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24 Apr 2010
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मकबूल फ़िदा हुसैन की पेंटिंग

लेख का अंश - भारत के आजादी के समय एक विचित्र मानसिकता वाले हिन्दू लेखक ने पैगम्बर मोहम्मद (सल्ल.) द्वारा १४ शादी किये जाने के कारण उसे 'रंगीला रसूल ' कहा था. इक कारण महात्मा गाँधी  के पास
 
raushankumar
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Bharat

स्वामी विवेकानंद जी के शब्द - " एक व्यक्ति कितना अधिक से अधिक धन सम्पति रख सकता है यह पश्चिम ने हमें बताया है. एक व्यक्ति कितना कम से कम धन में सुखपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकते है. यह बात भारतीयों ने विश्व को बताया है. वन्ही दुसरे स्थान पर विवेकानंद जी कहते
 
raushankumar
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मायावती का मूर्ति प्रेम

जोर्ज पंचम ने इंडिया गेट के सामने आपनी मूर्ति बैठाई थी। उन्होंने कोई मूर्ति अनावरण कोष नही बनवाया था इसलिए उनकी मूर्ति की नाक कट गई। उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती इस मामले में जोर्ज पंचम से आगे निकली। यदि मायावती के समक्ष यह प्रस्ताव रखा जाय की
 
raushankumar
Dec 29 2009 11:59 AM
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पाकिस्तान आतंकवादी का बाप है अथवा नही.

प्रारम्भ करते है गुरु से। गुरु सिर्फ़ गुरु हो सकता है बाप नही। लेकिन बाप, गुरु और बाप दोनों हो सकता है। बेटा गुरु हो सकता है बाप नही। हाल ही में पाकिस्तान के रास्ट्रपति आशिफ अली जरदारी ने कहा - "आतंकवादी को पाकिस्तान ने जन्म दिया।" पाकिस्तान ने आतंकव
 
raushankumar
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दाल की खिचड़ी, बिना दाल की खिचड़ी

मंहगाई ने लोगो की थालियाँ से व्यंजन गायब कर दिए है. दाल तो किसी प्राचीन व्यंजन की तरह आदर्स्निया हो चुकी है. भले ही मंहगाई ने गरीबो के थाली से विविन्न व्यंजन छीन लिए लेकिन खिचड़ी ही ऐसा व्यंजन बची है जो मंहगाई को पटखनी दे रखी है. यह बात अलग है की बिना
 
raushankumar
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जमीनी लोगो की दौड़

जल, जंगल, जमीं से जुड़े जमीनी लोगो के समक्ष अपनी जमीनी क्षेत्र का विकास करने का कोई भी दबाव नहीं होता है. जमीनी लोग कभी भी यह नहीं चाहते है की उनके जमीनी क्षेत्र का विकास हो. यदि उनके जमीनी क्षेत्र का विकास होता है जमीनी व्यक्ति को अपनी ही जमीं पहचान
 
raushankumar
Nov 09 2009 10:50 AM
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ढोने की मज़बूरी

ढोने की मज़बूरी होती है तभी तो लोग ढोते है. जैसे की मध्य प्रदेश की गरीब, दलित  जनता आज भी अमीर लोगो के मल ढोने को मजबूर है. पिछले दिनों यह समाचार झारखण्ड (रांची) के एक अखबार में छपी. एक पाठक ने टिप्पणी की 'ठीके कहे हम भी इ सरकार को ढोने को मजबूर
 
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पुरस्कार का वितरण

संदर्भ : नोबेल शांति पुरस्कार महात्मा गाँधी को  क्यों नहीं मिला? , बराक ओबामा को क्यों मिला ? पुरस्कार कौन प्राप्त करेगा? कौन प्राप्त नहीं करेगा ? इस बात को जानने के लिए लोगो की कद, गुण , हैसियत जानना बहुत जरुर
 
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माओवाद का फैलाव

माओवाद का फैलाव कुछ विशेष परिस्थितियों में ही होती है. एसी बात बिलकुल नहीं है की किसी भी परिस्थिति में माओवाद का फैलाव हो जायेगा. यदि एसा होता तो पूरा विश्व पर माओवाद का प्रभाव होता. लोग माओवाद से डरे सहमे रहते, जैसा की वर्तमान में झारखण्ड , बिहार, व
 
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इतिहास बोध और शोध

संदर्भ : जसवंत सिंह की पुस्तकइतिहास के बारे में जो हमें ग़लत जानकारी है। तो इतिहास शोध होना आवश्यक है ताकि हमें सही जानकारी मिले, इतिहास का सही बोध हो सके । चर्चिल के अनुसार " जितना संभव हो सके इतिहास को झांको" इतिहास बोध इक प्रकार से आन्तरिक ऊर्जा का
 
raushankumar
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झारखण्ड नाम का कोई राज्य है ?

मैं जानता हूँ ही झारखण्ड के बारे में जानने की आपकी कोई इच्छा नही होगी। इसलिए तो शीर्षक मैंने एसा शीर्षक दिया है। १५ नवम्बर को झारखण्ड नो वर्ष का हो जायगा। भारत में जितने राज्य है उस सभी राज्य में मुख्यमंत्री है। लेकिन झारखण्ड में सबकुछ उल्टा पुल्टा है.इस
 
raushankumar
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चीन के कितने टुकरे हो सकते है (हाउ मानी पार्ट्स कैन बे दिविदेद ऑफ़ चाइना)

चीन नाम का कोई रास्ट्र या देश है । इस बात पर हमेशा से ही मुझे शंका रही है। जब से मैंने यह जाना है की चीन में माओवाद, कम्युनिस्ट का हिंसक समाजवाद का शासन है । तब से मैं चीन को एक स्वतंत्र रास्ट्र या देश नही मान रहा हूँ। वास्तव में तो चीन के लोग स्वतंत्र
 
raushankumar
Sep 15 2009 04:27 PM
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अब कहाँ जायेंगे अचुत्यानंदन ?

अचुत्यानंदन कहाँ जायेंगे यह चर्चा का विषय बना हुआ है। वह कहाँ जायेंगे, कहाँ नही जायेंगे इसकी जानकारी किसी को नही है। स्वं उनको भी नही मालूम है वह कहाँ जाना चाहते है। मुंबई हमले में शहीद संदीप उनिकृष्णन के घर जाने की उनकी इच्छा नही थी। लेकिन चले गए। अब
 
raushankumar
Jul 23 2009 06:47 PM
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कैसे पड़ा भारत का नाम इंडिया

प्राचीन काल में भारतीय यूनानी को यवन कहते थे। जबकि यूनानी स्वं को यूनानी कहते थे। जैसा की भारत सिन्धु घाटी सभ्यता से जुड़ा हुआ है. यही कारन है की, प्राचीन काल में भारत को सिंधिया कहा जाता था. इस्लाम के उदय के पहले पारसी धर्म के लोगो में स सब्द का उच्च
 
raushankumar
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Bharat

Hello, Mai nya bloger hu. bahut kari mehnat se maine yah blog bana paya hu. kaunki mujhe internet ke bare me jankari nahi thi. aap mere blog me bharat ke bare me, comedy, alochana yadi padh sakte hai.
 
raushankumar
Jun 03 2009 10:32 PM