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जनजन की आवाज़ ( VOICE OF PEPOLE )

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08 Mar 2010
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कंप्यूटर और शिक्षा

भारत सरकार बहुत कोशिश कर रही है कि कैसे शिक्षा को जन जन तक पहुँचाया जाय. इसके लिए सबसे सरल उपाय यह है कि कंप्यूटर को मोबाइल जैसे सस्ता कर आम लोगों के पहुँच में लाया जाय और इंटरनेट सस्ता किया जाय जैसे सौ रूपय मासिक अन्लिमिटेड.
Feb 25 2010 06:09 PM
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जनजन की आवाज़ ( VOICE OF PEPOLE )

src="http://www.yourminis.com/Dir/GetContainer.api?uri=yourminis/winge/http://video-klipp.se"
Feb 24 2010 09:52 AM
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जनजन की आवाज़ ( VOICE OF PEPOLE )

http://www.chitthajagat.in/?ping=http://janjankeeaavaz.blogspot.com/
Feb 24 2010 09:51 AM
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जनजन की आवाज़ ( VOICE OF PEPOLE )

src="http://chitthajagat.in/sakriyeta.php?chittha=http://janjankeeaavaz.blogspot.com/"height="40"width="110"scrolling="no"frameborder="0"marginwidth=0pxmarginheight=0px>
Feb 24 2010 09:50 AM
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केदारनाथ अग्रवाल : कविता की लोकधर्मी संवेदना

केदारनाथ अग्रवाल : कविता की लोकधर्मी संवेदना1. व्यक्तित्व एंव कृतित्व - केदारनाथ अग्रवालकेदारनाथ अग्रवाल प्रगतिशील काव्य-धारा के एक प्रमुख कवि हैं। उनका पहला काव्य-संग्रह युग की गंगा आज़ादी के पहले मार्च, 1947 में प्रकाशित हुआ। हिंदी साहित्य के इतिहास को
Feb 23 2010 11:56 AM
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लोक-चेतना

दिखाई देता है अंकों, सनदों का व्यापार,स्कूलों और कालेजों में बिकता अध्यापक, पहुँच वालों का बोलबाला है, वही अंकों में सबसे आगे वाला है? यह सच नहीं बल्कि घोटाला है,फिर भी वही नौकरी पाने वाला है, कोई नहीं बोलने वाला है, सब जानते हैं वह घोटाला है, क्योंकि
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खामोशी को तोड़ना पड़ेगा ।

हम बहुत दिन से खामोश थे कि वे जो कर रहे हैं वह अच्छा ही होगा। परंतु वे इतने कमीने निकले की हमारे अहसास उड़ गए। कहते हैं हम ही सच्चे देश भक्त हैं और सबसे अच्चे हैं। पर करते हैं केवल स्वार्थ पर राजनीति, हमें कहते है दोशी। खुद केवल देखते हैं निज फायदा क्
Dec 29 2009 11:54 AM
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जनजन की आवाज़ ( VOICE OF PEPOLE )

दोस्ती दिवाली के दिप जले शान से यारों की यारी रंग लाये प्यार से दीप के बिन है दिवाली अधूरी दोस्त के बिन है जिंदिगी अधुरी भवरे को फूल की महक है प्यरी दोस्ती तो दोस्ती है सबसे न्यारी दुनिय को भले दौलत है सबकुछ दोस्ती को लगे दोस्ती है सबकुछ
Dec 29 2009 11:54 AM
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राज दादा भाई साहब जरा सोचें

भारत मानुष विचार करें महाराष्ट्र में जो अलगाववादी बीज बो दिया गया है वह अब पल्लवित हो रहा है। धीरे धीरे यह बीज बंगलौर, कोलकाता एवं अन्य महानगरों में भी फैल सकता है। यह निश्चित रूप से भाषा और क्षेत्रीयता को आधार बनाकर किए गए राज्यों के निर्माण का दुष्
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भारत की प्रगति चौगुना बढ़ सकती है?

भारत विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर है और प्रत्येक क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी छवि सुधारी है। अधिकांश विद्वान इसे बहुत उत्साहजनक और उज्ज्वल भविष्य के रूप में देख रहे हैं। परंतु मुल्यांकन का तटस्थ मापदण्ड अपनाया जाय तो भारत की औसत प्रगति विश्व के
Dec 29 2009 11:54 AM
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आज का दिन

सुबह से आज का दिन अच्छा रहा है, मैं आज सोच रहा था कि लोगों के हिन्दी पृष्टों को बहुत ध्यान से पढ़ूंगा और हिन्दी के बढ़ते प्रयोग पर खुब खुश होंगे चला गया पालोलेम समुद्र के किनारे जहाँ सुन्दर सुन्दर परिओं का निवास प्रवासी पक्षियों के समान समुद्र में गोता
Dec 29 2009 11:54 AM
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क्या हुआ! सबा सो गए क्या?

बहुत दिन हो गया मुझे लिखने को समाया नहीं मिला परन्तु आजा जब हम देखने लाहे टू सभी हिन्दी प्रेमी अपने अपने ब्लोग बन्दा कर चुके हैं किसी में नी प्रविष्टियाँ नहीं आरही हैं ऐसा क्यों हो गया विशेष कर परिचर्चा और श्रीश बाबू का ब्लोग अपडेट नही हो रहा है । भा
Dec 29 2009 11:54 AM
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क्या आप ऐसे हैं?

श्रीशजी आप की प्रेरणा से हमने भी ब्लोग बनाने की कोशिश कर रहा हूं। कृपया मार्ग दर्शन करते रहें । आप ने अपने ब्लोग को बहुत सुन्दर बनाया है उसमें अनेक फीचर दी हैं जो बेहद लाभदायक है जैसे रोमन लिपि सहित सभी भाषाओं में पढ़नें की सुविधा । साथ में सी-बॉक्स
Dec 29 2009 11:54 AM
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श्रिजीको बधाइयां

आप को बहुत बहुत बधाई कि आप लोगो की सहायता करते हैं
Dec 29 2009 11:54 AM
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संकट में भाषाएँ

भाषाओं पर संकट :- आज दुनिया की अनेक भाषाओं के लुप्त होने का खतरा पैदा हो गया है। उन्हें बोलने वाले दिन पर दिन कम होते जा रहे हैं। यूनेस्को द्वारा विश्व की लुप्त होती भाषाओं पर जारी एक एटलस के मुताबिक दुनिया की करीब 6000 भाषाओं में से 2500 के लुप्त हो
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कुछ हमारी भी सुनों ?

बहुत बहुत है धन्यवाद उनसबका जो करते हिन्दी लेखन में मदद हम सबका आज आई है नई सौगात अब बन गया है क्म्प्युटर अपना भाई कुछ कुछ अब हम भी लिख पढ़ लेते अब नही रही यह तकनीक पराई पर नव विंडो जो है आई उम्मीद नई थी इससे भाई हिन्दी का बहुभाषी आधार मिलेगा पर इसमे
Dec 29 2009 11:54 AM
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मैं मोबाइल हूँ

मैं मोबाइल हूँ मैं बड़े काम की चीज हूँ, तुम सब की अजीज हूँ। छ: अक्षर के मेरे नाम, पूरा करते तेरे काम । बूढ़े बच्चे हों जवान, किस्मत कनेक्शन हुआ असान। संकट से मैं तुम्हें बचाऊँ, चोरी में भी साथ निभाऊँ। फिर भी रखती तुम्हारा ध्यान, टिकट निमंत्रण और पहचान।
Dec 29 2009 11:54 AM
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बहुत दिनों के बाद

बहुत दिनों के बाद आज मैं पुन: अपने ब्लोग पर टिप्पणी कर रहा हूँ। विशेष कर हिन्दी भाषा और उसकी क्रियाशीलता के विषय में लोग कहते हैं कि हिन्दी में काम करना बहुत कठिन है जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। कठिनाई का कारण है जानकारी का अभाव विशेष कर जो लोग आटी. जगत
Dec 29 2009 11:54 AM
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हिन्दी दोस्तों आप आओ साथ

हिन्दी दिवस क्या मनाना? जिस घर में खेत और खलीहान में हिन्दी की होती है खेती प्रतिक्षण प्रतिदिन हिंदी दिवस ही तो मनाते हैं, वे बोले या न बोलें कितनी भी पाश्चात सभ्यता को ढ़ो लें लेखिन फिर भी वे रहेंगे कौए का कौआ ' कितना भी क्रो - क्रो कर लें, फिर भी का
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चम्पा

चंपा काले काले अक्षर नहीं चीन्हती :- आख़िर चम्पा काले काले अक्षर क्यों नहीं चीन्हती तो फिर कम्प्यूटर पर कैसे काम करेगी, क्या कभी किसी ने इन समस्याओं की ओर ध्यान दिया है? शायद नहीं यदि इस मर्ज की दवा मिल जाय तो सारी बीमारी समाप्त हो जाएगी। तो चलो इसका
Dec 29 2009 11:54 AM
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हिन्दी टाइप करने का सबसे अच्छा औजार कौन सा है---

भाई मै बहुत वर्षो से हिन्दी के ऑफ़ लाइन और आन लाइन पर काम कर रहा हूं परन्तु अभी तक कोइ ऐसा टाईपिंग औजार नहीं मिला जिसका सफलता पूर्वक हर जगह प्रयोग किया जा सके पहले मै शुषा बाद में कृतिदेव पर आफ लाइन में लिखता था बाद में s arvgyजी की कृपा से आई एम ई फ
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कहानी आप की

मन कहता है मै भी कहानी लिखूं, मगर क्यों बार-बार मन पीछे हो जाता है, शायद देख कर कल की संसदीय कार्यवाही, दिल छोटा हो जाता है। अपनों ने किया अपनों पर आघात न जानें क्यों, शायद रूपया अब भावनावों और नियमों से बलवान हो गया है, पूरा शहर और गांव देख रहा था,
Dec 29 2009 11:54 AM
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राहुल गाँधी से कुछ प्रश्न ?????

प्र.1 आप आज कल उत्तर प्रदेश के दलितों से ही क्यों प्रेम दिखा रहें हैं? उत्तर: क्योंकि वहाँ मायावती एक दलित मुख्यमंत्री हैं और वे आप की वोट की दाल में बट्टा लगाने में सक्षम हैं. क्या वहाँ और जाति विरादर के लोग नहीं हैं? अन्य गरीबों के घर में भी जाइए औ
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हिन्दीवाला चला कम्प्यूटर खरीदने ??

हाँ, भाई आज हम भी निश्चित कर् लिए की अब कम्प्यूटर या लैपटॉप में से कोई एक अवश्य खरीदेंगे, आज तक सरकारी का प्रयोग कर के थोड़ा बहुत अब सीख लिए हैं, अब अपनी लुगाई का अनुमति लेना बाकी है क्यों कि बजट का सारा काम् वही देखती है चलो हिन्दी का आदमी चला कम्प्य
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हिन्दी मीडिया से अपेक्षाएं

प्रथम सही कदम :- यह नवभारत टाइम में प्रथम बार छपा ऐसा लेख है जो भारत की प्रकृति की स्वाभाविकाता को दिखाता है और यह देश इसी मार्ग पर चल कर उन्नति कर सकता है। अन्य कोई मार्ग देश की जनता के हित में नहीं है? हमारे अनेक मित्र हैं जो देश के दिक्षण भागों मे
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देवनागरी लिखने का सफल टंकण यंत्र कौन सा है?

दोस्तों, आप सभी से निवेदन है कि कुछ आधारभूत समस्याओं पर प्रकाश डालें:- हिन्दी टाइपिंग का कई ओनलाइन टूल्स उपलब्ध हैं जिसमें मुख्य इस प्रकार हैं- 1. इंस्क्रिपट 2. आई.एम.ई 3. सी-डैक परंतु इन तीनों में कुछ कमियां है जैसे इंस्क्रिप्ट द्वारा प्रश्नवाचक चिन
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