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मुझे चाँद चाहिए :आत्मविश्वास कि गाथा
-उमेश पाठक पश्चिमी दार्शनिक हईड़ेगर ने कहा था - मनुष्य इस संसार में एक फेंकी हुयी सत्ता है। कभी -कभी जिंदगी के थपेड़ों को महसूस करने के बाद उसकी ये बात सच प्रतीत होती है!कभी हम इतने मजबूर होतें हैं कि जो निर्णय नियति लेती है उसे स्वीकार करने के अलावा
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Jun 15 2010 08:11 AM


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