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04 Jan 2010
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महिला की माया!

हिंदी ब्लाग जगत में बहुत सी ऐसी बहसें चल रही है कि कुछ लिखने में भी डर लगता है कि कौन किस बात का गलत अर्थ निकाल लें! इसीलिए माहौल को हल्का करने के लिए एक चुटकुला ही सही :-) ग्यारह लोग एक हेलीकाप्टर से रस्सी से लटक रहे थे - दस पुरुष और एक महिला। रस्सी
 
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स्त्री सशक्तीकरण

एक और उदाहरण स्त्री सशक्तीकरण का एक और उदाहरण प्रस्तुत किया है हमारी न्यायपालिका ने! उच्चतम न्यायालय की जानकारी ‘भाषा’ के माध्यम से मिली है जो इस प्रकार है:उच्चतम न्यान्यालय ने एक महत्वपूर्ण फ़ैसले में एक कमाऊ पत्नी से अपने बेरोज़गार पति को अदालती खर्च
 
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पहला कौमी तराना

भारत सरकार [संस्कृति मंत्रालय] द्वारा प्रकाशिन ‘संस्कृति’ पत्रिका के नवीनतम [१६वें] अंक में डॉ. दरख़शाँ ताजवर कायनात के लेख ‘भारतवर्ष का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम और उर्दू’ के लेख से उद्धृत: जिस समय प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन अपनी चरम सीमा पर था उस समय प
 
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स्त्री सशक्तीकरण- विमर्श

पिछली पोस्ट पर की गई टिप्पणियों में स्त्री सशक्तीकरण के कुछ मुद्दे उठाए गए जिन पर विस्तृत चर्चा हो सकती है। इसी क्रम में कुछ टिप्पणियों पर विमर्श-- पी.सी.गोदियाल जी ने बताया कि जिन पर यह ज़िम्मेदारी [स्त्री शिक्षा की] है, वही लोग लड़कियों के स्कूलों
 
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महिला सुशिक्षित व सशक्त हो

एक अनुमान के अनुसार सन्‌ २०५० ई. तक विश्व की जनसंख्या साढे़-नौ सौ करोड़ हो जाएगी। इतनी बडी़ जनसंख्या के लिए अन्न, ऊर्जा एवं आम सुविधाएं जुटाना एक चुनौतिपूर्ण कार्य होगा। आज की जनसंख्या लगभग सात सौ करोड़ है। ऐसे में यदि जनसंख्या पर नियंत्रण पाना हो तो
 
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कूर्ग की वादियां

मेरे एक मित्र हैं - सुरेश मार्तण्ड बिदरकर, जो अब बेंगलुरु में बस गए हैं। उन्होंने अपना एक छोटा सा यात्रावृत्त भेजा है, जिसे मैं आप लोगों से बांटना चाहता हूँ। कर्नाटक का एक जनपद है कूर्ग, जिसे स्वतंत्र भारजनीति त की ‘राक प्रथा’:) के अनुसार नाम बदल कर
 
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चुगलची का मकबरा

चुगली से सब में ये लगाए आँच मिलकर इसको मारो जूते पाँच॥ चुगली करने वाले को कोई पसंद नहीं करता। चुगलीखोर तो इतना खतरनाक भी हो सकता कि वह अच्छे खासे दोस्तों में लडाई करा दे, राजाओं के बीच जंग छिडा दे। एक ऐसे ही चुगलची का मकबरा एटावा नगर के बाहरी क्षेत्र
 
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कानूनदां ब्लागर ध्यान दें!

दूसरी पत्नी’ को अनुकम्पा नियुक्ति का अधिकार? भारत के हिंदू विवाह अधिनियम के तहत एक व्यक्ति एक ही शादी कर सकता है। अर्थात एक ही पत्नी के साथ निर्वाह कर सकता है और कोई दूसरी पत्नी का प्रश्न ही नहीं रहता। यदि पहली पत्नी के रहते दूसरा विवाह करता है तो वह
 
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चिपको आंदोलन

चिपको आंदोलन की जननी ‘जब कभी चिपको आंदोलन का ज़िक्र आता है तो वृक्षों की रक्षा के लिए एक व्यापक जंग छेडने वाले सेवी बहुगुना का चित्र मस्तिष्क में घूमने लगता है। बहुगुना जी ने इस आंदोलन को विस्तार दिया, परंतु पेडों की रक्षा की प्रथम मुहीम चलाने का श्र
 
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नर की सफ़लता के पीछे नारी

पहचाना इन्हें? जी नहीं, यह कोई पहेली कान्टेस्ट नहीं है:) कहते हैं कि हर सफ़ल नर के पीछे एक नारी का हाथ होता है। ऐसी नारी भला पत्नी से अच्छी और कौन हो सकती है। अधिक पहेलियाँ न बुझाते हुए हम यह बता दें कि यह सफल नारी [एक गृहणी के तौर पर भी] उस सफल पुरु
 
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महादेवी वर्मा के स्मृति चिह्न.

महादेवी वर्मा की धरोहर ‘ हंस’ पत्रिका के नवम्बर अंक में दुधनाथ सिंह, इलाहाबाद का एक पत्र छपा है जिस से पता चलता है कि प्रसिद्ध साहित्यकार महादेवी वर्मा की जायदाद को लोग हडपने की ताक में है। दूधनाथ जी का यह पत्र एक चेतावनी और ‘हंस’ के जुलाई अंक में छप
 
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साहित्यकारों की ‘महा’निन्दा

साहित्यकारों ने मनसे की निंदा की अभी हाल में हुए महाराष्ट्र की विधान सभा की अराजकता पर सभी भाषाओं के साहित्यकारों ने निंदा व्यक्त की। भाषा को लेकर सपा विधायक अबु आज़मी के साथ हुए दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए हिंदी के वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र
 
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मुख्यमंत्री को भी शिकायत?

मु ख्यमंत्री ने ‘चीफ़ मिनिस्टर ग्रीवेन्स सेल’ का उद्‌घाटन किया अब तक तो यह सुनते आए हैं कि लोगों की शिकायतों पर नेता का ध्यान आकर्षित करने के लिए सरकारी विभागों में ‘शिकायती कक्ष’ स्थापित किए गए हैं जहाँ लोग अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इन्हें पब्ल
 
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स्टेम कोशिका [stem cell]

स्टेम सेल और महिला का स्वास्थ यह तो सर्वविदित है कि चिकित्सा के क्षेत्र में स्टेम सेल की खोज आज की सब से बडी उपलब्धि मानी जा रही है जिसकी सहायता से दिल, गुर्दे, फेफडे़ में आई खराबी को दूर किया जा सकता है। इसके अलावा अल्ज़मर व कैंसर जैसी बीमारियों में
 
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सब से कम उम्र की माँ

११ साल की लड़की माँ बनी बुलगारिया की ११ वर्षीय एक बालिका के सिर पर दुनिया की सबसे कम उम्र की माँ होने का दावा किया गया है। इस बालिका ने उस दिन बच्चे को जन्म दिया जब वो अपने प्रेमी से विवाह रचाने जा रही थी। ब्रिटेन के अखबार ‘न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड’ के अन
 
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Is DEV DEEPAVALI COMMUNAL!

क्या देव दीपावली सांप्रदायिक है? दो दिन पूर्व ही ज्ञानदत्त पाण्डेयजी के ब्लाग ‘मानसिक हलचल’ पर देव दीपावली की पोस्ट पढ़ी थी। इस विषय पर उन्होंने गंगा तट पर फैले कचरे के बारे में भी लिखा था। आज यह समाचार पढ़ने को मिला [डेली हिंदी मिलाप में] कि उत्तर प
 
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Meteorite on Indonesia

इंडोनेशिया के ऊपर फटा धूमकेतु वाशिंगटन, २९ अक्तूबर-[भाषा] अब तक अवलोकन किए गए धूमकेतु के सबसे बड़े विस्फोटों में से एक में हीरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम की तिगुनी शक्ति वाला एक धूमकेतु इंडोनेशिया के ऊपर वायुमंडल में फट गया। नासा की एक रिपोर्ट में बत
 
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STOP BLOGGER JEALOUSY PAIN

ब्लागर जेलेसी पेन बंद हो! हिंदी ब्लाग जगत में यह कोई पहला अवसर नहीं था जब कोई संगोष्ठी हुई हो। पिछले वर्षों में इलाहाबाद, दिल्ली,.......आदि में ब्लागर मीट सम्पन्न हुए और सौहार्द बढ़ा। अभी हाल ही में एक ब्लागर संगोष्ठी संगम की पावन धरती पर सम्पन्न हुई
 
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BIRTH-CENTENARY OF HOMI J.BHABHA

होमी जेहांगीर भाभा की जन्म-शताब्दी [१९०९-१९६६] भारत के महान सपूत, युगदृष्टा, वैज्ञानिक एवं पथप्रदर्शक होमी जेहांगीर भाभा को देश की परमाणु-शक्ति का पितामह कहा जा सकता है। भारत की स्वतंत्रता के बाद प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरू ने एक आधुनिक देश
 
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LAST DAY OF JINNAH

जिन्ना का अंतिम दिन क़ायदेआज़म के निजी डॉक्टर रहे डॉ. इलाही बख़्श ने जिन्ना के अंतिम दिन का संस्मरण कुछ इस प्रकार दिया था:- ज़ियारत से लौटने के बाद क़ायदेआज़म मुहम्मद अली जिन्ना की नाज़ुक काया को टी.बी. की बीमारी खाए जा रही थी। ११ सितम्बर १९४८ का वह
 
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After interval!

एक अंतराल के बाद पिछले ८-१० दिन से वायरल फ़ीवर का शिकार होने के कारण ब्लाग बिरादरी से दूर रहा। कमज़ोरी ऐसे घेरे हुए है कि कीबोर्ड पर उंगलियां थरथरा रही है । परंतु यही तो एक साधन है जो घर बैठे समस्त लेखक बिरादरी से जोडे़ रखता है, सो इसका मोह कम्प्यूटर
 
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JNANAPEETH AWARDEE DR.SATYAVRAT SHASTRI

संस्कृत के प्रथम ज्ञानपीठ पुरस्कार ग्रहिता- डॉ. सत्यव्रत शास्त्री सन १९३० ई. में जन्मे, वर्ष २००७ के ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित संस्कृत लेखक और विद्वान डॉ. सत्यव्रत शास्त्री पंजाब विश्वविद्यालय से संस्कृत में एम.ए. और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से
 
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FIRST STEP OF CHRISTIANITY

भारत में ईसाइयत का पहला कदम भारत के आखिरी मुग़ल बादशाह बहादुरशाह ज़फ़र के पुत्र जवाँ बख़्श की शादी बडे़ धूमधाम से की गई। उस समय तक अंग्रेज़ी वर्चस्त बढ़ चुका था। बादशाह की आय में कटौती की जा चुकी थी पर मुग़लिया वैभव दिखाने का यही तो मौक़ा था जब एक शह
 
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STOP BLOG-INFIGHING

ब्लाग-घमासान बंद हो कुछ दिन से हिंदी ब्लाग जगत में हलचल हो रही है। एक नवब्लागर होने के नाते मैं नहीं जानता कि इसका क्या कारण है। जैसा कि कुछ रोज़ पहले संगीताजी बता रही थीं कि ये सितारों की गर्दिश का खेल है:)। कारण जो भी हो, सौहार्द तो बना रहना चाहिए।
 
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ROMAN POLANSKI ARRESTED

आस्कर विजेता रोमन पोलंस्की गिरफ़्तार जाने-माने अंग्रेज़ी फिल्म निर्देशक एवं आस्कर द्वारा पुरस्कृत रोमन पोलंस्की को स्विट्ज़रलैंड में उस समय गिरफ़्तार कर लिया गया जब वे फ़्रांस से यहां के ज़्यूरिख फिल्म समारोह में हिस्सा लेने के लिए आए हुए थे। पोलंस्क
 
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Sep 28 2009 08:11 PM
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Environmental preservation

बदलता पर्यावरण-सावधान र हें टोरेन्टो विश्वविद्यालय तथा ओरेगां राज्य विश्वविद्याल्य के शोधार्थियों ने यह निष्कर्ष निकाला है कि दक्षिणी ध्रुव के पश्चिमी क्षेत्र की बर्फ़ पिघलने से विश्व की समुद्री ऊँचाई पाँच मीटर तक बढ़ सकती है। दूसरी ओर, समुद्री सतह स
 
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इक यही बात न भूली- जूली

मटुकनाथ और जूली की जोड़ी तीन वर्ष पूर्व प्रो.मटुकनाथ ने अपनी छात्रा जूली के टांका जोड़ कर एक सनसनी फैला दी थी। हाँ, वही मटुकनाथ चौधरी जिन्हें ‘लव गुरू’ कहा जाने लगा था। पटना विश्वविद्यालय के अंतरगत बी.एन.कॉलेज के हिंदी विभाग में कार्यरत मटुकनाथ को अप
 
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मौत सामने थी....

विमान में छेद और मौत सामने थी यह एक सच्चाई है कि आदमी कभी यह नहीं सोचता कि किस पल कहाँ मौत उसके सामने आ खड़ी हो जाएगी! इसे भी भाग्य का खेल कहा जाएगा कि कोई-कोई मौत के मुँह से निकल कर आ जाता है। और...वह जब ऐसी घटना से उबरता होगा तो उसकी क्या मानसिकता
 
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इच्छा-मृत्यु

एक अंग्रेज़ी दम्पत्ति की इच्छा -मृत्यु विश्व के कई देशों में इच्छा मृत्यु को अवैध करार दिया गया है जिनमें भारत और इंग्लैंड जैसे देश भी हैं पर स्विज़रलैंड इसका अपवाद है। स्विज़रलैंड में इच्छा मृत्यु को जायज़ माना जाता है पर साथ ही इसकी कुछ शर्तें भी ह
 
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तैरने से गर्भ

स्विमिंग पूल में तैरने से गर्भवती!! रामायण का वह प्रसंग तो प्रसिद्ध है कि हनुमान जी का पुत्र समुद्र के मत्स्य से हुआ था। आधुनिक युग में यह स्विमिंग पूल में भी सम्भव है। यह कपोल-कल्पना नहीं! पोलैंड के वसॉ की एक महिला ने मिस्र की एक होटल पर दावा ठोक दि
 
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भारत माता की जय

भारत माता की जय बोलना मना है!! बिहार विधन सभा में उस समय हंगामा हुआ जब विधायक बुज़ुर्ग सत्यदेव नारायण आर्य ने ‘भारत माता की जय’ का नारा लगाने पर राजद के कुछ सांसदों ने आपत्ति जताई।  राजद सांसद ने इसे सांप्रदायिक मसला बता सभापति से इसे कार्यवाही स
 
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हिंदी का उद्भव

समकालीन भारती साहित्य’ [मई-जून०९] के आमुख का अंश हिंदी भाषा और उसके साहित्य का इतिहास अत्यंत पुराना है। हिंदी साहित्य की प्रारम्भिक रचनाएँ ८वीं-९वीं सदी से हमें प्राप्त होने लगती हैं। विद्वानों का मानना है कि हिंदी का सम्बन्ध संस्कृत की अपेक्षा पालि
 
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दूसरे ग्रहों के कीट

दूसरे ग्रह के कीट वैज्ञानिकों का मानना है कि उन्होंने ग्रीनलैंड की बर्फीली परत में दबे एक अतिसूक्षम रहस्यमय बैक्टीरियम को जीवित किया है जिसके बार में उनका कहना है कि यह शायद दूसरे ग्रहों के जीवों से मिलता-जुलता है। अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिकों के एक दल
 
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सन२००९- अंतर्राष्ट्रीय खगोलविज्ञान वर्ष

चार सौ वर्ष पूर्व गेलिलियो गेलिली (१५६४-१६४२ई.) नामक वैज्ञानिक ने टेलिस्कोप का अविष्कार किया और आकाश पर दृष्टि दौडा़ई थी। उन्होंने निकोलस कोपर्निकस (१४७३-१५४३ई.) के उस कथन का समर्थन किया कि धरती सूर्य के गिर्द घूमती है; जबकि उस समय के धर्मानुसार धरती
 
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भारत-गांधी नेहरू की छाया में - गुरुदत्त

प्रसिद्ध उपन्यासकार गुरुदत्त ने अपनी पुस्तक ‘भारत- गांधी नेहरू कि छाया में’ में नेहरू जी के बारे में कहते हैं :- "एक सुंदर रथ पर एक भव्य मूर्ति बैठी हुई एक मार्ग पर चल पड़ी थी। मार्ग तट पर खड़े कोटि-कोटि जन को भी उस भव्य पुरुष ने अपने साथ आने का आह्वान
 
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धर्म ही नहीं जाति भी बदल रहे हैं लोग

नागरिक अपना धर्म किसी लोभ के कारण बदल रहे थे। अब यह देखा जा रहा है कि लोग राजनीतिक नीतियों के कारण अपनी जाति भी बदल रहे है और लाभ उठा रहे है। ऐसे ही एक मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आश्चर्य व्यक्त किया कि पहले लोग धर्म बदलते थे और अब जाति
 
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बाबा नागार्जुन की कविताएँ - सन्‌ १९६२ ई.

१९६२ युद्ध पर बाबा नागार्जुन ने कुछ कविताएँ लिखी थीं जो उस समय की पत्र-पत्रिकाओं में छपी थी। धर्मयुग के २३ दिसम्बर १९६२ अंक में छपी कुछ कविताएँ प्रस्तुत हैं :- तप्त लहू की धार बह चली वो निकले ज़हरीले कीडे़, लाल कमल से तप्त लहू की धार बह चली तुहिनाचल स
 
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महात्मा गांधी के अंतिम दिन

विश्व के इतिहास में मोहनदास करमचंद गांधी का नाम जब भी आएगा, उन्हें बडे़ आदर से याद किया जाएगा क्योंकि वे एक ऐसे आदर्शपुरुष हैं जिन्होंने अपने जीवन को एक खुली किताब की तरह जिया। उनका निजी जीवन भी उनके राजनीतिक और सामाजिक जीवन की तरह सार्वजनिक था। अपने
 
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