आज-कल हिन्दुस्तानियों के साथ जो भी ऑस्ट्रेलिया में हो रहा है वो गलत हो रहा है ! नस्ल्बाद की जो आग ऑस्ट्रेलिया में लगी है वो न तो वो उन हिन्दुस्तानियों के लिए सही है जो वहां रहते है और न तो उन हिन्दुस्तानियों केलिए जो यहाँ हिंदुस्तान में रहते है !
कभी कभी किसी इन्सान की कोई आदत उशकी मुसीबत बन जाती है ! ये साड़ी घटना ३०-१२-२००९ की है जब मै अपनी परीक्षा देने छोटू राम कॉलेज गया था ! आगे बढ़ने से पहले ये बताना जरूरी है की छोटूराम कॉलेज घेवरा में ऐसी जगह है जन्हाँ दूर दूर तक न
मै इस कहानी के माध्यम से २००८ में कोसी में आए बाढ़ के कारण हुए बर्बादी तथा उस दर्द को प्रकट करना चाहता हु जिसे वंहा के लोग आज भी सह रहे है । सूरज एक ऐसे लड़के की कहानी है जिसे उसके माता - पिता १००० रु में बेच देते है । यह कहानी बाढ़ के उस कहर को दर्शा
पिछले कुछ दिनों से हमलोग संसद भवन( लोकसभा ,राज्यसभा ) में हिन्दी पर हो रही राजनीती को सुन रहे है। उनलोगों की बहस को और कुछ ऐसी घटनाओ ( कुछ दिनों पहले हमलोगों ने अख़बार में पढ़ा की हमारे देश की सबसे प्रतिष्ठित शिक्षा संसथान जवाहरलाल नेहरू विश्वविध्याल
छेत्रबाद की जो राजनीती आज राज ठाकरे कर रहे है वो देश को तोरने का सबसे बड़ा कारन है ! छेत्रवाद की राजनीती देश को तोरती है न की देश को जोरती है ! आज पूरे देश में जो उत्तर भारतीयों के खिलाफ चाहे वो महाराष्ट्र हो , असम हो , आवाज उठ रही है
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और आज फिर चला मायावती का बुलडोज़र ! और इसबार उनका निशाना बना लखनऊ का वो जेल जहाँ से कभी अमर शहीद रामप्रसाद 'बिस्मिल' जी ने " मेरा रंग दे बशंती चोला " गीत गा कर एक नयी क्रांति का आगाज़ कीया था ! जहाँ कभी पंडित नेहरु बंद थे ! इस जेल
बिहार के बहार बिहारियों को वो मान-सम्मानं , वो इज्जत नही मिलती जितनी अन्य राज्यों के लोगों को मिलती है !इसका सबसे बड़ा कारन यह है की बिहार को दुनिया के सामने इस प्रकार दर्शाया गया है , इस प्रकार प्रचारित कीया गया है की बिहार का जिक्र करते ही लोगों के जहन
14 Aug 1947 में हिंदुस्तान के दो टुकड़े कर दिए गए ! एक टुकडा हिंदुस्तान और दुसरे टुकड़े का नाम पाकिस्तान कहलाया ! बटवारे के ६२ साल बाद अब ये प्रशन जोर - शोर से उठने लगा है की आखिरकार बटवारे का जिम्मेदार कौन था ....??? जशवंत सिंह ने अपनी किताब Jinnah