सोचा ना था....'s Image

सोचा ना था....

http://s4soch.blogspot.com/
ब्लॉगवाणी पर यह ब्लॉग
नयी प्रविष्टी लिखी
11 Jun 2010
कुल प्रविष्टियां
31
पाठक भेजे
596
पसंद
34
नापसंद
0
पाठक प्रति पोस्ट
19.23
पसंद करें
0
नापसंद करें

मौन की बातें

जब अकेलापन सताता है...तब इंसान एक दोस्त की तलाश करता है...जिसके साथ अपने दिल की बातें बाँट सके...खुलकर हंस ले...जी भरकर रो ले...मेरे मामले में कुछ अलग हुआ..मुझे दोस्त तो मिला,लेकिन कोई हाड-मांस वाला नहीं...बल्कि एक मशीन...और उसकी आत्मा...इन्टरनेट ...जो
टैग: मौन
पसंद करें
0
नापसंद करें

हम सुधरेंगे,युग सुधरेगा

आजकल आई.पी.एल. विवाद ज़ोरों पर है...........जाने कितने ही लोग इन सब के पीछे हैं..........जो कुछ दिनों में सामने आ जायेंगे और कितने ऐसे हैं,जो सामने नहीं आयेंगे....अपनी ताकत के बल पर या यूँ कहें की अपने ऊँचे कनेक्शन की वजह से....हम सभी अक्सर भ्रष्टाचार की
टैग: सुधार
पसंद करें
3
नापसंद करें

एक गंभीर मुद्दा

कल अपनी सहेली के घर गयी....हम आपस में बातें कर रहे थे...हमारे हाँथ से एक पेन गिर गया....उसकी मम्मी घबराकर दौड़ती हुई आई...."क्या हुआ...?...........क्या गिरा......?......चोट तो नहीं लगी...?"नहीं...आंटी सिर्फ एक पेन ही तो गिरा है...."आंटी बार-बार आतीं कभी
टैग: बच्चे
पसंद करें
0
नापसंद करें

हमारी पहचान कहाँ है...?

आज वोटर आई.डी. के विषय में पूछताछ के लिए कुछ लोग आये....उनका पहला सवाल था,"ये आपका अपना घर है या किराये का?....."किराये का....""ठीक है...कोई बात नहीं...""....लेकिन आप किस लिए पूछ रहे हैं॥?""वो वोटर आई.डी.के लिए......""तो जिनका अपना घर नहीं है...वो कैसे
पसंद करें
1
नापसंद करें

सोचा ना था....

नर्गिस और सुनील दत्त की जोड़ी हमेशा हमारे लिए एक आयडियल जोड़ी रही है...लेकिन उनके मिलने की कहानी भी किसी फ़िल्मी कहानी से कम पेंचीदा नहीं है....जहाँ एक और बचपन से अपनी माँ के द्वारा नर्गिस सिनेमा-जगत में आ चुकी थी.....वहीँ सुनील दत्त..जिनका नाम बलराज दत्त
पसंद करें
0
नापसंद करें

गुडी पडवा

गुडी पडवा...चैत्र मास का पहला दिन...जो की हिंदी कैलेंडर के नए साल का पहला दिन है....इसे महाराष्ट्र में नए साल के रूप में मनाया जाता है....इस दिन को शादी,नए काम शुरू करने,गहने और नयी संपत्ति खरीदने के लिए शुभ माना जाता है...गुडी पडवा एक ऐसा त्यौहार
पसंद करें
0
नापसंद करें

द टाइम ट्रेवलर्स वाइफ:पुस्तक समीक्षा

दो दिन पहले ही ''द टाइम ट्रेवलर्स वाइफ"पढ़कर पूरी की....शुरुवात में मुझे ये बुक थोड़ी अजीब लगी...लेकिन जब मैं इसे पढ़ती गयी..तो इस अजीब-सी लगने वाली बुक ने मुझे खुद से बाँध लिया...जब भी समय मिलता बस मैं इसे पढने में लग जाती..और धीरे-धीरे मैं न सिर्फ इस बुक
पसंद करें
0
नापसंद करें

दुआ की कीमत

फरवरी की शुरुवात में ही हम अजमेर गए...वैसे हमारा १० दिनों का लम्बा प्लान था.....अजमेर पहुँचकर अपने भाई के दोस्त के घर पर फ्रेश हुए....फिर मशहूरअजमेर शरीफ (दरगाह) गए.....वहां ३ बजे पहुँचने पर पता चला कि अन्दर जाने के लिए ४ बजे तक का इंतजार करना होगा...सो
Feb 26 2010 02:32 PM
पसंद करें
1
नापसंद करें

अवतार

अवतार,ये शब्द हमारे जेहन में कई काल्पनिक चित्रों को एक साथ लाकर खड़ा करता है.....काल्पनिक इसलिए लिखा;क्यूंकि जब भी मैं अपने धार्मिक ग्रंथों में उल्लेखित अवतारों के बारे में सुनती या पढ़ती हूँ..तो मन में वास्तविकता और काल्पनिकता का एक द्वंद्व शुरू हो जाता
पसंद करें
0
नापसंद करें

देश का हाल:एक ख़याल

पछले कुछ दिनों से समाचारों में यही देखने मिल रहा है कि सभी नेता किस तरह अपने विरोधियों के गलतियों को अपने वोटों में भुनाने में जुटे है.सभी ये गिन रहे है कि किस पार्टी के कार्यकाल में कितने आतंकवादी हमले हुए ?कितने आतंकवादी पकड़े गए? कितने छोडे गए ?कि
पसंद करें
3
नापसंद करें

दुःख का अधिकार

आज एक पाठ पढ़ा रही थी......"दुःख का अधिकार"......इसमे लेखक यशपाल जी ने कितनी आसानी से समाज में होने वाले भेदभाव को दर्शाया है.......एक गरीब बूढी औरत को अपने बेटे की मृत्यु के अगले ही दिन अपने पोते और बीमार बहु का पेट पालने के लिए खरबूजे बेचने आना पड़त
पसंद करें
2
नापसंद करें

बचपन के दिन

आजकल हर माता-पिता यही चाहते हैं की उनके बच्चे हर क्षेत्र में आगे रहें और इसके लिए वे बच्चे के जन्म से ही प्रयासरत हो जाते हैं....माँ अपने बच्चे को वो सब करवाना चाहती है,जो वो नही कर पायी...और यही उसके पिता भी चाहते हैं...कोई भी अपने बच्चे को किसी दूस
पसंद करें
0
नापसंद करें

कोई मिस तो नही कर रहा...

आज सुबह ही एक मिस कॉल आया...पिछले कई दिनों से इन मिस कॉल से परेशान हूँ.....वैसे मैंने पेपर में कुछ दिनों पहले ही पढ़ा था कि एक सर्वे के अनुसार भारत ही एक ऐसा देश है जहाँ लोग एक-दूसरे को मिस कॉल देते हैं....अन्य किसी भी देश में लोग मिस कॉल नही
Aug 27 2009 03:05 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

ये बंधन है कैसा....?

"रश्मि बेटा!बड़ी मौसी के घर भी राखी भेज दी है न...?"नही माँ!तुम्हे याद नही है...भइया ने मुझे दो सालों से कभी कोई गिफ्ट ही नही भेजी...मैं ही कितने सालों राखी भेजती रहूँ ?...जब उन्हें गिफ्ट देना याद ही नही रहता...""रश्मि!ये कैसी बातें कर रही हो तुम...?हम
टैग: राखी
पसंद करें
0
नापसंद करें

सच के साईड इफेक्ट्स

पिछले कुछ दिनों से न्यूज़ चैनल "सच का सामना"रियलिटी शो को बंद करवाने के लिए मचे बवाल के न्यूज़ से भरा रहा...आखिरकार इसे जारी रखने की मान्यता मिल ही गई.....सोचने की बात तो ये है कि क्या ये इतना बड़ा मुद्दा था...जिसे मंत्रालय में उठाया गया...?.....देखा जाए
टैग: सच
Aug 02 2009 03:09 PM
पसंद करें
4
नापसंद करें

लड़कों के साथ भेदभाव

कल पार्क में बैठी थी की तभी दो महिलाओं में बच्चों की लडाई को लेकर बहस छिड़ गई....एक महिला लड़कियों की माँ थीं और वो दूसरी के लड़के की शिकायत कर रहीं थीं...बाद में पता चला की गलती लड़कियों की ही थी...और उनकी माँ को चुप होना पड़ा...ये बातें मुझे कहीं न क
पसंद करें
1
नापसंद करें

टीम को हमारा साथ

२०-२० की हार के बादकाफ़ी दिनों के अंतराल में फ़िर से टीम इंडिया के खाते में एक नई जीत दर्ज हो गई,जिससे कुछ दिनों पहले तक उनकी घोर निंदा करने वाले भी फिर से उनकी तारीफों के पुल बंधने में लग गए हैं.....जिन्हें उन्होंने ही कुछ दिनों पहले २०-२० की हार के
पसंद करें
2
नापसंद करें

बारिश:दो नजरिये

कल शाम बारिश की पहली फुहार पड़ी...हवा के साथ ही मन भी शीतल हो गया.सभी अब गर्मी की तपिश से आज़ादी पाने के बारे में सोचने लगे.अब चारों ओर हरियाली दिखेगी.तेज़ बरसती बारिश से जुडा कोई न कोई किस्सा तो सभी के पास हैं,जो अब फिर से चाय-पकोडों के बीच सुनाये जाय
पसंद करें
4
नापसंद करें

याददाश्त बढ़ाने के लिए

आज तक हम सभी ने याददाश्त बढ़ाने के कई नुस्खे सुने हैं...जैसे याद करके दोहराना,लिख कर याद करना...वगेरह,वगेरह....लेकिन मैंने याददाश्त बढ़ाने का एक नया तरीका खोजा है....सीरियल्स;ये सभी सीरियल्स का मजाक उडाने वालों के लिए ख़ास है,क्यूंकि हर चीज से कोई न को
पसंद करें
3
नापसंद करें

क्या जरूरी है?

कल एक आंटीजी से मिली....वो अपनी बीती हुई जिंदगी की बातें कर रहीं थी,आख़िर में उन्होंने कहा कि"वो वक्त कितना अच्छा था,किसी कि राह देखने कि जरूरत नही होती थी....अपने मन से सारे काम करो,किसी के सहारे कि जरूरत नही होती थी....आज तो एक गिलास पानी के लिए भी
पसंद करें
1
नापसंद करें

रेमेसिस-द्वितीय:मिश्र का एक महान फेराह

मिश्र के बारे में जब भी बात हो तो......फ़राह और पिरामिड की बातें भी होती ही हैं.फेरहों में एक नाम हमेशा याद किया जाता है.....रेमेसिस-द्वितीय का,जिसने सभी फेराहों से ज्यादा निर्माण कार्य करवाया.....और एक नई मूर्ति प्रथा की शुरुवात भी की. रेमेसिस द्वित
पसंद करें
2
नापसंद करें

गिजा का पिरामिड

खुफु...2600B.C.में मिश्र का एक महान शासक,जो की अपने लोगों के बीच भगवान की तरह पूजा जाता था.उसका अपनी जनता पर न सिर्फ़ पूरा नियंत्रण था बल्कि लोग उसपर भरोसा भी करते थे.....खुफु बीस साल से भी ज्यादा समय तक दुनिया का सबसे शक्तिशाली इंसान बना रहा,उसने अप
पसंद करें
4
नापसंद करें

ज्ञान की संकरी गलियों में लेखक से साक्षात्कार

कल शाम "लैंडमार्क"गई,वहाँ 'जेफ्फ्री आर्चर' आने वाले थे.......शायद आप में से कई लोग जानते ही होंगे कि,इनकी बुक यु के बेस्ट सेलर चार्ट में दो महीनो तक नंबर वन पोजीशन में रही.वैसे भैया और मैं जल्दी पहुँच गए थे.....लेकिन वहाँ कि सभी कुर्सियां भर गई थीं..
पसंद करें
1
नापसंद करें

युगंधर:रुक्मिणी की नज़र से

युगंधर में श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के विवाह के बाद की घटनाओं को रुक्मिणी के माध्यम से बताया है.जिस तरह से एक पत्नी को हमेशा अपने पति पर नाज़ होता है और अगर वो अपने पति के बारे में बात करे तो वह उनकी हर उपलब्धि से प्रभावित रहती है....इसी तरह से रुक्मिणी
पसंद करें
0
नापसंद करें

युगंधर

पिछले कुछ दिनों से "युगंधर" पढ़ रही हूँ.पहले तो सोची कि पूरी किताब पढने के बाद ही उसके बारे में लिखूंगी;लेकिन फ़िर मुझे लगा कि क्यूंकि ये एक बहुत ही बेहतरीन किताब है और अगर मैं इसे पूरी पढने के बाद इसके बारे में लिखूंगी.....तो शायद इसके कई अच्छे हिस्सो
पसंद करें
1
नापसंद करें

अनजाने फायदे

कल ही मैंने ऑटो वालों की हड़ताल के बारे में लिखा था.आज स्थिति कुछ अलग है;वैसे हड़ताल तो ख़त्म नही हुई है;लेकिन इसके कुछ फायदे भी हुए हैं....जैसे की हर परिस्थिति के अच्छे और बुरे दोनों पहलू होते ही हैं.इस हड़ताल की वजह से पुणे शहर में प्रदूषण स्तर में कम
पसंद करें
0
नापसंद करें

एक रुपए कि कीमत

आजकल की आम कहावत है कि,एक रुपए में क्या आता है?या एक रुपए से कुछ फर्क नही पड़ता....वगैरह,वगैरह ....लेकिन आज इसी एक रुपए ने अपनी ताकत और ज़रूरत ज़ाहिर कर दी है.पिछले कुछ दिनों से पुणे में ऑटो के किराए में एक रुपए कि कटौती करने के कारण ऑटोवालों ने हड़ताल क
पसंद करें
2
नापसंद करें

पद्मश्री:कितना जरूरी

धोनी और भज्जी ने पद्मश्री नही लेने जा कर उसका ही नही बल्कि देश का अपमान किया.ये कहना है न्यूज़ चेनल और देश की जनता का ,लेकिन क्या उन्ही देश वालों और चेनल वालों का ये फ़र्ज़ नही बनता कि वो ऐसे लोगों को ढूंढ कर लायें जो इन पुरस्कार को पाने के लायक है ल
पसंद करें
1
नापसंद करें

जूतम पैजारी

आदिकाल से ही जूते(फूटवेयर)और राजनीति का साथ बना हुआ है,जब श्री राम को चौदह वर्ष का वनवास दिया गया था,तब भरत ने उनकी पादुका(फूट्वेअर) लाकर उसे सिहासन पर बिठाया और श्री राम के वापस आते तक उसी पादुका ने राज किया,बात पादुका रख कर राज करने की नही थी....बा
पसंद करें
1
नापसंद करें

सोच

जय हो गणेशजी महाराज की,कोई भी काम शुरु करने से पहले गणेशजी का आशीर्वाद ले लेना अच्छा होता है......चलो, ये काम तो हो गया अब आगे की बात करते हैं;जब भी अपको आईडी बनानी हो या ब्लॉग, सबसे ज्यादा टाइम लगता है ये सोचने में की आप नाम क्या रखें? मेरे साथ भी ऐ
पसंद करें
2
नापसंद करें

द्रोण की आत्मकथा

आज मैंने "द्रोण की आत्मकथा"किताब पूरी कर ली,लेखक मनु शर्मा ने इसे बहुत ही अच्छे ढंग से पेश किया है.अक्सर ऐसा होता है की हम किसी आदरणीय व्यक्ति के बारे में लिखते समय अच्छी तरह से अपनी बात को नही रख पाते और कई बार हम वास्तविकता से ही कोसों दूर भटकते रह