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अन्तर सोहिल = Inner Beautiful

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12 Jun 2010
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गिरता कोई है और कमर किसी की टूटती है

मुल्‍ला एक मस्‍जिद के नीचे से गुजर रहा है और एक आदमी मस्‍जिद के ऊपर से गिर पडा। अजान पढने चढ़ा था। मीनार पर, ऊपर से गिर पडा। मुल्‍ला के कंधे पर गिरा। मुल्‍ला की कमर टूट गई। अस्‍पताल में मुल्‍ला भर्ती है, उसके शिष्‍य उसको मिलने गए और शिष्‍यों ने कहा,
 
अन्तर सोहिल
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आपको बुरा लगे तो लगे मगर यह जरूर कहूंगा

गाय-भैंस एक बार बहुत सारा चारा खा लेती हैं और बाद में आराम से बैठ कर जुगाली करती हैं। मेरी ये पोस्टें भी मेरी जुगाली ही है। पिछली ब्लागर मीट ने मेरे दिमाग में कुछ विचार भर दिये हैं। इस ब्लागर मीट में मुख्य मुद्दा "संगठन" था। लेकिन इससे भी अहम मुद्दा जो
 
अन्तर सोहिल
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संगठन एक नही बनता, दो बनते हैं

"ब्लागर संगठन" यह इन्ट्रनैशनल ब्लागर मीट, दिल्ली का मुख्य टापिक था। मैं संगठन का सदस्य नहीं बनना चाहता हूं। लेकिन इसका यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि मैं संगठन का विरोधी हूं। मैं ना किसी विचार का पक्ष लेना चाहता हूं और ना विपक्ष में हूं। आमतौर पर किसी
 
अन्तर सोहिल
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ब्लागर मीट के आयोजकों

मैं और नीरज जाटजी जब नांगलोई जाट धर्मशाला के सामने पहुंचें तो देखा श्री अविनाश जी बाहर ही खडे सब आने वालों का स्वागत कर रहे हैं। अन्दर पहुंचते ही   श्री राजीव तनेजा जी और सुश्री संजू तनेजा जी एकदम दौडकर पास आये और हाथ जोड कर स्वागत किया। इतने में ही
 
अन्तर सोहिल
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सोच और वहम का फर्क

अध्यापिका - सोच और वहम में क्या फर्क हैफत्तू चौधरी - आप बहोत सैक्सी सो, या म्हारी सोच सै और हम अभी बच्चे हैं ये आपका वहम है------------------------------------------------------------------------------------फत्तू चौधरी मोबाईल रिचार्ज करवाने गया।फत्तू
 
अन्तर सोहिल
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गुरु को मारी लात

नौकर-चाकरों को कोई गौर से देखता है भला। नौकर चाकरों को आदमी भी मानता है? तुम अपने कमरे में बैठे हो, अख़बार पढ रहे हो, नौकर आकर गुजर जाता है, तुम ध्‍यान भी देते हो? नौकर से तुमने कभी नमस्‍कार भी की है? नौकर की गिनती तुम आदमी में थोड़ी  करते हो। नौकर
 
अन्तर सोहिल
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ब्लाग में क्या लिखते हैं लोग

अजी वही लिखते हैं जो उनके मन में चल रहा होता है। एकदम वही, ना कम ना ज्यादा। ये सच नहीं है तो अपने अन्दर झांक कर देख लो। आपके मन में काव्य है तो ब्लाग पर कविता आ जाती है। सामाजिक समस्याओं से दुखी हैं तो समस्या को उजागर किया जाता है, कहानी रूप ले रही है तो
 
अन्तर सोहिल
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तुम भी ना बस बुरा मान जाते हो

फत्तू एक दिन देर से घर पहुंचा तो उसके पिता रलदू ने पूछा - कहां था?फत्तू - दोस्त के घर पररलदू ने उसके दस दोस्तों को फोन कर-करके पूछा। पांच ने कहा "हां, मेरे साथ था"। यही होते हैं सच्चे
 
अन्तर सोहिल
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क्या आप कौवे पर बीट डाल सकते हैं

चित्र गूगल से साभारब्लागवाणी और चिट्ठाजगत तो हरे-भरे प्यारे विशाल वृक्षों जैसे हैं। जिनके नीचे  सभी हिन्दी ब्लागर ठंडी छांव का आनन्द लेते हैं। मगर इन पेडों की जिस डाल के नीचे आप बैठने जा रहे हैं, वहां पहले जांच ले कि कहीं उस डाल पर कौवे का घौंसला तो
 
अन्तर सोहिल
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बिल्कुल अपने बाप पर गया है

लडकी - मम्मी ये पडोसी का लडका बार-बार मुझे पप्पी (किस) करके भाग जाता है।मम्मी (मुस्कुरा कर) - बडा शरारती है, बिल्कुल अपने बाप पर गया है।----------------------------------------------------------------------------पत्नी विदेश जा रही थी। उसने पति से पूछा -
 
अन्तर सोहिल
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क्या आज आप कोई चिट्ठी नही पढेंगें?

आज आपको कोई भी पोस्ट नही पढनी चाहियेआज आपको ज्यादातर चिट्ठोंपर कुछ भी खास नहीं मिलेगाअब आप यहां आ गये हैंइस पोस्ट को पढने लेकिनमैनें इस पोस्ट में कुछ भीनही लिखा हैअब आप सोच रहे हैंकि मैनें आपको अप्रैल फूलबना दियामगर क्या यह भी सोचने कीबात हैयह पोस्ट तो
 
अन्तर सोहिल
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अन्तर सोहिल = Inner Beautiful

यह वाक्या पढने से पहले कुछ हरियाणवी शब्दों के अर्थ समझ लेना जरूरी है।उडै  =  वहांउरेनै-परेनै  =  इधर-उधरसोन की खातर  =  सोने के लिये टोण लाग्या  =  ढूंढने लगाकितै भी  =  कहीं भीकिस तरियां  = 
 
अन्तर सोहिल
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मेरी बारे में

मैं जो भी करता हूं, वह मुझसे निकलता है; लेकिन मेरा होना मेरे करने से नहीं निकलता। मेरा अस्तित्व मेरे करने के पहले है। आचरण बाहरी घटना है, इसलिये यह भी हो सकता है कि मेरा कर्म मेरे संबंध में जो भी कहता हो, वह मेरी आत्मा की सही गवाही न हो। कर्म धोखा दे
 
अन्तर सोहिल
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एक टिप्पणी के जवाब में

जबरदस्ती, बाध्य करने से या दमन द्वारा कोई कार्य करवाने से वह कार्य सफलता की श्रेणी में नही आ सकता। जो कार्य स्वस्फूर्त होता है, उसी में आनन्द है। जो दबाया जायेगा, वह तो सापेक्ष विरोध से प्रकट होगा ही। अगर संस्कृति बचाने के नाम पर कोई आपको धोती-कुर्ता
 
अन्तर सोहिल
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जाने वाले को कौन रोक पाया है

सुबह रेलवेस्टेशन पर आया तो देखा छैऊलाल एक बैंच पर बैठा है। उसके सारे भाई उसे बडे प्यार से पुचकार रहे हैं। मैनें पूछा क्या बात है बिना नहाये सब जने आज स्टेशन पर कैसे? उन्होंनें बताया छैऊ घर छोड कर जा रहा है, इसे समझाते-समझाते थक गये हैं। किसी की बात भी
 
अन्तर सोहिल
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क्यों संस्कृति की दुहाई बार-बार दी जाती है?

जो नदी बहती रहती है, उसका जल स्वच्छ, ताजा और निर्मल रहता है। मगर जो ठहर जाती है वो पोखर या जोहड बनकर समाप्त हो जाती है। सही और गलत की परिभाषायें समय, स्थान और स्थिति के साथ परिवर्तित हो जाती हैं। कोई बात, विचार, प्रथा, नियम आदि भी किसी के लिये सही और
 
अन्तर सोहिल
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सतरंगी नारी, निर्दयी नारी

नारी के बारे में महापुरूषों के कुछ वकत्त्व्य, जो विद्यालय के दिनों में मैनें कहीं से पढ कर अपनी डायरी में संचित कर रखे थे। कौन सा वकत्त्व्य किस महापुरूष का है यह मुझे नही पता।1> नारी जगतपालनी है, परिवार की आधारशिला है, स्नेह और त्याग की जीती मिसाल है,
 
अन्तर सोहिल
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Mar 08 2010 03:28 PM
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एक-आध बोगी ही बढा दी होती

इस बार रेलमंत्री ने 117 रेलों की बढोतरी की है जी देश में। समय पर आने-जाने, सुविधा और सुरक्षा बढाने के बजाय हर साल कुछ रेल बढा दी जाती हैं। लम्बी दूरी की रेलों की पैन्ट्री (रसोई) में  खाना बनाने के लिये शौचालय और सफाई के लिये प्रयोग होने वाला पानी
 
अन्तर सोहिल
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कभी देखे या रखे हैं पंखें पर चप्पल-जूते

सिरसा एक्सप्रेस में लगभग सभी बोगियों में पंखों पर चप्पल-जूते रखे हुये दिख जायेंगें।क्यों ?From अन्तर सोहिल = Inner Beautifulक्योंकि सामान रखने की जगह पर लोग बैठते हैं, अगर ये लोग जूते पहने बैठेंगें तो नीचे वाले लोगों के सिरों पर मिट्टी गिरेगी।नीचे क्यों
 
अन्तर सोहिल
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Mar 05 2010 10:57 AM
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यह शिक्षा पद्धति बढिया है

एक ईमेल जिसे आपके साथ बांटने का मन किया A Professor at one of the IIM's ( INDIA ) was explaining marketing concepts to the Students:- 1           You see a gorgeous girl at a party. You go up to her and say:    
 
अन्तर सोहिल
Mar 04 2010 11:50 AM
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बकवास मत कर, सार्थक लिख

दूसरे को कमतर बता कर  खुद को सुप्रियर या ऊंचा साबित करना कितना आसान है ना। बहुत सारी पोस्ट पाठकों के लिये नही ब्लागर्स के लिये लिखी जा रही हैं।  सुपरहिट होने के लिये पोस्ट लिखी जाती हैं, टिप्पणियों के लिये पोस्ट लिखी जाती हैं, पोस्ट के लिये
 
अन्तर सोहिल
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मकई के दाने के गर्म होने पर आवाज कर के फटना

बातचीत रहेगी जारी, के अपने ब्लाग पर प्रकाशित करने की अनुमति मांगनें पर, श्री आनन्द शर्मा जी के अमूल्य विचार और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत एक पत्र अन्तर सोहिल जी, नमस्कारदेशभक्तिपूर्ण कविता आपको पसंद आयी - अहोभाग्य - धन्यवाद कविता का रचयिता इस अकिंचन का
 
अन्तर सोहिल
Feb 18 2010 09:00 AM
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बात चीत रहेगी जारी……………

बात चीत रहेगी जारी , बात चीत रहेगी जारी चाहे हम हों कितने तगड़े , मुंह वो हमारा धूल में रगड़े,पटक पटक के हमको मारे , फाड़ दिए हैं कपड़े सारे ,माना की वो नीच बहुत है , माना वो है अत्याचारी ,लेकिन - बात चीत रहेगी जारी , बात
 
अन्तर सोहिल
Feb 17 2010 11:23 AM
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ब्लाग किसलिये है? (अपने रिस्क पर पढें)

कृप्या इस लेख को किसी अवधारणा को दिमाग में रखकर ना पढें।  मुझ गधे के दिमाग में कुछ विचार आये तो यहां लिख दिये हैं। गधे के दिमाग में विचार आते हैं और वो ढेंचू-ढेंचू करने  ही लगता है। किसी भी ब्लागर या नान ब्लागर से इस वार्तालाप का कोई भी सम्बन्ध
 
अन्तर सोहिल
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Feb 16 2010 09:00 AM
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चने, मूंगफली, सत्तू, फत्तू और बनिया

सत्तू और फत्तू दोनों बडे आलसी थे। एक बार रामभज पंसारी ने जिससे उन्होंनें काफी उधार ले रखा था कहा कि या तो मेरी उधारी चुकता करो वरना मैं तुम्हारे घर पर कब्जा कर लूंगा। सत्तू-फत्तू ने कहा लाला जी हमारे पास काम नही है, जब काम मिल जायेगा तो आपके पैसे लौटा
 
अन्तर सोहिल
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Feb 14 2010 08:20 AM
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जब किसी को टारगेट बना कर लिखा जाता है

मानव मस्तिष्क भी कमाल की चीज है, यह हर बात, हर विचार, हर काम के पक्ष में  हजारों कारण और बहाने खोज लेता है और विपक्ष में भी। मेरे मस्तिष्क में अगर कोई विचार आ जाये तो पोस्ट लिख देता हूं। अगर किसी की कोई पोस्ट मेरी अल्प-बुद्धि (समझ) में आ जाये और
 
अन्तर सोहिल
Feb 12 2010 08:50 AM
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मातृभाषा में गाली

राजा भोज के दरबार में एक बार एक विद्वान आया। उसने राजा भोज के सामने एक शर्त रखी की आपके राज्य का कोई भी आदमी अगर मेरी मातृभाषा कौन सी है यह बता सके तो मैं उसे एक लाख स्वर्ण मुद्रायें भेंट करूंगा। लेकिन अगर आपके राज्य के सब विद्वान हार गये तो आप मुझे दस
 
अन्तर सोहिल
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फतू की साईकिल

तेरह साल का फत्तू चौधरी साईकिल चलाना सीखै था।बार-बार साईकिल पर चड्ढन की कोशिश करता और गिर जाता।एक बार जब वो गिरा तो एक ताऊ उडे तै गुजरै था। ताऊ बोल्या - कोये बात ना बेटा, उठ जा-उठ जा, किस्से ने भी कोन्या देखाफत्तू बोल्या - ताऊ, तन्नै देखकै के पूंझड पाड
 
अन्तर सोहिल
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रलदू चौधरी की बकरियां

रलदू चौधरी पशु व्यापारी था। एक बार कोई ग्राहक उसके पास बकरी खरीदने आया। रलदू ने उसको तीन बकरियां दिखाई और उनकी खासियतें बताने लगा।रलदू - भाई साहब, ये पहली बकरी हर रोज दो किलो दूध देती है और साल में एक बार बच्चा देती है। ये दूसरी वाली हर रोज चार किलो दूध
 
अन्तर सोहिल
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रलदू की ससुराल

एक बै रलदू चौधरी  अपनी बहू नै लेने ससुराल गया। राम-रमी अर नाश्ता-पानी कर कै रलदू ने अपनी सास को कहा - सासूजी मेरी बहू नै घाल (भेज) दो, मैं लेन आया सूंउसकी सास ने कहा - बेटा, आज रुक जाओ, कल चले जानारलदू - ना जी, मैं तो आज ही ले कर जांऊगांसासू ने उसे
 
अन्तर सोहिल
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छोटी सी दुल्हनियां तेरे अंगना में डोलेगी

श्याम दी कमली नामक एल्बम से मैनें आपको एक गीत (भजन) ना जी भर के देखा सुनवाया था। आज भी इसी एल्बम से इस खूबसूरत भजन  के गायक श्री विनोद अग्रवाल जी  भजन और सूफी गायक के साथ-साथ संत भी हैं। इनके कंठ से निकले गीत श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर देते
 
अन्तर सोहिल
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राज जी इनका फिसलना भी देखिये

राज भाटिया जी दो दिन पहले फिसल ही गये….…इस उम्र में। राज जी बडे जिन्दादिल आदमी हैं। उन्होंनें इस घटना को भी मजेदार बना दिया और चोटिल होने पर भी हम लोगों से गपशप लगाते रहे। और यह गंभीर वाक्या भी रोमांटिक सा हो उठा था। वाकई राज जी हर पल को एंज्वाय करते
 
अन्तर सोहिल
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मैं ही सही, क्योंकि तू गलत है

कुछ लोग खुद को सही, श्रेष्ठ, बेहतर साबित करने के लिये  बजाय अपनी उपलब्धि  बताने के ; दूसरे को गलत, निकृष्ट, कमतर साबित करने में अपनी सारी शक्ति और ऊर्जा लगा देते हैं। प्रत्येक को ऐसी प्रतीति हो सकती है कि जिस मार्ग पर मैं जा रहा हूं, वह सही है।
 
अन्तर सोहिल
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मानव शरीर (आश्चर्यजनक किन्तु सत्य)

मनुष्य के शरीर में इतनी चर्बी है कि उससे साबुन की सात बट्टियां बनाई जा सकती हैं। इतना चूना है कि उससे 10X10 फुट के एक कमरे की पुताई की जा सकती है। 14 किलोग्राम के करीब कोयला (कार्बन) है। अग्नितत्त्व (फास्फोरस) यानि आग इतना है कि उससे करीब 2200 माचीस
 
अन्तर सोहिल
Dec 29 2009 11:56 AM
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मैनें तुम्हारा ठेका नही ले रखा है

गाजर का हलवा, समोसे, गुलाब जामुन और पकौडों का लुत्फ उठा रही 5-6 औरतों में उसकी बूढी आंखों ने छोटी बहू को पहचान लिया। बहू मेरे लिये खिचडी बन गई है क्या? ओहो, तुम्हें तो भूख कुछ ज्यादा ही लगती है। अभी तो तुम्हें चाय और ब्रेड दी थी। बेटा, चाय मैनें चार
 
अन्तर सोहिल
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बात अब तक बनी हुई है

धन्यवाद, शुक्रिया, मेहरबानी, आभार उस परमपिता, परमात्मा, अल्लाह, रब, भगवान, परमसत्ता को Subscribe Free for future posts    Add this player to my Page
 
अन्तर सोहिल
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जाको राखे साईयां

एक बै अस्पताल म्है एक बालक नै जनम लिया तो अस्पताल म्है हंगामा मच गया, क्यों? क्योंकि बालक जन्म लेते समय हंस रहा था अर उसके केवल एक हाथ की मुट्ठी बंद थी। डाक्टर नै जब उसकी मुट्ठी खोली तो उसमै एक गोली थी। अरे भाई बन्दूक की नहीं वा वाली ई पिल या अन्वांट
 
अन्तर सोहिल
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दे ताली

एक ताली होती है ताला या ताले (Lock) की स्त्री याने के चाभी या चाबी (Key) और दूसरी ताली जो दोनों हाथों को तेजी से टकरा कर बजाई जाती है। दोनों हाथों को जब  टकराते हैं तो जो ध्वनि पैदा होती है, उसे ताली कहते हैं। ताली कई तरह से बजाई जा सकती है। एक
 
अन्तर सोहिल
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अल्लाह अल्लाह कहो इंशाअल्लाह

रोज आफिस से छह बजे निकलता हूं। शाम 6:30 बजे की सिरसा एक्सप्रेस से घर जाते-जाते 8:00 बज ही जाते हैं। फिर हाथ-मुंह धोना (गर्मियों में नहाना) और 8:30 बज गये। रात का खाना खाया और उर्वशी, लव्य, याचिका तीनों बच्चों के साथ खेलना या फिल्मी गाने और भजन सुनता
 
अन्तर सोहिल