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25 May 2010
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आखिर क्यों ?

पिछले छः महीनों पर नजर दौड़ायें तो मालूम चलता है कि भारत की पृष्ठभूमि पर बनी और लिखी एक फिल्म और एक उपन्यास ने काफी धूम मचाई है. उसे विश्वस्तर पर ख्याति भी मिली और पुरस्कार भी. फिल्म है स्लमडौग मिलेनेयर तथा उपन्यास है – द व्हाइट टाइगर. फिल्म ने गोल्डन
 
Navnit Nirav
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बेबस मोर

कहते हैं कि मनुष्य ने नाचना मोर से ही सीखा है. अगर आकाश में काले-काले बादल घिर आयें और मोर नाचने लगे तो पूरी सृष्टि ही मानों ठहर सी जाती है , उसका नृत्य देखने के लिए. तभी तो यह भारत, श्रीलंका और मयांमार का राष्ट्रीय पक्षी है. राजस्थान के कुछ इलाको में तो
 
Navnit Nirav
May 25 2010 09:14 PM
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फेयर वेल

दोस्तों ," जाने में अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं".....अभी तक इस बात का अनुभव नहीं हो रहा था या शायद मन नहीं मान रहा था कि यहाँ से जाना है. लेकिन आज की घोषणा ने मन थोडा व्यथित कर दिया है खास कर क्लास में शोभन गुहा की बात कि शायद इसके बाद हम नहीं मिलें.
 
Navnit Nirav
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१४११

"बाघ को स्वतंत्र विचरण करते देखना इक सुखद अनुभूति का बोध कराता है. उसकी उसकी चाल, उसके शरीर पर बनी आकर्षक धारियां अनायास ही लोगों का मन मोह लेती है.सही मामलों में यह हमारे देश का राष्ट्रीय पशु है. पिछले सप्ताह मुझे इक प्रसिद्ध जैविक उद्यान घूमने का मौका
 
Navnit Nirav
Feb 21 2010 01:17 AM
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जज्बा देशभक्ति का .........

बहुत सालों पहले एक फ़िल्म देखी थी - हिंदुस्तान की कसम। जिसमें अमिताभ बच्चन एक व्यक्ति से एक संवाद करते दिख जाते हैं जो किसी भी हिंदुस्तानी के लिए गर्व की बात हो सकती है।यह संवाद इस तरह था - यह तीन रंगों में छपा महज कपड़े का टुकड़ा नहीं , तुम्हारा राष्
 
Navnit Nirav
Dec 29 2009 11:58 AM
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नया दोस्त

दो महीने ( दिसम्बर और फ़रवरी ) गाँव में काम करने के बाद हम सभी मार्च के पहले हफ्ते में अपने कालेज कैम्पस में लौट आए। दो महीनो में मैंने गाँव से जुड़े हर पहलू का अध्ययन किया और आज उसकी रिपोर्ट जमा की। कैम्पस के ये महीने बहुत ही तनाव भरे रहे हैं । इसी
 
Navnit Nirav
Dec 29 2009 11:58 AM
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उत्कल दिवस और किरण बेदी

१ अप्रैल २००९ को हमारे कीट विश्वविद्यालय में उत्कल दिवस मनाया गया । इस अवसर पर डॉ . किरण बेदी ने हम सभी विश्वविद्यालय के छात्रों को संबोधित किया । विषय था - वर्त्तमान परि प्रेक्ष्य में महिलायों की स्थिति । मैंने भी उनके संबोधन को सुनाने का सौभाग्य पा
 
Navnit Nirav
Dec 29 2009 11:58 AM
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गणतंत्र दिवस के मायने

आज २६ जनवरी को पूरा देश गणतंत्रता की ६० वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस समय मैं अपनी गाँव सम्बन्धी रिपोर्ट बनाने के लिए झारखण्ड राज्य में पलामू जिले के पाटन ब्लाक के रब्दि गाँव में हूँ। ढाई महीनों तक मुझे यहाँ रहना है । कल रात को मैं जल्दी ही सो गया था क
 
Navnit Nirav
Dec 29 2009 11:58 AM
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विश्व ऐड्स दिवस

१ 1 दिसम्बर को विश्व भर में ऐड्स दिवस मनाया जाता है। सामान्यतः बिसनेस स्कूलों में इस विषय पर चर्चाएं आयोजित की जाती है या फिर लोगों को पता भी नही चलता है की आज ऐड्स दिवस है। कीट यूनिवर्सिटी ,भुबनेश्वर जहाँ मैं रुरल मैनेजेमेंट की पढ़ाई कर रहा हूँ, जनर
 
Navnit Nirav
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बाली जात्रा mahotsva

दिनांक - १५ अक्तूबर २००८ दिन - शनिवार बाली जात्रा महोत्सव उडीसा का सबसे बड़ा महोत्सव है । जिसे यहाँ बड़े ही धूम -धाम से मनाया जाता है । यह महोत्सव कार्तिक पूर्णिमा से शुरू होकर आगे एक सप्ताह तक चलता रहता है। लाखों लोग हर दिन इस मेले में घूमने आते हैं
 
Navnit Nirav
Dec 29 2009 11:58 AM
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दीपावली पर्व

हर व्यक्ति के जीवन के कुछ सीमित उद्देश्य होते हैं जैसे : अच्छी शिक्षा के बाद अच्छी नौकरी , अपना मकान आदि । और यदि एक शिक्षार्थी किसी संस्था में नामांकन कराता है तो वह कुछ बातों पर तो अवश्य नजर डालता है जैसे : सुविधाएं , शिक्षा की दशा , संस्था का अपना
 
Navnit Nirav
Dec 29 2009 11:58 AM
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कैम्पस

शिक्षा हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग है । चाहे वह परंपरागत हो या फिर आधुनिक । आधुनिक शिक्षा कहने का मतलब प्रोफेशनल कोर्स से है । महात्मा गाँधी के शब्दों में -" शिक्षा कैसी भी हो ? यदि वह चरित्र निर्माण का काम करती है तो सही मायनों में उपयोगी शिक्षा कही
 
Navnit Nirav
Dec 29 2009 11:58 AM
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हिन्दी एक परित्यक्ता

१४ सितम्बर को हर साल की तरह हिन्दी दिवस मनाया गया। जो लोग हर साल हिन्दी को सम्मान देते रहे हैं, उन्हीं लोगों में से ही ज्यादातर लोगों ने ही इसबार भी हिन्दी दिवस में सक्रियता से शिरकत की। इन्टरनेट पर कुछ खास तो नही दिखा।हाँ कुछ एक चिट्ठाकारों ने निबंध,
 
Navnit Nirav
Sep 16 2009 01:23 AM
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किसको कहूं.......कैसे कहूं .........

कुछ घटनाएं आए दिन हमारे जीवन में यूँ ही घट जाती हैं, जिसकी हमने कल्पना ही नहीं की होती है। जैसे आपका अंक पत्र सार्वजनिक(marks sheet) हो जाए, और इस बात की जानकारी आपको अपने कुछ दोस्तों से हो। यदि आपने बहुत अच्छे अंक पाये हैं तो सम्भव है की आपको कुछ शाबाशी
 
Navnit Nirav
Sep 13 2009 06:59 PM
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साइलेंट सफरर

कल रुरल डेवलपमेंट की क्लास में एक वृतचित्र दिखाया गया। विषय था - ग्रामीण क्षेत्रों से रोजगार के लिए पलायन । नेशनल सैम्पल सर्वे १९९९ - २०० ० की रिपोर्ट के अनुसार ८ . ५ मिलियन लोग हर साल ग्रामीण क्षेत्रों से रोजगार के लिए पलायन करते हैं जिनमें ३ मिलियन
 
Navnit Nirav
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ठहरिये! आगे जंगल है-२

सबसे पहले हमारी नाव ने उस क्षेत्र का रुख किया, जहाँ मगरमच्छ सुबह के समय अंडे देते दिख जाते हैं।लगभग १ घंटे तक हम सभी उस क्षेत्र में घूमते रहे । कुछ लोग नाव के ऊपर बैठे हुए थे तो कुछ उसके भीतर। गाइड ने सख्त हिदायत दे रखी थी कि अगर मगरमच्छ दिख जाए तो क
 
Navnit Nirav
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ठहरिये! आगे जंगल है -१

जंगल के पाने कुछ नियम -कानून होते है । इसलिए आप सभी को उनका पालन करना चाहिए। जो लोग वहां जायेंगे उन्हें लाल और सफ़ेद रंग के कपडे नहीं पहनने होंगे। किसी तरह का सेंट या इत्र नही लगाना होगा और सबसे बड़ी बात जंगल में घूमते वक्त वातावरण में शान्ति बनाये रखन
 
Navnit Nirav
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मदर्स डे

जननी जन्म भूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी । जन्म देने वाली माँ और यह धरती माँ जहाँ हमने जन्म लिया है , दोनों ही स्वर्ग से बढ़कर होते हैं। आज हमारी साग (Social Awareness Activity) ग्रुप ने आज एक नाटक का मंचन किया जिसक नाम था 'कुली'। इस नाटक के मध्यम से हमने
 
Navnit Nirav
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१० महीने

इन चित्रों को ध्यान से देखें इनका इस पोस्ट से सम्बन्ध है । स्पस्ट रूप से देखने के लिए हर चित्र के ऊपर क्लीक करें। एक और फोटो मेरे पास है पर उस पर लिखे विचार इतने अभद्र हैं कि उन्हें यहाँ प्रकाशित नही कर रहा हूँ - नवनीत नीरव ) पिछले साल जून महीने में
 
Navnit Nirav