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बाल-संसार

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17 Jun 2010
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पहेलियाँ-8

1. कहलाता तो हूँ मैं चूल्हा,पर अजब है मेरा रूप।तेल, गैस न लकड़ी माँगूँ,मुझे तो चाहिए धूप।2. अंत कटे तो चाव बनूं,मध्य कटे तो चाल।तीन अक्षर का अन्न हूँ,खाओ मुझे उबाल।3. चलती खूब है कच्चे राह पर,लकड़ी की वह गाड़ी।चार पाँव का इंजन उसका,चलता सदा अगाड़ी।4.
 
किरण गुप्ता
Jun 13 2010 05:31 AM
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छुट्टियां हुईं स्कूल में

श्याम सुन्दर अग्रवालछुट्टियां हुईं स्कूल में, लग गई अपनी मौज । शर्बत पीते, कुलफी खाते, मिलते नए-नए भोज ।होमवर्क की रही न चिंता, खेलेंगे सब खेल ।सैर-सपाटे को निकलेंगे,चढ़कर लम्बी रेल ।घूमेंगे मम्मी-पापा संग,ऊटी और बैंगलूर । राजा का महल देखेंगे, जब जाएंगे
 
किरण गुप्ता
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Jun 02 2010 07:52 PM
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ए फार एप्पल

हमारे स्कूलों में लगभग सभी बच्चे अपनी अंग्रेजी भाषा की शिक्षा ‘ए फार एप्पल’ से ही शुरु करते हैं। वैसे भी हम भारतीयों को आम के बाद जो फल अधिक भाता है, वह सेब ही है। कश्मीर और हिमाचल प्रदेश अपने लाल-रसीले सेबों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। लेकिन
 
किरण गुप्ता
May 26 2010 08:17 PM
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किसान की बेटी

बहुत समय पहले की बात है। एक गाँव में एक किसान रहता था। उस किसान की एक जवान बेटी थी। उसकी नाम था– रूपा। रूपा बहुत ही सुंदर लड़की थी। वह मेहनती भी बहुत थी। वह खेत में अपने पिता के साथ काम करती और घर में माँ के साथ। उसके लिए आराम हराम था। वह सारा दिन किसी न
 
किरण गुप्ता
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पक्षियों की अजब-गजब बातें

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किरण गुप्ता
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गरमी के गीत

गिरीश पंकज(१)गरमी जी ओ गरमी जी,क्यों इतनी बेशरमी जी।पी लो थोड़ा ठंडा पानी,ले आओ कुछ नरमी जी।गरमी जी ओ गरमी जी...(२)गरमी आयी, गरमी आयीगोलू जी को मस्ती छाई।छुट्टी है अब धमाचौकड़ी,मम्मी जी की आफत आयी।गरमी आयी,.गरमी आयी...(३)सूरज दादा गुस्से में है.अभी न घर
 
किरण गुप्ता
May 06 2010 12:20 PM
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कोयल बड़ी चालाक

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किरण गुप्ता
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क्या है लाफिंग गैस?

बच्चो, अश्रु-गैस (टीअर गैस) के बारे में तो आपने सुना ही होगा। पुलिस इसका प्रयोग अकसर प्रदर्शनकारियों कीभीड़ को तितर-बितर करने के लिए करती है। यह गैस लोगों की आँखों पर तेजी से प्रभाव डालती है तथा उनमें सेआँसू बहने लगते हैं। इसलिए ही इसे अश्रु-गैस कहते
 
किरण गुप्ता
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पहेलियाँ-7

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किरण गुप्ता
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अजब-गजब-4

• सिर से बड़े दांत– वाइपर फिश नाम की मछली के दांत इसके मुँह से बहुत परे तक उभरे हुए होते हैं। ये आकार में एक फुट तक लंबे हो सकते हैं। किसी जानवर में अपने सिर के समानुपात में ये सबसे बड़े दांत हैं। इस मछली में एक और विशेषता भी होती है। इसके शरीर पर 350
 
किरण गुप्ता
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मुन्नी की गुड़िया

रतन चन्द रत्नेश मेले से लेकर आयी मुन्नी एक गुड़िया। रात होते ही जो बन जाती थी बुढ़िया। हमने पूछा मुन्नी से बुढ़िया कैसे बनती गुड़िया। कहने लगी खिलाती इसको मैं जादू की पुड़िया। ******
 
किरण गुप्ता
Mar 07 2010 06:54 AM
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पांच होली गीत

गिरीश पंकज (1)कितनी प्यारी होली है।मीठी -मीठी बोली है।तरह-तरह के रंग मिले,भर गई अपनी झोली है।। (2)कोई मेरे पास तो आओ।अरे मुझे भी रंग लगाओ।छोटा बच्चा समझ लिया है?मुझको ऐसे मत बहलाओ।।(3)डैडी इक पिचकारी लाओ,मम्मी जी पर डालो रंग।ये करना है, वो करना है,कर
 
किरण गुप्ता
Feb 28 2010 08:07 AM
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रामेश्वर काम्बोज हिमांशु के दो शिशु-गीत

मालीसींच-सींचकर हर पौधे कोहरा-भरा करता है माली।रंग-बिरंगे फूलों से नितबगिया को भरता है माली।हर पौधे से और पेड़ सेबगिया में होती हरियाली। *****तोतासीटी सुनकर नाच दिखाएकुतर-कुतर कर फल खा जाए।टें-टें करके गाता तोतादेख शिकारी झट उड़ जाए। *****
 
किरण गुप्ता
Feb 24 2010 07:08 AM
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अजब-गजब–3

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किरण गुप्ता
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चूहे हुए सयाने

भूख लगी बिल्ली मौसी कोतो वह पूरे गाँव में डोली।चूहा पास में एक न आयाचाहे कितना भी मीठा बोली।सभी कोशिशें हुईं फेल तोनया दाव अपनाया।चूहों को धोखा देने खातिरअपने को खूब छिपाया। *****
 
किरण गुप्ता
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क्या है बाँस?

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किरण गुप्ता
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साहस

फ्रांस का प्रसिद्ध योद्धा हुआ नेपोलियन। उसने रूस पर आक्रमण करना था। राह में ऐल्पस की दुर्गम पहाड़ियां थीं।ऐल्पस की पहाड़ियों को पार करना बहुत ही कठिन कार्य था। सेनापति ने नेपोलियन से कहा, “ सामने ऐल्पस की पहाड़ियां हैं, उन्हें कैसे पार करेंगे?”नेपोलियन
 
किरण गुप्ता
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सेनापति का घोड़ा

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किरण गुप्ता
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तेज चलती हवा में ठंड क्यों लगती है?

बच्चो, सर्दी का मौसम चल रहा है। सर्दियों में जिस दिन हवा न चल रही हो, आपने राहत महसूस की होगी। हवा न चल रही हो तो कम तापमान पर भी हमारा शरीर अधिक परेशानी नहीं मानता। अगर तेज हवा चल रही हो तो वही ठंड असहनीय लगती है। ऐसा क्यों होता है?बच्चो, थर्मामीटर का
 
किरण गुप्ता
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गिलहरी का दोस्त जिराफ

नन्हीं गिलहरी को मिला, बहुत अच्छा दोस्त जिराफ। लंबी गरदन झुका के अपनी, उसे जीभ से करता साफ। पाकर ऐसे दोस्त को, गिलहरी फूली नहीं समाए। तभी तो बीच सड़क पर, ठुमक-ठुमक चली जाए। *****
 
किरण गुप्ता
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घूमता लट्टू गिरता क्यों नहीं?

बच्चो, आपने घूमने वाला लट्टू अवश्य देखा होगा। उसे जमीन पर घुमाया या नचाया भी होगा। लट्टू को नाचते हुए देखना सभी को बहुत अच्छा लगता है। एक बार छोड़ने पर लट्टू काफी देर तक घूमता रहता है। गति बहुत कम हो जाने पर ही वह गिरता है। तेज गति से घूमते लट्टू को
 
किरण गुप्ता
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अजब-गजब-2

आग का खेल - एल सल्वाडोर के नगर नेजपा में प्रत्येक वर्ष 31 अगस्त को ‘आग की गेंदों’ का वार्षिक उत्सव मनाया जाता है। इसमें स्थानीय लोग कपड़े से बनी और जलनशील पदार्थ में भीगी सुलगती गेंदें सीधी एक-दूसरे पर फेंकते हैं। वर्ष 1922 में इसी दिन एक ज्वालामुखी
 
किरण गुप्ता
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पहेलियाँ-6

गर्मी सहती वर्षा सहती , देती हूँ सबको आराम। सर्दी में मैं काम न आती , बतलाओ तो मेरा नाम। 2. हरी - हरी छोटी - सी मछली , पेट में हरे ही अंडे। मछली को खाता न कोई , सब खाते उसके अंडे। 3. नीड़ नहीं वह कभी बनाती , बागों की रानी कहलाती। काला रंग है उसका भैय
 
किरण गुप्ता
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पहेलियाँ-5

पैदा होऊँ तो हरी-हरी मैं, बड़ी होऊँ तो लाल। पेट में रखती मोती-माला, देखो मेरा कमाल। 2. दोनों का रंग-रूप एक-सा, दोनों एक सरीखे। खड़े तो होते साथ-साथ, पर चलते आगे-पीछे। 3. सीना ताने खड़ा रहूँ मैं, आए आँधी या तूफान। जीवों की मैं रक्षा करता, फल-फूल करता
 
किरण गुप्ता
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अजब-गजब

बच्चो, आगरा के ताजमहल और जयपुर के हवामहल के बारे में तो आपने अवश्य सुना होगा। आप में से बहुतों नेइन्हें देखा भी होगा। दोनों में एक समानता है। इन दोनों महलों में कभी किसी राजा या बादशाह का निवास नहीं रहा। • ताजमहल में तो दो कब्रें हैं, इसलिए वह तो मकब
 
किरण गुप्ता
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पुकार

सुबह -सवेरे उठना पड़ता, फिर रहती है भागमभाग। थके हुए स्कूल से लौटें, तब चले ‘होमवर्क’ का राग। जितना दिन भर पढ़ें स्कूल में, उससे ज्यादा होमवर्क। बच्चे कितने दुखी हैं होते, इससे टीचर को नहीं फर्क। बच्चे हैं हम, थक जाते हैं, उठा के भारी बस्ता। टीचर जी
 
किरण गुप्ता
Oct 02 2009 06:22 PM
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चमगादड़ उलटे क्यों लटकते हैं?

बच्चो, आपने बाग में से गुजरते हुए वृक्षों पर चमगादड़ों को लटकते हुए देखा होगा। कई बार तो ये एक ही वृक्ष पर बहुत बड़ी संख्या में लटक रहे होते हैं। तब तो ऐसा लगता है मानो वृक्ष पर काले रंग के फल लटक रहे हों। चमगादड़ कई और जगह भी लटके हुए दिखाई दे जाते
 
किरण गुप्ता
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कहानी/ महँगी पड़ी चालाकी

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किरण गुप्ता
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Sep 26 2009 06:50 AM
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पहेलियाँ-4 के उत्तरः

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किरण गुप्ता
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पहेलियाँ-4

1. बीच बाजार में सामने सबके, थैला ले के आया चोर। बंद दुकान का ताला खोला, सारा माल ले गया बटोर।2. गोरा-चिट्टा खूब हूँ, पर पहनूं नहीं पाजामा। मां का तो भाई नहीं, फिर भी बच्चों का मामा।3. मुझ से बड़ी पेट में उंगली, सिर पर रखा पत्थर। गोल-गोल रूप है मेरा,
 
किरण गुप्ता
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मेरी प्यारी दादी-माँ

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किरण गुप्ता
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हाथी के दाँत

बच्चो, शायद हाथी ही एक मात्र ऐसा जानवर है जिसके पास दाँतों के दो सैट होते हैं। एक सैट मुँह के अंदर, एक सैट बाहर। हाथी अपने इन दाँतों से करते क्या हैं? जो पत्ते व ईख वगैरा हाथी भोजन के रूप में खाते हैं, उसे अपने मुँह के भीतर वाले दाँतों से चबाते हैं। मुख
 
किरण गुप्ता
Sep 05 2009 07:58 AM
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बिल्ली दिखलाए करतब

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किरण गुप्ता
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Aug 31 2009 12:24 PM
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पढ़ना है जी पढ़ना है

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किरण गुप्ता
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Aug 31 2009 06:21 AM
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कहानी ऐनक की

बच्चों को ऐनक बहुत पसंद है। धूप में रंगीन शीशों वाली ऐनक लगाना तो सभी को बहुत भाता है। आओ आज हम जानें कि हमारी यह प्यारी ऐनक बनी कैसे?शुरू में ऐनक का प्रयोग कमजोर नज़र वाले लोग नज़र बढाने के लिए ही करते थे। इस काम के लिए लैंस की आवश्यकता होती है। इसलिए
 
किरण गुप्ता
Aug 27 2009 07:02 AM
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पहेलियाँ–3

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किरण गुप्ता
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शिक्षकों के लिए ई-मंच - टीचर्स आफ इंडिया

शिक्षकों के लिए ई-मंच - टीचर्स आफ इंडियायह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि शिक्षक हमारी शिक्षा व्‍यवस्‍था के हृदय हैं। शिक्षा को अगर बेहतर बनाना है तो शिक्षण विधियों के साथ-साथ शिक्षकों को भी इस हेतु पेशेवर रूप से सक्षम तथा बौद्धिक रूप से सम्‍पन्‍न बनाए
 
किरण गुप्ता
Aug 21 2009 01:19 PM
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राजा दुम दबाकर भागा

रोक कार को बोला शेर,खोलो खिड़की करो न देर।जंगल का मैं राजा हूँ,कहते मुझको बब्बर शेर।‘जंगल-दिवस’ आज हमारा,करनी मुझको लंबी सैर।अगर नहीं करवाओगे तो,बच्चू नहीं तुम्हारी खैर।रिंग-मास्टर सर्कस का हूँ,नाम है मेरा ‘सागा’ ।कहा कार वाले ने तो,राजा दुम दबाकर भागा।
 
किरण गुप्ता
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Aug 21 2009 07:59 AM
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आसमान में क्यों चमकती है बिजली?

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किरण गुप्ता
Aug 15 2009 09:00 PM