ghanichokhi's Image
ब्लॉगवाणी पर यह ब्लॉग
नयी प्रविष्टी लिखी
18 Mar 2010
कुल प्रविष्टियां
5
पाठक भेजे
164
पसंद
1
नापसंद
0
पाठक प्रति पोस्ट
32.80
पसंद करें
11
नापसंद करें

बरेली दंगों का सच

होली के दिन उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में मुसलमानों के जुलूस के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। दंगों को लेकर देशभर में काफी आरोप प्रत्यारोप हुए। कई प्रकार की बातें कही गईं। लेकिन इन दंगों की सत्यता क्या थी, इस बारे में देशभर की मीडिया लगभग मौन सी ही रही है। इन
 
पवन कुमार अरविन्द
पसंद करें
0
नापसंद करें

patrika

पत्रिका´ सब सूं न्यारी छ मायड़ ममता सूं ज्यो प्यारी, राजस्थान पत्रिका हारी, खबरां बांचै लोग हजारी, या की साख निराळी छ, पत्रिका´ सब सूं न्यारी छ। बरसां पैली पांव जमाया, जाणै कतरा दुज्ख बिसराया, पण वे कदै नहीं घबराया, बाबो´ हिमत राखी छ, पत्रिका´ सब सू
 
ghanichokhi
Dec 29 2009 12:03 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

गजबण नार

बात करे तो बोल सुहाणा चंचल नैन कटार, कर सोल़ा सिणगार चाली देखो गजबण नार। सिर माथे बोरलो सुहावै, नाक नथणिया हिलती जावै, पैर धरै तो टणका बाजै हिवड़ा दमके हार। कर सोल़ा सिणगार, चाली देखो गजबण नार। गजभर घूंघट, माथे पर लट, सिर पर धर घट, चाली पनघट, भरे बेवड़
 
ghanichokhi
Dec 29 2009 12:03 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

कब सुधरेंगे

बैंकडकैती, लूटपाट, मारपीट, बलात्कार, ठगी जैसे गंभीर अपराध होना अब आम बात हो गई है। अपराधी बिना खौफ वारदात को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस है कि हाथ-पैर मारने के अलावा कुछ नहीं कर पा रही है। लुट-पिट रही जनता की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है। पीड़ा बयां करे
 
ghanichokhi
Dec 29 2009 12:03 PM
पसंद करें
1
नापसंद करें

यह किसने आग लगाई है?

यह किसने आग लगाई है? जहां लोग प्रीत की पींग भरे, बगिया महके, खुशियां चहके, अब वहां उदासी छाई है। यह किसने आग लगाई है? यह खंजर किसने घोंपा है? किससे पाया यह धोखा है? कुछ अपने ही पथभ्रष्ट हुए, तब मिला उन्हें यह मौका है। यह किसने खोदी खाई है? जो पीड़ा हु
 
ghanichokhi