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20 Apr 2010
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बॉस को चेहरा नहीं, काम दिखाइए

तुरंत लाभ लेने की होड़ में आजकल कमोवेश सभी दफ्तरों में एक 'ट्रेंड'चल पड़ा है कि नए बॉस को खुश कैसे किया जाए। कैसे उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाई जाए। देखा जाता है कि वर्षों से काम कर रहे कामचोर, देहचोर को भी उस समय पंख लग जाते हैं, जब पुराने बॉस का तबादला और
 
रविकांत प्रसाद
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गॉड! अबकी मंदिर जरूर बनवाएंगे

विधानसभा की सुगबुगाहट के साथ ही बिहार के नेताओं को याद आने लगे-मंदिर व मस्जिद। गांव की पगडंडियां भी, जर्जर सड़कें, बिजली, चापाकल व स्कूल भी। याद क्यों न आए, चुनाव सामने जो है। सत्ता में आने को व्याकुल विपक्ष के यहां सरगर्मी कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है। सत्ता
 
रविकांत प्रसाद
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आस्था से हारी मृत्यु, जीता आतंक

ऐसे दौर में जब बिना स्वार्थ कोई व्यक्ति अपने धर्म के बारे में सोचता तक नहीं। ऐसे दौर में जब स्वार्थ के लिए व्यक्ति धर्म परिवर्तन करने तक में नहीं हिचकता। ऐसे ही दौर में पाकिस्तान के पेशावर में जसपाल सिंह और महाल सिंह ने अपना सिर कलम करवा लिया, मगर धर्म
 
रविकांत प्रसाद
Feb 24 2010 11:43 AM
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तालिबान की नजर परमाणु बम पर!

जैसी करनी वैसी भरनी वाली कहावत पाकिस्तान पर एकदम सटीक बैठती है। अमेरिका की मदद के बावजूद तालिबान के हमले को पाकिस्तान रोक नहीं पा रहा है। तालिबान की ताकत के सामने वह बेबस दिख रहा है? कोई दिन ऐसा नहीं है कि तालिबान बेगुनाहों की जान न लेता हो। कभी मस्जिद
 
रविकांत प्रसाद
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मुर्दों को भी चाहिए पैसे!

कहते हैं कि मरने के बाद व्यक्ति खाली हाथ ही जाता है। सत्य है, पर शास्त्र बताते हैं कि मरनेवाले की आत्मा को तबतक शांति नहीं मिलती, जबतक उसका क्रियाक्रम ठीक ढंग से न किया जाए। बस, इसी का फायदा उठाते हैं डोम और पंडित। पंडित जी मरनेवाले परिवार से हजारों तो
 
रविकांत प्रसाद
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इस राहुल-उस राहुल में दिखा फर्क

युवाओं व कांग्रेसियों में जोश भर कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी दो फरवरी 2010 को वापस लौट गए। वे दो दिनी बिहार दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ कांग्रेसियों में जोश भरा बल्कि युवाओं को भी राजनीति में शामिल होने का खुला ऑफर दिया। राहुल बिहार का दौरा
 
रविकांत प्रसाद
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अमेरिका की दोहरी नीति और भारत

दुनिया जानती है-मानती है कि पाकिस्तान ने ही आतंकियों को जन्म दिया। समय-समय पर पाकिस्तान इन आतंकियों को भारत विरोधी कार्यों के लिए इस्तेमाल करता रहा और कर रहा है। भारत ने कभी इसका मुंहतोड़ जवाब नहीं दिया। यदि दिया होता तो पाकिस्तान भारत की ओर कभी बुरी
 
रविकांत प्रसाद
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बच्चों के पेट पर डाका!

कहते हैं बच्चों में भगवान का वास होता है, उसकी गलतियां भी क्षम्य होती हैं। परंतु, यदि बिहार में मिड डे मील की पड़ताल करें तो चौंक जाना स्वाभाविक होगा कि यहां बच्चों के पेट पर भी डाका डालने से लोग बाज नहीं आते। घोटालेबाजी करनेवालों की नजरें छोटे-छोटे
 
रविकांत प्रसाद
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मुंबई हमले के समय कहां थे मराठी?

हमारा संविधान संप्रभु है। यह सभी भारतीय नागरिकों के लिए समान अवसर प्रदान करता है। परंतु, विडंबना यह है कि बिहार का नागरिक कश्मीर में जमीन नहीं खरीद सकता। नगालैंड में घर नहीं बना सकता और अब महाराष्ट्र में टैक्सी नहीं चला सकता? हां, कश्मीर में जमीन खरीदने
 
रविकांत प्रसाद
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अब महाराष्ट्र सरकार ने उगली जहर

हमारा संविधान संप्रभु है। यह सभी भारतीय नागरिकों के लिए समान अवसर प्रदान करता है। परंतु, विडंबना यह हैकि बिहार का नागरिक कश्मीर में जमीन नहीं खरीद सकता है। यूपी-बिहार का नागरिक नगालैंड में घर नहीं बना सकता और अब महाराष्ट्र में टैक्सी नहीं चला सकता? हां,
 
रविकांत प्रसाद
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घर में मिठास, राजनीति में कड़वाहट

पिछले दिनों कृषि मंत्री शरद पवार ने चीनी की बढ़ती दर पर बयान दिया था कि वे ज्योतिषी नहीं हैं, जो यह बता सकें कि चीनी के दाम कब घटेंगे। शरद के इस बयान से जाहिर होता है कि भारत के गरीबों को नमक की चाय पिलाकर खुद के घर में मिठास बनाए रखना चाहते हैं। शरद के
 
रविकांत प्रसाद
Jan 21 2010 05:47 PM
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एक गुमनाम रेलवे मॉडलर

यह कहानी विदेशों में विख्यात पर अपने ही देश में गुमनाम एक ऐसे रेलवे मॉडलर की है, जो 78 वर्ष की उम्र में भी तीस साल वाले जज्बे के साथ कर्म किए जा फल की इच्छा मत कर ऐ इंसान की तर्जुमा पर लगातार काम करता जा रहा है। इस मॉडलर की तकनीकी राय को जापान की टेनशोडो
 
रविकांत प्रसाद
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आशा प्रभात : एक अदम्य इच्छाशक्ति का नाम

आशा प्रभात, एक अदम्य इच्छाशक्ति का नाम-जो पुरातत्ववेता बनते-बनते बन गईं कवयित्रि और कथाकार। आज ये किसी परिचय की मुहताज नहीं हैं। इनकी किताबें विदेशों में भी सम्मानीय स्थान पा चुकी हैं। साहित्य की दुनिया में आज इनका नाम भी आदर के साथ लिया जाता है। तभी तो
 
रविकांत प्रसाद
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कोमा में समाजवादी पार्टी!

समाजवादी पार्टी के महासचिव व प्रवक्ता अमर सिंह ने छह जनवरी को सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही सपा में भूचाल आ गया और सपा चली गई कोमा में। अमर सिंह फिलहाल दुबई में हैं और वहीं से इस्तीफा भेजे हैं। अमर ने इसकी वजह अपने खराब स्वास्थ्य को बताया है।
 
रविकांत प्रसाद
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कराची से आ रहा जाली नोट!

यूनुस अंसारी की गिरफ्तारी नेपाल पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। यूनुस से की गई पूछताछ में पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। नेपाल पुलिस यूनुस से अभी अनगिनत सवालों का जवाब चाहती है। मसलन-दाउद इब्राहिम के संपर्क में यूनुस कैसे रहता था। उसका
 
रविकांत प्रसाद
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पिता पूर्व मंत्री, बेटा 'डॉन'

नेपाल के पूर्व भूमि सुधार मंत्री का बेटा 'डॉन' व दाऊद इब्राहिम का दायां हाथ। सुनकर चौंक जाना तय है, परंतु यह सौ फीसदी सच है। नेपाल में दाऊद का दाहिना हाथ और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी का एजेंट यूनुस अंसारी को नेपाल पुलिस ने दो जनवरी की रात गिरफ्तार कर
 
रविकांत प्रसाद
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बच्चों के यौवन पर दाग लगने से रोकिए!

समय के साथ तेजी से बदल रहा लोगों का मन-मिजाज। परंतु पृथ्वी व चांद, सूरज वहीं है, ठीक इसी तरह स्त्री-पुरुष में आज भी भेदभाव कायम है। स्त्री चाहे जिस मुकाम पर पहुंच जाए, उसे पुरुष के सामने झुकना ही पड़ता है। अभी के दौर में आधुनिकता के नाम पर लड़कियां ज
 
रविकांत प्रसाद
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सीतामढ़ी में शुंगकालीन तीन मूर्तियां

सरस्वती के उपासक रामशरण के पास हैं प्रतिमाएं :   यह जानकर हैरत होगी कि बिहार के सीतामढ़ी में भी शुंगकालीन तीन मूर्तियां हैं, पर है सौ फीसदी सच। वर्ष 1977 में भारत सरकार के अभिलेखों में इन मूर्तियों के नाम दर्ज किए गए। पेशे से व्यवसायी पर सरस्वती
 
रविकांत प्रसाद
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शिबू ही बनेंगे झारखंड के मुख्यमंत्री!

झारखंड विधानसभा में खंडित जनादेश के बाद भी सत्ता की 'कुंजी' झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के सुप्रीमो शिबू सोरेन (गुरुजी) के हाथ में ही है। शिबू को किसी पार्टी के नेता के साथ सरकार बनाने में कोई परहेज नहीं है। यानी हर हाल में शिबू को चाहिए मुख्यमंत्र
 
रविकांत प्रसाद
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पांच मौत के जिम्मेवार कौन?

बिहार के मोतिहारी में सुगौली-रक्सौल रेलखंड में एक मानवरहित ढाला है, जिसे शीतलपुर ढाला के नाम से पुकारा जाता है। 22 दिसंबर को इसी गुमटी से एक मार्शल जीप गुजर रही थी, जो इंजन से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मार्शल को घसीटते हुए इंजन आधा किलोमीटर दूर
 
रविकांत प्रसाद
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मंदी के नाम पर और कितना शोषण?

विश्व के अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मंदी के बादल लगभग छंट चुके हैं। भारत के वित्त मंत्री भी घोषणा कर चुके हैं कि फिर से रोजगार के नए अवसर खुलने लगे हैं। परंतु भारत के मध्यम निजी कंपनियों और कुछ उच्च कंपनियों में अभी मंदी का दौर खत्म नहीं हुआ है?
 
रविकांत प्रसाद
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चेतिए! बच्चे ' पॉर्न साइट' देख रहे...

इंटरनेट मानव के लिए एक जरूरत बन चुकी है, जिसे नकारना समाज को वर्षों पीछे ले जाना होगा। भारत में इंटरनेट की जरूरत हर तरह के लोग महसूस करने लगे हैं। यही कारण है कि उच्च वर्ग के लोगों के अलावा अब मध्यम वर्ग के लोग भी इंटरनेट इस्तेमाल करने लगे हैं। ऐसे ल
 
रविकांत प्रसाद
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इन्हें लाश की राजनीति में भी शर्म नहीं आती!

प्रसंग-एक : निठारी कांड का एक पात्र सुरेन्द्र कोली, जो छोटे-छोटे बच्चों को टुकड़ों में काटकर उसका गोश्त खाता था। फिलहाल जेल में हैं, कोली की चर्चा छिड़ते ही लोगों के चेहरे पर घृणा के भाव उभर आते हैं जबकि वह अपने जुर्म की सजा भुगत रहा है। कोली जैसे हत
 
रविकांत प्रसाद
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ये सही हैं, क्योंकि ये संपादक हैं?

बुद्धिजीवियों के सामने जैसे ही संपादक शब्द आता है, चंद ही सेकेण्ड में उनके चेहरे के भाव चढऩे-उतरने लगते हैं। सहसा शांत हो जाता है क्योंकि तब उनके सम्मुख एक ऐसे व्यक्ति का चेहरा उभरकर सामने आता है, जो विद्वानों का विद्वान होता है। सबका दर्द हरण करने व
 
रविकांत प्रसाद
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भाजपा के आंगन में जानकी पराई क्यों?

जिस हिन्दुत्व की रक्षा की लड़ाई का दावा भाजपा करती रही है, उसके आंगन में भगवान राम तो दिखते हैं परंतु माता जानकी पराई? अयोध्या में राम मंदिर बने इसके नाम पर अरबों रुपए रातोंरात चंदा देने के लिए देश के कई अमीर और गरीब से धनवान बने कुछ नेता तैयार हैं।
 
रविकांत प्रसाद
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आग लगे पर अपना घर न जले?

आग लगे पर अपना घर न जले, सड़क से अतिक्रमण हटे पर अपनों को बख्श दिया जाए, मंदी में छंटनी हो पर अपने बचे रहे, सड़क वनवे हो पर अपने घर के रास्ते में नहीं, बाल मजदूरी खत्म हो पर घर में मौजूद बाल मजदूर को न हटाए जाए, जनसंख्या नियंत्रण को सरकार कड़ाई से ला
 
रविकांत प्रसाद
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कब तक अमेरिका से भीख मांगेगा भारत

दुनिया जानती है-मानती है कि पाकिस्तान ने ही आतंकियों को जन्म दिया। समय-समय पर पाकिस्तान इन आतंकियों को भारत विरोधी कार्यों के लिए इस्तेमाल करता रहा और कर रहा है। भारत ने कभी इसका मुंहतोड़ जवाब नहीं दिया। यदि दिया होता तो पाकिस्तान भारत की ओर कभी बुरी
 
रविकांत प्रसाद
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हाय महंगाई : तुझे कब आएगी मौत

भारत के नब्बे फीसदी से अधिक लोग महंगाई की मौत का इंतजार बेसब्री से कर रहे हैं। वे अपने देवता से इसके लिए मिन्नतें कर रहे हैं। परंतु महंगाई की मौत किसी भी कीमत पर संभव नहीं है? हर चौक-चौराहे पर सबसे अधिक चर्चा आज इसी की हो रही है। हर चैनल, हर अखबार प्
 
रविकांत प्रसाद
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नेताओं ने बढ़ाया नक्सलियों का मन!

यह सुनकर चौंकने वाली बात होगी कि नक्सलियों का मन कुछ नेताओं ने ही बढ़ाया है। आज नक्सली खून से जमीं को लाल कर रहे हैं। मुट्ठी भर नक्सली के सामने सरकार की ताकत कम पर जा रही है। इसके पीछे झांकने की ताकत मीडिया के अंदर या फिर बड़े-बड़े नेताओं में नहीं है
 
रविकांत प्रसाद
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दया के पात्र हैं ये 'काहिल'

बचपन में आपने काहिलों की कहानी सुनी होगी। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि आज हर सरकारी दफ्तर में काहिलों की कहानी भरी-पड़ी है। आप किसी भी सरकारी दफ्तर चाहे बैंक हो या परिवहन विभाग या फिर बिजली विभाग में जाएं और देखें-यदि किसी विभाग की कार्यक्षमता तीस की ह
 
रविकांत प्रसाद
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अमेरिका ने माना-प्रतिभावान हैं भारतीय

हर भारतीय युवक ऊंची शिक्षा के लिए विदेश जाना चाहता है, उसे लगता है कि वहां की पढ़ाई भारत से अधिक उच्चस्तरीय है। युवाओं के मन में यह भी शंका रहती है कि अमेरिका, इंग्लैंड के लोग भारतीय से अधिक प्रतिभावान होते हैं। परंतु यह जानकर आश्चर्य होगा कि यह इंडि
 
रविकांत प्रसाद
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एक गलती सौ अच्छाई पर भारी

आप किसी के लिए हमेशा अच्छा सोच रहे हैं, उसके हित में सबकुछ न्योछावर करने को तैयार हैं। वह व्यक्ति मित्र हो सकता है, रिश्तेदार हो सकता है। लेकिन, आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि आपका एक 'निगेटिव जवाब' सारे अच्छाई को धो देता है। वही व्यक्ति आपके बारे
 
रविकांत प्रसाद
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इन्हें 'मां' को 'मां' कहने में भी शर्म आनी चाहिए

हिन्दी के नाम पर देश के मनसे नेताओं को हीनता क्यों? राष्ट्रभाषा के नाम पर भी ये राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे हैं। महाराष्ट्र में नौ नवंबर को हिन्दी में शपथ ले रहे सपा विधायक अबू आजमी के खिलाफ मनसे विधायकों के तेवर और फिर मारपीट की घटना ने देश के गर
 
रविकांत प्रसाद
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कैंसर है, टीएमसीएच भागिए

कैंसर आज भी लाइलाज बीमारी है। यूं तो इस रोग के विशेषज्ञों का मानना है कि पहले स्टेज में पता चलने पर इसका इलाज संभव है। परंतु हकीकत ठीक इसके उलट है। प्रारंभिक स्थिति में इसकी जानकारी वैसे ही लोगों को मिल पाती है, जो या तो खुद इस रोग के डाक्टर हैं या फ
 
रविकांत प्रसाद
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'नेताजी' की नजर...ये इंसान नहीं हैं...

महज एक वोट से सरकार बनती और गिर जाती है। चुनाव से सरकार बनने तक राज्य हो या केन्द्र दोनों को जनता की याद पल-पल आती है। इस समय तक हर नेता खुद को आम आदमी समझता है। चुनावी दौरे पर कभी वह किसी झोपड़ी में गरीब के साथ चाय की चुस्की लेते देखा जाता है तो कभी
 
रविकांत प्रसाद
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भय में जी रहे पाकिस्तानी

यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि आज पाकिस्तान के सैकड़ों इलाकों में रहनेवाले लोग भय में जी रहे हैं। कोई दिन ऐसा नहीं होता कि यहां बम विस्फोट या फिर तालीबानी आतंकी हमला नहीं करते हैं। इन घटनाओं में कभी पचास तो कभी सौ से अधिक पाकिस्तानियों का मरना अब आम
 
रविकांत प्रसाद
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बिहार : मिड डे मील का सच

कुछ साल पहले बिहार में चारा घोटाले का मामला सामने आया था। इस घोटाले की जब जांच की गयी तो पता चला कि इसमें बड़े-बड़े नेता व अधिकारी शामिल हैं। तब के मुख्यमंत्री व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद भी इस घोटाले में शामिल थे। पशुओं के चारे के करोड़ों रुपये नेता
 
रविकांत प्रसाद
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ममता के श्वेत पत्र से लालू भयभीत क्यों!

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। लालू खुद के ही बुने जाल में फंसते दिख रहे हैं। लोकसभा में करारी हार के बाद रेल मंत्री की कुर्सी तो पहले ही चली गयी। रेलवे की आमदनी पर ममता श्वेत पत्र लाने की घोषणा पहले ही कर चुकी है
 
रविकांत प्रसाद
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तब पाकिस्तान का नाम होगा 'तालिस्तान' !

जैसी करनी वैसी भरनी वाली कहावत पाकिस्तान पर एकदम सटीक बैठता है। अमेरिका की मदद के बावजूद तालिबान के बढ़ते कदम को पाकिस्तान रोक नहीं पा रहा है। तालिबान की ताकत के सामने वह विवश नजर आ रहा है। कोई दिन ऎसा नहीं है कि तालिबान बेगुनाहों की जान नहीं लेता है
 
रविकांत प्रसाद
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विपक्ष के पाले में सिर्फ तल्ख टिप्पणी

केन्द्र की सत्ता की बागडोर चाहे कांग्रेस के पाले में हो या भाजपा के या फिर मिलीजुली ही क्यों न हो? विपक्ष में बैठने वाला हमेशा सत्ता पक्ष की बुराई ही ढूंढ़ता है। विपक्ष की नजर में सरकार कभी कोई अच्छा काम नहीं करती। या यूं कहें कि कर ही नहीं सकती है।
 
रविकांत प्रसाद