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19 May 2010
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"राहुल-विकास-कांग्रेस"

"हमें जातिगत या एक समुदाय विशेष को लेकर ये लड़ाई नहीं जितनी है हमें सबको साथ लेकर चलना है " ये वाक्य है कांग्रेस पार्टी के युवराज राहुल गाँधी का जो कल अहरौरा जो की तिन जिलो की त्रिशंकु सीमा पर स्थित है । लोगों ने अपने उस युवराज के लिए पलक पावडे बिछाये थे
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"नक्सलियों का लाल सलाम "

यार फैज़ देखा दंतेवाडा में एक बार फिर खून की होली खिली नक्सलियों ने , पर फिर भी आँखे नहीं खुलेगी सरकार की , कोई समुचित उपाय नहीं किया जायेगा बस कुछ दिनों तक ओछी राजनीती होगी इस मुद्दे पर और फिर सबकुछ शांत । कुछ दिनों के बड फिर होगा कोई बड़ा नक्सली हादसा
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"वो गूंगी है "

शाम के ६ बजे थे इलाहाबाद का सिविल लाइंसबस डिपो पर लोगों का हुजूम था । हमें भिओ बनारस जाना था और हम कैंट डिपो की बस में सवार थे बस वहां से शाम के ७ बजे चली अभी उसने चुंगी पार ही की थी की एक ७० साल के बुजुर्ग ने बस को हाथ दिया और बस रुक गयी मै एकदम आगे की
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"भारतीय सिनेमा जगत के पोस्टर -अंतिम भाग "

यह भाग इस रोचक जानकारी का अंतिम भाग है । जैसा की मैंने पिछले भाग में अंत में कहा था की हम अगले भाग में "अन्ना - रस्कला" की बात करेंगे तो आप सभी ये समझ गए होंगे की मै तमिल फिल्मो के पोस्टरों की बात कर रहा हूँ ।तमिल फिल्मो के पुराने पोस्टरों में शुरू से ही
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"भारतीय सिनेमा जगत के पोस्टर-बदलता चेहरा भाग ४ "

भारतीय सिनेमा जगत में बंगला फिल्मो का बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा है । इन फिल्मो के पोस्टर की बात करे तो काफी कुछ कहते हुए नज़र आते है । पिछले साल एक फिल्म आई थी "लव" आप यही घबरा गए होंगे की बंगला फिल्म का नाम वो भी अंग्रेजी में क्या बात है , तो जनाब ये है
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"भारतीय सिनेमा जगत के पोस्टर - बदलता चेहरा भाग ३"

आएये बात को आगे बढ़ाते है आज हम बात करेंगे पुरानीफिल्मो की जिन फिल्मो में हीरो की ही-मैन की छवि पेश की जाती थी यानि हीरो हमेशा उची उची फेकम्छाप मचाये रहता था । ओं फिल्मो के पोस्टरों में हीरो या तो अकेला दिखाई पड़ता था या फिर अपनी माँ के आँचल में सर छुपाये
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"भारतीय सिनेमा जगत के पोस्टर- बदलता चेहरा भाग २ "

राउं लोगन के राम राम आप सब इ सोचत होइए की इ का इ तो भोजपुरी बोले लगन बाकि बात इ है की आज हमनी भोजपुरी की बात करल जाई त ....ठीक है तो सुनिए मेरा कैमरा जब भोजपुरी फिल्मो के बारे में बता रहा था तो वो मुझसे भोजपुरी में ही बात कर रहा था सो मैंने भी सोचा
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"भारतीय सिनेमा जगत के पोस्टर- बदलता चेहरा "

हमारा भारतीय समाज काफी दिनों से फिल्मो का मज़ा ले रहा है । ये समाज शुरुआत से ही फिल्मो का आधा मज़ा उनके पोस्टर देख कर लेता आया है । जैसे जैसे फिल्मो को बनाने की सोच बदली वैसे ही वैसे उनके पोस्टर भी, मेरे कैमरे ने भी इस बात का जायजा लेने की सोची और निकल
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"काशी की होरी"

आप सब से किया हुआ वादा पूरा कर रहा हूँ । मेरे कैमरे ने जो देखा काशी की होली में उसे यहाँ पेश कर रहा हूँ शायद आप सब को पसन्द आये ...........
 
Saiyed Faiz Hasnain
Mar 05 2010 10:46 AM
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"हमारा देखिये चेहरा बजट की मार है - होली"

वह मज़ा आ गया क्या हुडदंग था होली का , अब तो लगभग समाप्ति की तरफ अग्रसर है या हुडदंग । मै और मेरा कैमरा अभी अभी दशास्वमेध घाटसे रंगों में सराबोर होकर आये है । वहां एक अख़बार का टुकड़ा उसे चहेलकदमी करता हुआ दिख गया जिसे वो उठा लाया , काफी पुराना सा आधा फटा
 
Saiyed Faiz Hasnain
Mar 01 2010 02:30 PM
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'होली है होली"

ब्लॉग जगत के सभी ब्लोगर को मेरी और मेरे कैमरे की तरफ से रंगों के इस त्यौहार की हार्दिक शुभकामनाये । आप सभी को रंगों के इस त्यौहार पर नए समाचार की प्राप्ति हो जिससे आप का जीवन पुलकित हो जाए । आप सभी से एक विनम्र निवेदन है की कम से कम सिंथैटिक रंगों का
 
Saiyed Faiz Hasnain
Feb 28 2010 01:35 PM
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बजट खुल गया

यार फैज़ ये "बजट" शब्द कहाँ से आया मेरा कैमरा अपने आँखे साफ़ करता हुआ बोला ,"बजट" शब्द कैसे प्रचलन में आया इसकी एक रोचक कहानी है। दरअसल इंग्लैण्ड कई मामलों में फ़्रांस से प्रेरणा लेता रहा है और फ़्रांस की भाषा फ्रेंच में "बूजेत " का अर्थ है चमड़े का झोला । सन
 
Saiyed Faiz Hasnain
Feb 25 2010 11:41 AM
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"मनसे" गुंडागर्दी

अरे यार फैज़ अब मै क्या करूंगा, क्यों क्या हुआ ? होना क्या था अब "मनसे गुंडागर्दी " करने वालों का उत्तर भारतियों के लिए एक नया तुगलकी फरमान आया है की सभी टैक्सी चालकों को लाइसेंस के लिए मराठी बोलना ज़रूरी होगा वरना उन्हें टैक्सी नहीं चलने दी जाएगी ।
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"आज तो छुट्टी है "

आज हम सब पिकनिक पर चलेंगे , हाँ पापा आज हमारे यहाँ भी छुट्टी है बस थोड़ी देर में हम सब वापस आ जायेंगे , और मै भी खाना नहीं बना रही हम सब बाहर खाना खायेंगे। यार कौन से मूवी लगी है, अरे ३ इडियट्स देखते है चल कर या फिर वीर । मम्मी देखो आज हमारे स्कूल में
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"बुझ गया मार्क्सवाद का अंतिम चिराग"

चौबीस साल मुख्यमंत्री बने रहना आसान नहीं होता। यह नामुमकिन सा काम किया ज्योति बाबू ने। देश में सबसे पहले भूमि सुधार लागू कर करोड़ों भूमिहीनों को लाभ पहुंचाया। प्रशासन को पंचायतों तक पहुंचाया। वे भद्रलोक के भी राजा थे। प्रधानमंत्री नहीं बन सके तो यह उनकी
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"हेती को बचा लो "

उत्तरी अमेरिकी महाद्वीप के कैरेबियाई क्षेत्र के एक छोटे से देश हेती की राजधानी पोर्ट ऑफ प्रिंस गत 13 जनवरी की शाम 4 बजकर 53 मिनट पर उस समय प्रकृति की महाविनाश लीला का एक बहुत बड़ा केंद्र बन गई जबकि इस क्षेत्र को 7.3 क्षमता के भयानक भूकंप का सामना करना
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"नदियाँ कराह रही है"

आप सभी को नूतन वर्ष की शुभकामनाये। वर्ष का शुभारम्भ हो चुका है, सभी लोगों ने इसका स्वागत अपने तरीके से किया । किसी ने पार्टी दी ,किसी ने आतिशबाजी की ,कोई आज तक नहीं उठा ,प्रकृति ने भरी ठण्ड और कोहरे से नए वर्ष का स्वागत किया । साथी ही चन्द्र ग्रहण और अब
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"आधुनिक मोसमी का रस"

आज सत्ता के गलियारों में काफी चहल पहल थी, सभी नेता एक दुसरे के दिल का हाल जानने में लगे थे ,सभी अपने समर्थकों से घिरे थे ,किसी के पास बात करने की फुर्सत नही थी । मेरा कैमरा भी कड़ी धुप में उन सांसदों का इंतज़ार कर रहा था जो दिल्ली एअरपोर्ट पर उतर रहे
 
Saiyed Faiz Hasnain
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" कूड़े में पाठशाला "

अरे कैमरे ये तस्वीरे कहाँ की है ???? ये है अपने यहाँ से ७० किलोमीटर दूर स्थित पूर्वांचल यूनिवर्सिटी की है , जो की एक बहुत बड़ी विद्या- संस्था है । ये बच्चे उसी के गलियारों में कूड़ा बीन रहे है। .....तुने गौर से नही देखा फैज़ इनकी पीठ पर बसते भी है, जो ह
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"भारतीय एकता के सत्रह साल"

मेरा कैमरा आज मुझसे पूछ रहा था यार फैज़ आज ६ दिसम्बर है ना ,मैंने कहा हाँ आज कोई काला दिवस मनायेगा कोई शोर्य दिवस मनायेगा । तुम ठीक कहते हो फैज़ पर क्या किसी ने इस ध्यान दिया है की इन सत्रह सालों में हमारी एकता और अखंडता कहाँ तक पहुँची है.............
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"क्या होगा उस महापुरुष के जाने के बाद"

मेरा कैमरा आज सुबह से टी.वी के आगे बैठा मैच देख रहा था और आंसू बहा रहा था मैंने पूछा क्या हुआ तो बोला मैसोच रहा था की क्या होगा जब क्रिकेट का यह महापुरूष संन्यास ले लेगा । सचिन रमेश तेंदुलकर या यूँ कहे की सचिन रिकार्ड तेंदुलकर तो कोई अतिश्योक्ति नही
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"दलितों की कब्रगाह"

अरे यार फैज़ तुमने आज मुकुल श्रीवास्तव जी की बीबीसी पोस्ट पढ़ी क्या (मेरे कैमरे ने मुझसे पुछा )...नही यार कुछ ख़ास है क्या उसमे । हाँ ख़ास ही है हम जौनपुर के कितने करीब है पर नही जानते और उन्हूने इतनी दूर से पता लगा लिया । अरे क्या ये बातें गोल गोल घुम
 
Saiyed Faiz Hasnain
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२२ जनवरी २००९ से १५ नवम्बर २००९ तक .......

ये क्या हुआ ......ये क्या हुआ ............ये क्या हुआ ......... अरे यार फैज़ आज क्या हुआ जो तुम ये गाना गा रहे हो (मेरे कैमरे ने मुझसे पूछा )॥अरे तुम को नही मालूम । तो सुनो राजनीति का बहुप्र्तिछित फैसला आज आ गया जिसका समाजवादी पार्टी के विपक्छी दल को
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"भगत सिंह होने का मतलब"

जालिम फलक ने लाख मिटने की फ़िक्र की ,हर दिल में अक्स रह गया तस्वीर रह गई " "मै एलान करता हूँ की मै आतंकवादी नही हूँ ,और अपने क्रन्तिकारी जीवन के आरंभिक दिनों को छोड़कर शायद कभी नही था और मै मानता हूँ की उन तरीकों से हम कुछ हासिल नही कर सकते ".......भग
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"आख़िर क्यों बेच रहे है माँ "

अरे चचा बड़े परीशान दिखाई पड़ रहे है क्या हुआ , अरे क्या बताये बेटा मेरी गाय अब दूध नही देती । मुझे ही उसे अलबत दिन भर चारा खिलाना पड़ता है एक तो आमदनी कम दुसरे घर का खर्चा और उसपर ये बिना मसरफ की गाय क्या करून बड़ा परेशान हूँ सोचता हूँ इसे बेच कर दूसर
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"ये क्या है ?"

आज उस बूढे ने आपनी जिंदगी भर में ऐसा अपमान शायद आज पहली बार सहा था । वह कोई बहुत अमीर तो नही था लेकिन mehnat और स्वाभिमान की अटूट पूँजी उसके पास थी । आँखे मारे थकान के बोझिल हो गई थी । बंद होती आँखों में गुज़रा ज़माना याद आने लगा जब वह अपने बेटे को कंध
 
Saiyed Faiz Hasnain
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ये क्या हो रहा है ......

उफ़ कैसा मंज़र था लखनऊ के उस इंजीनियरिंग कॉलेज का चारों तरफ़ भय का माहोल था सभी लड़कियां पूनम की मौत के बाद सहमी हुई थी । कोई भी कुछ बताने को तैयार नही था । जैसे लड़कियों को कॉलेज प्रशासन ने ने कुछ भी बताने को मना किया हो ......ये सब हुआ रेगींग के चलते
 
Saiyed Faiz Hasnain
Sep 17 2009 12:47 PM
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अब तेंदुओं की बारी .............

क्या भाई फैज़ कहाँ थे आज कल कोई नई पोस्ट नही आ रही थी तुम्हारी कहाँ थे तुम ? अरे कही नही यार रमजान चल रहा है न मौका नही मिल रहा था । जनता है फैज़ आज कल लोग शेर के साथ साथ तेंदुओं को भी नही छोड़ रहे है । वन्यजीव पर काम कर रही गै़र सरकारी संस्था
 
Saiyed Faiz Hasnain
Sep 13 2009 02:43 PM
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"आस्थ का सिक्योरिटी चेक"

आप सोचेंगे मैंने इस पोस्ट का नाम ये क्यों दिया ,तो सुनिए मुद्दा शिर्डी के साईं बाबा से जुडा हुआ । काफी दिनों से चल रहे वीवाद का आज निस्तारद तो हो गया मगर एक नया मुद्दा ये है की यदि बाबा की चाँदीकी चरण पादुका अमेरिका ले जाई गई तो क्या उसे बिना सिक्योरिटी
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"सर कटाने चला था वतन के लिए"

आज जब मै ऑफिस से घर पहुँचा तो मेरा कैमरा मुझसे कहने लगा फैज़ तुने अपना कुरता -पैजामा धुलवा कर प्रेस करवाया की नही ,मैंने पुछा क्यों तो वो बोला अरे पगले १५ अगस्त आ रही है । तुझे भी तो कही झंडा फहराने के लीये जाना होगा ......नही यार कल मेरी कालोनी वालों ने
 
Saiyed Faiz Hasnain
Aug 07 2009 11:56 AM
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जंगल का राजा कौन "आदमी या शेर"

उफ्फ्फ कैसा डरावना मंज़र रहा होगा वो जब वो लोग शेर का शिकार किया हुआ मांस उसके मुँह से छीन ले गए । ये सब बातें मेरा कैमरा मुझसे बता रहा था । उसने मुझसे पूछ लिया की आख़िर ये मनुष्य कितना बड़ा जानवर है की वो जंगल के राजा शेर का भी भोजन छीन ले रहा है । अब
 
Saiyed Faiz Hasnain
Jul 30 2009 02:03 PM
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"जय हो"

कल मै बहुत आहत था , मैंने ये कभी नही सोचा था की हमारे देश में हमारे शहीदों के साथ ये होगा । आप सोचेंगे आख़िर हुआ क्या तो सुनिए ॥कल मै जब सुबह टी। वी देख रहा था तभी मेरे घर के बगल के एक बच्ची ने मुझसे एक सवाल पूछा की अंकल ये कारगिल क्या है सुबह से दिखा
 
Saiyed Faiz Hasnain
Jul 27 2009 01:00 PM
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"पढ़-पढ़कर बालक हुए लछ्य हीन बदहाल, है व्यवसाय न नौकरी ,जीवन है जंजाल"

कल मेरा कैमरा अस्पताल से लौट आया मैंने उसे एक पत्रिका दी ताकि वो बोर न हो ,थोडी ही व्यापार बाद वो मेरे पास आया और मुझे कुछ पढ़ कर सुनाया । वही मै आप को पढ़ना चाहता हूँ । शायद आप को सतीश वर्मा जी का यहाँ रोचक लेख पसंद आएगा ................ जीवन में अब
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"मुर्दा कब्र के बाहर आया"

सभी कहते है की भारत देश का क़ानून सबसे अच्छा है । लेकिन मैकहता हूँ की यहाँ का कानून सबसे ख़राब है । आप सोच रेहे होंगे मैंने ऐसा क्यों कहा तो सुनिए .........ये वही क़ानून है न जिसे कभी पूजा जाता था कहा जाता है की या सभी नागरिकों को सामान रूप से जीने क
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"समलैंगिक फ़ैसला"

आज मेरा कैमरा अस्पताल में भरती है ,कल रात से उसकी तबियत ख़राब है । मुझसे डॉक्टर ने पुछा की क्या हुआ है इसे तो मै बता भी नही पाया । पर आप से बताना चाहता हूँ ............. कल जब सुप्रीम कोर्ट का समलैंगिक फ़ैसला आया तभी से ये बहकी बहकी बातें कर रहा था ।
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"बोरवेल अंकल का साछात्कार"

कल एक और बच्ची "बोरवेल अंकल" के मुँह में जा गिरी । फ़िर क्या था हाँथ पाँव फूल गए प्रशासन के सभी भाग दौड़ करने लगे । एक बार फ़िर खबरिया चैनलों को २४ घंटे दर्शकों को बांधने का मौका मिल गया। मेरा कैमरा भी निकल गया इस घटना क्रम को करीब से देखने ,और जब वो ल
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"जनहित में जारी -महिला सशक्तिकरणके नुक्सान "

आज मेरा कैमरा मुझे कुछ जानकारी दे रहा था । वो महिला सशक्तिकरणके नुक्सान के बारे में बता रहा था । उसने मुझे बताते हुए कहा .....जनता है फैज़ ..... जब से राष्ट्रपति सर्वोच्च पद पर महिला विराजित हुई थी, तभी से आपराधिक राजनीति के जनक पुरुषों की नींद हराम
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"ये माँ क्या होती है"

माँ................... ये लफ्ज़ सुनते ही मन में मिसरी सी घुल जाती है । आज मेरा कैमरा मुझसे ये जानना चाहता है की ये माँ क्या होती है ....वो मुझसे बोला फैज़ तो माँ को इतना क्यों मानता है ,आख़िर माँ है क्या चीज़ । मैंने उससे कहा सुन माँ क्या है ,दुनिया
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"मज़बूत होता महिला वर्ग"

आज मै काफी दिन के बाद कंप्यूटर पर काम कर रहा था की मेरा कैमरा मुझसे आकर बोला ,फैज़ कहा था तो दिखाई नही दे रहा था ,क्या कही गया हुआ था ....नही यार मेरे एक्साम चल रहे थे । अच्छा बता क्या बात है । कुछ नही तेरे छेत्र से जोड़ी एक ख़बर थी ,जनता है आंध्र प्र
 
Saiyed Faiz Hasnain
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"जनता को मिले रेल,बिजली,सड़क,पानी"

मेरा कैमरा आज अच्छे मूड में था । मेरे ऑफिस से आते ही बोला ,बताओ तुम्हे कौन सा मंत्रालय चाहिए रेल ,बिजली ,पानी ,सड़क ,रछा ,वित्त या फ़िर और कुछ .......मैंने कहा तेरा दिमाग तो नही ख़राब हो गया है । मै कोई सांसद थोड़े ही हूँ जो मुझे मंत्रालय मिलेगा ,वो बो
 
Saiyed Faiz Hasnain