ट में ऐसा दावा किया गया है . यह आंकड़े नवदान्य ट्रस्ट द्वारा जारी की गई एक रिपोर
 
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राजनेता

क्या आप किसी ऐसे राजनेता को जानते हैं जिसनें अपनी औलादों को सेना में भरती होनें के लियॆ प्रेरित किया हो ?
 
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अनिवासी पूर्वांचली बाटी चोखा कैसे बनाये

बाटी के लिये सामग्री *४ कप गेहु का आटा ठन्डे पानी से गून्द ले! बाटी मे भरने के लिये सामग्री १ कप सत्तु, २ टेबल स्पून लाल मिर्चे के अचार वाला सरसों का तेल २ चुटकी हींग १ टी स्पून अज्वाइन १ टी स्पून मंगरैल १ बडा़ प्याज़ बारीक काटा हुआ १० लहसुन के कोये १
 
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पंछी बोला चार पहर "रामकांत दीक्षित"

रामकांत दीक्षित जी की एक रोचक लघुकथा धुंधली यादों को समेट कर लिख रहा हूँ जो मैंने स्कूल के दिनों में पढी़ थी । पुराने समय की बात है। एक राजा था। वह बड़ा समझदार था और हर नई बात को जानने को इच्छुक रहता था। उसके महल के आंगनमें एक बकौली का पेड़ था। रात क
 
उम्दा सोच
टैग: कथा
Dec 29 2009 11:57 AM
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राष्ट्रवादी "मूस मुटाये लोढा होए"

आज देश में जो कुछ भी गलत हो रहा हैं उसका दोष लोग नेता,सरकारी तंत्र,पुलिस और भ्रष्ट प्रशासन को देते हैं! "भ्रष्ट" यानी भ्रष्ट नेता,भ्रष्ट सरकारी तन्त्र, भ्रष्ट पुलिस... तमाम भ्रष्ट! तो समस्या जन्म लेती है भ्रष्ट आचरण से यानी इन सभी के पीछे है भ्रष्टाच
 
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नमस्कार

सभी ब्लागिओ को मेरा नमस्कार है! नाम के अनुसार अपना मत जल्द ले कर आप के सामने हाज़िर हो रहा हु!
 
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जाकिर भाई सलीम के वकील है या जज ???

भाई जाकिर अली उर्फ़ "रजनीश" आप का लेख पढ़ा तो तमाम सवाल ज़ेहन में उभर आये उम्मीद करता हूँ आप इन सब का जवाब देने में सक्षम होंगे ! 1 आप की भूमिका वकील की कह रहे है तो न्यायाधीश की तरह ब्लॉग जगत को फैसला किस हक़ से सुना रहे है ? 2 आप न मौके पर थे, न तो
 
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लखनऊ प्रकरण: मैंने सलीम खान को नहीं मारा!!!

कहते है "जब वख्त बुरा होता है तो ऊट पर बैठे को कुत्ता काट लेता है " मै तो गधे पर सवार था ! सोचता हूँ क्या ज़रुरत थी मुझे सलीम खान को महफूज़ भाई से कह कर बुलवाने की ! हुआ यू की सलीम भाई को मैंने मिलने का निवेदन किया तो वे १५ मिनट में आ गए! हम दोनों ठह
 
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सुनो तुम्हारे नाम पैगाम है !!!

बहते अश्को की ज़ुबान नही होती, लफ़्ज़ों मे मोहब्बत बयां नही होती, मिले जो प्यार तो कदर करना, किस्मत हर कीसी पर मेहरबां नही होती. अपने दिल को पत्थर का बना कर रखना , हर चोट के निशान को सजा कर रखना । उड़ना हवा में खुल कर लेकिन , अपने कदमों को ज़मी से मि
 
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आज ठुमरी वाले भाई विमल वर्मा का जन्मदिन है ! ( माइक्रो पोस्ट )

आज ठुमरी वाले भाई विमल वर्मा का ४७ वां जन्मदिन है ! विमल भाई के सुन्दर विचार और संग्रह का लाभ हमें ठुमरी ब्लॉग के माध्यम से विगत तीन वर्षो से प्राप्त हो रहा है, इस पावन उपलक्ष में हम ईश्वर से विमल भाई के दीर्घआयु एवं सफल जीवन की कामना करते है तथा आशा
 
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भाई सुरेश चिपलूनकर मै भी टिप्पणी सम्बन्धी खुराफ़ात को अपने नाम से होता महसूस कर रहा हूँ !

भाई सुरेश चिपलूनकर आप का पोस्ट "टिप्पणी सम्बन्धी खुराफ़ात – एक गम्भीर मसला, कृपया सभी ब्लॉगर ध्यान दें…" पढा था इसके बाद मै भी इस टिप्पणी सम्बन्धी खुराफ़ात को अपने नाम से होता महसूस कर रहा हूँ ! कल सलीम खान के उस पोस्ट पर जहा शीर्षक में उसने घोषणा की
 
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मर्द बेचारा भाग-१

तुम जाओ यार मेरी बीवी नही आनें दे रही है! ग्रहस्थों की वर्तमान अवस्था को देखकर एक विचार मन मे आता है , की यदि कोलंबस शादीशुदा होता तो शायद कभी भी अमरीका की खोज नही कर पाता ! सम्भवतः उसे पहले निम्नलिखित का सामना करना पड्ता! कहाँ जा रहे हों ? किसके साथ
 
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श्री दुर्गा चालीसा

नमो नमो दुर्गे सुख करनी । नमो नमो अम्बे दुःख हरनी ।।निराकार है ज्योति तुम्हारी । तिहूं लोक फैली उजियारी ।।शशि ललाट मुख महा विशाला । नेत्र लाल भृकुटी विकराला ।।रुप मातु को अधिक सुहावे । दरश करत जन अति सुख पावे ।।तुम संसार शक्ति लय कीना । पालन हेतु अन्न धन
 
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राष्ट्रकवि को जन्मदिन पर श्रद्दांजली

आज रामधारी सिंह "दिनकर" जी का जनमदिन है!वीर रस के कवि श्री दिनकर जी को जन्मदिन के १०१वें वर्षगाँठ पर श्रद्दाँजली !स्वतंत्रता संग्राम मे उनकी रचनाओं की अहम भूमिका के चलते हम उन्हें राष्ट्रकवि के रूप में जानते है!इस उपलक्ष पर उनकी एक रचना प्रस्तुत है!
 
उम्दा सोच
Sep 23 2009 02:38 PM
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विरहिन की व्यथा

मेह की बूँद झरी बदरी,पसरी पसरी सब देह पिरानी भीजत खीझत छोड चले सखि रीझत रीझत बात न मानी सुनि अटारि कटारि लगेसुन कोयल कीर मयूर की बानी गाज गिरे ऐसे मौसम पे सखि जहँ भीतर आग और बाहर पानी ......
 
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डेमोक्रेसी Vs मोदी का गुजरात

अपने सम्विधान पर बचपन से हम २६ जनवरी को खूब गर्वित इतराते है, उसपे पालन कर जीने मरने की कसमे खाते है! कमाल है सरकारे ही अब सम्विधान की पर्वाह नही करती.....कारण?.....खैर..... एक ताजा वाक्या उदाहरण के तौर पर ले,अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता...गुजरात मे मोदी
 
उम्दा सोच