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निशांतम

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ब्लॉगवाणी पर यह ब्लॉग
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14 Apr 2010
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विदेशों में होने वाली बकवास रिसर्च के चंद नमूने

अख़बार के एक पन्ने पर आमतौर पर रोज़ अमेरिका या यूरोप के किसी देश में हुई किसी रिसर्च या स्टडी के बारे में सूचना दी होती है. कुछ रिसर्च वाकई नयापन लिए होती हैं लेकिन ज्यादातर टोटल बकवास! बहुत सी ऐसे निष्कर्ष पर पहुँचती हैं जो या तो सबको पहले से ही पता
 
निशांत
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हैडली मिल भी जाता तो क्या कर लेते?

अमेरिकी जांच एजेंसियों ने आतंकवादी घटनाओं में लिप्त पाकिस्तानी-अमेरिकी नागरिक डेविड हैडली को पकड़ लिया, उसपर अभियोग चलाया, मामले की जांच की, और प्ली बारगेनिंग का लाभ देते हुए उससे सारे अपराध कबूल करवा लिए. हैडली से प्राप्त जानकारी का लाभ अमेरिकी एजेंसियां
 
निशांत
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फेक एंटी-वायरस, मैलवेयर और स्पाइवेयर से सावधान रहें!

एक महीने के भीतर ही मेरा कम्प्युटर दो बार भीषण मैलवेयर और स्पाइवेयर की चपेट में आ चुका है. AVG और अवास्ट जैसे अच्छे फ्री एंटीवायरस भी इनसे निपटने में नाकाम रहे. मैं चूंकि कम्प्यूटर का अबोव-एवरेज यूज़र हूँ इसलिए मैंने बड़ी मशक्कत करके अपने कम्प्यूटर को
 
निशांत
टैग: तकनीक
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इसे ज़रूर पढ़ें

ब्लौगर मित्रों, कुछ दिनों से देख रहा हूँ कि हिंदी ब्लौगजगत में किसी-न-किसी विषय-वस्तु को लेकर खींचातानी और वैमनस्य का माहौल बन रहा है. ऐसे माहौल में मेरा मन कर रहा है कि आपको एक प्यारी सी बच्ची की चुटीली सी एक कहानी (छोटा सा प्रसंग) सुनाया जाये. यह सभी
 
निशांत
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बीस रूपये में असली मोती!

बीस-बीस रुपये में असली बड़े-बड़े मोती खरीदेंगे आप? यह तो वह भाव है जो मोती बेचनेवाले आपको बता रहे हैं. आप ज्यादा लेंगे तो शायद आपको कुछ कम में भी मिल जाएँ. लेकिन बीस रूपये में असली बड़े-बड़े मोती कैसे मिल सकते हैं? मोतियों के नकली होने का सवाल ही पैदा
 
निशांत
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"फिजिक्स ऑफ़ द इम्पोसिबल" – क्या यह सब संभव होगा?

उन्मुक्त जी अपने ब्लौग में अत्यंत विविधतापूर्ण लेख लिखते हैं और कभी-कभार अपनी प्रिय पुस्तकों का परिचय भी देते हैं. अपनी इस पोस्ट में उन्होंने मुझसे अनुरोध किया कि मैं इन दिनों पढ़ी जा रही किताब "फिजिक्स ऑफ़ द इम्पोसिबल" के बारे में लिखूं. इस
 
निशांत
Feb 23 2010 10:50 PM
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गढ़मुक्तेश्वर की यात्रा

बहुत पहले मैंने आउटलुक समूह द्वारा प्रकाशित पुस्तक "वीकेंड ब्रेक्स फ्रॉम देल्ही" में गढ़मुक्तेश्वर या गढ़गंगा के बारे में पढ़ा था. तभी से मैं वहां जाना चाहता था. गढ़मुक्तेश्वर उत्तरप्रदेश के गाज़ियाबाद जिले में दिल्ली से लगभग 100 किमी की दूरी पर
 
निशांत
Feb 18 2010 07:38 PM
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सॉफ्ट ड्रिंक्स आपकी सेहत के लिए बहुत खराब हैं!

पिछले साल गर्मियों में दफ्तर से बाहर आकर अक्सर ठन्डे शीतल पेय या सॉफ्ट ड्रिंक्स पी लेता था. हांलाकि मैं अपनी सेहत को लेकर सावधान रहता हूँ और यह दावा भी करता हूँ कि मैं आत्मनियंत्रण कर सकता हूँ लेकिन दफ्तर के बाहर और घर में भी कई बार सॉफ्ट ड्रिंक्स पीने
 
निशांत
टैग: सेहत
Feb 18 2010 07:36 PM
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हाल का सबसे खतरनाक अविष्कार

अभी एक वेबसाइट पर मुझे एक बहुत खतरनाक आविष्कार के बारे में पढ़ने को मिला है जिसे अनूदित करके मैं आपके लिए प्रस्तुत कर रहा हूँ:- जर्मनी ने सायनाइड युक्त एक RFID चिप के पेटेंट का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। यह चिप सऊदी अरब में बनाया गया है। जर्मन पत्र The
 
निशांत
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जिसके मन को भाया, वो कुत्ता मार के खाया!

पहले कहीं पढ़ा था कि साउथ कोरिया में कुत्तो को बड़े चाव से खाया जाता है . भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में भी कहीं - कहीं कुत्तों को रीतिपूर्वक घेरकर मारने और फिर पकाकर खाए जाने का रिवाज है . आज इन्टरनेट पर यह पढ़ा कि साउथ कोरिया में प्रतिवर्ष बीस लाख
 
निशांत
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DDLJ की खूबसूरत कहानी और उसका रिव्यू

चौदह साल हो गए यह फिल्म देखे हुए. उन दिनों ग्रेजुएशन में था. फिल्म का खूब हल्ला हुआ तो सपरिवार एक बार देख आये. दूसरी बार देखना तब हुआ जब अपने एक दोस्त की जानपहचान के कारण भोपाल के ज्योति सिनेमा में फोकट में एंट्री मिल गयी. अब इतने साल बाद सबको इसपर प
 
निशांत
टैग: फ़िल्म
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निशांतम

अभी stumbleupon.com पर एक रोचक पेज देखा है. आप इसे देखें और बताएं आप क्या सोचते हैं. पेज पर जाने के लिए यहाँ क्लिक करें.
 
निशांत
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कुश की टिप्पणी को लेकर बेकार की बहस

इतने बड़े और समझदार ब्लॉगर बंधु हैं यहां पर लेकिन किसी-किसी में भाषाशैली की समझ कुछ कम है. पहले इस ब्लॉग पर कुश द्वारा दी गई टिप्पणी ध्यान से पढ़ें:- "आगे, यदि हिंदी ब्लॉगजगत में सिर्फ हिंदी ही लिखी जानी चाहिए तो उन ब्लोग्स को तुंरत डिलीट किया जाते ज
 
निशांत
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2012 में दुनिया ख़त्म!?

वैसे, दुनिया को बने कितने साल हो गए हैं? बिग बैंग और कॉस्मिक रेडिएशन को प्रमाण मानें तो हमारा कॉसमॉस लगभग 13 .7 अरब साल पहले अस्तित्व में आया. सूर्य और सौरमंडल की उत्पत्ति लगभग ५०० करोड़ साल पहले हुई और एक अनुमान के मुताबिक सूर्य को अभी नष्ट होने में
 
निशांत
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करा दी न ब्लौगवाणी की भी फजीहत! अब ब्लौगवाणी का पेज खोलकर देख लो!

इससे ज्यादा और क्या लिखूं! ब्लौगवाणी.कॉम का पेज खोलकर देखिये! और इस पोस्ट की पसंद पर चटका ज़रूर मारीयेगा! यहाँ से नहीं तो कहीं और से मारिये! किसी को फोन करके मारने के लिए कहें! ई-मेल करें! कुछ भी करें लेकिन पसंद ज़रूर बढ़नी चाहिए! पसंद नहीं बढ़ी तो रो
 
निशांत
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क्या करें जब कोई आपका नाम लेकर प्रतिकूल पोस्ट कर दे

आजकल ऐसा हो रहा है. बहुत हो रहा है. मेरे जैसे लोग इक्का-दुक्का बार उत्सुकतावश देखने चले जाते हैं कि माज़रा क्या है, कमेन्ट भी कर देते हैं, लेकिन बड़ी कोफ्त होती है जब यह एक श्रृंखला का रूप ले लेता है और लांछन लगाये जाने लगते हैं. किसी ने आपका नाम लेकर
 
निशांत
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संगीत के इतिहास की सबसे अवसादजनक धुन

संगीत की कुछ समझ रखने वाले पाठक इस बात को बेहतर जानते हैं कि संगीत अंतःकरण को दिव्यता और आनंद से ओतप्रोत करता है, ह्रदय के तारों को झंकृत करता है तो कभी-कभी अपार विषाद भी उपजता है. संगीत के इतिहास में घोर विषाद को जन्म देनेवाली ऐसी ही एक धुन है ग्लूमी
 
निशांत
टैग: संगीत
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कुश-बबली-खुशदीप-अनूप-रचना प्रकरण से उठते सवाल

दो दिनों से देख रहा हूं कि बबलीजी द्वारा की गई पोस्ट पर कुशजी की करामाती पोस्ट के बाद अनूपजी का दृष्टिकोण और खुशदीपजी के बबलीजी के बचाव के बाद अनूपजी की पोस्ट में कही गई बातों को लेकर रचनाजी का उसपर आपत्ति जाहिर करना सभी ब्लॉगरों के बीच उत्सुकता और
 
निशांत
Sep 20 2009 01:48 PM
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क्या 'ब्राह्मण' और 'पंडित' जातिसूचक शब्द नहीं हैं?

कृपया कोई बुरा न माने. जाति संबंधित विषयों पर लिखना जोखिम भरा होता है.पोस्ट को लिखना का सबब है एक समाचार कि कमीने फिल्म में गुलज़ार के लिखे लोकप्रिय गीत में 'तेली का तेल' अंश को विरोध प्रदर्शन के बाद 'दिल्ली का तेल' कर दिया गया है.इससे पहले एक फिल्म के
 
निशांत
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डमरू वाले बाबा चले ब्याह रचाने - बहुत मजेदार वीडियो

बहुत दिनों से मैं इस वीडियो की तलाश में था. लगभग बीस साल पहले टीवी पर चित्रहार में यह गाना देखा था. बेहद मनोरंजक और दर्शनीय. आप भी देखिये. फिल्म का नाम पता चले तो बताइयेगा.
 
निशांत
Sep 06 2009 08:50 PM
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नई पीढ़ी से कोई उम्मीद करना बेमानी है

ब्लौग जगत में कोई किसी मुद्दे पर अपनी राय रख दे तो उसपर जजमेंटल होने का लेबल लगा दिया जाता है. तो फिर क्या करें? जो कुछ भी सामने देखें, पढें, सुनें उसे निगल जाएँ और पचा लें? तो फिर ब्लॉगिंग क्यों करें? खैर.बहुत लम्बे समय से मैं यह देख रहा हूँ की समाज में
 
निशांत
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देखिये, पाकिस्तानी अपने बच्चों को कैसी घुट्टी पिलाते हैं!

आज मयखाना ब्लौग पर १९५०-६० में बनी पाकिस्तानी फिल्म 'बेदारी' के एक गाने को देखकर मुझे उसी फिल्म का यह गीत याद आ गया जो सरासर हमारी पुरानी महान फिल्म 'जाग्रति' की भोंडी नक़ल है. इसमें बच्चों को उनका मास्टर पाकिस्तान को संभालने के लिए कह रहा है. वह उन्हें
 
निशांत
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एक-दो बातें कहना चाहता हूँ सभी ब्लौगर बंधुओं से

एक-दो बातें कहना चाहता हूँ सभी ब्लौगर बंधुओं से:१ - कई ब्लौगों में लगाया गया जियो टूलबार बड़ा तंग करता है. यह ध्यान भटकाता है, खिझाता है, और इसके चलते ही मेरे कम्प्यूटर का पंखा भाँय-भाँय करने लगता है, मतलब ओवरहीट होने लगता है. मुझे लगता है इससे कोई ख़ास
 
निशांत
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NDTV इंडिया को क्या हो गया है?

पिछले कुछ दिनों से देख रहा हूँ कि संजीदा चैनलों में माने जाने वाले NDTV इंडिया चैनल को भी TRP की हवा लग गई है. दो दिनों से तो इसमें राखी का स्वयंबर ही छाया हुआ है. माना कि यह स्वयंबर NDTV का सहयोगी चैनल इमैजिन प्रस्तुत कर रहा है लेकिन इसका मतलब यह तो
 
निशांत
टैग: चैनल
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कल नागपंचमी थी

और क्या कहें! पोस्ट लिखने का कोई जुगाड़ बनता नहीं! सब तरफ घूम आये हॉट टोपिक्स की तलाश में। गूगल ट्रेंड भी छाँट मारा. कविता हमारे बस की नहीं. पहेली पूछते हैं तो शुभचिंतकों को लगता है कि हम अपना स्तर गिरा रहे हैं. सच का सामना देखा नहीं. महिलाओं का सरेआम
 
निशांत
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यहां के हालात बदतर क्यों हैं?

मैं एक केन्द्रीय पुलिस संगठन में काम करता हूँ जिसका कार्यालय सीजीओ काम्प्लेक्स, नई दिल्ली में है. मेरे दफ्तर में बहुत से लोग दिल्ली के बाहरी क्षेत्रों से आते हैं. कोई सोनीपत, कोई बागपत, और बहुत से लोग तो नोयडा और गुडगाँव से आते ही हैं. शाम को छः बजे
 
निशांत
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अपने ब्लौग के लिए खूबसूरत हैडर चुनें

बहुत दिनों से सोच रहा था कि अपने ब्लौग हिन्दी ज़ेन के रूप - रंग में कुछ परिवर्तन करूँ । दो महीने से एक ही टेम्पलेट में रोज़ कई बार देखकर बोर हो रहा था । वैसे ब्लौग का टेम्पलेट बदलना कोई अनिवार्यता नहीं है , बहुत सारे प्रसिद्द ब्लौग 2-3 सालों से एक ही
 
निशांत
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माइकल जैकसन बुरा आदमी नहीं था

माइकल जैकसन बुरा आदमी नहीं था. अपने जीवित रहते उसने तमाम तरह के सच्चे-झूठे आरोप झेले, शिखर से उतार का सामना किया, असफल विवाह से भी उबरा, और अब मरने के बाद भी यह सभी बातें हमेशा उसके साथ जुडी रहेंगी. उसके नाम के साथ यौन शोषण, ड्रग्स, और अमर्यादित व्यव
 
निशांत
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गूगल इंडिक ट्रांस्लिटरेशन टूल इतना अटपटा क्यों है?

चूँकि मुझे हिंदी या अंग्रेजी टाइपिंग नहीं आती इसलिए गूगल इंडिक ट्रांस्लिटरेशन मेरे लिए वरदान की तरह है . अब तो मैं कुछ - कुछ इनस्क्रिप्ट यूनिकोड पर टाइपिंग करना सीख गया हूँ लेकिन अभी भी मैं गूगल इंडिक ट्रांस्लिटरेशन टूल का ही अधिक प्रयोग करता हूँ क्य
 
निशांत
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हर भारतीय को यह मालूम होना चाहिए!

हर भारतीय को यह मालूम होना चाहिए! हर भारतीय यह जानता है कि भारत वाकई विश्व का सबसे अच्छा देश है लेकिन वर्तमान अराजकता, भ्रष्टाचार, और कुरीतियाँ उसे पश्चिम के इस विचार को सत्य मानने को प्रेरित करती हैं कि भारत बदतर देश है और इसका कुछ नहीं हो सकता. नीच
 
निशांत
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जॉर्ज बुश का बेहतरीन फ़नी वीडियो

कल ही मैंने NDTV पर जॉर्ज बुश का यह फ़नी वीडियो देखा और इसे देखने में बहुत मज़ा आया. जिसने भी इसे बनाया है वह तारीफ के काबिल है. जॉर्ज बुश तो वैसे भी इतिहास के ऐसे अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में जाने जायेंगे जिसका सभी ने भरपूर मजाक उड़ाया और इस काम में
 
निशांत
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नाम में बहुत कुछ रखा है जी!

अभी हाल ही विवेक के ब्लौग पर इस पोस्ट को पढ़कर मुझे याद आ गया कि मेरे दो छोटे बच्चों के नामों को लेकर भी कितना सोच - विचार हुआ और मुझे और मेरी पत्नीजी को न जाने कितने ही लोगों की राय को झेलना पड़ा . सभी चाहते हैं कि उनके बच्चों का नाम यूनीक हो. अब ज़म
 
निशांत
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इस चिठ्ठे की ज़रुरत क्यों पड़ी?

नमस्कार ब्लौगर मित्रों. मुझे ब्लौग जगत में आये हुए लगभग एक साल होनेवाला है. इस बीच मैंने कई सारे ब्लौग बनाये और उनमें से ज्यादातर को डिलीट कर दिया या वे अब मुझे याद भी नहीं हैं. वर्डप्रेस पर मेरा हिंदीज़ेन ब्लौग बहुत पसंद किया जा रहा है जिसमें मैं बोध
 
निशांत