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23 Apr 2010
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'नफरत हो गई है मां शब्द से'

ट्रैफिकिंग की शिकार कोलकाता की रिम्पा ने सुनाई आपबीतीमां शब्द से अब मुझे नफरत हो गई है। जो सगी थी उसने दो हजार में बेच डाला। फिर प्यार से जिसको अम्मा कहा उसने भी कहीं का नहीं छोड़ा। अब तो किसी पर यकीन ही नहीं आता। इतना कहते कहते रिम्पा की आंखे नम हो जाती
 
एम. अखलाक
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सेहत से 'खेल' रहे प्राइवेट कर्मचारी

घटना एक - 17 अप्रैल 2010 को राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापिका डा. अरुणिमा कुमारी के 48 वर्षीय पति ललन चौधरी ने पंखे से लटक कर आत्महत्या कर ली। चौधरी एक निजी मोबाइल कंपनी में जोनल आपरेशनल मैनेजर के पद पर दरभंगा
 
एम. अखलाक
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यह ठीक नहीं हो रहा नर्मदा माई

नर्मदा माई, प्रणाम। 12 मार्च को तुमसे मिलने घाट पर पहली बार आया था। तुमको लहराते देखकर बचपन याद आ गया। तब गांव की छठी मइया के पोखर में दादी के संग नहाने जाया करता था। दादी कहती थी- पहले इसमें कोई साबुन से नहीं नहाता था। इसी पानी से हमलोग दाल पकाते थे।
 
एम. अखलाक
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इतने साल बाद आयी याद

ये हैं महाकवि आचार्य जानकी वल्‍लभ शास्‍त्री। मुजफ्फरपुर स्थित अपने निराला निकेतन में अपने कुत्‍तों के साथ जीवन बिता रहे हैं। इन्‍हें सरकार ने पदमश्री देने की घोषणा की है। लेकिन आचार्य खुश नहीं है। कहते हैं- इतने साल बाद आई याद।
 
एम. अखलाक
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...और कुत्तों से इस तरह हो गया इश्क

लगा कि उससे मेरा पूर्व जनम का कोई रिश्ता है : आचार्य जानकी वल्लभ शास्‍त्रीमुजफ्फरपुर : यूं तो आपने महाकवि आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री को गोद में कुत्तों को खेलते-खिलाते कई बार देखा होगा। लेकिन, बहुत कम लोगों को यह मालूम होगा कि उन्हें कुत्तों से प्रेम
 
एम. अखलाक
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लोक जमघट में जुटेंगे एक हजार लोक गायक

मुजफ्फरपुर : लोक कलाकार सफदर हाशमी और भिखारी ठाकुर की याद में रविवार को 'गांव जवार' सांस्कृतिक संगठन के बैनर तले एक हजार ग्रामीण कलाकार जिला स्कूल मैदान में जुटेंगे।'लोक जमघट' नामक यह सांस्कृतिक आयोजन सुबह 9 बजे प्रारंभ हो जायेगा और शाम पांच बजे तक
 
एम. अखलाक
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रथयात्रा व रामलीला देख जागा भिखारी का कलाकार

यह बहुत कम लोगों को मालूम होगा कि भिखारी ठाकुर का कलाकार मन आखिर जागा कैसे? वाक्या कुछ यूं है- किशोरावस्था में ही उनका विवाह मतुरना के साथ हो गया था। लुक-छिपकर वह नाच देखने चले जाते थे और नृत्य-मंडलियों में छोटी-मोटी भूमिकाएं भी अदा करने लगे थे। पर,
 
एम. अखलाक
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भूखा है दुनिया का हर छठा आदमी

संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि दुनिया में भुखमरी बढ़ रही है। संयुक्त राष्ट्र ने दुनिया की सभी सरकारों व नागरिक संगठनों से भुखमरी की समस्या से निपटने के लिए हर संभव कोशिश करने की अपील की है। एक आकलन के मुताबिक दुनिया में गरीबी के चलते एक अरब से ज
 
एम. अखलाक
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भारतीय बच्‍चे कुपोषण के शिकार

भारत में पांच वर्ष से कम उम्र के ऐसे बच्चों की संख्या काफी अधिक है जिनका कुपोषण के कारण विकास अवरुद्ध हो गया है। यूनीसेफ की ताजा रपट के अनुसार विकासशील दुनिया में पांच वर्ष से कम उम्र के लगभग 20 करोड़ ऐसे बच्चे हैं जिनका कुपोषण के कारण विकास अवरुद्ध ह
 
एम. अखलाक
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प्रभाष जोशी की एक कृति मैं भी

प्रभाष जोशी जी की एक कृति मैं भी हूं। 1996-97 में जो के.के. बिड़ला फाउंडेशन फेलोशीप मुझे मिला उसके लिए मैंने पहले से आवेदन नहीं कर रखा था। पता नहीं उन्होंने मेरे में क्या खूबी देखी कि बुलाकर यह फेलोशीप दिलवा दी। यूं तो मैं छात्र जीवन से ही एक्टविस्ट
 
एम. अखलाक
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आरएसएस प्रमुख भागवत के नाम पत्र

जिन दिनों भाजपा सरकार के नेतृत्व वाले गुजरात में मजहब के नाम पर इंसानियत का कत्लेआम हो रहा था। लोगों को घरों में जिंदा इसलिए जलाया जा रहा था, क्योंकि वे मुसलमान थे। भाई-भाई को लहू का प्यासा बनाया जा रहा था। जिन दिनों बाबरी मस्जिद ढाहने का जश्न मनाया
 
एम. अखलाक
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ठाकरे तुम्हारे बाप की है मुंबई?

देश तोडऩे और सांप्रदायिक फसादों के लिए कुख्यात बर्बरता की ढाल ठाकरे उर्फ बाल ठाकरे के भतीजा राज ठाकरे ने एक बार फिर अपने चुतियापे का परिचय दिया है। उसने कहा है कि महाराष्ट्र में जो नये विधायक चुनकर आये हैं उन्हें मराठी में ही शपथ लेना होगा। यह धमकी उ
 
एम. अखलाक
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बिहार पुलिस की करतूतें

यह वाक्या है एक जुलाई 2009 की। करीब दोपहर के वक्त बिहार के बेतिया जिले में एक कुख्यात अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। शिनाख्त हुई राजेश यादव उर्फ मुलायम के रूप में। पता-ठिकाना निकला कुशीनगर, उत्तर प्रदेश का मांझीविशुनपुरा गांव। पुलिस के मुताबिक यह अपराधी
 
एम. अखलाक
Sep 03 2009 01:55 PM
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....जहां मां के साथ बाजारों में बिकती हैं बेटियां

जहां एक ओर महिलाएं अंतरिक्ष में जा रहीं हैं, शासन सत्ता में साझीदार बन रहीं हैं, सबला बनने के हर जतन और जुगत में लगी हैं, वहीं बेरोजगारी, गरीबी, बेबसी और मुफलिसी की शिकार न जानें कितनी महिलाएं रोज मर कर जीने को अभिशप्त हैं। चंद सिक्कों के लिए ऐसी
 
एम. अखलाक
Sep 03 2009 01:34 AM
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दीवान का बड़का गांव

कभी रहा होगा बड़ा गांव किसी दीवान का आज तो यहां का बनिहार तक लुटाता है इस पर अपनी जान जुडऩा चाहता है इससे सारा जिला जवार कोई न कोई रिश्ता जोड़ दूर-दराज के इलाकों में गूंजती है आज भी इस गांव के कोतवाल सिंह यादव की लंठई की श्रुतियां लेकिन बात यहीं तक ह
 
एम. अखलाक
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मेरे गांव की मुर्गियों का फैसला

दो जुलाई सन् 2009 भारत के लिए ऐतिहासिक दिन है। ऐसा हमें टेलीविजन के एंकरों और अगले दिन के अखबारों के शीर्षक से पता चला है। इस दिन भाइयों को भाइयों से और बहनों को बहनों से वह सब करने का अधिकार मिल गया बताया गया है जो कानूनन मर्दों और औरतों के बीच ही ज
 
एम. अखलाक
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बिहार में तरूण तेजपाल की हत्या हो गयी

बिहार के बेतिया जिला स्थित एसपी कार्यालय द्वारा जारी एक प्रेस बयान के मुताबिक तहलका डाट काम, नोएडा वाले तरूण तेजपाल की हत्या कर दी गयी है और हत्या को अंजाम देने वाले को पुलिस ने दबोच लिया है। बयान के अनुसार बुधवार को खुफिया सूचना मिली की कुख्यात राजे
 
एम. अखलाक
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ताल ठोंककर कहते-चोरी का माल है

उनका वेश बिल्कुल साधारण होता है। पहली नजर में कोई उन्हें देहाती या फेरी वाले से ज्यादा नहीं समझ सकता। मगर, कंधे पर लटके उनके झोलों में चोरी का माल भरा होता है। एक से एक लुभाने वाला असली सामान। जी हां, ब्रांडेड कंपनियों के कपड़े, साडिय़ां, चादर, घड़ी,
 
एम. अखलाक
टैग: चोरी
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खामोश यादों के सिवा दिल में रहा कुछ भी नहीं

हिन्दी फिल्मी गीतों में लोक धुनों का पुट डालने वाले शहर के सुप्रसिद्ध संगीतकार पं.मुनीन्द्र शुक्ल वर्तमान संगीतकारों के लिए गुमनाम हो गये। साठ से लेकर अस्सी के दशक तक कई हिन्दी फिल्मों में लोक संगीत की परंपरा कायम करने वाले श्री शुक्ल को संगीत में रच
 
एम. अखलाक
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दिन हवा हुए जब पसीना गुलाब था

पचास के दशक में हिन्दी सिनेमा में विशेष पहचान बनाने वाले शहर के प्रतिष्ठित फिल्मकार एवं नाटककार प्रभातचंद मिश्रा आज गुमनामी में है। कभी बम्बई में बिहार की पहचान दिलाने वाले 82 वर्षीय श्री मिश्रा अपने ही शहर में बीमारी और अकेलेपन से जूझ रहे हैं। दुखद
 
एम. अखलाक
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हेलन से मिलने को बेताब हमीदन

रुपहले फिल्मी पर्दे के खलनायक अजीत की मोना डार्लिंग और कभी जवां दिलों की धड़कन रहीं हेलन को भले ही अपनी जन्मभूमि याद हो या न हो, लेकिन उनकी बड़ी बहन 75 वर्षीय हमीदन की आंखें उनसे मिलने के लिए वर्षों से बेकरार है। झुर्रियों भरे चेहरे पर मोटे काले फ्रे
 
एम. अखलाक
टैग: हेलन
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काठमांडू : शराब, सेक्स व जुआ

शाम ढलते ही जब हिमालय की वादियां रोशनी से जगमगा उठती हैं। समूचा इलाका सर्द हवाओं की चपेट में होता है। तब सड़कों पर सरपट दौड़ती टैक्सी किसी पर्यटक को लेकर पहुंचती है डांस बार या कैसिनो। इस शहर की पहचान शराब, सेक्स और जुआ है। कहने को पर्यटक यहां प्रकृत
 
एम. अखलाक
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शहर में बज रहा साढ़े बारह

यों तो आपने लोगों के चेहरे पर बारह बजते देखा-सुना होगा, लेकिन इन दिनों 'शहर के चेहरेÓ पर भी साढ़े बारह बज रहे हैं। जी हां, यह मुजफ्फरपुर सरैयागंज टावर है। शहर के बीचो-बीच। टावर जो याद दिलाता है जंग-ए-आजादी के दीवानों की शहादत। जहां राष्ट्रपिता महात्म
 
एम. अखलाक
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मुजफ्फरपुर में हुआ था लोटा-धोती आंदोलन

ब्रिटिश हुकूमत भले ही अपनी कूटनीति के सहारे हिन्दुस्तान पर दो सौ साल शासन करने में सक्षम रही, लेकिन हकीकत यह भी है कि अंदर से हुक्मरान काफी कमजोर और डरपोक थे। शायद यही वजह थी कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ब्रिटिश हुक्मरान मुजफ्फरपुर में लोटा और धोती
 
एम. अखलाक
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फांसी चढऩे वाले सेनानी वारिस अली

अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ 1857 में जहां मेरठ और दिल्ली में सिपाही विद्रोह के जरिये स्वाधीनता संग्राम की लपटें धधकने को बेताब थीं, वहीं तिरहुत की जमीन भी आजादी के लिए मचल रही थी। यहां के सपूतों में भी अंग्रेजों के खिलाफ नफरत और असंतोष के बीज पनप चुके थ
 
एम. अखलाक