F.R.I.E.N.D.S's Image
ब्लॉगवाणी पर यह ब्लॉग
नयी प्रविष्टी लिखी
09 Jun 2010
कुल प्रविष्टियां
33
पाठक भेजे
191
पसंद
0
नापसंद
0
पाठक प्रति पोस्ट
05.79
पसंद करें
0
नापसंद करें

ऐ वक़्त ! तू जरा तो ठहर .....

ऐ वक़्त! जरा तो ठहरमुझे मेरे यार से तो मिल आने दे..इतनी भी क्या बैचैनी हैंदो वादें तो निभाने दे..मेरे मन की जो मायूसी हैंइन्हें आँखों से बह जाने दे..ऐ वक़्त!जरा तो ठहरमुझे खुद को उसके बिन जीना तो सिखाने दे..कैसे यह मेरा नाजुक दिल !आँखों को रोना और होठों
 
आमिर खान "तन्मय"
पसंद करें
0
नापसंद करें

शुरुआत

आज आखिर वो बात हो ही गई,नज़रों ही नज़रों में मुलाकात हो ही गई|कुछ वो शरमाए,कुछ हम घबराए|"मैं","आप"में दो बात हो ही गई||सपने महके,बादल गरजे|और न जाने कैसे बरसात हो ही गई||बातों-बातों में जाने कब रात हो गई|और यूँ उस नए रिश्तों की शुरुआत हो ही गई||अपने-अपने
 
आमिर खान "तन्मय"
पसंद करें
0
नापसंद करें

इज़हार

वक़्त किसी के आने का इंतज़ार नहीं करतासूरज कभी रात का दीदार नहीं करता|होंसला हो तो आगे बढ़ निकलो !!!क्यूंकि, रोता हैं वो जो इज़हार नहीं करता||कमजोर हो जिगर तो, इतिहास नहीं गढ़ता| झूठी हो बुनियाद तो ,विश्वास नहीं बढता ||डूबते सूरज को तो, कोई भी,नमस्कार नहीं
 
आमिर खान "तन्मय"
पसंद करें
0
नापसंद करें

मंथन

Normal 0 false false false EN-US X-NONE X-NONE /* Style Definitions */ table.MsoNormalTable {mso-style-name:"Table Normal"; mso-tstyle-rowband-size:0; mso-tstyle-colband-size:0; mso-style-noshow:yes; mso-style-priority:99; mso-style-qformat:yes;
 
आमिर खान "तन्मय"
Feb 07 2010 08:02 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

दिल

तू ही बता,ऐ दिल मेरे,मैंने तो हमेशा तेरा ही कहाँ माना हैं |मेरे इस दीवानेपन को क्या समझूँ ?लगता हैं मैंने इश्क को कहाँ जाना हैं??हजारों सपने बोये मैंने,पर शायद फूलों को तो,सिर्फ काँटों को साथ निभाना हैं|जहाँ गीतों की महफ़िल सजनी थी,वहां सिर्फ सन्नाटो का
 
आमिर खान "तन्मय"
पसंद करें
0
नापसंद करें

यादें

सपने संजोया करती हैं जो आँखें,उनमे बीतें पलों की सिर्फ तस्वीर रह जाती हैं |रूठा हो खुदा,तो बड़ी से बड़ी उम्मीद ढह जाती हैं||जज्बा-ऐ-इश्क न हो,तो सिर्फ बातें कहीं जाती हैं|वक़्त गुजर जाने के बाद तो सिर्फ यादें रह जाती हैं||इस कमजोर दिल को समझाने के
 
आमिर खान "तन्मय"
पसंद करें
0
नापसंद करें

clicked!!!

 
आमिर खान "तन्मय"
पसंद करें
2
नापसंद करें

ख़्वाब

कल रात दिल के दरवाजे पर एक दस्तक हुई ,दिल घबराया की इतनी रात कौन आया हैं??कंपकपाते मन के साथ दरवाजा खोला,देखा तो एक खूबसूरत ख्वाब आया था||मेरे खोये हुए इश्क को अपने साथ लाया था,वो आँखें जिन्होंने हमें जीना सिखाया था|वो "लब" जिन्होंने इन आँसुओं को जज्बात
 
आमिर खान "तन्मय"
पसंद करें
0
नापसंद करें

A short story

“Started with year’s longest day, Fear of getting rejected, Assaulted, betrayed by a closed one, little Confused, Angry, Lot of emotions & tears, mental breakdown, got one of the best projects, University Results, Swine flu break, CAT dilemma, AES
 
आमिर खान "तन्मय"
Dec 19 2009 10:29 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

Placed!!!!

Infosys,Accenture,Cognizant & TCS...all want me to join them....but finally i choose Accenture over others.......[:)]
 
आमिर खान "तन्मय"
Dec 17 2009 11:39 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

Rangoli...

Photograph of rangoli made by someone.... See..How Artistic a normal Indian is??
 
आमिर खान "तन्मय"
Oct 05 2009 01:12 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

Pearl!!

droplets on a leaf.....
 
आमिर खान "तन्मय"
Oct 05 2009 01:05 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

Creativity!!!

Alphabets "S K" by using sticky Notes....
 
आमिर खान "तन्मय"
Oct 05 2009 01:01 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

Keep Walking...

If the path is beautiful,Ask where it leads to.. But If the destination is beautiful,don't Ask how the path is.....
 
आमिर खान "तन्मय"
Oct 05 2009 12:53 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

Beautiful!!!!

 
आमिर खान "तन्मय"
Oct 05 2009 12:50 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

Special Moment!!!!

With Our Director Karad Sir,Dean Darade Patil Sir,Principal Kshirsagar Sir nd HOD Mulay Sir....
 
आमिर खान "तन्मय"
Oct 05 2009 12:43 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

Its Me!!!! ~A.S.K~

 
आमिर खान "तन्मय"
Oct 05 2009 12:24 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

Team "sourabh" wid Vijendar Singh

 
आमिर खान "तन्मय"
Oct 05 2009 12:22 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

F.R.I.E.N.D.S

when the heart feels a deep cut,the pen refuses to move.......
 
आमिर खान "तन्मय"
Oct 04 2009 11:56 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

Howz d logo??

 
आमिर खान "तन्मय"
Sep 14 2009 02:22 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

:)

 
आमिर खान "तन्मय"
Aug 12 2009 12:36 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

HAPPY FRIENDSHIP DAY!!!!

कुछ शब्दों में मैंने इस रिश्ते को लिखा हैं,हालाँकि यह हम लोगो के रिश्ते के सामने कुछ भी नही .....क्युकि रिश्तेकागज़ पे नही उतारे जा सकते|हम साथ वक्त बिताते हैं,हँसते,खेलते,लड़ते जाते हैं|हम वोही हैं जो क्लास में कागज़ के फर्रे होया रात में maggi या कॉफी,सब
 
आमिर खान "तन्मय"
Aug 02 2009 01:48 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

काश!

काश!हम उनसे मिले न होते, तो यह दुःख ,यह दर्द,हमने सहे न होतेखुश रहते हम अपनी ही दुनिया में,पर शायद तब हम ख़ुद,ख़ुद रहे न होते वो शख्स ही मुझे झूठा बता गया,नही तो कभी हमने यह लफ्ज़,कहे न होतेकी काश! हम उनसे मिले न होते
 
आमिर खान "तन्मय"
Aug 01 2009 12:52 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

धड़कन

नब्ज टटोली,तो पाया, कुछ देर से,वो थमी सी हैं,शायद,मुझे कुछ,हो सा गया हैं |उनको देखा,तो याद आया की,शायद,दिल ही कही,खो सा गया हैं ||
 
आमिर खान "तन्मय"
Jul 30 2009 11:29 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

फ़िदा

उसकी एक नज़र पर मैं, फ़िदा हो गया,उसका पलके झुकाना भी ,अब अदा हो गया|वो रूठी क्या मुझसे,पल दो पल के लिए,मैं ख़ुद अपने दिल से,जुदा हो गया ||
 
आमिर खान "तन्मय"
Jul 30 2009 06:55 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

मैं और मेरी बेबसी !!!

कुछ सपनो को बनते-बिगड़ते देखा हैं मैंने,उसको,अपने अक्स से,उस शख्स से,डरते देखा हैं मैंनेमेरी कमजोरी हैं की,मैं कुछ न कर सका,बस हताश नजरो से ,वक्त को बदलते, देखा हैं मैंने
 
आमिर खान "तन्मय"
Jul 29 2009 11:37 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

धर्म-पार्ट 1

आज जो बात मैं यहाँ करने जा रहा हूँ वो शायद मेरे ओर आपके अस्तित्व को ही हिला कर रख दे.....कुछ दिनों से मेरे मन में एक बात चल रही थी, एक दिन मैं मेरे दोस्तों के साथ बैठा था तो हम लोग आपस मैं बात कर रहे थे,मेरा एक बंगलादेशी दोस्त बोल रहा था की उनके यहाँ पर
 
आमिर खान "तन्मय"
Jul 27 2009 09:54 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

A man is but the product of his thoughts what he thinks, he becomes.

What a difference a sad event in someone's life makes.GEORGE CARLIN (when His wife died...)Isn't it amazing that George Carlin - comedian of the 70's and 80's - could write something so very eloquent...and so very appropriate?A Message by George
 
आमिर खान "तन्मय"
Jul 27 2009 12:19 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

चाहत

वक्त-बेवक्त याद आया न करो, ख़ुद याद न करो,तो सताया न करो |मेरी बेचैनियों का अगर तुझे अहसास नही ,तो मेरी रातों की नींदे चुराया न करो||तुझे नही है अगर मेरी चाहत पर भरोसा,तो नजरो से तीर चलाया न करो|मुझे रहने दो खुश!!मेरे ख्वाबो के महलो मे,इन्हे ताश के पत्तो
 
आमिर खान "तन्मय"
Jul 24 2009 01:22 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

बेबसी!!

जितना दूर जाता हूँ तुझसे,उतना और करीब आ जाता हूँ मैं|बेचैनिया चाहे कितनी हो,हर वक्त मुस्कुराता हूँ मैं||बहुत बेबस हूँ मैं!!ना प्यार दिखा सकता हूँ,ना अपना गम बता सकता हूँ मैं |जब भी होती हैं तू मेरे सामने,सिर्फ़ आँखे झुका सकता हूँ मैं||बहुत बेबस हूँ
 
आमिर खान "तन्मय"
Jul 20 2009 09:21 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

ज़ज्बात

दिल को तड़पता देखआँखे बोलीक्या मैं रो दूँ??दिल बोलामैं ख़ुद तो डूबा हूँ,तुझे भी,क्यों डूबो दूँ??आँखे बोलीतेरा गम कम करने के लिएकम से कम,पलके तो भींगो दूँ??दिल बोलापहले ही बहुत कुछ खो चुका हूँ|क्यों अब उसकी खातिर|तेरे इन अनमोल मोतियों को भी,मैं खो दूँ ??
 
आमिर खान "तन्मय"
Jul 16 2009 03:35 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

या खुदा!काश तू इन मन्दिर,मस्जिद,दरगाहों मे होता

या खुदा!अगर तू इन मन्दिर,मस्जिद,दरगाहों मे होतातो बैठा करते इनके द्वारेऔर अपना शुमार भी आकाओ मे होता|जिस मौत के डर से बचकर जीते है जिंदगीतब वोह डर भी अपनी पनाहों मे होता||या खुदा!काश तू इन मन्दिर,मस्जिद,दरगाहों मे होताचलते अपनी मंजिल की ओरऔर तेरा हर
 
आमिर खान "तन्मय"
Jun 15 2009 12:16 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

प्यार की तलाश में

वक़्त बीता,मन जीताखूब विचरा,प्रेम के आकाश मेंदिल गिरा,फिर संभलाफिर मुसाफिर चल पड़ा हैंप्यार की तलाश मेंपतझड़ आए,मौसम बदलेवृक्षों ने अपने पत्ते बदलेफिर सुहानी ऋतू आईतृप्त सूरज ने जोत जलाईनए जीवन के विकास मेंफिर से पंछी उड़ चला हैंनए गगन की आस मेंफिर मुसाफिर
 
आमिर खान "तन्मय"
May 15 2009 06:46 PM