0
काले मेघा आओ ना
काले मेघा आओ नागर्मी दूर भगाओ ना।गगरी खाली गांव पियासानदिया से ना कोई आशा।सूख गये सब ताल तलैयाकैसे गायें छम्मक छैयां।धरती को सरसाओ नाकाले मेघा आओ ना॥सुबह सुबह ही सूरज दादागुस्सा जाते इतना ज्यादा।कष्टों की ना कोई गिनतीसुनते नहीं हमारी विनती।कुछ उनको समझाओ
- 9 00 टिप्पणियां [4]
Jun 18 2010 07:30 AM


Shuffle








