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17 Jun 2010
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26 वर्षों के बाद भी इंसाफ नहीं ....

दुनिया की भीषण गैस त्रासदी का दंभ भोपाल गैस कांड हादसा आज भी रोंगटे खड़ा कर जाता है, इसके दुष्‍परिणाम को आज भी अनगिनत लोग झेल रहे हैं, उन पर विकृत बच्‍चों का जन्‍म मां की आंखों में गाहे-बगाहे आंसुओं का सैलाब ले आता है, उस घड़ी को याद कर, लेकिन हमारे यहां
 
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किसी का गिला ...

किसी का गिला किसी से किया, दिल का बोझ अपने हलका किया । भर गया सब्र से प्‍याला आंखों का, उन्‍हें चंद अश्‍कों से छलका दिया ।
 
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अनुपम हिस्‍सा ....

मां की मुस्‍कान पिता का गुस्‍सा दोनो जीवन का है अनुपम हिस्‍सा वादे पिता के सपने मां के दोनो मिलकर जीवन को देते हैं आकार ।
 
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1411 की सुरक्षा करें ....

देर आये दुरूस्‍त आये कहना सही न होगा, हमारी चेतना जागृत हुई लेकिन जब इनकी संख्‍या बची मात्र 1411 जंगल का राजा बाघ इसकी राजसी जीवन शैली के साथ इसकी आक्रामकता जिसको देख सभी भयभीत होते रहे हैं, और इससे बचकर निकल जाने में ही अपनी भलाई समझते थे, परन्‍तु आज
 
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गुमनाम होता सर्कस ....

सर्कस यह नाम शायद आने वाली पीढ़ी के लिये अपरचित हो जाएगा, बदलते दौर में करतबों की बाजीगरी अब मुश्किल हो चली है, जहां एक डेढ़ दशक पहले जिस शहर में सर्कस लगना होता था, इसके तम्‍बू व पण्‍डाल लगते ही लोग रूचि लेने लगते थे कि कब शुरू होगा, और अब इसका बिल्‍कुल
 
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राष्‍ट्र गीत कोई ....

आओ मिलके करने चलें नमन, तिरंगा भारत मां की शान में लहरा रहा राष्‍ट्र गीत कोई बच्‍चा सच्‍चे मन से गा रहा । गणतन्‍त्र दिवस की शुभकामनाएं
 
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सच्‍चाइयों की बस्तियां ....

संवेदनाओं के शिखर अब ढहने लगे हैं, नयनों में भी अश्‍को की छटपटाहट है । सच्‍चाइयों की बस्तियां वीरान हैं जबसे, झूठ की ऊंची इमारतों में जगमगाहट है ।
 
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इक सुराख से ....

हर कश्‍ती का ख्‍वाब होता है समन्‍दर, पर हर कश्‍ती डरती है इक सुराख से । मानव तन पे अभिमान जीते जी कितना, अंत होता तन का तो बन जाता राख ये ।
 
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विचारमाला ....

आस्‍था जो कि विश्‍वास का दूसरा रूप है, अब वह किसी के प्रति हो, चाहे ईश्‍वर के प्रति हो, माता-पिता के लिए हो, अपने गुरूजनों के लिए हो, मन में जाने कैसे इसके बीज अंकुरित हो जाते हैं जब से हम होश संभालने लायक होते हैं, आजकल तो नासमझ छोटे बच्‍चे भी जब दे
 
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सलाम इनके जज्‍बे को ...

आज की नारी में अदम्‍य साहस एवं शक्ति की कमी नहीं, इस बात का परिचय दिया कल 25 नवम्‍बर बुधवार को हमारी महामहिम महिला राष्‍ट्रपति श्रीमती प्रतिभादेवी पाटिल ने अत्‍याधुनिक लड़ाकू विमान सुखोई-30 में उड़ान भरकर इतिहास रच दिया, ऐसा करने वाली वह दुनिया की पह
 
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सुनहरी धूप ....

धूप सुनहरी कभी इतनी हो जाती कि उसकी चमक आंखों में समा जाती ऐसे कुछ दिखाई न देता चमक के सिवा सूरज इस समय अपनी चरम सीमा में होता, उसे देख पाना इन नाजुक निगाहों से कितना मुश्किल होता है, जैसे सफलता के पायदानों की अन्तिम सीढ़ी पर जब पैर पड़ता है तो कुछ ल
 
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दादी की यादें ...

पिंकी आज अपनी दीदा मां से जिद कर रही थी हां वह अपनी दादी को प्‍यार से दीदा ही कहा करती है .... मुझे कोई कहानी सुनाओ ना मैं और कहानी ... दादी ने हंसते हुये कहा, क्‍या कहा कहानी सुनेगी आज ? हां मैने टी.वी. पर देखा है दादी जो होती है उसे अच्‍छी-अच्‍छी क
 
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SRIJAN

सज गई माता की चौकी हर घर में, नौ दिनों के लिये आ गई मां घर में । झिलमिलाती चूनर मां की लहराये जब, जय माता दी के जयकारे हो रहे घर में । नवरात्रि के प्रवेश उत्‍सव पर सभी को शुभकामनायें !! जय माता दी !!
 
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Sep 19 2009 05:01 PM
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ओम व्‍यास जी की कविता मां स्‍कूली पाठ्यक्रम में

उज्‍जैन के हास्‍य व्‍यंग्‍य के प्रसिद्ध कवि स्‍व. ओम व्‍यास की प्रमुख कविता मां को अगले शिक्षण सत्र से स्‍कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा यह समाचार आज पढ़कर मन में एक सुखद अनुभव हुआ मध्‍यप्रदेश शासन का यह प्रयास स्‍वागतयोग्‍य एवं सराहनीय कहा जाएगा
 
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‘आंठवां फेरा’ .....

समाज का हर व्‍यक्ति जागरूक हो और समाज में फैली बुराईयों को जड़ से खत्‍म करने का संकल्‍प मन में हो तो कोई भी बाधा सामने नहीं आ सकती, एक बेहद अनुकरणीय उदाहण के रूप में सामने आई यह नई पहल उजागर हुई है हरियाणा से कन्‍या भ्रूण हत्‍या रोकने के लिए ‘आंठवां
 
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वक्रतुंड महाकाय . . .

वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ । निर्विघ्‍नं कुरू में देव सर्व कार्येषु सर्वदा ।। विध्‍नहर्ता, मंगलकर्ता भगवान गणेश आप सभी के साथ हमारे घर भी विराज चुके हैं, जब गणपति जी घर आयें हैं तो आइये जानते हैं इनके बारें में यूं तो इनके अनेक नाम हैं, परन्‍तु यह
 
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भारत रत्‍न डा. कलाम के साथ निन्‍दनीय व्‍यवहार

भारत रत्‍न पूर्व राष्‍ट्रपति एपीजे अब्‍दुल कलाम के साथ यहां इन्दिरा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डे पर एक अमरीकी एयरलाइंस द्वारा जबरन जांच किये जाने के मामले को पूरे तीन महीने तक दबा कर रखा गया डा. कलाम कुछ दिनों पहले अमरीकी एयरलाइंस कांटिनेंटल एयरलाइंस
 
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Jul 22 2009 01:01 PM
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जादू लता जी का ....अगला भाग

लता जी : हां, इसके बाद पंडित जी से अगली मुलाकात मुम्‍बई में हुई जहां मैं एक चैरिटी के लिए गा रही थी । मैने आरजू फिल्‍म का गाना ‘ अजी रूठ कर अब कहां ’ खत्‍म किया था कि पंडित जी की फरमाइश आई ‘ अरे लता, ऐ मेरे वतन के लोगों गाओ। ’ मैने उनकी फरमाइश पूरी क
 
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जादू लता जी का कायम है आज भी . . .

हम सबने लता जी को तो बहुत बार सुना, उनकी आवाज का जादू आज भी पूर्ववत कायम है, आज आपके सामने प्रस्‍तुत हैं उन पर लिखी गई पुस्‍तक के कुछ अंश जिसमें मिलेंगे लता जी की जिन्‍दगी के अनछुए पहलू . . . बात 1949 की है जब फिल्‍म महल का गीत ‘ आयेगा आने वाला ’ हर
 
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नकली नोटों से सावधानी ऐसे बरतें . . .

वैसे तो इन दिनों नकली नोटों से सावधानी बरतने के सम्‍बंध में कहा ही जा रहा है, खासतौर पर यदि यह नोट 1000 और 500 के हों तो ध्‍यान देना भी चाहिए, फिर भी छोटी-छोटी बारीकियां जिन पर यदि थोड़ा ध्‍यान दे दिया जाये तो, होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है, ऐसी
 
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हृदय रोगियों के लिये वरदान बना यह हास्पिटल

अभी पिछले दिनों ही पढ़ने में आया कि ऐसा भी हास्पिटल है जहां हृदय रोगियों का नि:शुल्‍क इलाज किया जाता है, तो सोचा इसे आपके समक्ष प्रस्‍तुत करूं हो सकता है कि इसका लाभ किसी ऐसे व्‍यक्ति को मिले जिसे कि वास्‍तव में इसकी जरूरत हो, तो इस संस्‍थान के बारे
 
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जवाब . . . कसरत दिमाग की ???

जवाब - अपराध आत्‍महत्‍या का था कल मेरा आपसे सवाल था ?? एक अपराध हुआ है और एक जान गई है, पुलिस को मरने वाले शख्‍स का नाम, पता और अन्‍य जान‍कारियां हैं, इसके बावजूद अपराध करने वाले पर कोई मुकदमा नहीं चल सकता है, क्‍यों ?
 
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कसरत दिमाग की

एक अपराध हुआ है और एक जान गई है, पुलिस को मरने वाले शख्‍स का नाम, पता और अन्‍य जान‍कारियां हैं, इसके बावजूद अपराध करने वाले पर कोई मुकदमा नहीं चल सकता है, क्‍यों ?
 
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ताज की सुन्‍दरता में उत्‍पन्‍न होते खतरे

भारत की शान ताजमहल जो कि विश्‍व के सात आश्‍चर्य में शामिल है जिसे एक नजर पास से देखने की चाहत भारत में रहने वाले ही नहीं विदेशियों के मन में भी बसी हुई है और वह इसे भारत आने पर देखने से नहीं चूकते, लेकिन इसकी शान में दाग लग रहा है इसके आस-पास का वाता
 
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चल दिया बिना कुछ कहे . . .

मृत्‍यु हमेशा इंसान के साथ-साथ रहती है, वह इंसान नहीं जानता की कब वह उसे अपनों से दूर कर देगी, कवि अक्‍सर अपनी कल्‍पनाओं में, या एक आम व्‍यक्ति जो लेखक नहीं भी होता वह भी उसका जिक्र कभी न कभी कर ही देता है, परन्‍तु यह जब आती है तो किसी को एक पल का मौ
 
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आवश्‍यक होता मोबाइल . . .

मिस काल . . .कुछ याद आया आपको . . . अरे भई आज हम मोबाइल युग में जी रहे हैं जहां अधिकांशत: लोग मोबाइल धारी या जिनके पास मोबाइल नहीं है वह इसे लेने के इच्‍छुक हैं जब से हम मोबाइल का उपयोग अपने दैनिक जीवन में करने लगे हैं तभी से मिस काल का प्रयोग भी आम
 
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छोटी उम्र में बड़े होते बच्‍चे . .

हम बदल रहे हैं, बदलना पड़ रहा है, वक्‍त के साथ चलना भी जरूरी है लेकिन इस तरह ना चला जाय कि हमारा आज जो खुशियों से भरपूर है वह दुख या किसी अनजानी पीड़ा में बदल जाये । जी हां बात हो रही है आज के बच्‍चों की जिन्‍हें जल्‍दी है वक्‍त के पहले बड़े होने की
 
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सच होता सा ख्‍वाब कोई . . .

सपने देखना किसे अच्‍छा नहीं लगता, सबकी आंखों में कोई न कोई सपना बसा होता है, हां ये बात जरूर है कि सबके सपने पूरे नहीं हो पाते लेकिन फिर भी लोग सपने देखना बन्‍द तो नहीं कर देते, कुछ लोगों को ऐसा जुनून होता है कि वे दुगनी गति से अपने सपनों को पूरा करन
 
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इसका शीर्षक आपको स्‍वयं रखना है . . .

ईश्‍वर एक है परन्‍तु उसके रूप अनेक हैं इस बात को बहुत ही ज्ञानी ध्‍यानी, साधु महात्‍मा पहले ही कह चुके है, फिर उस बात को दोहराना कोई बहुत जरूरी तो नहीं है, लेकिन अपनी बात की शुरूआत सिर्फ इसी लहजे से हो सकती है . . . कोई आठ-दस साल पहले की बात है, हमार
 
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पानी के चलते बदलता रूख . . .

प्रदेश में पानी की इतनी गंभीर समस्या बनी हुई है कि जिसके चलते लोग अपने आपसी सम्बंधों को भी ताक पर रख देते हैं जिसकी परिणति इस तरह से हुई कि राजधानी में तीन लोगों की हत्या कर दी गई माता- पिता और बेटा इन तीन लोगों ने पानी की समस्या से उपजे विवाद में अप
 
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मंदी के दौर में मंहगा होता सोना

मंहगाई के दौर में जहां आंकड़े मंदी को बयान कर रहे हैं , वहीं कीमती धातु सोना तो इस समय आसमान की बुलंदियों का छू रहा है। एक तो समय है शादी ब्याह का और सोने में चल रही तेजी से आलम यह है कि खरीद-फरोख्त करने वाले लोगों का हाल बेहाल है। शादियों के मौसम मे
 
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एटीएम कार्ड है तो इस्तेमाल आना भी ज़रूरी

राष्ट्रीयकृत बैंको ने बेहतर सेवा देने की वचनबद्धता के साथ लोगों को नित नई सुविधाओं से परिचित कराया, ताकि अकाउंट होल्डर्स हर तरह से अपने धन को सुरक्षित रख सके और वक्त पड़ने पर अपने धन का सदुपयोग कर सके। आधुनिकता के इस दौर में बैंको ने कुछ वर्षों से एक
 
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