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ईसुरी की एक और फाग
ईसुरी की एक और फाग:- चलतीं कर खालें खों मुइयां,रजऊ बैस लरकइयां,हेरत जात उंगरियन में हो, तकती हो परछइयां,लचकें तीन परें करिहा में, फरके डेरी बइयां,हर तन मुख झरें पतर फूल से, जे बागन में नइयां,धन्न भाग वे सइयां ईसुर, जिनकी आएं मुनइयां... (तुम नीचे को मुंह
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Jun 16 2010 08:47 PM


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