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यशस्वी

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17 Jun 2010
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कुमाउं में भी पाये जाते हैं भित्ती चित्र : लखु उडियार

प्रागेतिहासिक काल में मनुष्य ने अपने रहने के लिये उन गुफाओं को पसंद किया जो ऊँचे-ऊँचे स्थानों में तो स्थित होती ही थी साथ ही वहां से भोजन एवं जल की व्यवस्था भी आसानी से की जा सकती थी। उस समय के मानव ने इन गुफाओं में अपने रहन-सहन के अनुसार कुछ चित्रण भी
 
विनीता यशस्वी
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उत्तराखंड की महत्वपूर्ण परम्परा है भिटौली

 भिटौली शब्द भेंट से बना है जिसका शाब्दिक अर्थ स्थानीय भाषा में मिलने से होता हैए जहां तक इस त्योहार का समबन्ध है तो इसमें शादीशुदा लड़्की के मायके वाले अपनी बहनध्बेटी को उसके ससुराल में जाकर भेंट ;यहां पर यह स्थानीय भाषा के अनुसार मिलने और उपहार
 
विनीता यशस्वी
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ऐवरेस्ट में चढ़ने वाला पहला पर्वतारोही

George Malloryजॉर्ज मैलेरी एक मात्र पर्वतारोही था जिसने ब्रिटिश सरकार के ऐवरेस्ट में पर्वतारोहण करने के के सन् 1921, 1922 और 1924 के अभियानों में हिस्सा लिया था। मैलोरी का जन्म 18 जून 1886 में हुआ था और उसका देहान्त 1924 के अभियान के दौरान 8 जून 1924 में
 
विनीता यशस्वी
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हिमालय की यात्रायें

रामनाथ पसरीचा (1926-2002) पांच से अधिक दशकों तक हिमालय की यात्रायें करते रहे। अपने पिट्ठू पर कागज, रंग और ब्रश लिये उन्होंने 65 शिखरों के चित्र 10,000 फुट से 20,500 फुट की उंचाई पर बैठ कर बनाये हैं। पसरीचा जी ने कई राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय
 
विनीता यशस्वी
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उत्तराखंड की लोक संस्कृति है जागर

कुमाउंनी संस्कृति के विविध रंग हैं जिनमें से एक है यहां की ‘जागर’। उत्तराखंड में ग्वेल, गंगानाथ, हरू, सैम, भोलानाथ, कलविष्ट आदि लोक देवता हैं और जब पूजा के रूप में इन देवताओं की गाथाओं का गान किया जाता है उसे जागर कहते हैं। जागर का अर्थ है ‘जगाने वाला’
 
विनीता यशस्वी
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ऐसा है रुद्रपुर का इतिहास

 अतरिया देवी का मंदिररुद्रपुर का निर्माण चन्द वंश के राजा रुद्र चन्द ने (1565-1597) में किया। कुमाउं में 16वीं सदी में इनका ही शासन था। एक दंत कथा के अनुसार एक बार जब राजा रुद्र चन्द यहाँ से जा रहे थे तो उनके रथ का पहिया दलदली जमीन में फंस गया। उसके
 
विनीता यशस्वी
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काशीपुर पर कवि गुमानी की कविता

मैंने अपनी पिछली पोस्ट में काशीपुर के इतिहास के बारे में लिखा था। कुमाऊं के प्रसिद्ध कवि गुमानी यहीं पैदा होते थे। सिद्धेश्वर जी के कहने पर मैं गुमानी जी की काशीपुर पर लिखी रचना यहां लगा रही हूं।कथावाले सस्ते किरत धर पोथी बगल में।लई थैली गोली घर-घर हसीमी
 
विनीता यशस्वी
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ऐसा है काशीपुर का इतिहास

काशीपुर उत्तराखंड का तराई वाला शहर है। काशीपुर का इतिहास भी बिल्कुल अनोखा है।काशीपुर को हर्ष के समय (606-641 ए.डी.) में गोविषाण नाम से जाना जाता था। लगभग इसी समय में यहाँ चीनी यात्री ह्वेनसांग भी आया था। इस जगह का नाम काशीपुर, चन्द राजा काशीनाथ अधिकारी
 
विनीता यशस्वी
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नैनीताल के राजभवन में स्थित गोल्फ कोर्स का इतिहास

पिछली एक पोस्ट में मैंने नैनीताल के राजभवन के बारे में बताया था। इस पोस्ट में मैं राजभवन में बने गोल्फ कोर्स के बारे में कुछ। राजभवन का निर्माण 1900 में हुआ और इसमें बने गोल्फ कोर्स का निर्माण सन् 1926 में हुआ। इसे यूनाइटेड प्रोविसेंस के गर्वनर जनरल
 
विनीता यशस्वी
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मेरी बिनसर अभ्यारण्य की यात्रा - 2

अल्मोड़ा से बिनसर अभ्यारण 30 किमी. की दूरी पर है। बिनसर अभ्यारण्य जाने के लिये हम जिस टैक्सी में बैठे वो तो कमाल थी। टैक्सी सड़क पर चल नहीं उड़ रही थी। हालांकि यह रास्ता बहुत अच्छा है पर ड्राइवर ने तो जैसे कसम खाई थी कि वो धीरे-धीरे नहीं चलेगा। उसे
 
विनीता यशस्वी
Mar 08 2010 03:00 PM
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मेरी बिनसर अभ्यारण्य की यात्रा - 1

मेरी बिनसर अभ्यारण्य की यह यात्रा 30 दिसम्बर 2006 की है। जब हम कुछ दोस्तों ने नये साल में बिनसर अभ्यारण्य जाने की प्रोग्राम बनाया और वहां के टी.आर.सी. में बुकिंग भी करवा ली। हममें से तीन नैनीताल के थे और दो ने दिल्ली से नैनीताल आना था और फिर उसी दिन हम
 
विनीता यशस्वी
Mar 05 2010 02:51 PM
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मेरी दिल्ली यात्रा - 5

नेशनल रेल म्यूजियम देखने के बाद हम अमृता शेरगिल रोड, जो कि हमारे साथ वाले ने बताया कि दिल्ली की सबसे महंगी सड़क है क्योंकि इस सड़क में बिकने वाली प्रॉपर्टी के दाम सबसे अधिक होते हैं, पर आ गये। इस सड़क का नाम मशहूर चित्रकारा अमृता शेरगिल के नाम पर रखा है।
 
विनीता यशस्वी
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मेरी दिल्ली यात्रा - 4

कल का दिन बहुत अच्छा बीता था। जैसा कि ट्रेवल एजेंट ने वायदा किया था हमें पूरी दिल्ली दिखाने का। वायदे के अनुसार उसने लगभग पूरी दिल्ली के दर्शन करवा दिये थे। आज हमारा दिल्ली में दूसरा दिन था। सुबह हल्की-हल्की सी धुंध की चादर फैली हुई थी और थोड़ी ठंडी भ
 
विनीता यशस्वी
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मेरी दिल्ली यात्रा - 3

अक्षरधाम में थोड़ा समय बिताने के बाद हम वापस अपनी बस में आ गये। इसके बाद हमें राजघाट जाना था। जहाँ गांधी जी की समाधी है। आजकल दिल्ली में 2010 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी जोरों से चल रही हैं जिसने दिल्ली वालों की नाक में दम कर रखा है क्योंक
 
विनीता यशस्वी
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मेरी दिल्ली यात्रा - 2

जैसे-तैसे हम लोग करीब 7.30-8 बजे दिल्ली पहुँचे। हमें जो लेने आये थे वो भी मिल गये थे। इस समय दिल्ली में मौसम बहुत खुशगवार लग रहा था। न तो ज्यादा गरम और न ही ज्यादा ठंडी। हम लोग एक ऑटो करके दिलशाद गार्डन की ओर चले गये। वहाँ से आगे मेट्रो से जाना था। म
 
विनीता यशस्वी
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मेरी दिल्ली यात्रा - 1

वैसे तो दिल्ली जाना पहले भी कई बार हो चुका है पर कभी भी दिल्ली को घूमने का मौका नहीं मिला और वैसे भी दिमाग में दिल्ली की जो छवि बन चुकी थी उसके चलते कभी घूमने का मन भी नहीं हुआ पर इस बार किसी काम से दिल्ली जाना हुआ तो सोचा कि दिल्ली को जरा घूमा भी जा
 
विनीता यशस्वी
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कस्तूरी मृग : उत्तराखंड का राजकीय पशु

कस्तूरी मृग जिसे अंग्रेजी में मस्क डियर भी कहते हैं उत्तराखंड का राजकीय पशु है। कस्तूरी मृग में पाये जाने वाली कस्तूरी के कारण इसकी विशेष पहचान है पर इसकी यही विशेषता इसके लिये अभिशाप भी है। कस्तूरी मृग हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाता है। उत्तराखंड क
 
विनीता यशस्वी
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प्रेम के बार में एक भी शब्द नहीं

विरेन डंगवाल जी के नये कविता संग्रह `स्याही ताल´ का लोकापर्ण नैनीताल फिल्म फैस्टविल में हुआ था। प्रस्तुत है उसी संग्रह से एक कविता प्रेम के बार में एक भी शब्द नहीं शहद के बारे में मैं एक शब्द भी नहीं बोलूँगा वह जो बहुश्रुत संकलन था सहस्त्र पुष्प कोषो
 
विनीता यशस्वी
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क्या यह बच्चे भी जानते होंगे बाल दिवस का मतलब ???

यह तस्वीरें मुझे मेरे दोस्त की फॉरवर्ड मेल से मिले थे... And we say that we are working hard                      
 
विनीता यशस्वी
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नैनीताल का पहला फिल्म उत्सव

नवम्बर 2009 को नैनीताल में पहले फिल्म उत्सव का आयोजन किया गया। नैनीताल में यह अपनी तरह का पहला आयोजन था जिसे एन.एस. थापा और नेत्र सिंह रावत को समर्पित किया गया था। इस फिल्म उत्सव का नाम रखा गया था `प्रतिरोध का सिनेमा´। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को उन
 
विनीता यशस्वी
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पहाड़ों में पाये जाने वाली अनमोल जड़ी है यार-छा-गम्बू

यार-छा-गम्बू यार-छा-गम्बू का तिब्बती में अर्थ होता है `गर्मियों में घास, सर्दियों में कीड़ा।´ इसके बारे में कहा जाता है कि यह ऐसी विचित्र जड़ी-बूटी है, जो  सर्दियों के छ: महीने कीड़े के रूप में मृत रहती है और गर्मियों के छ: महीनों में जड़ी-बूटी
 
विनीता यशस्वी
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पूर्णागिरी यात्रा - 3

कुछ समय शारदा को देखने के बाद हम लोग उसी रास्ते से वापस आ गये। इस रास्ते में एक झूठा मंदिर भी है। कहा जाता है कि एक बार किसी व्यापारी ने मनौती की थी कि यदि उसके बेटा हुआ तो वो देवी को सोने का मंदिर चढ़ायेगा। मां ने उसकी मनौती पूरी कर दी पर उस व्यापारी
 
विनीता यशस्वी
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मेरी पूर्णागिरी यात्रा - 1

जैसा कि हमेशा ही मेरे साथ होता है कि कहीं भी जाने की प्लान अचानक ही बना जाता है मेरी पूर्णागिरी यात्रा का भी कुछ ऐसा ही रहा। शाम को अचानक ही नैनीताल में रहने वाले मेरे एक भाईसाब का फोन आया कि - विन्नी हम लोग कल सुबह पूर्णागिरी जा रहे हैं। तू भी चलती
 
विनीता यशस्वी
Oct 14 2009 07:43 PM
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नैनीताल की दुर्गा पूजा और रावण दहन की कुछ तस्वीरें - 2009

मां दुर्गा की प्रतिमायें मंदिर में दर्शनों के लिये   document.getElementById("blogvaniframe").src = "http://www.blogvani.com/blogup.aspx?url=" + window.location.href; दुर्गा की प्रतिमायें मंदिर में दर्शनों के लिये विसर्जन से पहले शहर में मां दुर
 
विनीता यशस्वी
Oct 14 2009 07:43 PM
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मेरी पूर्णगिरी यात्रा - २

पूर्णगिरी जाने के लिये पहले टनकपुर जाना होता है। जहां हम लोगों ने रात को रुकने का प्लान किया था इसलिये कुमाऊँ मंडल विकास निगम के रैस्ट हाउस में बुकिंग करवाई थी। टनकपुर पहुंचते हुए काफी देर हो गयी थी और सर्दियों के दिन थे इसलिये कोहर भी गहराने लगा था।
 
विनीता यशस्वी
Oct 14 2009 07:43 PM
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ऐतिहासिक है नैनीताल की नगरपालिका

नगरपालिका नैनीताल नैनीताल की म्यूनिसिपल बोर्ड का गठन सन् 1945 में हुआ। नैनीताल की नगरपालिका देश की दूसरी नगरपालिका है। उस समय यदि कोई अपने क्षेत्र में म्यूनिसिपल बोर्ड बनवाना चाहता था तो उन्हें गर्वनर के पास प्रस्ताव भेजना होता था कि उनके क्षेत्र में
 
विनीता यशस्वी
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नैनीताल के आस-पास पाये जाने वाले परिंदों की तस्वीरें

अपने आस-पास ही अगर देखें तो बहुत से ऐसे पक्षी हैं जिन्हें हम रोजाना देखते हैं। चाहे वह घरेलू चिड़िया गौरेया, कौवा, कबूतर या फिर सिटोला (जंगली मैना) और बुलबुल ही क्यों न हो। यह पक्षी अपने अंदर एक अद्भुद दुनियाँ लिये होते हैं।पक्षी अपने लिये अलग-अलग तरह के
 
विनीता यशस्वी
Sep 22 2009 03:45 PM
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15 अगस्त की कुछ तस्वीरें

नैनीताल में 15 अगस्त को बच्चों का उत्साह कुछ ऐसा थापिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस मैंने अपने गांव के प्राइमरी स्कूल के बच्चों के साथ मनाया थाdocument.getElementById("blogvaniframe").src = "http://www.blogvani.com/blogup.aspx?url=" + window.location.href;
 
विनीता यशस्वी
Sep 22 2009 02:36 PM
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स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं की भूमिका

स्वतंत्रता संग्राम में उत्तराखंड की महिलाओं की भी अहम भूमिकायें रही हैं। मुझे उनमें से ही कुछ महिलाओं के बारे में थोड़ा-बहुत पता चल पाया और उसके आधार पर ही यह पोस्ट बनाने की कोशिश की है। इन सभी महिलाओं ने आजादी की लड़ाई में मुख्य भुमिकायें निभाई थी। इन
 
विनीता यशस्वी
Sep 19 2009 03:58 PM
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नैनीताल के इतिहास का काला दिन है 18 सितम्बर

नैनीताल : भूस्खलन से पहले 18 सितम्बर 1880 को नैनीताल के इतिहास में कभी भुलाया नहीं जा सकता क्योंकि इस दिन नैनीताल का अभी तक का सबसे बड़ा भूस्खलन हुआ था जिसमें करीब 151 लोगों की जान चली गयी थी।एटकिंशन गजेटियर के अनुसार 14 सितम्बर से ही काफी तेज बारिश
 
विनीता यशस्वी
Sep 18 2009 10:00 AM
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ऐसा है नैनीताल के राजभवन का इतिहास

नैनीताल की प्रसिद्ध इमारतों में नैनीताल के राजभवन का नाम सबसे ऊपर आता है। राजभवन अपने अद्भुद शिल्प के लिये न केवल हिन्दुस्तान में बल्कि विदेशों में भी खासा प्रसिद्ध रहा है। राजभवन की स्थापना को 100 वर्षों से भी ज्यादा हो चुके है। इमारत का निर्माण कार्य
 
विनीता यशस्वी
Sep 12 2009 02:16 PM
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ऐसे भी लोग होते हैं - ४

गौरा देवी - उत्तराखंड में चिपको आंदोलन की अगुवाउत्तराखंड में चिपको आंदोलन को शुरू करने का श्रेय गौरा देवी को ही जाता है। यदि उस समय गौरा देवी ने अपनी कुछ महिला साथियों के साथ इस आंदोलन की शुरूआत न कि होती तो शायद आज चिपको आंदोलन भी नहीं होता। गौरा देवी
 
विनीता यशस्वी
Sep 07 2009 11:02 PM
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नैनीताल का नन्दाष्टमी मेला - 2009

उत्तराखंड अपने मेले-त्यौहारों के लिये काफी मशहूर रहा है। उत्तराखंड में पूरे वर्ष लगभग 100 से ज्यादा मेले लगते हैं। इन्हीं मेलों में एक है नन्दाष्टमी का मेला। इसे कुमाउं में मुख्य तौर पर मनाया जाता है। नैनीताल में यह मेला लगभग 5-6 दिन का लगता
 
विनीता यशस्वी
Sep 03 2009 03:30 PM
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ऐसा है हल्द्वानी का इतिहास

हल्द्वानी जिसे पहाड़ों में आने के लिये स्वागत गेट माना जाता है। आज यह शहर कुमाऊं का सबसे बड़ा व्यापारिक शहर बन चुका है और इसका विस्तार दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है। हल्द्वानी अपने में बहुत बड़ा इतिहास समेटे हुए है। हल्द्वानी 1907 में टाउन एरिया बना।
 
विनीता यशस्वी
Aug 31 2009 03:06 PM
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मेरी कॉर्बेट फॉल की यात्रा

कॉर्बेट फॉल की मेरी यह यात्रा करीब 4 साल पहले की है। इस यात्रा की प्लानिंग भी अचानक ही दोस्तों के साथ बनी थी और अकसर अचानक में बने हुए ऐसे ही प्लान्स मजेदार भी होते हैं।सुबह 6 बजे अचानक ही मेरी दोस्त का फोन आया और वो बोली की - विन्नी बहुत समय हो गया हम
 
विनीता यशस्वी
Aug 25 2009 02:58 PM
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नैनीताल में भी हैं चिनार के पेड़

अभी कुछ दिन पहले की ही बात है कि दिल्ली में रहने वाले एक मित्र से बात हो रही थी कि अचानक ही बात चिनार के पेड़ों पर आ गई और उसने बोला - चिनार के पेड़ तो कश्मीर में ही होते हैं और क्या खुबसूरत पेड़ होते है। मेरे आश्चर्य का कोई ठिकाना नहीं रहा क्योंकि च
 
विनीता यशस्वी
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मेरे गांव की कुछ तस्वीरें

आज मैं एक मित्र के अनुरोध पर अपने गांव की कुछ तस्वीरें लगा रही हूं। मेरा गांव नैनीताल से 22 किमी. दूर भीमताल के पास पड़ता है। मेरे गांव को जाने वाली सड़क मेरे गांव के रास्ते में पड़ने वाले छोटे-छोटे गांव मेरे गांव के रास्ते में पड़ने वाले छोटे-छोटे ग
 
विनीता यशस्वी
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एक शादी ऐसी भी - 2

अब तक अंधेरा गहराने लगा था और रास्ते का कुछ पता नहीं चल रहा था। हम लोग अपने टॉर्च जला कर, सामने वाले की एड़ियों पर नजर टिकाये आगे बढ़ रहे थे। कुछ लोगों को छोड़कर ज्यादातर लोग वायुमंडल में तैर रहे थे और जिस भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे, उसे सुनकर शर्म ह
 
विनीता यशस्वी
Jul 06 2009 03:01 PM
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एक शादी ऐसी भी - 1

इस बार काफी लम्बे समय के बाद हम दोस्तों का एक साथ कहीं जाना हो पाया और मौका था हमारे एक दोस्त की शादी। उसकी शादी उसके पैतृक गांव से होनी थी सो पहले तो हम लोगों को समझ नहीं आया कि जायें जा नहीं पर फिर अंत में तय किया गया कि जायेंगे। एक तो शादी भी निपट
 
विनीता यशस्वी
Jul 03 2009 03:06 PM