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09 Mar 2010
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अपराध

मुगल बादशाह बहादुरशाह जफ़र अंग्रेजों की कैद में अपने जीवन के अंतिम दिन बड़े कष्ट से बिता रहे थे । एक बार एक व्यक्ति उनसे मिलने आया। उसने बादशाह से कहा, ''आप को जो कष्ट दिए जा रहे हैं, आप उसकी शिकायत क्यों नहीं करते ?''उन्होंने दुःख भरे स्वर में जवाब दिया,
 
दिनेश शर्मा
टैग: अपराध
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गुलाल ऎसे लगाते हैं

होली पर विशेषहोली का दिन था । लाल बहादुर शास्त्री जी के निवास पर होली मनाने के लिए अनेक लोग आए थे।सब ओर प्रसन्नता का माहौल था । शास्त्री जी सभी से बडे़ स्नेह से मिल रहे थे। इस भीड़-भाड़ से कुछ दूर एक कोने में उनका जमादार भी हाथ में गुलाल लिए खडा़ था पर आगे
 
दिनेश शर्मा
टैग: होली
Feb 28 2010 12:38 PM
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शुद्धता

एक बार स्वामी विवेकानंद अमेरीका की यात्रा से स्वदेश लौट रहे थे। उनके प्रशंसक बंदरगाह पर उनका इंतजार कर रहे थे। जैसे ही स्वामी जी बंदरगाह पर उतरे तो उतरते ही वे रज में लोटने लगे। उनके प्रशंसकों ने उन्हें मिट्टी में इस प्रकार लोटते हुए देखा तो वे हैरान रह
 
दिनेश शर्मा
Feb 24 2010 09:08 PM
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शिक्षा

एक बार एक लड़का स्कूल से शिक्षक का एक पत्र आया, जिसमें लिखा था ‘आप का बेटा मंद बुद्धि है । इसे पढ़ाना व्यर्थ है । अच्छा होगा कि आप इसे स्कूल से हटा लें ।’ मां ने यह पत्र पढ़ा । उसकी आंखों में आंसू आ गए । फिर भी उसने अपने पुत्र के सिर पर हाथ फेरते हुए
 
दिनेश शर्मा
Feb 20 2010 05:17 PM
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कर्त्तव्य-परायणता

बात उन दिनों की है, जब बगदाद में खलीफा उमर थे । वह जितने इन्साफ पसंद, नेक-दिल थे, उतने ही अनुशासन प्रिय और कर्त्तव्य-परायण भी । उन्होंने शराबियों की शराब की लत छुड़ाने के लिए घोषणा की, यदि कोई व्यक्ति शराब पीता हुआ या पीये हुए पकड़ा गया तो उसे भरे दरबार
 
दिनेश शर्मा
Feb 12 2010 06:33 PM
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पेट

एक सज्जन के बहुत आग्रह पर प्रसिद्ध साहित्यकार बर्नाडे शा ने उन का निमंत्राण स्वीकार कर लिया । लेकिन शा ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वह मांसाहारियों के साथ भोजन नहीं खा पाएंगे । सज्जन ने उनकी पंसद का ध्यान रखने का आश्वासन दिया था । भोज वाले दिन शा
 
दिनेश शर्मा
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जाति

गांधीवादी नेता आचार्य जीवतराम भगवानदास कृपलानी ट्रेन में सफर कर रहे थे, उसमें एक महिला व एक पुरुष यात्री भी था । वे आचार्य कृपलानी को नहीं पहचानते थे । बातों ही बातों में उन्होंने उनसे पूछा, ''आप किस जाति के हैं?'' प्रश्न सुनकर कृपलानी तत्काल बोले, ''
 
दिनेश शर्मा
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बराबर

फ्रांस के राजा हैनरी चतुर्थ एक दिन अपने अंगरक्षक के साथ घोड़े पर सवार होकर घूमने निकले । रास्ते में एक भिखारी ने राजा को अपनी टोपी उतार कर सलाम किया । जवाब में राजा ने भी अपनी टोपी उतार कर सलाम किया । अंगरक्षक ने कहा,'' क्षमा कीजिए, क्या यह ठीक है कि इतना
 
दिनेश शर्मा
टैग: सभ्य
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नसीहत

टामस अलवा एडिसन अमरीका के प्रख्यात आविष्कारक थे । एक बार उनसे मिलने गई एक स्त्री ने उन्हें एक कागज पर अपने पुत्र के लिए कोई नसीहत लिखने को कहा । एडिसन ने कागज पर लिखा, ''काम के समय कभी भी घड़ी मत देखा करो।''
 
दिनेश शर्मा
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मातृभूमि के प्रति श्रद्धा

रास बिहारी बोस का नाम कौन नहीं जानता । भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन से अनन्य रूप से जुड़े रासबिहारी बोस उन दिनों जापान में निर्वासित जीवन बिता रहे थे । जापान में दक्षिण पश्चिम की ओर मुंह करके सोना अच्छा नहीं माना जाता है । किन्तु रासबिहारी बोस जितने दिन भी
 
दिनेश शर्मा
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अपराध

छात्रावास में जब सभी छात्रों को भोजन परोसा गया तो कई छात्रों ने प्लेट में रखी सब्जी को देख कर नाक - भौं सिकोड़ ली । उस दिन सब्जी में बैंगन का भुरता बना था । अधिकांश छात्र शोर मचाने लगे । कुछ ने उस में जली हुई रोटी के किनारे तोड़े तथा उन में पानी मिलाकर
 
दिनेश शर्मा
Dec 29 2009 11:54 AM
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आजादी का सिपाही

आजादी से कुछ साल पहले की बात है । पूरे देश में आन्दोलन की लहर थी । उसी लहर में उड़ीसा के ढेंकानाल जिले में अनगुल गांव की जनता वहां के राजा के खिलाफ एकजुट होने लगी । वहां प्रजा परिषद् के गठन की मांग होने लगी । वहां का राजा अंग्रेजों की कठपुतली था । आन्
 
दिनेश शर्मा
Dec 29 2009 11:54 AM
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कर्त्तव्य

ईश्वरचन्द्र विद्यासागर कलकत्ता के बड़ा बाजार से होकर गुजर रहे थे कि रास्ते में उन्हें 14-15 वर्ष की आयु का एक लड़का मिला । नंगे पैर, फटे-पुराने कपडे और बुझा-सा चेहरा उस की हालात बताने के लिए पर्याप्त थे । उसने ईश्वरचंद्र विद्यासागर से गिड़गिड़ाते हुए कहा
 
दिनेश शर्मा
Dec 29 2009 11:54 AM
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उपयोग

पंडित मदनमोहन मालवीय काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए जगह-जगह जा कर धन इकट्ठा कर रहे थे । एक बार वे सहयता मांगने हैदराबाद के नवाब के यहां पहुंचे, लेकिन उन्हें खाली हाथी वापस आना पड़ा । हैदराबाद में घूमते हुए उनकी दृष्टि एक ध नी व्यक्ति की अ
 
दिनेश शर्मा
Dec 29 2009 11:54 AM
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रूप और गुण

प्रख्यात दार्शनिक सुकरात शक्ल - सूरत से कुरुप था । वह रोज आईने में अपना चेहरा देखा करता था । एक दिन वह आईने में अपना चेहरा देख रहा था कि उस का शिष्य सामने आ खड़ा हुआ और अपने गुरु को आईने में चेहरा देखता देख कर मुस्करा उठा । सुकरात उसके मुस्कराने का का
 
दिनेश शर्मा
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झूठा अभिमान

आल्सिबाइडिस एक संपन्न जमींदार था । उसे अपनी संपत्ति और जागीर पर बड़ा गर्व था । एक दिन उसने सुकरात के पास जा कर अपने ऐश्वर्य का वर्णन करना आरंभ कर दिया । सुकरात चुपचाप उस की बात सुनता रहा । थोड़ी देर बाद उसने पृथ्वी का एक नक्शा मंगवाया । वह नक्शा फैला क
 
दिनेश शर्मा
Dec 29 2009 11:54 AM
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भेंट

नेताजी सुभाषचंद्र बोस किसी गोष्ठी में व्याख्यान दे रहे थे, तभी बेशुमार भीड़ में से विरो धी पार्टी के किसी आदमी ने उन पर एक जूता फेंक दिया| नेताजी ने जूते की तरफ संकेत करते हुए कहा, '' जि स सज्जन ने इसे फेंका है, वह कृपया इसके साथ का जूता भी फेंक दें|
 
दिनेश शर्मा
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विद्वता

एक बार स्वामी विवेकानंद काशी में थे । वहां उनकी विद्वता की चर्चा बहुत फैल गई थी । अनेक लोगों ने उनसे अनेक कठिन प्रश्न किए थे । जिन का जवाब उन्होंने ऐसा दिया कि सब ने उनकी विद्वता का लोहा मान लिया था। एक दिन एक व्यक्ति ने उनसे पूछा, '' संत कबीर दास जी
 
दिनेश शर्मा
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श्रेष्ठ

महात्मा गांधी दांडी यात्रा के दौरान एक स्थान पर कुछ देर के लिए रूके। जब वह जाने को हुए तो एक अंग्रेज उनसे मिलने आया । वह गां धी जी का प्रशंसक भी था । उसने गां धी जी को संबोधित करते हुए कहा , '' हैलो , मेरा नाम वाकर है। '' महात्मा गां धी उस समय जल्दी
 
दिनेश शर्मा
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फल

महात्मा बु द्ध किसी उपवन में विश्राम कर रहे थे । तभी बच्चों का एक झुंड आया और पेड़ पर पत्थर मार कर आम गिराने लगा । एक पत्थर बु द्ध के सिर पर लगा और सिर से खून बहने लगा । बु द्ध की आंखों में आंसू आ गए । बच्चों ने भयभीत होकर बु द्ध के चरण पकड़ लिए और क्ष
 
दिनेश शर्मा
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अपराध

मुगल बादशाह बहादुरशाह जफर अंग्रेजों की कैद में अपने जीवन के अंतिम दिन बड़े कष्ट से बिता रहे थे । एक बार एक व्यक्ति उनसे मिलने आया। उसने बादशाह से कहा, ''आप को जो कष्ट दिए जा रहे हैं, आप उसकी शिकायत क्यों नहीं करते ?'' उन्होंने दुःख भरे स्वर में जवाब द
 
दिनेश शर्मा
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संस्कार

रामकृष्ण परमहंस अपने लोटे को प्रतिदिन मांजते थे । यह देख कर उनका एक शिष्य मन ही मन सोचता था कि इस तरह लोटा मांजने का अर्थ क्या हैं? आखिरकार जब उस से नहीं रहा गया तो वह उनसे पूछ बैठा । रामकृष्ण परमहंस ने से जवाब में हंस कर कहा,'' या द रखो कि हमें अपने
 
दिनेश शर्मा
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कर्त्तव्य

भारतीय इंजीनियरों के पितामह डॉक्टर विश्वेश्वरैया हमेशा निष्पक्ष ढंग से कार्य करते थे । एक बार जब वह मैसूर रियासत के दीवान थे तो किसी गांव में उनका कैंप लगा । एक दिन वहां काम करते वक्त उन की उंगलियों में चोट लग गई । गांव के डॉक्टर ने उचित रूप से मरहमप
 
दिनेश शर्मा
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प्रेरणा

दीवाली की शुभकामनाओं के साथ एक प्रस्तुति - हाकी के दिवंगत जादूगर ध्यानचंद ने एक बार हिटलर के सामने अपनी बेहतरीन खेल कला का प्रदर्शन किया तो उसे खुश हो कर हिटलर ने उनके समक्ष प्रस्ताव रखा कि यदि वह जर्मनी की टीम में शामिल हो जाए तो उन्हें कप्तान बना द
 
दिनेश शर्मा
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नींव का पत्थर

२ अक्टूबर) शास्त्री जी के जन्म - दिन पर विशेष प्रस्तुति लालबहादुर शास्त्री बड़े ही हंसमुख स्वभाव के थे , लोग उन के भाषण , निःस्वार्थ सेवा भावना जैसे गुणों से अनायास ही प्रभावित हो जाते थे , लेकिन जब वह लोक सेवा मंडल के सदस्य बने तो बहुत ज्यादा संकोची
 
दिनेश शर्मा
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निश्चय

यह घटना इंडोनेशिया की है । एक स्कूल का छात्र एक दिन अचानक हठ कर बैठा कि आज से मैं स्कूल नहीं जाऊंगा । पिता ने बड़े प्यार से कारण पूछा तो उस ने कहा, ''इस नए स्कूल में लड़के मेरा मजाक उड़ाते हैं।'' पिता ने कहा, ''इस में कौन सी नई बात है, कुछ समय बाद वे तु
 
दिनेश शर्मा
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रक्षक

एक बार स्वामी रामतीर्थ जापान गए । वहां उनका खूब सत्कार हुआ । उन्हें एक स्कूल में निमंत्रित किया गया । स्कूल का दौरा करने के दौरान जाने क्या सोच कर स्वामी रामतीर्थ ने नन्हें विद्यार्थी से पूछा, ''तुम किस धर्म को मानते हो ? ''बौद्ध धर्म को |'' विद्यार्थी
 
दिनेश शर्मा
Sep 20 2009 09:24 PM
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गुलामी की जंजीरें

स्वतंत्रता से पूर्व की बात है, मौलाना अबुल कलाम आजाद ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ''भाईयों, गांधी जी का कहना है कि अंग्रेजी स्कूलों और अंग्रेजों द्वारा दी जाने वाली शिक्षा छोड़ दो, क्योंकि इससे हमारी गुलामी की जंजीरें मजबूत होती है ।'' यह सुन कर एक
 
दिनेश शर्मा
Sep 20 2009 06:35 AM
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राष्ट्रभाषा का सम्मान

कल १४ सितम्बर यानि हिन्दी दिवस है| इस अवसर पर ईश्वर से प्रार्थना कि आपका हिन्दी प्रेम यूं ही फलता-फूलता रहे तथा एक दिन वट वृक्ष बन दुनिया के जंगल में दू.........र से नजर आए | आपको हिन्दी दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं| हिन्दी दिवस पर कल नहीं, आज ही ये विशेष
 
दिनेश शर्मा
Sep 13 2009 08:42 AM
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निडर

एक बार सुभाषचन्द्र बोस एक अंग्रेज मित्र के साथ इंग्लैंड की एक सड़क पर चले जा रहे थे । तभी एक पालिश करने वाले अंग्रेज युवक ने उनके पास आ कर पूछा, ''साहब, पालिश कराइएगा?'' सुभाष बोस ने एक नजर अपने चमचमाते जूतों की ओर डाली, फिर जूते आगे बढ़ा दिए । पालिश करा
 
दिनेश शर्मा
Sep 12 2009 07:19 AM
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वचन

वेब मिलर एक अमरीकी पत्रकार थे । सन् 1931 में गाँधी जी गोलमेज परिषद् में भाग लेने के लिए विलायत गए थे । एक दिन वेब मिलर गाँधी जी से मिलने आए । काफी देर बात-चीत होने के बाद उन्होंने सिगरेट रखने का अपना डिब्बा आगे बढ़ा कर गाँधी जी से कहा, ''इस डब्बे पर आप भी
 
दिनेश शर्मा
Sep 06 2009 07:20 AM
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देश भक्त

फ्रांस की एक नदी में वर्षा के कारण बाढ़ आई हुई थी । शाम के वक्त लगभग 12 वर्ष का एक लड़का नदी के किनारे-किनारे चला जा रहा था । अचानक उसने देखा कि नदी के बांध में एक जगह छेद हो गया है और उसमें से पानी रिस रहा है । ‘इस तरह तो पूरा नगर पानी में डूब जाएगा|'' यह
 
दिनेश शर्मा
Aug 23 2009 06:48 AM
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साहस

नेपोलियन अपनी सेना आल्प्स पर्वत से होकर ले जाना चाहता था और रास्ता खोजने स्वयं पहाड़ की तलहटी में आया था । वहां एक बुढ़िया रहती थी। नेपोलियन उससे रास्ते की जानकारी लेने के बात करने लगा तो वह बोली, '' मूर्ख तेरे जैसे कितने ही इस दुर्गम पहाड़ पर चढ़ने के
 
दिनेश शर्मा
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अहसास

हजरत अली के पास एक नौकर था । एक दिन वह किसी बात पर अपने मालिक से नाराज हो गया और नौकरी छोड़ कर चला गया । कुछ दिनों बाद हजरत अली जब मस्जिद में नमाज पढ़ने गए तो नौकर भी चुपचाप उनके पीछे-पीछे वहां पहुंचा और तलवार निकाल कर उन पर वार कर दिया । हजरत अली को क
 
दिनेश शर्मा
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शिष्टाचार

यह घटना उस समय की है जब ईश्वरचन्द्र विद्यासागर संस्कृत कालेज के आचार्य थे । एक बार उन्हें किसी काम से प्रेसीडेंसी कालिज के अंग्रेज आचार्य कैर से मिलने जाना पड़ा । कैर उस समय जूते पहने मेज पर पांव फैलाए बैठे थे । खड़े होकर स्वागत करने की तो बात दूर रही,
 
दिनेश शर्मा
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प्रतिज्ञा

डाक्टर जाकिर हुसैन उस समय राष्ट्रपति नहीं थे । उनके घर पर एक नौकर था । नौकर कार्य करने में तो कुशल था, पर बहुत आलसी था । वह समय पर नहीं उठता था । घर के सभी सदस्यों ने जाकिर हुसैन से इस बारे में उसकी शिकायत की। जाकिर हुसैन एक दिन सुबह उठे और सोते हुए
 
दिनेश शर्मा
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विचारशील

गहरी नींद में सोते हुए नेपोलियन को उसके सेनापति ने मध्य रात्रि में जगाया और दक्षिणी मोर्चे पर शत्रुओं द्वारा अचानक हमला किए जाने की खबर दी। नेपोलियन आंखें मलते हुए उठा और दीवार पर टंगे 34 नंबर के नक्शे को उतारते हुए बोला , '' इसमें बताए हुए तरीके के
 
दिनेश शर्मा