मिरीचिका's Image

मिरीचिका

http://mireechika.blogspot.com/
ब्लॉगवाणी पर यह ब्लॉग
नयी प्रविष्टी लिखी
24 May 2010
कुल प्रविष्टियां
48
पाठक भेजे
750
पसंद
32
नापसंद
0
पाठक प्रति पोस्ट
15.63
पसंद करें
2
नापसंद करें

झारखंड का तमाशा - भारतीय जनता पार्टी की किरकिरी

एक कहावत सुनी थी चौबे चले छब्बे बनने दूबे बन कर लौटे । यह कहावत भारतीय जनता पार्टी ( भाजपा ) पर पूरी तरह लागू होती है । कहां तो भाजपा केंद्र मे कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार को हिलाने की कोशिश मे बजट पर कटौती प्रस्ताव लायी और कहां झारखंड की अपनी
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
3
नापसंद करें

गोरखा चौकीदार - एक परम्परा भरोसे की

आज रात मे देर से सोया, असल मे कहीं गया हुआ था और घर आने मे देर हो गयी । वैसे तो दिल्ली में यह कोई अजीब बात नही है , देर तो अक्सर हो ही जाया करती है । आज यह बात याद कर रहा हूं तो खास बात यह है कि जब मै गाड़ी पार्क करके सीढ़ियां चढ़ रहा था तो सीटी की आवाज
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
2
नापसंद करें

गालियां ही गालियां , बस एक बार सुन तो लें ( तर्ज - रिश्ते ही रिश्ते )

लोग गाली क्यों देते हैं ? गाली देने वाला गाली दे देता है परन्तु उसे पाने वाले की क्या मनो दशा होती है ? न्यूज एंकरों की भाषा मे कहें तो उसे कैसा लग रहा होता है ? मेरे विचार मे गालियां देने का मुख्य कारण दूसरे को नीचा दिखाना या अपमानित करना होता है । यह
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
2
नापसंद करें

सरकार की चाल - हर दिन नये कमाल

आजकल हिंदी ब्लॉग जगत मे एक ही मुद्दा सबको उद्वेलित करता है वह है धर्म की बुराई , इसके लिए बहुत से लोग दूसरे के धर्म मे क्या क्या बुराइयां है उसके विशेषज्ञ बन जायेंगे । लेकिन जो मुख्य बात है , एक जिम्मेदार समाज, जिम्मेदार सरकार और जिम्मेदार मीडिया बनाया
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
2
नापसंद करें

शाहरुख खान भी आईपीएल की जांच के घेरे में ??

एक छोटी सी ट्वीट आज देश की सबसे बड़ी समस्या बन गयी या जान बूझ कर बनायी जा रही है । जो बात सबसे अचंभित कर रही है कि न मंहगाई , न नक्सल समस्या , न बिजली की कमी और न शिक्षा , स्वास्थ्य जैसी समस्यायें , कोई भी बात आज महत्वपूर्ण नही रह गयी है । आज केवल आईपीएल
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
5
नापसंद करें

आईपीएल , शशि थरूर और फ़िराक गोरखपुरी की कथा

आज सबसे ज्यादा चर्चा खबरिया चैनेलों पर आईपीएल की हो रही है , दांतेवाड़ा पर कम और सुनन्दा पुश्कर पर ज्यादा समय लगा रहा है मीडिया । इस बीच थरूर साहेब सफाई दे रहे हैं कभी चैनेलों पर , कभी संसद को , कभी वित्त मंत्री को , कभी कांग्रेस अध्यक्ष को और अब प्रधान
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
1
नापसंद करें

रक्तबीज

हर तरफ़ उगे हैं,आइने ही आइने,जिनमे दिखायी पड़ते हैं,अनगिनत प्रतिबिंब।चाहता हूं इनमे दिखें,केवल मोहक मनभावन,पर दिखायी देते हैं,कुंठित और बीभत्स।बीभत्सता जो है सृजित,हमारे कलुषित विचारों से, जो है पोषित पुष्पित पल्लवित,द्वेष लालच व साज़िश से।जब बंद करता हूं
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
0
नापसंद करें

सानिया मिर्ज़ा की शादी

सानिया की शादी पर इतना बवाल क्यों हो रहा है , इससे बढ़कर यह सवाल है कि यह बवाल उचित है या नहीं ? भारतीय उपमहाद्वीप मे शादी ब्याह तो खुशी का ऐसा मौका होता है जिसमे दो व्यक्ति तो जीवन भर के लिए एक दूसरे से जुड़ते ही हैं दो परिवार भी साथ साथ जुड़ते हैं । इसके
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
0
नापसंद करें

त्रयी

मन तो है बावरा,शांति की खोज मे ,हो रहा है उतावला ।
 
विजय प्रकाश सिंह
Apr 03 2010 09:34 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

प्रथम प्रेम फुहार

तुम्हारी चितवन के तीरमेरा मन हुआ अधीररह गयी अमिट पीर
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
0
नापसंद करें

डेविड कोलमैन हेडली की स्वीकारोक्ति ( ३ ) - परिप्रेक्ष : भारत का राजनैतिक व सामाजिक द्वंद

जब मैने इस लेख की पहली कड़ी में यह मुद्दा उठाया था कि डेविड एक डबल एजेंट था और अमेरिकी सुरक्षा एजेन्सीज उसे भारतीय एजेन्सीज को नही सौपेंगी , तो वह प्रारंभिक समाचारों पर आधारित एक विश्लेषणात्मक अनुमान था, अब यह बात सही साबित हो रही है । अमेरिकी
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
0
नापसंद करें

राम - कृपानिधान ( राम नवमी के अवसर पर - एक दॄष्टिकोण )

प्रभु श्री राम पर कितना कुछ सब को पता है और कितना लिखा - पढ़ा जाता है इसे शब्दों मे बांधना एक साधारण मनुष्य के लिए अकल्पनीय है । दिन भर जाने अनजाने हम राम का स्मरण करते हैं । ऐसे मे मेरे जैसे एक साधारण व्यक्ति के लिए उनके जीवन चरित या महिमा की विवेचना ,
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
2
नापसंद करें

डेविड कोलमैन हेडली की स्वीकारोक्ति ( १ ) - परिप्रेक्ष : भारतीय न्यायिक व्यवस्था

दूसरा विचार यह मन मे आता है कि हैडली ने पकडे जाने के चंद दिनों के भीतर अपना अपराध मान लिया इसे चमत्कार ही कहूंगा क्यों कि उसके आतंकवादी गुट का एक अदना सदस्य यानी फुट सोल्ज़र , आमिर कसा़ब ने भारतीय एजेंसियों के सामने व कोर्ट की कार्यवायी के दौरान ऐसी ऐसी
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
1
नापसंद करें

डेविड कोलमैन हेडली की स्वीकारोक्ति ( १ )

जिस बात की आशंका शुरू से जताई जा रही थी वह सत्य निकली, आखिर डेविड हैडली ने अमेरिकी कोर्ट मे अपराध की स्वीकारोक्ति कर लिया है । अब जैसा भारतीय समाचार माध्यम बता रहे हैं उनसे दो तीन पहलू उभर कर आ रहे हैं ।पहला यह बात पूरी तरह से साफ़ हो गयी है कि डेविड
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
0
नापसंद करें

थोड़ा और उन्मुक्त

जीवन यात्रा के मध्यान्ह में,एक दिन यूं ही बैठा था मै,सोचता हुआ मन ही मन,मूंद कर आखों की पलकें कुछ क्षण,एक बार वापस जाऊं बचपन में,फिर वो सब करूं जो किया था मैने,वो भी करूं जो नहीं किया,जो किया उसे उसी तरह से,या किसी और तरह से,जो नहीं किया डर के मारे,उसे
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
0
नापसंद करें

महिला आरक्षण, महंगाई, पिछड़ा और सेकुलर राजनीति - भाग २(यक्ष प्रश्न का समाधान)

इस भाग मे इस यक्ष प्रश्न पर विचार करते हैं कि महिला आरक्षण पर कांग्रेस की जल्दबाजी के पीछे तत्कालिक और दीर्घकालिक रणनीति क्या है । यह मानना ही पड़ेगा कि एक राजनैतिक दल कोई ऐसा कदम नहीं उठायेगा जिससे उसे कोई तात्कालिक लाभ हो जाय चाहे दीर्घकालिक नुकसान हो,
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
1
नापसंद करें

महिला आरक्षण, महंगाई, पिछड़ा और सेकुलर राजनीति - भाग १

यूपीए और श्री मनमोहन सिंह की दूसरी सरकार के एक वर्ष पूरे होने मे अभी कुछ महीने शेष हैं लेकिन इस बीच महौल राजनैतिक सरगर्मी से काफी भर गया है । यह किसी सरकार के लिए कुछ जल्दी लगता है क्योंकि पहले एक वर्ष या उससे कुछ ज्यादा ही समय तक अक्सर सरकारें हनीमून
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
0
नापसंद करें

मक़बूल फ़िदा हुसैन के बहाने

हुसैन की पेंटिंग, उनका विरोध और उनके निर्वासन के बारे मे बहुत कुछ लिखा जा रहा है । मेरे विचार मे हुसैन का विरोध ज्यादा इस कारण नही है कि इन पेंटिंगों मे हिंदू देवियों को नंगा दिखाया गया है । इस देश में ऐसे कई मंदिर हैं जहां नग्न अवस्था में मूर्तियां और
 
विजय प्रकाश सिंह
Mar 06 2010 09:28 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

जहां जन्म की ठांव

पिछले दिनों मैं अपने शहर सुल्तानपुर गया था, जो लोग नहीं जानते हों , इसी जिले की अमेठी सीट से श्री राहुल गांधी लोक सभा सांसद हैं । अमेठी से पहले श्री संजय गांधी, श्री राजीव गांधी और श्रीमती सोनिया गांधी सांसद रह चुके हैं । चाहे शिव सेना और राज ठाकरे की
 
विजय प्रकाश सिंह
Feb 27 2010 04:40 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

एक फ़ालतू सी फिल्म है माई नेम इज़ खान

मेरा मानना है कि यह एक साधारण फिल्म है जो आज देश मे एक असाधारण माहौल की वजह से बिना मतलब के तारीफ़ बटोर रही है । यह फिल्म अमेरिका के ईराक़ तथा अफ़गानिस्तान युद्ध के बाद से पश्चिमी देशों मे उठे सवालों को अपनी समझ के हिसाब से डील करती है । फिल्मकार बहुत सारी
 
विजय प्रकाश सिंह
Feb 13 2010 08:57 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

माइ नेम इज़ खान पर हंगामा

आज छुट्टी का दिन है । सुबह से ही मन अलसाया हुआ है । परन्तु थोड़ी देर से ही सही, उठा और नहा कर मंदिर भी हो आया । आज महाशिव रात्रि का पुण्य अवसर होने की वजह से बिना शिव जी को जल चढाये नाश्ता मिलने की गुंजाइश नहीं थी । मंदिर मे भीड़ मिलनी ही थी, करीब आधा
 
विजय प्रकाश सिंह
Feb 12 2010 02:54 PM
पसंद करें
3
नापसंद करें

सारे देश को सेकुलर सलाम

आज इकोनॉमिक टाइम्स में एक समाचार पढ़ा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं बटाला हाउस केस मे शामिल आतंकवादी की मदद की । कांग्रेस के महा सचिव दिग्विजय सिंह आज़मगढ़ कथित आतंक वादी के घर सहानुभूति प्रकट करने गये और बटाला हाउस केस की
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
1
नापसंद करें

पुरुष समाज के मार्गदर्शक - श्री नारायण दत्त तिवारी

वैसे तो पिछले वर्ष घटित अनेक घटनाएं यादगार रहीं मगर वर्ष के जाते जाते श्री नारायण दत्त तिवारी की आंध्र प्रदेश के राजभवन से बिदाई ने कुछ प्रश्न तो खड़े किये परन्तु प्रश्नों से ज्यादा आशा की बहुत सारी किरणे दिखा गया । वैसे जिन परिस्थितियों मे तिवारीजी की
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
0
नापसंद करें

अनायास मास्साब

आज शिक्षक दिवस पर मैं पूरी श्रद्धा से जीवन मे मिले समस्त शिक्षकों को ध्यान कर रहा हूं, जिन्होंने हमारे जीवन दिशा दी, हमें जीवन को जीने का सलीका सिखाया और दुनियां को समझने का दॄष्टिकोण दिया । इन्ही में एक थे श्री देवी प्रसाद सिंह, जिन्होने हमे हमारे ग
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
0
नापसंद करें

आधुनिक नैतिकता

क्या ज़ायज है ? नियम के दायरे में खेलना, या हर हाल में विजेता होना । यकीनन दोनो ही, तुम्हारा नियम के दायरे में खेलना, मेरा हर हाल में विजेता होना।
 
विजय प्रकाश सिंह
Dec 29 2009 11:54 AM
पसंद करें
3
नापसंद करें

कौन रचयिता

भगवान ने इन्सानों को बनाया , या इन्सानों ने भगवान को, अनुत्तरित यह प्रश्न सदियों से ।
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
0
नापसंद करें

आज ६ दिसम्बर है तो सोचो ज़रा

आज ६ दिसम्बर है । यह दिन भारत के इतिहास मे एक ऐसी जगह बना चुका है कि इसे इग्नोर नहीं किया जा सकता । अनेक तरह के राजनैतिक व अन्य संस्थाएं इस दिन को अपनी तरह से विचार व भाव प्रकट कर के मनाते हैं । लेकिन मैं इस दिन एक समझदारी की बात सामने रखना चाहता हूं
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
0
नापसंद करें

साथ

न उदात्त प्रेम, न अतिसय घृणा , न मिलन की उत्कट अभिलाषा, न वियोग का अत्यन्त क्लेश, फ़िर भी हम सब हैं सहयात्री , इस काल खंड में, यह नियति का है आर्शीवाद , या है अभिशाप, यह तो निर्धारित होगा , यात्रा में हमारे आचरण पर |
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
1
नापसंद करें

एक बार फिर कोडा

यह लेख मैने १० नवम्बर को प्रकाशित किया था, आज फिर कोडा की गिरफ़्तारी के संदर्भ में प्रासंगिक प्रतीत होता है इसलिए इसे पुन: प्रकाशित कर रहा हूं । यद्यपि कुछ नये तथ्य सामने आये हैं परंतु इस लेख मे कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। अन्य बातों को एक अलग लेख
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
1
नापसंद करें

भेद

क्यों कभी कभी ऐसा है लगता, पीठ से मेरे यह लहू सा टपकता, लहू जो किसी घाव से है निकला, घाव जो किसी खंजर से है मिला, खंजर जो किसी हाथ ने था चलाया, हाथ जो मेरे किसी अपने ने बढ़ाया, मेरे अपने जो मेरे गले से लिपटे, गले से लिपटे क्योंकि प्रिय थे मेरे, प्रिय
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
3
नापसंद करें

हे बेटियों के पिता

बेटियों की किल्कारियों से है आंगन हरा भरा, इनकी नन्ही शरारतों पर सबका मन रीझ रहा, इनके इरादों के आगे हर अवरोध हारेगा, मुश्किलें छोड़ कर राह करेंगी किनारा। इनके हाथों मे जब जब किताबें होगीं, ये आगे बढ कर कल्पना चावला बनेगीं, इनके हाथों मे जब होगा टेनिस
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
1
नापसंद करें

श्री प्रभाष जोशी को एक पाठक की श्रद्धांजलि

उस दिन मै आफ़िस जा रहा था, जैसा अक्सर होता है सुबह की भागम्भाग में टीवी नहीं देखा था, रास्ते में एफ एम पर समाचार सुना जोशी जी के निधन का समाचार । मुझे एक ही बात याद आयी " सबको खबर दे सबकी खबर ले" । यह नारा या कहें प्रचार का बोर्ड जब जनसत्ता की शुरुआत
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
1
नापसंद करें

कांग्रेस, कोडा ,राजा और राजनीति

यह अजीबोगरीब बात है की जब तीन राज्यों के चुनाव घोषित हुए तो झारखंड में चुनाव नहीं करवाया गया | अब तीन राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद तुंरत यहां चुनाव की घोषणा की गयी | लेकिन उसके साथ ही एक और नाटक की शुरुआत हुई , वह है यू पी ऐ के पूर्व मुख
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
0
नापसंद करें

तुम्हारा मौन

तुम्हे ही ढ़ूढती रहती हैं मेरी नज़रें, जिस किसी गली या डगर से भी गुजरें, क्यों यह मन हो रहा है यूं अनुरागित, मैं स्वयं ही सोच रहा हूं होकर चकित, लगता है तुम यहीं पर हो मेरे आस पास कहीं, जानबूझ कर गढ़ा यह अहसास भ्रम ही सही, तुमसे हरदम बात बेबात बतियाने क
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
0
नापसंद करें

रोशनी की झलक

कल शाम जब पूरा देश दीपावली की रोशनी से सराबोर हो रहा था, घर के आंगन और मन्दिर में लक्ष्मी और दीप पूजन तथा श्रद्घा की झलक मोबाइल कैमरे की नज़र से
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
1
नापसंद करें
पसंद करें
3
नापसंद करें

ब्लागवाणी पुन: शुरू

ब्लागवाणी को पुन: शुरू करने के लिये धन्यवाद । उदासी का समय खत्म हुआ, चेहरे पर खुशी लौट आई है। हम सब की ईद, दशहरा और दिवाली आज ही है। फिर से धन्यवाद।
 
विजय प्रकाश सिंह
पसंद करें
0
नापसंद करें

भाजपा आम चुनाव २००९ के बाद और भविष्य की राह

प्रथम भाग मे हमने इस बात पर विचार किया कि कैसे भाजपा ने चुनाव से ठीक पहले हर मामले मे गूफ़ अप किया और अप्रत्याशित परिणाम आया । इस लिए उनके वे नेता गण जो सत्ता की आशा लगाए हुए बैठे थे, उनका बेहद निराश होना स्वाभाविक था । इस निराशा के माहौल मे इस बात की
 
विजय प्रकाश सिंह
Sep 26 2009 10:52 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

पूजा की धूम

मित्रों,इन दिनों पूरे उत्तर भारत मे उत्सव का माहौल है, अभी अभी ईद की खुशियां मनायी गयी। इधर दुर्गा पूजा और राम लीला खूब धूम धाम से मनायी जा रही है । शाम होते ही पूरा शहर सजावट की रोशनी से जगमगा उठता है । अपने शहर दिल्ली के इसी मूड को मैने अपने मोबाइल के
 
विजय प्रकाश सिंह
Sep 25 2009 10:38 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

भारतीय जनता पार्टी आम चुनाव के पूर्व और आम चुनाव के बाद

भारतीय राजनीति में वर्ष २००९ के आम चुनाव का परिणाम कुछ हद तक आश्चर्यजनक रहा । किसी भी राजनैतिक पंडित या सेफ़ोलोजिस्ट को यह अंदाजा नहीं था कि कांग्रेस २१५ लोकसभा सीटें प्राप्त करेगी । साथ ही भरतीय जनता पार्टी ( भाजपा ) को पिछली लोकसभा से २२ सीटें कम
 
विजय प्रकाश सिंह
Sep 20 2009 04:58 PM