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जिन्दगी की पाठशाला

http://jindgikipaathshala.blogspot.com/
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06 May 2010
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दुर्गति हिंदी की

कहने को तो हिंदी हमारे देश की या यूँ कहें उत्तर भारत की भाषा है आज तक हिंदी को भी राष्ट्रभाषा का दर्जा नहीं प्राप्त हुआ। हो भी कैसे, हिंदी भाषी क्षेत्रो में ही हिंदी दुर्गति की शिकार है। यकीन नहीं होता तो नीचे चित्रों को देखिये और फिर फैसला
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आज ये समस्या भी सुलझ गई

वैसे तो मेरा ब्लॉग अमूमन हॉट लिस्ट में नहीं आता और पाठक संख्या भी औसत ही रहती है पर फिर भी एक बार अवधिया जी ने टिपण्णी में लिखा था की मेरे ब्लॉग को खुलने में काफी समय लगता है. उन्होंने सलाह दी थी कि मैं अपने ब्लॉग पर विडजेट संख्या कम कर दूँ. मैंने भी
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क्रिकेट में प्रत्येक रन के तेरह लाख रूपये - वाह वाह आईपीएल

दीवानगी भी जो न कराये वो कम है. आईपीएल का तृतीय संस्करण ख़त्म हो चुका है. अपने प्रथम संस्करण से ही मीडिया में छाये रहने वाले इस मनोरंजन को क्रिकेट का नाम देकर और आम जनता की भावनाओ से जोड़ कर अब तक तो हर बार अच्छी तरह से भुनाया गया है.क्या आप यकीन करेंगे
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आइपीएल के बहाने भ्रष्टाचार पर एक नज़र

चलिए तीन साल बाद या यूँ कहने थरूर प्रकरण के बाद सरकारी एजेंसीयो ने आइपीएल में लगे पैसे की सुध तो लेने की सोची. देखिये जैसे जैसे परत खुलेगी कितने दोयम दर्जे के नेता इस हमाम में नंगे नजर आयेंगे. दोयम दर्जे के इसलिए क्योंकि जो अवाल दर्जे के छंटे हुए गुंडे
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रामनवमी के पावन अवसर पर एक कविता

सबसे पहले रामनवमी के पावन अवसर पर सभी सुधि पाठको को बहुत बधाई।रामनवमी से दो दिन पहले यानी की परसों ही भगवान् राम को एक बिल्कुल अलग से नज़रिए से समझने का प्रयास मैंने अपने इसी ब्लॉग पर प्रस्तुत किया था. आज इस पवन अवसर पर, डा. हरिओम पंवार द्वारा रचित और
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राम और राम कथा का दर्शन

तुलसी दासजी द्वारा रचित रामचरितमानस केवल एक काव्य ग्रन्थ नही है अपितु ये तो एक कल्पवृक्ष है. बालकाण्ड इस वृक्ष की सबसे गहरी और मजबूत जड़े है. अयोध्याकाण्ड इसका तना है, अरण्यकाण्ड इसकी टहनियां है, किष्किन्धा काण्ड इसके पत्ते है, सुन्दरकाण्ड इसका रस है,
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भला उसका धर्म मेरे धर्म से अच्छा कैसे ?

करीब दो दशक या उससे भी पहले, भारत में टीवी पर एक विज्ञापन आना शुरू हुआ था, "भला उसकी साडी मेरी साडी से सफ़ेद कैसे" ठीक वैसा ही हम आज भी देख रहे है जब लोग अनजाने में ही सही कह रहे है "भला उसका धर्म मेरे धर्म से अच्छा कैसे ?" वो ये सिद्ध करना चाहते है कि
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शास्त्रों में जिस रक्ष संस्कृति का वर्णन है वो क्या है ?

जैसा की मैंने कल के अपने लेख में लिखा था हिन्दू धर्म ग्रन्थ में लिखे हर श्लोक के चार प्रकार के अर्थ (शब्दार्थ, भावार्थ, व्यंगार्थ और गुडार्थ) निकले जा सकते है. संत कवी तुलसीदासजी ने ये पहले ही जान लिया था कि आगे कलयुग में आने वाले समय में आम मनुष्य,
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किसी भी धर्म के बारे में गलत बोलना या लिखना क्या उचित है

ये बात बिलकुल सही है कि समय के साथ साथ हिन्दू धर्म का हास होता गया है और आज समाज में व्याप्त बाबाओ के विभिन्न रूप जैसे की हत्यारा बाबा, बिचौलिया बाबा, सेक्स रैकेट वाला बाबा, स्टिंग बाबा, अय्याश बाबा, गाली बोलता बाबा, बिस्तर में बाबा, ढोंगी बाबा, पाखंडी
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हिन्दू धर्म की कुछ प्रचलित विशेषताएं

हिंदुत्व केवल धर्म नही अपितु ये सफल जीवन जीने का तरीका है. हिंदू धर्म में कई विशेषताएँ है. इसको सनातन धर्म भी कहाँ गया है. भागवद गीता के अनुसार सनातन का अर्थ होता है वो जो अग्नि से, पानी से , हवा से, अस्त्र से नष्ट न किया जा सके और वो जो हर जीव और
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भगवान् राम और माँ सीता के विवाह से सम्बंधित कुछ भ्रांतियां

हाल ही में नेट पर देखा की कुछ विशिष्ट जन को भगवान राम और माँ सीता के विवाह के सन्दर्भ में कुछ भ्रान्ति है. कुछ तर्क वाल्मीकि रामायण से लेकर ये निष्कर्ष निकला जा रहा है की विवाह के वक़्त माँ सीता की उम्र महज छ साल की थी, जो कतई सही नहीं है.जैसा की हम सब
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आधुनिक कॉरपोरेट मैनेजमेंट और श्रीमाद्भाग्वाद गीता

महाभारत की पृष्टभूमि में महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित श्रीमदभगवद गीता को केवल एक धर्म ग्रन्थ कहना सूरज को दिया दिखलाने के समान है। आज हर रोज की भाग दौड़ में त्रस्त हुआ मनुष्य जब खुद को असहाय और असहज पाता है तो ऐसे में,श्रीमद्भगवद्गीता एक या ग्रन्थ न होकर,
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किसी भी चर्चा को बहस बनने से कैसे रोके

हम लोग प्रतिदिन अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक पेशे में अन्य लोगो से चर्चा करते है । ये सर्वविदित है की वार्तालाप में सम्मिलित हर व्यक्ति का अपना एक दृष्टिकोण होता है. हर व्यक्ति अपने फायदे को इस चर्चा में सबसे ऊपर रख कर चर्चा में हिस्सा लेता है. ऐसे में
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बातचीत का मनोविज्ञान

शब्दों का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हमारे ऊपर भौतिक और रासायनिक प्रभाव पड़ता है. आप किसी छोटे बच्चे को तुतला कर बोलते हुए देखते है तो अनायास ही आपको उस पर प्यार आ जाता है. कोई आपकी तारीफ करता है तो आपके चेहरे पर एक मुस्कान आ जाती है और कोई अपशब्द
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दोहरे चरित्र वाला देश का तथाकथित प्रजातंत्र

दृश्य एक :दिनांक : १७ दिसम्बर २००९.स्थान : किंग क्रोस स्टेशन, इंग्लैंड.समय :सुबह के दस बजकर पेंतीस मिनिट.दस बजकर पैतालीस मिनिट पर इसी किंग्स क्रोस स्टेशन से चलकर नोरफ्लोक के किंग लिन स्टेशन तक जाने वाली रेल गाड़ी प्लेटफॉर्म नंबर ग्यारह पर खड़ी है. तभी इस
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शाकाहारियों में कैंसर का ख़तरा कम

ब्रिटेन में किए गए एक अध्ययन में कहा गया है कि शाकाहार से कैंसर से रक्षा में मदद मिल सकती है. अध्ययन के अनुसार शाकाहारी लोगों में मांसाहारी लोगों की तुलना में कैंसर के बहुम कम मामले देखे गए. ये अध्ययन ब्रिटेन में 52,700 पुरुषों और महिलाओं पर किया गया
Dec 29 2009 11:50 AM
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गरीब देशवासियों की अमीर सरकार

आर्थिक मंदी के इस आलम में नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) की चौंकानेवाली रिपोर्ट आई है. ये रिपोर्ट है विदेशी सहायता के बारे में. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत सरकार 78 हज़ार करोड़ रुपए की विदेशी सहायता का इस्तेमाल नहीं कर पा रही है.और तो और सरका
Dec 29 2009 11:50 AM
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केंद्र सरकार के सकारात्मक निर्णय

देश को आजाद हुए आज साठ से भी ज्यादा साल हो चुके है और इन साठ सालो के सरकार के रिपोर्ट कार्ड में जमीनी तौर पर तरक्की के नाम पर इक्का दुक्का ही कार्य देखने को मिलता है. हमारे देश के तत्कालीन भाग्य निर्माताओ ने जो देश की जो खोखली बुनियाद रखी थी उसे समय
Dec 29 2009 11:50 AM
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वामपंथी भारतीय

हाल ही में १३ अप्रैल के एक समाचार में पढ़ा था कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी महासचिव प्रकाश कराट ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उनकी पार्टी इस बार कांग्रेस को किसी क़ीमत पर समर्थन नहीं देगी, भले ही उन्हें विपक्ष में बैठना पड़े. मगर इसके साथ ही वह ये
Dec 29 2009 11:50 AM
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वक़्त नहीं - इस भाग दौड़ भरी जिन्दगी में

हर ख़ुशी है लोगों के दामन में, पर एक हंसी के लिए वक़्त नहीं. दिन रात दौड़ती दुनिया में, ज़िन्दगी के लिए ही वक़्त नहीं. माँ की लोरी का एहसास तो है, पर माँ को माँ कहने का वक़्त नहीं, सारे रिश्तों को तो हम मार चुके, अब उन्हें दफ़नाने का भी वक़्त नहीं. सार
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हिंदी प्रश्नावली

हाल ही में जब मैंने पडोसी देश के गणित के प्रश्न पत्र का नमूना दिया तो उस पर कुछ मिश्रित सी प्रतिक्रिया हुई थी. इस बार अपने मोती यानी हिंदी प्रश्नावली आपके समक्ष रख रहा हूँ. इसे पढ़कर अपनी प्रतिक्रिया देने का प्रयास करे. १. अमेरिकी फिल्म स्टार ब्रेड पि
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पाकिस्तानी गणित

जय हिंद.................. ये अपने पडोसी देश के बोर्ड की परीक्षा में पूछने लायक गणित के एक पर्चे का नमूना है. जिस कदर उस देश के हालत है, उसको खास ध्यान में रख कर ये परचा तैयार किया गया है। वैसे कहने को तो हमारे देश में भी लालू, पासवान, कोड़ा, माया जैसे
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मनोभ्रंश प्रश्नोतरी

नीचे दिए हुए पांच प्रश्न आपका प्रत्यक्ष ज्ञान , तार्किक शक्ति और भौद्धिक क्षमता की त्वरितता को मापने के लिए है . प्रश्न सरल और साधारण भाषा में है इसलिए तुरंत उत्तर अपेक्षित है . अगर आपको अपनी क्षमता का सही आंकलन करना है तो बिना समय व्यर्थ किया , प्रश
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थोड़ा हंस ले

संता को ठंड लग गई , वह कांप रहे थे।संता के बेटे ने डॉक्टर को कॉल किया : डॉक्टर साहब , जल्दी आ जाइए।डॉक्टर : क्या हुआ ?संता का बेटा : पता नहीं बापू को क्या हो गया है , सुबह से वह ' वाइब्रेशन मोड ' पर चले गए
Dec 11 2009 11:57 AM
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जय हो

जो कभी गलती नहीं करे उसे भगवान् कहते है, जो गलती कर के मान जाए उसे इंसान कहते है, जो गलती कर के भी न माने उसे शैतान कहते है, जो एक भी गलती को माफ़ न करे उसे तालेबान कहते है, जो बार बार हर बार गलती करे उसे पाकिस्तान कहते है, जो गलती करने वालो का फायदा
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ताज और कसाब

कसाब और उसके साथियो ने होटल ताज पैलेस पर हमला ऐसे ही किया था. उन्हें पता था की इस आतंकी घटना को अंजाम देने के बाद भारत देश की सरकार उनकी खातिरदारी वैसी ही करेगी जैसी की ताज महल होटल में होती है. आइये एक नज़र डाले और देखे की ताजमहल और ताज होटल मुंबई पर
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हमारा असली दुश्मन कौन है

अगर देश में ये प्रश्न पूछा जाए कि "आप किसे देश का असली दुश्मन समझते है" तो ज्यादातर लोगो का उत्तर होगा, पाकिस्तान, देश के नेता, कसाब, अफजल. लेकिन क्या ये असली दुश्मन है. ये जानने से पहले २४ नवम्बर से लेकर एक पखवाड़े तक देश में हाल में और पूर्व में हुई
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भ्रष्टाचार और हम

जुलाई से सितंबर २००९ (2009) यानि वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ७.९ (7.9) प्रतिशत की दर से बढ़ी. ये दर अब तक घोषित ६.३ (6.3) प्रतिशत सालाना वृद्धि के अनुमान से कहीं ज़्यादा है. सरकार के मुताबिक ये ग़ौरतलब है कि ये वृद्धि दर पिछल
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नेताओं की सादगी या सादगी का ड्रामा

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार ने जहाँ चुनावों में आम आदमी की बात उठाई थी, वहीं अब सरकार ने मंत्रियों और सांसदों को अपने रोज़मर्रा के जीवन में सादगी अपनाने का संदेश दिया है.हाल में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिल्ली से मुंबई जाते समय ‘बिज़नेस क्लास’ की
Sep 17 2009 02:30 PM
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सत्ता के गलियारों में बैठे हुए नमूनों का एक और तमाशा

कल से ही देश की राजनीती में उबाल आया हुआ है। देश की राजनीति का विभत्स्य रंगमंच कहे जाने वाले प्रदेश यानि, उत्तर प्रदेश में कल से ही एक नए नाटक का विमोचन हो रहा है जिसके मुख्य पात्र है हज़ार करोड़ से ज्यादा समाप्ति की मालकिन, एक अनुसूचित दलित की बेटी ज
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संत कबीर के दोहे

कबीर सन्त कवि और समाज सुधारक थे। उनकी कविता का एक-एक शब्द पाखंडियों के पाखंडवाद और धर्म के नाम पर ढोंग व स्वार्थपूर्ति की निजी दुकानदारियों को ललकारता हुआ आया और असत्य व अन्याय की पोल खोल धज्जियाँ उडाता चला गया। कबीर का अनुभूत सत्य अंधविश्वासों पर बा
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एयर इंडिया

१९२९ में पायलट का लाईसेन्स लेने के बाद जे.आर.डी टाटा ने सत्राह साल बाद १९४६ में देश में पहली विमान सेवा टाटा एयरलाइन्स शुरू की थी. देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु, ने अपनी की हुई गई बड़ी गलतियों में एक गलती का इजाफा करते हुए, में इसे राष्ट्
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आरक्षण और निर्यात

हो सकता है आप में से कई लोगो को ये शीर्षक अजीब और असमान सा लगे पर इन दोनों में काफी समानता है. आज ये दोनों ही देश में बड़ी समस्या है. फर्क इतना ही है कि एक थोडी पुरानी है तो दूसरी नई. सबसे पहले तो स्पष्ट कर दूँ, जी नहीं मैं आरक्षित वर्ग को निर्यात कर
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कांग्रेस के वामपंथियों का बजट

पिछले पांच साल में वाम दलो को पानी पी पी कर कोसने और हर काम में अड़ंगा डाल कर समर्थन की लाचारी में सरकार ये दिखा रही थी की वो केवल सरकार चला रही थी और चाह कर भी देश को आर्थिक गति देने को मजबूर थी. लेकिन अब के बजट ने ये काफी हद तक ये सिद्ध कर दिया की
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मुंबई हमले का अब तक का एक अनदेखा विडियो

हाफ़िज़ मोहम्मद सईद, ये नाम शायद आप में से कुछ लोगो ने सुना होगा या फिर कही पढ़ा होगा. अगर नहीं पढ़ा है तो आपकी जानकारी के लिए बतला दूँ की ये सईद महाशय चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा का संस्थापक हैं. इसने 2001 में लश्कर का नेतृत्व छोड़कर जमात-उद-दावा की कमा
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गरीब देशवासियों के अमीर नेता

भारत को अंग्रेजो से आजाद हुए अब छ दशक से ज्यादा हो चुके है. आज अंग्रेजो से मिली हुई आजादी के छ दशक के बाद भी देश खुद को आजाद कराने के लिए तड़प रहा है. गोरी चमड़ी से तो देश को आजादी मिली पर गोरो की दी हुई मानसिकता से हम आजाद नहीं हो पाए. देश की दलगत वा
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राजा परीक्षित, तक्षक और सात दिन

श्रीमद भागवद में राजा परीक्षित को क्षाप मिला था की सात दिन में उनकी मृत्यु हो जायेगी. आज के इन्सान इसका तात्पर्य समझने में असमर्थ है। हम में हर कोई सात दिन में ही मृत्यु को प्राप्त होगा (जी हाँ सात दिन यानि रवि, सोम, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र या शनिवार)
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तुलसी रामायण और वाल्मीकि रामायण में क्या अंतर है

तुलसी रामायण का नाम रामचरित मानस है और इसकी रचना सोलहवीं शताब्दी के अंत में गोस्वामी तुलसीदास ने अवधि बोली में की. जबकि वाल्मीकि रामायण कोई तीन हज़ार साल पहले संस्कृत में लिखी गई थी. इसके रचयिता वाल्मीकि को आदि कवि भी कहा जाता है. क्योंकि उन्होंने अप
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गिरते पारिवारिक मूल्य और गर्त में जाता हिन्दू समाज

हमारा समाज आज एक बेहद ही संवेदनहीन परिवर्तन से गुजर रहा है. हर बार की तरह इसका पूरा श्रेय भारत के राजनेता, नौकरशाह और तथाकथित न्याय प्रणाली को जाता है. कहते है हमारे में से कई के पूर्वजो ने दलितों पर अत्याचार किये थे इसलिए अब दलितों को आज सामान्य वर्
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लोकतंत्र का महापर्व

लीजिये साहब विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का महापर्व चुनाव शुरू हो गया. हर तरफ सब अखबार, टीवी न्यूज़ चैनल सब के सब इस अर्धकुम्भीय महापर्व के बारे में बढ़ चढ़ कर बखान करने में लगे है. आज दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के आम चुनाव का इंतज़ार है. अमरीकी चुना