6
निकालेंगे यहीं से एक नहर ~~
रूठे बादलों तुम्हारा रूठना सबक दे गया बेशक तूँ हमारे दुख-दर्द न हर तय कर लिया है हमने निकालेंगे यहीं से एक नहर ……………………………… जैसे ही बादलों ने धरा को मेंह दी उसे लगा साजन आने वाले हैं वह रचने लगी मेंहदी
Jun 07 2010 08:03 PM


Shuffle








