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09 Feb 2010
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शुरुआत

आज आखिर वो बात हो ही गई,नज़रों ही नज़रों में मुलाकात हो ही गई|कुछ वो शरमाए,कुछ हम घबराए|"मैं","आप"में दो बात हो ही गई||सपने महके,बादल गरजे|और न जाने कैसे बरसात हो ही गई||बातों-बातों में जाने कब रात हो गई|और यूँ उस नए रिश्तों की शुरुआत हो ही गई||अपने-अपने
 
आमिर खान "तन्मय"
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इज़हार

वक़्त किसी के आने का इंतज़ार नहीं करतासूरज कभी रात का दीदार नहीं करता|होंसला हो तो आगे बढ़ निकलो !!!क्यूंकि, रोता हैं वो जो इज़हार नहीं करता||कमजोर हो जिगर तो, इतिहास नहीं गढ़ता| झूठी हो बुनियाद तो ,विश्वास नहीं बढता ||डूबते सूरज को तो, कोई भी,नमस्कार नहीं
 
आमिर खान "तन्मय"
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मंथन

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आमिर खान "तन्मय"
Feb 07 2010 09:02 PM
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दिल

तू ही बता,ऐ दिल मेरे,मैंने तो हमेशा तेरा ही कहाँ माना हैं |मेरे इस दीवानेपन को क्या समझूँ ?लगता हैं मैंने इश्क को कहाँ जाना हैं??हजारों सपने बोये मैंने,पर शायद फूलों को तो,सिर्फ काँटों को साथ निभाना हैं|जहाँ गीतों की महफ़िल सजनी थी,वहां सिर्फ सन्नाटो का
 
आमिर खान "तन्मय"
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यादें

सपने संजोया करती हैं जो आँखें,उनमे बीतें पलों की सिर्फ तस्वीर रह जाती हैं |रूठा हो खुदा,तो बड़ी से बड़ी उम्मीद ढह जाती हैं||जज्बा-ऐ-इश्क न हो,तो सिर्फ बातें कहीं जाती हैं|वक़्त गुजर जाने के बाद तो सिर्फ यादें रह जाती हैं||इस कमजोर दिल को समझाने के
 
आमिर खान "तन्मय"
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clicked!!!

 
आमिर खान "तन्मय"
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ख़्वाब

कल रात दिल के दरवाजे पर एक दस्तक हुई ,दिल घबराया की इतनी रात कौन आया हैं??कंपकपाते मन के साथ दरवाजा खोला,देखा तो एक खूबसूरत ख्वाब आया था||मेरे खोये हुए इश्क को अपने साथ लाया था,वो आँखें जिन्होंने हमें जीना सिखाया था|वो "लब" जिन्होंने इन आँसुओं को जज्बात
 
आमिर खान "तन्मय"
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A short story

“Started with year’s longest day, Fear of getting rejected, Assaulted, betrayed by a closed one, little Confused, Angry, Lot of emotions & tears, mental breakdown, got one of the best projects, University Results, Swine flu break, CAT dilemma, AES
 
आमिर खान "तन्मय"
Dec 19 2009 11:29 AM
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Placed!!!!

Infosys,Accenture,Cognizant & TCS...all want me to join them....but finally i choose Accenture over others.......[:)]
 
आमिर खान "तन्मय"
Dec 18 2009 12:39 AM
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Rangoli...

Photograph of rangoli made by someone.... See..How Artistic a normal Indian is??
 
आमिर खान "तन्मय"
Oct 05 2009 02:12 AM
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Pearl!!

droplets on a leaf.....
 
आमिर खान "तन्मय"
Oct 05 2009 02:05 AM
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Creativity!!!

Alphabets "S K" by using sticky Notes....
 
आमिर खान "तन्मय"
Oct 05 2009 02:01 AM
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Keep Walking...

If the path is beautiful,Ask where it leads to.. But If the destination is beautiful,don't Ask how the path is.....
 
आमिर खान "तन्मय"
Oct 05 2009 01:53 AM
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Beautiful!!!!

 
आमिर खान "तन्मय"
Oct 05 2009 01:50 AM
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Special Moment!!!!

With Our Director Karad Sir,Dean Darade Patil Sir,Principal Kshirsagar Sir nd HOD Mulay Sir....
 
आमिर खान "तन्मय"
Oct 05 2009 01:43 AM
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Its Me!!!! ~A.S.K~

 
आमिर खान "तन्मय"
Oct 05 2009 01:24 AM
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Team "sourabh" wid Vijendar Singh

 
आमिर खान "तन्मय"
Oct 05 2009 01:22 AM
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F.R.I.E.N.D.S

when the heart feels a deep cut,the pen refuses to move.......
 
आमिर खान "तन्मय"
Oct 05 2009 12:56 AM
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Howz d logo??

 
आमिर खान "तन्मय"
Sep 14 2009 03:22 AM
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:)

 
आमिर खान "तन्मय"
Aug 12 2009 01:36 AM
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HAPPY FRIENDSHIP DAY!!!!

कुछ शब्दों में मैंने इस रिश्ते को लिखा हैं,हालाँकि यह हम लोगो के रिश्ते के सामने कुछ भी नही .....क्युकि रिश्तेकागज़ पे नही उतारे जा सकते|हम साथ वक्त बिताते हैं,हँसते,खेलते,लड़ते जाते हैं|हम वोही हैं जो क्लास में कागज़ के फर्रे होया रात में maggi या कॉफी,सब
 
आमिर खान "तन्मय"
Aug 02 2009 02:48 PM
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काश!

काश!हम उनसे मिले न होते, तो यह दुःख ,यह दर्द,हमने सहे न होतेखुश रहते हम अपनी ही दुनिया में,पर शायद तब हम ख़ुद,ख़ुद रहे न होते वो शख्स ही मुझे झूठा बता गया,नही तो कभी हमने यह लफ्ज़,कहे न होतेकी काश! हम उनसे मिले न होते
 
आमिर खान "तन्मय"
Aug 01 2009 01:52 AM
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धड़कन

नब्ज टटोली,तो पाया, कुछ देर से,वो थमी सी हैं,शायद,मुझे कुछ,हो सा गया हैं |उनको देखा,तो याद आया की,शायद,दिल ही कही,खो सा गया हैं ||
 
आमिर खान "तन्मय"
Jul 31 2009 12:29 AM
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फ़िदा

उसकी एक नज़र पर मैं, फ़िदा हो गया,उसका पलके झुकाना भी ,अब अदा हो गया|वो रूठी क्या मुझसे,पल दो पल के लिए,मैं ख़ुद अपने दिल से,जुदा हो गया ||
 
आमिर खान "तन्मय"
Jul 30 2009 07:55 PM
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मैं और मेरी बेबसी !!!

कुछ सपनो को बनते-बिगड़ते देखा हैं मैंने,उसको,अपने अक्स से,उस शख्स से,डरते देखा हैं मैंनेमेरी कमजोरी हैं की,मैं कुछ न कर सका,बस हताश नजरो से ,वक्त को बदलते, देखा हैं मैंने
 
आमिर खान "तन्मय"
Jul 30 2009 12:37 AM
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धर्म-पार्ट 1

आज जो बात मैं यहाँ करने जा रहा हूँ वो शायद मेरे ओर आपके अस्तित्व को ही हिला कर रख दे.....कुछ दिनों से मेरे मन में एक बात चल रही थी, एक दिन मैं मेरे दोस्तों के साथ बैठा था तो हम लोग आपस मैं बात कर रहे थे,मेरा एक बंगलादेशी दोस्त बोल रहा था की उनके यहाँ पर
 
आमिर खान "तन्मय"
Jul 27 2009 10:54 AM
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A man is but the product of his thoughts what he thinks, he becomes.

What a difference a sad event in someone's life makes.GEORGE CARLIN (when His wife died...)Isn't it amazing that George Carlin - comedian of the 70's and 80's - could write something so very eloquent...and so very appropriate?A Message by George
 
आमिर खान "तन्मय"
Jul 27 2009 01:19 AM
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चाहत

वक्त-बेवक्त याद आया न करो, ख़ुद याद न करो,तो सताया न करो |मेरी बेचैनियों का अगर तुझे अहसास नही ,तो मेरी रातों की नींदे चुराया न करो||तुझे नही है अगर मेरी चाहत पर भरोसा,तो नजरो से तीर चलाया न करो|मुझे रहने दो खुश!!मेरे ख्वाबो के महलो मे,इन्हे ताश के पत्तो
 
आमिर खान "तन्मय"
Jul 24 2009 02:22 AM
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बेबसी!!

जितना दूर जाता हूँ तुझसे,उतना और करीब आ जाता हूँ मैं|बेचैनिया चाहे कितनी हो,हर वक्त मुस्कुराता हूँ मैं||बहुत बेबस हूँ मैं!!ना प्यार दिखा सकता हूँ,ना अपना गम बता सकता हूँ मैं |जब भी होती हैं तू मेरे सामने,सिर्फ़ आँखे झुका सकता हूँ मैं||बहुत बेबस हूँ
 
आमिर खान "तन्मय"
Jul 20 2009 10:21 PM
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ज़ज्बात

दिल को तड़पता देखआँखे बोलीक्या मैं रो दूँ??दिल बोलामैं ख़ुद तो डूबा हूँ,तुझे भी,क्यों डूबो दूँ??आँखे बोलीतेरा गम कम करने के लिएकम से कम,पलके तो भींगो दूँ??दिल बोलापहले ही बहुत कुछ खो चुका हूँ|क्यों अब उसकी खातिर|तेरे इन अनमोल मोतियों को भी,मैं खो दूँ ??
 
आमिर खान "तन्मय"
Jul 16 2009 04:35 PM
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या खुदा!काश तू इन मन्दिर,मस्जिद,दरगाहों मे होता

या खुदा!अगर तू इन मन्दिर,मस्जिद,दरगाहों मे होतातो बैठा करते इनके द्वारेऔर अपना शुमार भी आकाओ मे होता|जिस मौत के डर से बचकर जीते है जिंदगीतब वोह डर भी अपनी पनाहों मे होता||या खुदा!काश तू इन मन्दिर,मस्जिद,दरगाहों मे होताचलते अपनी मंजिल की ओरऔर तेरा हर
 
आमिर खान "तन्मय"
Jun 15 2009 01:16 PM
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प्यार की तलाश में

वक़्त बीता,मन जीताखूब विचरा,प्रेम के आकाश मेंदिल गिरा,फिर संभलाफिर मुसाफिर चल पड़ा हैंप्यार की तलाश मेंपतझड़ आए,मौसम बदलेवृक्षों ने अपने पत्ते बदलेफिर सुहानी ऋतू आईतृप्त सूरज ने जोत जलाईनए जीवन के विकास मेंफिर से पंछी उड़ चला हैंनए गगन की आस मेंफिर मुसाफिर
 
आमिर खान "तन्मय"
May 15 2009 07:46 PM