0
क्या होगा?
नए साल में नया क्या होगा... वोही रात वोही दिन.. वही तुम और वही मैं। झुटपुटे से निकलता चांद, साथ के छिट-पुट तारे, पर कौन हमारे... छिटकी सी धूप, अलसा के खोया रूप, कैसा प्रतिरूप... रात की आसमानी आंच, इर्द गिर्द लहराता सा बोझ, किसकी सोच.... दीमक सा दिखता
- 8 00 टिप्पणियां [0]
Dec 29 2009 11:54 AM


Shuffle








