दस्तक's Image
ब्लॉगवाणी पर यह ब्लॉग
नयी प्रविष्टी लिखी
25 Apr 2010
कुल प्रविष्टियां
31
पाठक भेजे
11531
पसंद
186
नापसंद
0
पाठक प्रति पोस्ट
371.97
पसंद करें
3
नापसंद करें

यह लीजिये खजाने की चाबियों का गुच्छा!

आज की पोस्ट में कोई गाना नहीं सुनायेंगे पर आपको गाने के खजाने की चाबी नहीं बल्कि चाबियों का गुच्छा ही थमा देंगे। लूट लें जितना लूटने की हिम्मत आपमें है। अन्तर्जाल पर गाने सुनाने वाले बहुत से जालस्थल हैं, पर वे सिर्फ फिल्मवाइज गाने ही सुनाते हैं या फिर
 
सागर नाहर
पसंद करें
6
नापसंद करें

धोबी से ना जीत पावें तो गदहे के कान उमेठे

क्या यह कहावत इन्हीं मूर्ख सरकारी अधिकारियों के लिए तो नहीं बनी होगी, जिन्होने यह मूर्खतापूर्ण कदम उठाया आंध्र प्रदेश सचिवालय हैदराबाद , के बाहर २४ घने पेड़ों को बिला वजह काट दिया गया। इनमें से तो कुछ नीम के भी थे। किसी का कहना है नक्सलवदियों के आकस्मिक
 
सागर नाहर
पसंद करें
5
नापसंद करें

दस्तक ने किए चार साल पूरे

पिछले महीने की बारह तारीख को दस्तक ने हिन्दी चिट्ठा जगत में अपने चार साल पूरे कर लिये। पोस्ट दस तारीख को ही लिख ली पर हमेशा की तरह आलस के चलते आज एक महीने बाद ऊपर वाले लेख के साथ मिला कर पोस्ट कर रहा हूं। दस्तक चिट्ठा ने आज अपने चार साल [...]
 
सागर नाहर
पसंद करें
3
नापसंद करें

मसाला केप्सिकम और जास्मीन तेल

चौंक गए ना ऐसा अजीबोगरीब शीर्षक पढ़ कर.. ! पिछले साल खाना बनाने के कटु अनुभव के बाद सोच लिया था कि इस बार पहले से ही तैयारी कर लेनी पड़ेगी, और हर्ष भी इस बार गाँव नहीं जाने की जिद कर रहा है। सो हम दोनों के पेट का बंदोबस्त तो करना ही होगा। सो [...]
 
सागर नाहर
पसंद करें
0
नापसंद करें

आपने सुरत के रसावाले खमण खाये हैं कभी?

खाने पीने के मामले में सुरतीलालाओं का मिज़ाज़ बड़ा गज़ब का है, उन्हें ये रात दस बजे ये पता चले की वहां एक चाय का ठेला खुला है और क्या मस्त चाय बनती है तो फटाफट अपनी गाड़ी निकाल कर एक कट चाय पीने चले जयेंगे। कट चाय भले ही तीन की आती हो [...]
 
सागर नाहर
Feb 24 2010 07:50 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

हेट्‍स ऑफ यू, अभिनया

मैं अपने कॉफे में सिनेमा के टिकट भी बेचता हूं, क्यों कि मैने इजीमूवीज की फ्र्न्चाईजी ले रखी है। इस काम के लिये कुछ दिनों पहले मुझे एक थियेटर में जाना पड़ा, वहां एक बहुत बड़ा पोस्टर दिखा फिल्म थी शम्बो शिव शम्बो। इस पोस्टर पर एक नवोदित अभिनेत्री अभिनया का
 
सागर नाहर
पसंद करें
3
नापसंद करें

IRCTC अब नये अंदाज में

भारतीय रेल केटरिंग एवं टुरिस्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने अपनी बोरिंग साईट को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास चालू कर दिया है। उसकी नई साईट जो कि अभी बीटा वर्जन में है, (प्रयोग के लिये चालू है) का इन्टरफेस तो बढ़िया है ही, कुछ सुविधाओं में थोड़ा फेरबदल करने से
 
सागर नाहर
पसंद करें
2
नापसंद करें

तैयारी करने में क्या हर्ज है?

तेलंगाना राज्य तो बनेगा तब बनेगा, पहले तैयारी कर लेने में क्या हर्ज है। कहीं बाद में मोटर साईकिल की नंबर प्लेट बनाने वालों ने अपने भाव बढ़ा दिये तो! देखिये लोगो ने अभी से अपनी गाड़ियों में नंबर प्लेट किस तरह बदलना शुरु कर दिया है। लोग भी कितने आशावादी होते
 
सागर नाहर
पसंद करें
5
नापसंद करें

बहुत दिन भए

एकाद दिन पहले; कई दिनों के बद लवलीजी से चैट हो रही थी। अचानक लवलीजी ने कहा आपको पंकज बैंगानीजी और गुड़िया (डॉ गरिमा) खोज रहे हैं। लवलीजी ने पंकजभाई के ब्लॉग की उस पोस्ट का लिंक बताया जिसमें मेरे सहित कुछ और ब्लॉगर के गुमशुदा होने की खबर प्रकाशित हुई थ
 
सागर नाहर
पसंद करें
0
नापसंद करें
पसंद करें
0
नापसंद करें

April Fool

अप्रेल फूल का मजा लूटने की इच्छा कई दिनों से थी पिछले साल तो नये नये थे और चिट्ठाजगत के नियमों और सभी सदस्यों से परिचित भी नहीं थे। अब सबसे परिचय भी हो गया है सो कल मौका मिला कल दो तरह से अप्रेल फूल बनाया। संजय भाई ने जीमेल पर चैट के दौरान [...]
 
सागर नाहर
पसंद करें
0
नापसंद करें

जबरिया चिठ्ठा चर्चा

किसी ने कहा नहीं चिठ्ठा चर्चा करने को पर नारद पर किसी वजह से रात से चिठ्ठे नहीं दिख पा रहे थे सो चिठ्ठा चर्चा में अनूप जी उनकी चर्चा नहीं कर पाए तो मैने सोचा क्यों ना आज मैं भी एक बार सबके गले पड़ लूं, ज्यादा सर चढ़ाया ना अब [...]
 
सागर नाहर
पसंद करें
0
नापसंद करें

सबको सन्मति दे भगवान

दो अक्टूबर हर वर्ष की भाँति आया और चला गया, गाँधीजी के नाम पर बड़ी बड़ी बातें हुई, राजकुमार हिरानी की फ़िल्म ” लगे रहो… के बाद तो गाँधी जी कुछ ज्यादा ही प्रसिद्ध हो रहे हैं ( जिन लोगों ने गाँधी जी सिर्फ़ नोट पर देखे थे, कभी नाम नहीं सुना), वे
 
सागर नाहर
Dec 03 2009 01:21 AM
पसंद करें
0
नापसंद करें

सागर के हिन्दी जुगाड़

बच्चों की कहानियाँ पढ़िये हिन्दी में कुरान पढ़िये श्रीमद भागवद गीता, दोहावली और कवितावली पढ़िये शिवानन्द महाराज कृत मुण्डक दिव्यामृत पढ़िये (टेक्सट फ़ॉरमेट में) यशपाल जैन कृत सन्तों की सीख हिन्दी भजन जैन धर्म पर किताबें- ही किताबें pdf प्रारूप में शास्त्र
 
सागर नाहर
पसंद करें
0
नापसंद करें

मेरे जीवन में धर्म का महत्व

कई चिठ्ठाकारों के धर्म पर विचार पढ़ कर धर्म पर लिखने का मन हुआ है, दर असल धर्म की कोई परिभाषा हो ही नही सकती, क्यों कि हर परिस्थिती, जगह ओर समय के अनुसार धर्म की परिभाषायें बदलती रहती है. में मानता हुँ कि धर्म की सही परिभाषा है “मानवता“, औ
 
सागर नाहर
पसंद करें
0
नापसंद करें

किकोड़े मात्र अस्सी रुपये किलो!

बिल्कुल हद हो गई जी। किकोड़ा की सब्जी और अस्सी रुपये किलो!! आश्चर्य ही हो गया । कल बाजार सब्जी लेने गये और कुछ ठेलों पर बड़े करीने से सजाये एकदम हरे हरे किकोड़े दिख गये। बरसों बाद दिखे सो बड़े उत्साह से जाकर भाव पूछा .. जवाब मिला साठ रुपये किलो। बच्चों का
 
सागर नाहर
पसंद करें
0
नापसंद करें

भगवान इतनी ह्रदयविदारक मौत किसीको ना दे!

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ वाई.एस. राजशेखर रेड्डी के दुखद: निधन के बाद कल आश्‍चर्यजनक रूप से सभी गणेश मंडलों ने गणेशजी की प्रतिमाओं का वसर्जन एकदम सादगी से किया। पिछले वर्षों में प्रतिमाऒं के साथ अनेक लोक कलाकार अगल- अलग वेशभूषाओं में अपनी अपनी कला
 
सागर नाहर
टैग: दुखद:
पसंद करें
5
नापसंद करें

डॉ नौतम भट्ट- एक अज्ञात भारतीय-वैज्ञानिक

या नींव के पत्थर!! आपमें से कितने लोगों ने डॉ नौतम भगवान लाल भट्ट का नाम सुना है? अच्छा अब बताइये आपने अग्‍नि, पृथ्वी, त्रिशूल, नाग, ब्रह्मोस,धनुष, तेजस, ध्रुव, पिनाका, अर्जुन, लक्ष्य, निशान्त, इन्द्र, अभय, राजेन्द्र, भीम, मैसूर, विभुति, कोरा, सूर्य.
 
सागर नाहर
पसंद करें
4
नापसंद करें

श्रीलक्ष्मी सुरेश: छोटी उम्र में बड़े कारनामे

जिस उम्र में छोटी बच्चियां गुड्डे- गुड्डियो के विवाह करवाने के खेल खेला करती है, उस उम्र में केरल की एक छोटी सी बच्ची श्रीलक्ष्मी सुरेश ने वेब डिजाईन करना शुरु कर दिया। छ: साल की उम्र में अपनी स्कूल की साईट बनाई उसके बाद श्रीलक्ष्मी रुकी नहीं और कुछ
 
सागर नाहर
पसंद करें
7
नापसंद करें

अब पता चला बच्चू!

श्रीमतीजी गर्मी की छुट्टियां मनाने गाँव गई है बच्चों को साथ लेकर!  दो साल बाद गई है सो कह कर गई है कि डेढ़ महीने से पहले नहीं आने वाली, इधर अपनी हालत यहां पतली होती जा रही है। जब निर्मला यहां थी, और मैं किसी काम से घर जाता; किसी भी समय तो वे या [
 
सागर नाहर
पसंद करें
6
नापसंद करें

॥दस्तक॥

एक बात समझ में नहीं आती, जब समाचार चैनलों को भाजपा से इतनी नफरत है कि दिन रात पानी पी पी कर उसे कोसने में लगे रहते हैं। जब ये इतने ही सिद्धान्तवादी हैं और इतने ही शर्म निरपेक्ष धर्म निरपेक्ष हैं तो फिर भाजपा के चुनाव के विज्ञापन भी अपने चैनलों पर क्य
 
सागर नाहर
पसंद करें
5
नापसंद करें

भोपाल स्टेशन पर एक मजेदार घटना

कई बार कैसे कैसे मजेदार वाकये हो जाते हैं कि वे हमें जिन्दगी भर याद रह जाते हैं। कल ऐसा ही वाकया मेरे साथ हुआ। कल शाम (2-04-2009) भोपाल रेल्वे स्टेशन पर मैं, मेरी बहन किरन और चाचीजी सिकन्दराबाद आने के लिये ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। भारतीय रेल की परं
 
सागर नाहर
पसंद करें
4
नापसंद करें

रॉय सुलिवान; एक अनोखी शख्सियत

नेट पर सर्फिंग करते करते कई बार बड़ी अनोखी चीजें देखने को मिल जाती है, आज पता नहीं क्या सर्च करते करते मैं रॉय सुलिवान (Roy Sullivan) के पन्ने तक पहुंचा। आप पूछेंगे की रॉय सुलिवान में ऐसी क्या खास बात है तो आप जान कर आश्‍चर्य चकित रह जायेंगे कि रॉय पर
 
सागर नाहर
पसंद करें
1
नापसंद करें

1970 में भी चिट्ठे लिखे जाते थे?

चिट्ठाजगत.इन से लिया गया यह स्क्रिन शॉट तो यही कहता है! Posted in मनोरंजन, हास्य व्यंग्य
 
सागर नाहर
पसंद करें
2
नापसंद करें

भई सब लोग ममताजी- यूनुस भाई को बधाई दो रे!

पिछले महीने ही हमने एक पोस्ट लिखी थी अरे, सब लोग हमें बधाई दो रे! तभी हमने आपसे कहा था कि आपको जल्दी ही एक और खुशखबरी सुनायेंगे। हाँ तो खुशखबरी हम सबके प्रिय यूनुस भाई के घर में आज सुबह आ चुकी है। रेडियो सखी के नाम से जानी मानी, विविध भारती की अनाऊंस
 
सागर नाहर
पसंद करें
4
नापसंद करें

थोड़ा मैं भी नोस्टेलजिया लूं

सर्दी आई नहीं कि अपने घर से दूर रह रहे सभी लोग सर्दी, गाँव  और घर को याद कर बुरी तरह नोस्टेलजिया रहे है। कोई तहरी खिला रहा है तो कोई खा रहा है। सब अपने बचपन में तापी धूप- अलाव, गुड़ मूंगफली, गज़क,कुतरी हुई गाजर- मूली को याद कर नोस्टेलजिया रहे हैं;
 
सागर नाहर
पसंद करें
8
नापसंद करें

अरे, सब लोग हमें बधाई दो रे!

यह शीर्षक कहीं पढ़ा- पढ़ा सा लगता है ना! आज से दो साल पहले जिन मित्रों ने चिट्ठा लिखना शुरु कर दिया था वे सब अपने दिमाग पर जोर देंगे तो याद आ जायेगा कि ये शब्द कहां पढ़े थे। नहीं याद आया ना! चलिये मैं ही बता देता हूं यह पोस्ट हम सबकी प्रिय [...]
 
सागर नाहर
पसंद करें
5
नापसंद करें

थैंक्यू टीवी चैनल्स!

आप चौंक गये ना शीर्षक पढ़ कर! मैं अपना कॉफे रात को दस- सवा दस बजे बन्द कर घर जाता हूं तब तक श्रीमतीजी का लगभग सारा काम निबट चुका होता है या फिर कभी किसी कारण से नहीं भी निबटा तो काम के साथ साथ टीवी देखना भी चालू रहता है, और ना चाहते [...]
 
सागर नाहर
पसंद करें
5
नापसंद करें

पूत के पाँव पालने में

क्रिसमस की आठ दस दिन की छुट्टियां और उससे पहले दशहरे- दीवाली की छुट्टियों में दोपहर को हर्षवर्धन  और चैतन्य नाहर दोपहर अक्सर गेम खेलने आते रहते  थे। गेम खेलते खेलते पता नहीं कब मेल का एकाउंट खोलना सीख गया। उसे घर में अपनी मम्मी को कहते 
 
सागर नाहर