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07 Jun 2010
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और फिर कहते है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं.......

23 साल की मुकदमेबाज़ी....हजारों लोगों की मौत और सज़ा सिर्फ दो साल.....अरे इससे ज्यादा साल तो मुकदमा चला है......आखिर क्यों.....क्या चूक रह गयी कि भोपाल की जिस यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से रिसी गैस ने हजारों लोगों को लील लिया उनके आठ दोषियों को इतनी कम
 
शशांक शुक्ला
Jun 07 2010 06:23 PM
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नक्सलवादियों को चाहिये क्या ?

नक्सलवाद हमारे देश को दीमक की तरह खा रहा है। ये वो दीमक है जो लकड़ी नहीं मासूमों का खून पीता है। दंतेवाड़ा की में बीते दिनों हुए विस्फोट में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी। मरने वालों में बस में सवार यात्री थे। इन यात्रियों में पुलिसकर्मी और कुछ
 
शशांक शुक्ला
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वर्ल्डकप की हायतौबा !

टीम इंडिया इस बार तुम टी 20 वर्ल्ड कप लेकर ही आना....फिर लाना है वर्ल्ड कप...फिर जीतेगा टीम इंडिया... वर्ल्डकप से ठीक पहले सारे अखबार सारे टीवी चैनल परेशान थे। टीम तो वर्ल्डकप से बाहर हो गयी लेकिन खबरें अब भी बरकरार हैं....हां ये बात अलग है कि इस बार टीम
 
शशांक शुक्ला
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कल का मैच फिक्स था...चेन्नई का जीतना तय था...

चेन्नई का जीतना तय था। अब इसे महेद्र सिंह धौनी कि काबिलियत कहें या फिर उनकी किस्मत। चेन्नई सूपरकिंग्स के ओवरऑल परफार्मेन्स पर नजर डालें तो इस बात से कोई मना नहीं कर सकता ही कि मुंबई इंडियंस की टीम चेन्नई से कही ज्यादा मजबूत और अच्छा परफार्म कर रही थी।
 
शशांक शुक्ला
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क्या मैने सही किया ?

मीडिया में काम करना काफी थकाऊ होता है। दिन भर की भागदौड़, हर काम को समय से भेजने की तेजी, सभी कुछ। मेरी भी काम की शिफ्ट खत्म हो चुकी थी। थक तो काफी गया था, शाम तीन बजे से रात के 12 बजे तक की शिफ्ट है। काम खत्म करके सीधा घर आ जाता हूं। रास्ते में कही
 
शशांक शुक्ला
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शायद अंगूर खट्टे थे.....

पिछले कुछ दिनों से बीमार हूं तो ऑफिस से छुट्टी ले रखी है। मुझ हर्पीस नाम की बीमारी हो गयी है, डॉक्टर कहती है कि जिस तरह बच्चों में चिकनपॉक्स होता है उसी तरह बड़ों में हर्पीस होता है। उसने कुछ दवाईयां लिखी है जिससे मुझे राहत मिलती दिख रही है। डॉक्टर ने
 
शशांक शुक्ला
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Apr 03 2010 07:00 PM
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दिल तोड़ के ना जा सानिया- भारत

सानिया तुमने भारत में रहने वाले हर भारतीय नौजवान का दिल तोड़ दिया। तुम कैसे किसी और की हो सकता है, और वो भी किसी पाकिस्तानी की। क्या भारत में तुम्हारे लायक कोई नहीं बचा था। तुम्हारे जीतने पर हम कितना खुश होते थे। तुम शादी कर रही हो हमारे लिये तो ये ही
 
शशांक शुक्ला
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बाबा वाबा ना...बाबा ...ना

भक्तों .....सालों......बाद मिले हैं। भगवान हर जगह है हर चीज में है, प्रभु सुबह है तो प्रभु शाम,ये प्रवचन एक ऐसा प्रवचन है कि जिसका आडियो हर बाबा के मुंह में फिट टेपरिकार्डर में बजता रहता है। भारत में लोगों के पास समय की इतनी कमी है कि भगवान को याद करने
 
शशांक शुक्ला
Mar 16 2010 10:59 AM
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बचपन की सीनरी वाला भविष्य

सब कहने लगे कि रात बहुत हो गयी है सोने जाना चाहिये। मै उनको मना तो नहीं कर सकता था। सच में रात बहुत हो गयी थी। पर जिस तरह वो लोग सो गये उसे देखकर लगा कि दिनभर की थकान के बाद आदमी कितना निढाल होकर सोता है। मेहनतश आदमी रात में थकान के बाद अगर पत्थर पर भी
 
शशांक शुक्ला
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Mar 05 2010 05:17 PM
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होली की ठिठोली

होली है…भाई होली है..बुरा न मानो होली है। इन शब्दों से जुड़ी कई यादें है जिनको याद करके बहुत भावुक महसूस करता हूं। होली एक अकेला ऐसा त्यौहार है जिसमें पाकर खुद को बहुत खुश महसूस करता हूं। होली में कोई बंदिश नहीं रहती है, धूप में सूख रहे पापड़, चिप्स हो
 
शशांक शुक्ला
Feb 28 2010 06:17 PM
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1411 एक टाइगर की फरियाद

हैलो दोस्तों, कैसे हैं आप लोग। कैसी कट रही है ज़िंदगी। पहचान कौन....अरे नहीं पहचान पा रहे है। ये मै हूं। हो सकता है की तस्वीर देखकर कुछ याद आ जाये।पहचाना, अरे मै वो बड़ा वाला नहीं हूं , वो तो मेरी मम्मा है। मै हूं छोटू टाइगर। हम दोनों आज घूमने निकले है
 
शशांक शुक्ला
Feb 26 2010 04:48 PM
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क्रिकेट का सुपरमैन !

सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का सुपरमैन कहें तो इसमें कोई दूजी राय नहीं हो सकती है। हां ये अलग बात है कि वो पैंट के उपर चढ्ढी नहीं पहनते है। लेकिन जिस तरह सचिन विरोधी टीम पर हावी होते है उससे इतना होता ही है कि कोई भी गेंदबाज उन्हें गेंद फेंकने से पहले अपनी
 
शशांक शुक्ला
Feb 24 2010 10:57 PM
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किस्मत क्या है ?

मन दुखी है इसलिये कुछ ऐसा लिख रहा हूं जिसको पढ़कर हो सकता है कुछ लोगों को अजीब लगे। ये भी हो सकता है कि कुछ लोग मेरी बातों से सहमत हो। लेकिन जो मेरे साथ  हो रहा है उसको देखकर पता नहीं क्यों मुझे महसूस हो रहा है कि जो लोग किस्मत को बलवान बताते है
 
शशांक शुक्ला
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Feb 17 2010 04:19 PM
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वैलेंनटाइन्स डे और विरोधी

लो फिर आया  प्यार का त्यौहार.... 14 फरवरी  यानी वैलेंनटाइन्स डे। वैलेनटाइन्स डे और उसके विरोधियों का तो जैसे चोली दामन का साथ है। हर साल इसी दिन प्रेमी प्रेमिका को लाल गुलाब देता है तो वही दूसरी तरफ विरोधी भी प्रेमी जोड़ों के गालों पर लाल निशान
 
शशांक शुक्ला
Feb 13 2010 09:13 PM
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शिवसेना और शाहरुख़ 'ख़ान'

क्या इंडियन प्रिमियर लीग इस बार भी सुखद तरीके से हो पायेगा। क्योंकि जिस तरह नीलामी के बाद से ही बबाल मचना शुरु हो गया है उसे देखकर लगता है कि आईपीएल के वापस भारत में होने वाले जो एडवर्टीज़मेंट बेकार हो जायेंगे है। शिवसेना जिसका दूर दूर तक किसी भी खेल से
 
शशांक शुक्ला
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आखिर क्यों मिला पद्म ?

हर साल की  तरह इस  साल भी पद्म पुरस्कारों की सरकारी रस्म निभाई गई। जिस तरह पुराने जमाने में, राजा की तारीफ़ में कसीदे पढ़ने वाले चाटुकारो को इनाम के तौर पर सोने के सिक्के, बाँटा करते थे, वही परम्परा आज भी जारी है इस लोकशाही में। ये तो हम सब
 
शशांक शुक्ला
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अरे कोई तो बचाओ हॉकी को....

अब अगर मेजबान देश के खिलाड़ी ही किसी टूर्नामेंट में भाग न ले रहे हो तो इससे ज्यादा शर्मनाक बात और क्या हो सकती है। आप, हम, और सबको पता है कि हमारा राष्ट्रीय खेल हॉकी है, लेकिन इसकी हालत राष्ट्रीयता जैसी ही हो गयी है। मध्धम बहुत मध्धम। हॉकी को पहले गिल ने
 
शशांक शुक्ला
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ऑस्ट्रेलिया पर कब जागेगा हिंदुस्तान..

आस्ट्रेलिया में भारतीयों पर हो रहे हमले पर आम भारतीय जाग  रहा है पता नहीं हिंदुस्तान कब जागेगा। ये कहना कि आम भारतीय ही हिंदुस्तान है गलत होगा क्योंकि एक आम भारतीय कभी भी हिंदुस्तान नहीं होसकता है। क्योंकि अगर होता तो वो कबका जाग चुका होता।जितने
 
शशांक शुक्ला
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हां वो तुम हो....

कल रात बादलों की आड़ मेंजो खेल चल रहा था,उसकी रचनाकार तुम होहां वो तुम हो,बड़े इंतज़ार के बाद,बेक़रार दिल पर,चांदनी बरसाने वाली तुम होहां वो तुम हो,पास तो न हो तुम इस वक्त मेरे,पर रात के अंधेरे मेंमुझ पर छुपी नज़रों से देखतीहां वो तुम हो,ग़र होती पास
 
शशांक शुक्ला
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थ्री इडियट्स का उद्देश्य क्या था?

अब से आने वाली फिल्म के बारे में एक समीक्षक के तौर पर उसकी समीक्षा करके ये जानने की कोशिश करुंगा कि बॉलीवुड फिल्म और हॉलीवुड फिल्म में क्या खास अंतर होता है। कोशिश यही रहेगी कि ताज़ातरीन फिल्मों को देखने जाना चाहिये या नहीं।फिल्म है ----थ्री इडियट्सहर
 
शशांक शुक्ला
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रुचिका केस- पुलिस का घिनौना चेहरा

सभी लोग रुचिका के हत्यारे का नाम राठौड़ राठौड़ कर रहे है। लेकिन यही लोग तब कहां थे जब रुचिका जिंदा थी और वो इस राठौड़ के द्वारा सताई जा रही थी। मीडिया में तमाम चैनल दिन भर बस इसी कोशिश में है कि रुचिका की आत्महत्या के दोषी को सजा मिले। अरे कानून ने सजा
 
शशांक शुक्ला
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देश में बात मनवाने का रास्ता सिर्फ हिंसा

जो लोग अखबार पढते है या जरा सा भी देश के प्रति जागरुक रहते है उनके दिमाग में ये सवाल पता नहीं कौंधा है या नहीं। पिछले साल राजस्थान में आरक्षण के लिये धमाचौकड़ी मची। काफी खून बहा और साथ ही सरकारी संपत्ति के नुकसान का अनुमान न ही लगाओ तो बेहतर है। क्यो
 
शशांक शुक्ला
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मंदी ने अमीरी कम कर दी है....

मै समझ रहा था कि मंदी का असर उन लोगों पर पड़ा है जो बेचारे किसी फर्म में नौकरी किया करते है। क्योंकि जिनके पास पैसे है वो तो आज भी मंहगे से मंहगे कपड़े खरीद रहे है लेकिन वो लोग जो किसी की नौकरी किया करते है उन्हे ही सबसे ज्यादा फर्क पड़ा है। क्योंकि
 
शशांक शुक्ला
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दवा पर टैक्स ?

इंकम टैक्स देने के बाद भी सरकार को सरकार बने रहने देने के लिये हम हर सामान पर टैक्स देते है। चाहे दंतमंजन हो या दूध। लेकिन ज़रुरत के सामानों पर टैक्स लगना गलत है। कमाल तो ये है कि दवाई पर भी टैक्स है। कम से कम गरीबों को एक चीज तो है खाने को कम से कम
 
शशांक शुक्ला
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मुंबई का डॉन कौन?....बाल ठाकरे

इत्तेफाक से मै भी मीडिया से हूं, लेकिन इसकी ताकत का अंदाजा मुझे कभी नहीं हुआ। और अब तो बिलकुल नहीं होगा। कभी पढ़ा था कि जो पिटा नहीं वो पत्रकार नहीं। और ऐसा ही हुआ। बाल ठाकरे के खिलाफ खबर क्या चली कि उसके चमचे लाठी डंडे लेकर आईबीएन सेवन औऱ लोकमत के आ
 
शशांक शुक्ला
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क्या ठाकरे सठिया गये हैं?

बाला साहब ठाकरे, ये एक ऐसा नाम है जिसको अगर मुंबई में सख्त लहजे में बोल दिया जाये तो अगले दिन अस्पताल जाने के अस्सी प्रतिशत चांस है। और इनका नाम अगर बुद्धिजीवियों के बीच ले तो एक पत्रकार के तौर पर भी ले सकते है। बाल ठाकरे सामना समाचार पत्रिका में संप
 
शशांक शुक्ला
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वंदेमातरम यानी देशपूजा

वंदेमातरम वंदेमातरम...इन शब्दों को जैसे ही अपनी ज़बान पर लाता हूं या कहीं से सुनता हूं तो दिल में धड़कने तेज़ हो जाती है, नसें फड़कने लगती है। रौंगटे खड़े हो जाते है। अपने अंदर एक जोश और मर मिटने का जज्ब़ा पैदा होने लगता है। पता नहीं ये मेरे साथ होता
 
शशांक शुक्ला
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दिल्ली भारत से अलग है।

अभी कुछ देर पहले टीवी पर दिल्ली कि मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की ज्ञानवाणी सुनी। उनका कहना था कि दिल्ली में आने वाले वाहनों को अब से अलग से टैक्स देना होगा। कमाल है क्या दिल्ली देश से अलग है। एक तो पहले ही टोल के नाम पर अलग अलग टैक्स दे दे कर दिल्ली मे
 
शशांक शुक्ला
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आदरणीय हिंदी हमें शर्म है खुद पर

मेरी प्यारी हिंदी क्या कहूं, लेकिन धीमे से ही कहुंगा कि प्लीज किसी से कहना मत कि बहुत से लोग तुम्हे जानते हैं। नहीं तो वो मुंबई नहीं जा पायेंगे। वैसे क्या चल रहा है आजकल, बड़े चर्चे सुन रहा हूं। तुम्हारे चर्चे तो विधानसभा में भी गूंजने लगे हैं। तुम्ह
 
शशांक शुक्ला
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क्यों होते है यूपी बिहार के दुश्मन ?

पिछले दिनों गुस्ताखियों का कुछ ऐसा दौर चला कि नेताओं ने अपनी ही पोल खोल दी। पहले महाराष्ट्र के नेता महाराष्ट्र के लोगों की बात करते थे तो शिव सेना ने मराठियों को अपनी असलियत बता दी, ये भी साफ कर दिया कि उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन मराठी है और क
 
शशांक शुक्ला
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ले गये गुण्डे धनिया को......

बसों से सफ़र करते रहो तो जीवन के कई अनोखे और मज़ेदार अनुभव होते है। मै अपने घर से बस में सफर करता हुआ मुज़फ्फरनगर शहर की तरफ जा रहा था। रास्ते में जानसठ कस्बे में जो की एक तहसील भी है वहां पर लगे एक होर्डिंग को देखकर खुद को हंसे बिना नहीं रोक सका। अस
 
शशांक शुक्ला
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हिमाचल की वादियों में कुछ दिन

पिछले कुछ महीनों से परेशान होने के बाद शांति की तलाश में काफी जगहों पर मुझे भटकना पड़ा। समस्या तब सामने आयी ,जब ये सोचना पड़ी कि जायें तो जाये कहां। खानाबदोश जीवन में भी अपना एक मजा है, इसलिये मै निकल पड़ा अपना सामान बांधकर, काफी सोच विचार के बाद ये
 
शशांक शुक्ला
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पैसा खर्च = ख़तरा ख़रीद

दीपावली के शुभ अवसर पर लेख को शुरु करने से पहले सभी पढ़ने वालों को दीपावली की शुभकामनायें, और हां ये दीपावली बस आज के लिये ही नहीं है ये तो बीते हुये कल से लेकर आने वाले दो दिनों तक चला करती है। यूंतो में मेरी उम्र तेईस साल ही है लेकिन बचपन की याद तो
 
शशांक शुक्ला
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जो लिखता हूं सच लिखता हूं

जो लिखता हूं सच लिखता हूं सच के सिवा कुछ नहीं लिखता, बढते हुए अपराधों पर, जुल्म के शिकार अबोधों पर, जाति पर, नवजातों पर मै लिखता हूं... जो लिखता हूं सच लिखता हूं सच कि सिवा कुछ नहीं लिखता देश के गद्दारों पर, सफेदपोश मक्कारों पर, चोरों पर नाकारों पर म
 
शशांक शुक्ला
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ये एटीएम देश का बंटवारा करवायेगा!!!!

देश का बंटवारा शुरु हो गया है, इसकी शुरुआत की है बैंकिंग सेक्टर ने, अब ये बात आप को जैसे ही पता चली होगी आपको सदमा ज़रुर लगा होगा। कल शाम जब मै कुछ पैसे निकालने एटीएम गया तो आम दिनों के अलावा मेरी आंखों ने जो देखा वो सच में हैरत में डालने वाला था। मै
 
शशांक शुक्ला
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कश्मीर में आयेगा विशेष दूत!!

जम्मू कश्मीर एक ऐसा मुद्दा रहा जिस पर हमेशा से ही पाकिस्तान और हिंदुस्तान के अलावा भी लगभग सभी देशों की निगाहें बनी रहती है। और पाकिस्तान इसका इस्तेमाल उस वक्त करता है जब उस पर आतंकवादी हमले करवाने का आरोप लगता है। अब जबकि पिछले साल 26 नवंबर को मुम्ब
 
शशांक शुक्ला
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क्या हमें ज़रुरत है 911 की?

मै एक दिन हॉलीवुड की फिल्म देख रहा था। फिल्म की कहानी इस तरह थी कि एक कामकाजी आदमी जो अपने घर में अपनी बीवी और बच्चों के साथ रहता है। एक रात जब वो सो रहे थे तो उनके घर में उन्हें कुछ खटपट की आवाजें सुनाई देती है। पति पत्नी दोनों की नींद खुल जाती है। पति
 
शशांक शुक्ला
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Sep 25 2009 12:32 PM
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दिल्ली ट्रैफिक पुलिस यानी परिवारवालों की शामत

कलमबंद की ओर से जनहित में जारीदिल्ली की लाजपतनगर इलाके की मार्केट खरीददारी के लिये बढिया मानी जाती है। यहां पर हर उम्र के लिये और सबकी ज़रुरत का सामान मिलता है। लेकिन आप अगर खरीददारी का मन बना रहे हैं और वो भी लाजपतनगर मार्केट में तो ज़रा सावधानी बरतनी
 
शशांक शुक्ला
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रंगोंभरी प्रकृति के दर्शन

प्रकृति के एक निराली छटा ये भी है जहां एक ओर बारिश ने अपने रंग दिखाये तो ईर्ष्यालू इंद्रधनुष कहां पीछे रहने वाला था आखिर रंग दिखाना ही उसकी फितरत है....खूबसूरती की मिसाल
 
शशांक शुक्ला
Sep 13 2009 11:49 PM
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यार इस चीन का इलाज करो......

पिछले कुछ दिनों से जिस तरह से चीन की हरकतों में ईज़ाफ़ा हुआ है ,उसे देखकर लगता है कि हमारे देश को एक बार फिर युद्ध के लिये तैयार होना पड़ेगा। चीन की गतिविधियां दिनोदिन तेज़ होती जा रही है। बीते दिनों लद्दाख की सीमाओं पर चीनी हैलीकॉप्टर्स का विचरण करना इस
 
शशांक शुक्ला