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रिश्तों से क्या कहूँ ?

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18 Apr 2010
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सफ़र

न जाने किस बात पे,वो मुझपर कहर बरसता चला गया।न मिले जब उसे मेरी आंखों में आँसूं,वो और सितम ढाता चला गया।वो कहते हैं कि, हम कहते बहुत हैं।अब उन्हें क्या बताएं कि,जब नब्ज़ तक खामोश हो धडकनों की,तो हर लम्हा आखिरी सा लगता है। खत्म होता नहीं ये सिलसिला,एक कदम
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सबक

जाने वालों को कोई समझाए।यूँ, इस कदर, जाते हुए,यादों के टुकड़े छोड़ा नहीं करते। लम्हें जो एक बार बिखर जाएँ,यूँ बिखरे लम्हों को, जोड़ा नहीं करते। दर्द, जो मिला सबब हमें,किसी के जाने के बाद। सफर का मज़ा कहीं ज्यादा था, सिफ़र।ये सबक सीखा हम ने,मंजिल पे पहुँच
Apr 04 2010 03:46 AM
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बेनाम रिश्ता

उसकी तन्हाइयों में,कुछ दिनों से मेरी आवाज़ है।वो तो चुप थी,पर उसके हर बेचैनी कामुझे एहसास है।तलाशती है नज़र,जिन वीरानों में।मैं तो सिर्फ़ एक गवाह हूँ।चीख, सह न सका, शायद,तभी आज़ हमराह हूँ। शिकवे क्यों हैं, उसके दामन में इतने, की, उसका साया भी मुझे चुभता
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बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्...

बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।
Dec 29 2009 12:02 PM
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रिश्ते टूटेंगे बनेंगे जिन्दगी की राह में। जिन्दगी ...

रिश्ते टूटेंगे बनेंगे जिन्दगी की राह में। जिन्दगी है इक हकीकत जिन्दगानी और है।। सादर श्यामल सुमन 09955373288 www.manoramsuman.blogspot.com shyamalsuman@gmail.com
Dec 29 2009 12:02 PM
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बहुत अच्छा लिखा है . कृपया मेरा भी साईट देखे और टि...

बहुत अच्छा लिखा है . कृपया मेरा भी साईट देखे और टिप्पणी दे वर्ड वेरीफिकेशन हटा दे . इसके लिये तरीका देखे यहा http://www.manojsoni.co.nr and http://www.lifeplan.co.nr
Dec 29 2009 12:02 PM
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आपका हिंदी ब्लॉग की दुनिया में तहेदिल से स्वागत है...

आपका हिंदी ब्लॉग की दुनिया में तहेदिल से स्वागत है......
 
दिल दुखता है...
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बेहद भावुक रचना.... साथ में बेहतर भी....संभावनाएं ...

बेहद भावुक रचना.... साथ में बेहतर भी....संभावनाएं है....
Dec 29 2009 12:02 PM
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पहली मुलाकात

अपने हाथों में वक्त की कुछ कालिख ले कर,कोई सोया था।सन्नाटे में उसके सपनो की गूँज बड़ी थी।देखा तो कोने में, आज भी वो तनहा खड़ी थी।कुलबुलाहट, मन की कुछ बेरुखे शब्दों का आँचल लिए थी।मैं ने टोका, तो रंग बदल के समझदारी का परिचय दिया उसने।मैं ने नासमझ बन कर कबूल
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एक ज़ख्म - कुछ अपना सा

आज फ़िर किसी ने, मेरे ज़ख्म कुरेदे हैं।कुछ अश्क मेरी पलकों पर,कुछ देर ठहर कर...तेरे इंतज़ार में सूखे हैं।याद करता नहीं मैं तुझे,पर अब तलक तेरे वादे निभाता है कोई। जिन राहों से तुम रुखसत हुए थे,उन पर, हर रोज़... हर दिन गुजारता है कोई।रेत के थे रिश्ते,
Aug 06 2009 12:04 AM
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मेरी आशाएं... मेरी ज़ंग... मेरा जहाँ...

हाथों में चंद लम्हों की चाह,पर लम्हे मेरी मर्ज़ी के। सपनों की एक लम्बी कतार,पर हर सपने मेरी बेचैनी के।एक राह क्षितिज तक जाती हुई,और उस पे मेरी परछाई। एक बात अधूरी सी,पूरा होने को अब तक आतुर।एक साँस... एक मोड़ पे,एक नज़र गुमसुम सी,एक रात जो... अब तक। एक बात
Aug 06 2009 12:00 AM
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अपनी ब्लॉग की सुरक्षा कैसे करें?

प्रिय पाठकों,ब्लॉग शुरु करने के पहले ही दिन, जो सबसे पहली बात दिमाग में कौन्धती है, वो है हमारी अपनी रचनाओं के चोरी होने का डर। हालाँकि, पूरे तरह से सुरक्षित करना तो मुमकिन नहीं, पर हाँ कुछ बातों का धयान रखें तो कभी काम ज़रूर आ सकती हैं।सब से पहले तो
May 31 2009 11:32 PM
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रिश्तों से क्या कहूँ ?

ज़र में भी अब अलफाज़ लड़खड़ाते हैं। खता अब सज़ा बन चुकी है। हर मोड़, एक-एक नाते, भूली बिसरी हर वो बातें,चाहत और फिर एक आहट सी। कि, अब उन्स के दीपक में भी लौ नहीं। कि, अब बाती से रौशनी कज़ा बन चुकी है। रिश्तों से क्या कहूँ?अलफाज़ अब भी कोरे कागज़ पर हैं।
May 27 2009 09:43 AM
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कुछ भी नहीं

अक्स कोई एक भी यहाँ पूरी नहीं,पर हर उस एक के बिना ...पूरा कुछ भी तो नहीं। कुछ ऐसी अधूरेपन की आदत सी है,कि, जिंदगी को सम्पूर्णता का आभास भी नहीं। इल्म है सबको, पर अनजान बनने कि आदत सी है,शायद कभी हम जागेंगे और ...........................कुछ
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Sifar

बुत,..... बुत सी रहेगी होकर रस्म,रेशम के पत्तों पर छलकेंगे जब मेरे नज़्म।एक-एक एहसास बेकार ही बह जाएगा,रस्म रेशम सा होकर भी... आख़िर बुत ही रह जाएगा।
May 27 2009 09:41 AM
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मुझे याद है ......

मुझे याद है ......छोटी-छोटी बातों पर,जब-जब तुम नाराज़ होती थी।ना जाने कितने दिनों तक,चार पलकों तले बरसात होती थी।फ़िर रात के अंधेरे में कभी...तुम्हारी, अपनी, वो दस्तक...मेरे दरवाज़े पे।और फ़िर कागज़ का एक पुर्जा,आधा आंसुओं में लिपटा। हाथों में लेते ही, पूरा
May 25 2009 05:30 PM
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ख्वाब

जाने कैसे कैसे ख्वाबों में बसे हैं लोग,कि, मुर्दों से भी वफ़ा की उम्मीद रखते हैं।यहाँ तो ज़िन्दगी देखे जन्मों हुए,पर इन्सान हैं ना, इसलिए...मुर्दों से भी इन्सानियत की उम्मीद रखते हैं।
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काश... ये मुमकिन होता

काश ये मुमकिन होता,कि, राहों में मुड़ना आसान होता।कभी मैं भी तो, दो अश्क लुटाता,उन दरख्तों पर, जिन पर आज भी...मेरे नाम, तुम संग जिंदा हैं। काश ये मुमकिन होता,हवाओं में बहना मुनासिब होता, तो...आज मैं दूरियां कम कर लेता।वादे, जो तोड़े तेरी नज़रों में,वो आज
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एक गाँठ...कुछ अपना सा

ज़िन्दगी गाँठों की उलझन बन कर रह गई हैहर एक गाँठ मजबूती का एहसास, तो कहीं...टूटे होने की कमज़ोर शक्ल दिखती है।कभी ... कुछ एक गाँठ खोलने की चाहत तो होती है, पर...डरता हूं कि, गाँठें खोलने से रिश्तों के सिरे कहीं खो न जायें,और
May 21 2009 02:16 AM
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Thanks Mrs. Sangeeta, for your warm welcome and be...

Thanks Mrs. Sangeeta, for your warm welcome and best wishes. Anyway, i am not new on Blogs, but, yes this is the first time i am writing in hindi on any blog.
May 20 2009 02:15 AM
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Lemon Girl

रक्त अगर इंसानियत की ख़बर देते तो मैं पहचान लेता कि, एक टक की नज़रों से क्या चाहती थी वो। आंखों की सुन्दरता कुछ यूँ थी कि, कशिश सी जगा रही थी मन में,... एक दम शुन्य,... जैसे कुछ ही पल में सब कुछ समा जायेगी। उसके बालों में वो अलड़पन था, जिसकी वास्तविकता
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Thanks Suman, Narad & Pawan (Real Photos). It feel...

Thanks Suman, Narad & Pawan (Real Photos).It feels really nice to have good comments on something of your own.....keep remain in touch.
May 19 2009 05:30 PM
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It's really great to post my comments on such a bl...

It's really great to post my comments on such a blog. I would like to appreciate the great work done by the web master and would like to tell everyone that they should post their interesting comments and should make this blog interesting. Once again I
May 19 2009 09:27 AM
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Thanks to all you guys (Samay, Prabal, Lokendra an...

Thanks to all you guys (Samay, Prabal, Lokendra and Manoj), i was not expecting anybody, that too, so soon. Thanks a lot.Manoj, i visited your site, it's really good to see that you are providing something useful. Keep it up.
May 18 2009 11:50 PM
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behad marmsparshi liney hai dil garey tak choo gay...

behad marmsparshi liney hai dil garey tak choo gayi. hamari shubhkaamnaye svikaar kare.jai hind!
 
प्रबल प्रताप सिंह्