खट्टी-मीठी यादें's Image

खट्टी-मीठी यादें

http://khattimeethiyaaden.blogspot.com/
ब्लॉगवाणी पर यह ब्लॉग
नयी प्रविष्टी लिखी
11 Jun 2010
कुल प्रविष्टियां
13
पाठक भेजे
176
पसंद
8
नापसंद
0
पाठक प्रति पोस्ट
13.54
पसंद करें
0
नापसंद करें

चुभन-भाग ६

यह स्लिप राकेश नें ही दी थी और लिखा था......" मुझे माफ़ कर देना नलिनी , मैं तुम्हें जिंदगी भर की खुशियां देना चाहता था लेकिन जब मैं अपना यह सपना पूरा कर पाता तब तक बहुत देर हो चकी थी । मैं एच .आई.वी पाज़िटिव हूं । मैनें तुम्हारे और बच्चों के अस्पताल में
 
सीमा सचदेव
टैग: चुभन
पसंद करें
2
नापसंद करें

चुभन- भाग ५

नलिनी को इस तरह फ़ूट-फ़ूट कर रोते हुए मैने पहली बार देखा था । अब मुझे अपनी बेवकूफ़ी का अहसास हुआ । मुझे नलिनी की व्यथा सुने बिना उससे इस तरह बात नहीं करनी चाहिए थी पर अब बोली हुई बात वापिस तो नहीं आ सकती थी ,मैने नलिनी को अपनी बाहों में भर लिया और वो थोडी
 
सीमा सचदेव
टैग: चुभन
पसंद करें
0
नापसंद करें

चुभन - भाग ४

चुभन - भाग 1चुभन - भाग 2चुभन - भाग 3मैं बस सुन रही थी , नलिनी बोलती जा रही थी , ऐसे जैसे वह कोई आप-बीती न कहकर कोई सुनी-सुनाई कहानी सुना रही हो । उसके चेहरे पर कोई भाव न थे , या फ़िर अपनी भावनाओं को उसनें हीनता के पर्दे से इस तरह ढक रखा था कि किसी की नज़र
 
सीमा सचदेव
टैग: चुभन
पसंद करें
0
नापसंद करें

चुभन-भाग ३

चुभन-भाग 1चुभन - भाग २ राकेश में न जाने ऐसा कौन सा आकर्षण था कि उसके सामने मेरी सारी समझ फ़ीकी पड जाती , मेरा आत्म-विश्वास मेरा साथ छोड जाता और उसकी हर बात के आगे मैं झुकती चली जाती । अब राकेश मुझे अपने साथ ले जाने लगा था और मैं तो थी ही आज़ाद परिन्दा ,
 
सीमा सचदेव
पसंद करें
0
नापसंद करें

चुभन - भाग २

चुभन - भाग 1तुम तो जानती हो नैना , कालेज की पढाई पूरी करते ही मुझे अपने मां-पापा के पास वापिस जाना पडा था । एक दिन अचानक पिताजी हमें छोड चल बसे और मां इसी गम में जिन्दा लाश बन गई । छोटे दो भाईयों की जिम्मेदारी अचानक मुझ पर आन पडी । पिता जी का सपना था
 
सीमा सचदेव
टैग: चुभन
पसंद करें
0
नापसंद करें

बौना कद

बौना कद दुबला पतला शरीर , गोरा रंग ,चेहरे से झलकता आत्म-विश्वास ,साढे पाँच फुट कद , चाल ऐसी कि चले तो उसका कद वास्तविक से कहीं लम्बा लगता , असंभव शब्द जिसकी डायरी में कभी था ही नहीं ,हर समस्या का हल और हर कार्य में (चाहे घर हो या बाहर )सिद्धहस्त , उम
 
सीमा सचदेव
Dec 29 2009 12:01 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

बिखरी जिन्दगी

दीवार से सटी बैठी सुजाता हाथ मे बन्धी पट्टी को एक़ टक घूरती हुई जैसे सुन्न सी ही हो गई पट्टी बान्धते -बान्धते उसने पाँच साल के बेटे रोहन को पास बुलाया ,पर रोहन ने साफ इन्कार कर दिया रोहन के मुँह से इन्कार सुजाता की जिन्दगी की सबसे बडी हार थीआँखो से अव
 
सीमा सचदेव
पसंद करें
0
नापसंद करें

अर्धांगिनी

ऊँचा -लम्बा कद, साँवला रंग , छरहरा बदन, चुस्त-फुरत ,चले तो लगता है भागती है जल्दी-जल्दी से बर्तन घिसते हाथ , साथ में कभी कभी मीठी आवाज़ में गुनगुनाना( जो मैं कभी समझ नहीं पाती), साड़ी में लिपटी दुबली-पतली काया ,हाथ में मोबाइल, स्वयं को किसी राजकुमारी
 
सीमा सचदेव
Dec 29 2009 12:01 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

लोअ लेवल विद्यार्थी

आधुनिक शिक्षा प्रणाली का नया नियम अभिभावकों की खुशी देखो और विद्यालय की दुकानदारी चलाओ अटपटा लगा न सुनकर विद्यालय जिसको विद्या देवी का मन्दिर कहा जाता है , जहां से बडे-बडे महान लोग विद्या धन धन हासिल कर दुनिया को नई राह दिखाते हैं और जहां पर बिना किस
 
सीमा सचदेव
Dec 29 2009 12:01 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

मुखौटा

खट्टी-मीठी यादों से मेरी बहुत सी यादें जुडी हैं , वो फिर कभी अवसर मिलते ही पोस्ट करुन्गी लेकिन पहले वो छोटी छोटी कहानियां/घटनाएं जिन्होंने मुझे लिखने पर मजबूर कर दिया मुखौटा मेट्रिक पास , उम्र लगभग सोलह साल ,बातों में इतनी कुशल कि बड़े-बड़ों मात दे ज
 
सीमा सचदेव
Dec 29 2009 12:01 PM
पसंद करें
1
नापसंद करें

चुभन - 1

उम्र लगभग पैंतीस , सुशिक्षित , नौकरी पेशा , दो बच्चों की मां , आदर्श पत्नी ,निम्न मध्यम वर्गीय , पारिवारिक , संस्कारों से सुसज्जित , हर कदम फ़ूंक-फ़ूंक कर रखने वाली , रात के काले स्याह तम में एकटक दीवार पर टंगी पुरानी तस्वीर को घूरती और सुबह होते ही जु
 
सीमा सचदेव
पसंद करें
2
नापसंद करें

60 रुपये की चोरी -2

अब तक तो मुझे भी सुनैना की आदत हो चुकी थी , जब तक हर रोज उसके मुंह से उसकी बातें नहीं सुन लेती मुझे चैन ही न मिलता ।लेकिन वह अपने घर में व्यस्त होगी सोचकर मैनें भी दो-तीन दिन तक नहीं बुलाया ।मैं नहीं चाहती थी कि वह अपने सास-ससुर को छोड मेरे पास आकर ब
 
सीमा सचदेव
पसंद करें
5
नापसंद करें

60 रुपये की चोरी - 1

बात लगभग अढाई साल पुरानी है , हम दिल्ली में थे हमारे साथ वाले फलैट में एक नव-विवाहित पति-पत्नी रहते थे, नये ही आए थे और अभी केवल चार-पाँच माँह पूरव ही शादी हुई थी हाथों में चमचमाता सफ़ेद- लाल रंग का चूडा , हरदम मेंहदी से रंगे हाथ , पैरों में पायल की छ
 
सीमा सचदेव