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04 Jun 2010
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माकपा अब घटक दलों के भी निशाने पर

पश्चिम बंगाल के शहरी निकाय के लिए हुए चुनाव में जबरदस्त हार से माकपा सकते में है. नतीजों के एलान के चौबीस घंटे बाद भी वह इस सदमे से उबर नहीं सकी है. लेकिन इस हार के बावजूद माकपाइयों के तेवर ढीले नहीं पड़े हैं. यानी रस्सी भले जल गई हो, उसकी ऐंठन नहीं गई
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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वो प्यार नहीं कुछ और था

बरसों पुरानी बात है. बल्कि तीन दशक पुरानी. लेकिन सोचता हूं तो लगता है कि अभी कल की ही हो. वर्ष 1978 में सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) से हाईस्कूल की परीक्षा पास करने के बाद पढ़ने के लिए अपने माम के घर देवरिया पहुंचा. मेरे मामा देवरिया में खूखुंदू स्थित शिवाजी
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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शादी के बाद अकेले होने का फायदा

कई बार अकेला होना भी अच्छा लगता है. खासकर शादी के बाद. इन दिनों पत्नी और बेटी रांची में हैं. मेरी बड़ी साली की तीसरी बेटी की शादी है. मैं तो जा नहीं सका. बंगाल में शहरी निकायों के चुनाव थे आज. इनको अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल कहा जा
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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रे की कहानी को परदे पर उतारेंगे संदीप

बांग्ला सिनेमा को एक नई पहचान दिलाने वाले स्व. फिल्मकार सत्यजित रे की मशहूर फेलूदा सीरिज़ की अगली कड़ी जल्दी ही परदे पर नजर आएगी. इस महान फिल्मकार के पुत्र संदीप रे, जो खुद भी जाने-माने निर्देशक हैं, ने अपने पिता की जयंती के मौके पर यह एलान किया है.
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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May 08 2010 05:11 PM
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ऐसे सिखाई नेता को वक्त की पाबंदी !

वक्त की पाबंदी और अनुशासन सिखाने का शायद यह भी एक तरीका है! नगरपालिका चुनाव के लिए परचा दाखिल करने के लिए एक उम्मीदवार जब सब-डिवीज़नल अफसर (एसडीओ) के कार्यालय में तय समय से देर से पहुंचा तो वहां पहले से इंतजार कर रहे पार्टी के समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने
 
प्रभाकर मणि तिवारी
May 08 2010 12:34 PM
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उनको सालता है जीत का गम!

गम और खुशी, यह दो शब्द क्रमशः हार और जीत के साथ जुड़े हैं। लेकिन क्या किसी को अपनी जीत का गम भी हो सकता है? जी हां, ऐसा भी होता है जब किसी को अपनी जीत का गम कोई 38 साल बाद भी साल रहा हो। ऐसे ही एक सज्जन का नाम है शिवपद भट्टाचार्य । पश्चिम बंगाल के
 
प्रभाकर मणि तिवारी
Feb 17 2010 10:13 PM
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हौसले ने बनाया रोल मॉडल

कच्ची उम्र में अपनी शादियां रोकने के लिए घरवालों और समाज के खिलाफ आवाज उठाते समय इन तीनों लड़कियों ने शायद सोचा भी नहीं होगा कि वे देश में बाल विवाह के खिलाफ अभियान में रोल मॉडल बन जाएंगी। पश्चिम बंगाल के सबसे पिछड़े जिलों में शुमार पुरुलिया के बीड़ी
 
प्रभाकर मणि तिवारी
टैग: समाज
Feb 17 2010 10:11 PM
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बिग बी और मैं !

यह शीर्षक भ्रामक है. इससे यह आभास हो सकता है कि मैं बिग बी यानी अमिताभ बच्चन के साथ किसी फिल्म में काम कर रहा हूं या फिर उनकी किसी फिल्म की पटकथा लिख रहा हूं. ऐसा कुछ भी नहीं है. पत्रकार हूं. लेकिन फिल्म की पटकथा लिखने में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है.
 
प्रभाकर मणि तिवारी
टैग: यादें
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मौत के बाद राजनीति का मुद्दा बने बसु

प्रभाकर मणि तिवारीआजीवन सिद्धांतों की राजनीति करने वाले माकपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु मौत के बाद अपने राज्य यानी बंगाल में राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बन गए हैं। सत्तारुढ़ वाममोर्चा से लेकर विपक्षी तृणमूल कांग्रेस तक उनको अपने
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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नहीं होगा बसु का अंतिम संस्कार

प्रभाकर मणि तिवारीपश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री और माकपा के वरिष्ठ नेता ज्योति बसु का अंतिम संस्कार नहीं होगा। उन्होंने अपना शरीर पहले ही दान कर दिया था। उनकी इच्छा के अनुरूप मंगलवार को अंतिम यात्रा के बाद उनका शव यहां सरकारी एसएसकेएम अस्पताल को सौंप
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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बसु पर बना था वृत्तचित्र

बांग्लादेश में बचपन, लंदन में छात्र जीवन और उसके बाद पश्चिम बंगाल में सात दशक लंबे राजनीतिक जीवन की कितनी ही भूली-बिसरी यादें और घटनाएं। कोई पांच साल पहले अपने जीवन पर बनी दो घंटे लंबी डाक्यूमेंट्री को देखते हुए माकपा के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल के
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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इसलिए चुप थी कलम

बीते दो महीने मुश्किल तो नहीं लेकिन काफी व्यस्त रहे. पहले लंबी छुट्टी में विभिन्न जगहों की सैर. कुछ निजी तो कुछ पारिवारिक जिम्मेवारियां. उसके बाद लौटने पर दफ्तर में काम की व्यस्तता. इसके अलावा कुछ और जिम्मेवारियां और मजबूरियां. कुल मिला कर इसीलिए ब्लाग
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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तो मत करें प्यार का सार्वजनिक इजहार!

अगर त्योहारों के इस सीजन में आप पहाड़ियों की रानी दार्जिलिंग की सैर की योजना बना रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है. अगर आप नवविवाहित हैं और हनीमून के लिए दार्जिलिंग की हसीन वादियों में जा रहे हैं तब तो आपको और सावधानी बरतनी चाहिए. अब इन वादियों में आप पत
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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बुद्धदेव के एक सपने पर पानी फिरा

जमीन अधिग्रहण पर लगातार उभरने वाले विवादों के चलते पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य की ड्रीम परियोजनाओं पर धीरे-धीरे पानी फिरने लगा है। सरकार ने सोमवार को कोलकाता से सटे राजरहाट में सूचना तकनीक (आईटी) हब बनाने की महात्वाकांक्षी परियोज
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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खूबसूरती और कंडोम !

गर्म निरोधक के तौर पर इस्तेमाल होने वाले कंडोम का भला खूबसूरती के क्या रिश्ता है? यह सवाल सुन कर कोई भी अचरज में पड़ सकता है। लेकिन इसका जवाब जानने के लिए आपको भारत के पड़ोसी पर्वतीय देश भूटान की राजधानी थिम्पू जाना होगा। भूटान की महिलाएं अपने चेहरे
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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मंदी की मार से बेहाल हैं पूजा समितियां

आर्थिक मंदी और जरूरी वस्तुओँ की आसमान छूती कीमतों ने पश्चिम बंगाल के सबसे बड़े त्योहार दुर्गापूजा के आयोजकों को मुश्किल में डाल दिया है। इस बार पूजा के लिए वसूली जाने वाली चंदे की रकम में गिरावट का अंदेशा तो है ही, प्रायजकों का भी टोटा पड़ रहा है। आय
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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इंतजार लेख का, खबर निधन की....

छह नवंबर की यह सुबह भी आम दिनों की तरह ही थी. लेकिन कल रात भारत-आस्ट्रेलिया का मैच देखने और सचिन के 17 हजार रन पूरे होने के बाद मैं सोच रहा था कि कल प्रभाष जोशी सचिन पर जरूर कोई जबरदस्त पीस लिखेंगे. कल जरूर पढ़ना है. यही सोचते हुए मैं सो गया. लेकिन त
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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महज एक ट्रेन नहीं, संस्कृति भी है मेट्रो

देश की पहली मेट्रो रेल शनिवार यानी 24 अक्तूबर को अपने सफर के 25 साल पूरे कर लिए हैं. वर्ष 1984 में इसी दिन पहली मेट्रो ट्रेन ने कोलकाता में धर्मतल्ला से भवानीपुर तक की दूरी तय की थी. अपनी चौथाई सदी के सफर में इस भूमिगत सेवा ने महानगर के लोगों की रहन-
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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उनकी ज़िंदगी से जुड़े हैं पटाखे

दीवाली को खुशियों का त्योहार माना जाता है. लेकिन पश्चिम बंगाल में राजधानी कोलकाता से सटे नुंगी गांव में यह सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि रोजीरोटी का जरिया भी है. यानी उनके लिए यह दोहरी खुशी का मौका है. पहली तो यह कि दीवाली उनके लिए भी खुशियों का त्योह
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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अब मॉडलिंग से अपना खर्च उठाएंगे हाथी

पश्चिम बंगाल के विभिन्न वन्यजीव अभयारण्यों में रहने वाले लगभग 86 पालतू हाथी अब मॉडलिंग के जरिए अपना खर्च खुद उठाएंगे. राज्य के वन विभाग ने हाथियों पर होने वाले भारी खर्च का कुछ हिस्सा जुटाने के लिए यह अनूठी योजना बनाई है. इसके तहत विभिन्न कंपनियां बै
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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टूटे सपनों के साथ बेपहिया ज़िंदगी

प्रभाकर मणि तिवारी ‘एक छोटी कार के आने की सूचना ने हमारी ज़िंदगी में पंख लगा दिए थे। हम सबकी आंखों ने न जाने कितने ही सुनहरे सपने देखे थे। लेकिन बीते एक साल से तो हम अपने पैरों पर खड़े होने के काबिल भी नहीं रह गए हैं। बस, यूं समझ लीजिए कि हम टूटे सपन
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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अभी जारी है सूर का सफर

वे भले अपनी उम्र के नौवें दशक में हों, उनके सूर का सफर अभी भी जस का तस है. आवाज में वही जादू और अपनी धुन के पक्के. जी हां, इस शख्स का नाम है प्रबोध चंद्र दे. लेकिन उनके इस नाम की जानकरी कम लोगों को ही है. ऐ भाई जरा देख के चलो और बरसात के न तो कारवां
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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सात समंदर पार चला बांग्ला सिनेमा

बांग्ला सिनेमा अब सात समंदर पार अमेरिका पहुंच गया है. अमेरिका और यूरोप में अब तक हिंदी और तमिल फिल्मों का ही व्यावसाइक तौर पर प्रदर्शन किया जाता था. अब बांग्ला फिल्में भी इसी राह पर चलने की तैयारी में हैं. दुर्गापूजा के दौरान सनफ्रांस्सिको में नई बां
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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कोलकाता में हिंदी पत्रकारिता

उदंत मार्तंड से अब तक कोलकाता की हिंदी पत्रकारिता ने एक लंबा सफर तय किया है। इस दौरान हुगली में ढेर सारा पानी बह चुका है और इसी के साथ पत्रकारिता ने भी कई बदलाव देखे हैं। अब तकनीक के लिहाज से यह बेहतर जरूर हुई है। लेकिन कंटेंट और क्वालिटी के लिहाज से
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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नष्ट हो रही है एक ‘अमानुष’ की धरोहर

दिल ऐसा किसी ने मेरा तोड़ा, बर्बादी की तरफ ऐसा मोड़ा,एक भले मानुष को अमानुष बना कर छोड़ा........’ कोई 35 साल पहले बनी हिंदी फिल्म ‘अमानुष’ का यह गाना भला कौन भूल सकता है! बांग्ला फिल्मों के महानायक उत्तम कुमार की 83वीं जयंती के मौके पर केंद्र सरकार ने
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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पार्टी में अकेले पड़ गए हैं बुद्धदेव!

प्रभाकर मणि तिवारीकभी माकपा के शीर्ष नेतृत्व से अपने हर फैसले पर मुहर लगवा लेने वाले पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य अब अपनी ही पार्टी में अकेले पड़ गए हैं। अभी ज्यादा दिन नहीं हुए जब भट्टाचार्य की अगुवाई में राज्य में औद्योगिकीकरण की
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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बादलों का घर है मेघालय

देश के पूर्वोत्तर में गारो, खासी और जयंतिया पहाड़ियों पर बसा मेघालय प्राकृतिक सौंदर्य का एक बेहद खूबसूरत नमूना है। इस राज्य में गारो, खासी और जयंतिया जनजाति के लोग ही रहते हैं। स्थानीय भाषा में मेघालय का मतलब है बादलों का घर। यह छोटा-सा पर्वतीय राज्य
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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मैसूर में राजशाही के निशान

कर्नाटक की राजधानी बंगलूर से कोई 140 किमी दूर स्थित इस ऐतिहासिक व पौराणिक शहर में हर कदम पर राजशाही के निशान बिखरे हैं। शहर के हर कोने में या तो वाडियार राजाओं का बनवाया कोई महल है या फिर कोई मंदिर। पौराणिक मान्यता के मुताबिक, शहर से ऊपर चामुंडी पहाड़ी पर
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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कैमरे की नजर से मैसूर

 
प्रभाकर मणि तिवारी
Sep 01 2009 12:07 PM
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बंगाल में मुद्दा बने महापुरुष

नेताजी सुभाष चंद्र बोस, कवि नजरूल, मास्टर सूर्यसेन और उत्तम कुमार। पश्चिम बंगाल में लंबे अरसे से आम लोगों के नायक रहे यह तमाम महापुरुष फिलहाल राज्य में राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बन गए हैं। दरअसल, मेट्रो रेलवे के विस्तार के बाद रेल मंत्री और तृणमूल
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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पहाड़ी पगडंडी में बदली अलग राज्य की राह

(इधर कोई एक हफ्ते कोलकाता से बाहर रहा। इस दौरान कंप्यूटर से संबंध नहीं था। सो, ब्लॉग पर भी वीरानी छाई थी। इस एक हफ्ते कहां रहा, क्या किया, इसकी चर्चा कभी बाद में। फिलहाल तो जसवंत सिंह के निष्कासन और भाजपा में आए भूकंप के झटके पहाड़ियों की रानी कही जाने
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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बुद्धदेव सरकार के लिए नासूर बन गया है लालगढ़

पश्चिम मेदिनीपुर जिले का माओवाद प्रभावित लालगढ़ बुद्धदेव भट्टाचार्य की अगुवाई वाली राज्य की वाममोर्चा सरकार के लिए धीरे-धीरे एक ऐसे नासूर में बदल गया है जो अक्सर टीसता रहता है। दो महीने से जारी लालगढ़ अभियान के बावजूद सुरक्षा बलों को वहां खास कामयाबी
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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बंगाल से आईएएस अफसरों का पलायन

एक बहुत पुरानी कहावत है कि बुरे वक्त में परछाई भी साथ छोड़ देती है। माकपा की अगुवाई वाली वाममोर्चा सरकार को शायद अब इस कहावत का अर्थ समझ में आ रहा है। बीते लोकसभा चुनाव में वाममोर्चा की किस्मत क्या बिगड़ी, राज्य के आईएएस अफसरों में डेपुटेशन पर केंद्र में
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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अब गांधी से दो-दो हाथ कर रहे हैं वामपंथी

पश्चिम बंगाल में वाममोर्चा के सबसे बड़ी घटक माकपा ने राज्यपाल गोपाल कृष्ण गांधी के खिलाफ लगता है अंतिम मोर्चा खोल दिया है। वैसे, तो गांधी के कार्यकाल के दौरान माकपा से उनका छत्तीस का ही आंकड़ा रहा है। लेकिन अब उनके कार्यकाल के आखिरी दौर में माकपा ने उन पर
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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Aug 12 2009 10:23 AM
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ठहर-सा गया है कोलकाता

किसी जमाने में राजीव गांधी ने कलकत्ता को मरता हुआ शहर कहा था। तब उनकी इस टिप्पणी पर भद्रलोक कहे जाने वाले इस समाज ने काफी बवाल किया था। तब मरता हुआ था या नहीं, यह मुझे नहीं पता। मैं तब इस महानगर में आया ही नहीं था। लेकिन अब पंद्रह साल पुराने वाहनों को
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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खेत ही बाड़ खाने पर उतारू है बंगाल में!

पश्चिम बंगाल में क्या खेत ही बाड़ को खाने पर उतारू है? बर्दवान जिले के मंगलकोट के पास शुक्रवार को पुलिस वालों ने जिस तरह तृणमूल कांग्रेस की रैली के लिए बने मंच पर चढ़ कर उसके नेताओं व कार्यकर्ताओं पर लाठियां बरसाईं उससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या यहां
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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एक खामोश लेकिन सराहनीय क्रांति!

पश्चिम बंगाल के सबसे पिछड़े जिलों में शुमार और माओवादी गतिविधियों के लिए अक्सर सुर्खियां बटोरने वाले पुरुलिया जिले में बीते कुछ महीनों से एक खामोश क्रांति हो रही है. लेकिन माओवादी गतिविधियों के तले दबी इस क्रांति को कभी राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खी नहीं मिल
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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Aug 08 2009 11:02 PM
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बेमिसाल प्राकृतिक सौंदर्य की मिसाल है नाथुला

पूर्वी भारत के छोटे-से पर्वतीय राज्य सिक्किम में समुद्रतल से साढ़े चौदह हजार फीट की ऊंचाई पर तिब्बत की सीमा से सटा नाथुला दर्रा प्राकृतिक सौंदर्य के लिहाज से बेमिसाल है। किसी जमाने में इस दर्रे से होकर सिक्किम के व्यापारी सिल्क, मसाले और दूसरी वस्तुएं
 
प्रभाकर मणि तिवारी
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अब आलू बेच रही है वाममोर्चा सरकार

पश्चिम बंगाल की वाममोर्चा सरकार अब राजधानी कोलकाता के बाजारों में आलू बेच रही है. जी हां, सरकार की ओर से दुकानें लगा कर आलू बेचने का यह मामला अपनी किस्म का पहला और अनूठा है. दरअसल, उसने खुले बाजार में आलू की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए ही यह फ
 
prabhakarmani
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फिर गरमाने लगीं दार्जिलिंग की पहाड़ियां

दक्षिण में लालगढ़ और माओवादियों की समस्या अभी पूरी तरह सुलझी भी नहीं है कि पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्से में स्थित दार्जिलिंग की पहाड़ियां एक बार फिर गरमाने लगी हैं। अलग गोरखालैंड की मांग में लंबे अरसे से आंदोलन चला रहा गोरखा जनमुक्ति मोर्चा लोकसभा च
 
prabhakarmani