आलोक's Image
ब्लॉगवाणी पर यह ब्लॉग
नयी प्रविष्टी लिखी
31 Dec 2009
कुल प्रविष्टियां
35
पाठक भेजे
1011
पसंद
115
नापसंद
0
पाठक प्रति पोस्ट
28.89
पसंद करें
0
नापसंद करें

जिंदगी एक उड़ान है

जिंदगी एक उड़ान है सुख और दुःख इसमे एक समान है लगता है देखकर दूसरों को उड़ना आसान है पर आती है कितनी मुश्किलें हम तो अन्जान है जिंदगी की इस दौड़ में हर कोई मेहमान है पुरे कर लिए अपने सपने जिसने , वो ही महान है कुछ ऐसे लोग भी है जो जिन्दगी से परेशान ह
 
आलोक सिंह
पसंद करें
0
नापसंद करें

छुटपुट चुटकुले

राज जी (ताऊ से)- शादी में दूल्हे के साथ बाराती क्यों जाते हैं? ताऊ - क्योंकि बड़े कहते हैं कि किसी की खुशी में जाओ या न जाओ पर मुसीबत में जरूर जाना चाहिए।ताऊ (डॉक्टर से)- मुझे अजीब सी बीमारी हो गयी है.. जब मेरी बीवी (ताई ) बोलती है तो मुझे कुछ सुनाई नही
 
आलोक सिंह
Sep 09 2009 06:35 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

हँसते-मुस्कुराते

डाकू (ताऊ से)- सुन या तो तू अपनी जान देगा, या फिर वह सारा रुपया जो पोटली में दबाकर ले जा रहा है।ताऊ (डाकू से)- नहीं जी, तुम मेरी जान ही ले लो, रुपया तो मैंने बुढ़ापे के लिए रख छोड़ा है।ताऊ (भाटिया जी से)- मैं बचपन में बहुत ताकतवर था..भाटिया जी (ताऊ से)-
 
आलोक सिंह
Aug 03 2009 09:18 PM
पसंद करें
0
नापसंद करें

चुनाव परिणाम

ग्राम प्रधान चुनाव के नतीजे आ गए थे , सुरेन्द्र जी बड़े परेशान से घर के आगे चारपाई डाल कर बैठे हुए थे . तभी उनके खेतों में काम करने वाला छोटे लाल आ और बोला "का बात है साहब बड़ा परेशान लागत हो ? ".सुरेन्द्र जी बोले "चुनाव का नतीजा आ गया है बस उसे जान कर
 
आलोक सिंह
पसंद करें
7
नापसंद करें

गजबे हो जायेगा

एक जजमान कथा सुन रहे थे . पंडित जी ने कथा शुरू होने के पहले ही जजमान को बता दिया था कि कथा के बीच में उठना मना है . जब पंडित जी को कथा बाचते बहुत समय हो गया तो जजमान ने पंडित जी से पूछा " महाराज अगर कथा के बीच में उठना चाहूँ तो क्या उठ सकता हूँ ? ".
 
आलोक सिंह
पसंद करें
3
नापसंद करें

बाप बाप है

बेटा कितना भी बड़ा क्यों न हो जाये बाप से दो कदम पीछे ही रहता है । किसी ने मुझसे कहा की यदि ऐसा है तो जीतनी खोज आज तक हुई है वो खोजे उनके बाप ने क्यों नहीं की , नई दुनिया की खोज तो कोलम्बस के बाप को कर लेनी चाहिए थी, कोलम्बस ने क्यों की ? मैंने कहा "
 
आलोक सिंह
पसंद करें
3
नापसंद करें

बाबा जी और भक्त

देश में बच्चे कम और बाबा ज्यादा पैदा हो रहे है, आश्चर्य की बात जितने बाबा उससे ज्यादा भक्त है । भक्त तो ऐसे पागल है की पूछिये मत, बाबा नहीं भगवान है बाबा । बाबा अनंत , बाबा की लीला अनंता । एक बार एक बाबा जी का ३ दिवसीय प्रवचन एक बड़े शहर के छोटे कस्ब
 
आलोक सिंह
पसंद करें
3
नापसंद करें

लखनऊ में शादी

शायद १०-१२ साल पहले की बात है . मैं गाँव गया हुआ था . दादा जी ने बताया की पड़ोस गाँव में उनके एक मित्र है उनके लड़के की लखनऊ में शादी है, शादी में मुझे जाना है (दादा जी घर के अलावा कहीं भी भोजन ग्रहण नहीं करते थे इसलिए वो किसी भी शादी में नहीं जाते थे
 
आलोक सिंह
पसंद करें
5
नापसंद करें

२ रूपये कहाँ गए

बहुत पहले कभी किसी ने मुझसे ये सवाल पूछा था . शायद मैंने उसे उत्तर भी बताया था पर अब उत्तर याद नहीं आ रहा शायद आप इसका उत्तर बता सके . एक बार तीन आदमी एक दुकान पर छाता खरीदने गए . दुकान पर मालिक नहीं था , नौकर ने उन्हें छाता दिखाया और छाते का दाम ६०
 
आलोक सिंह
पसंद करें
2
नापसंद करें

हँसना जरुरी है

रामप्यारी (ताऊ से)- जब आप तेजी से कार चलाते हुए टर्निग लेते हो तो मुझे डर लगता है कि कहीं कोई दुर्घटना न हो जाए। ताऊ (रामप्यारी से)- बेवकूफ , ऐसे मौकों पर तुम डरो मत मेरी तरह तुम भी चुपचाप आंखें बंद कर लिया करो। ताऊ मस्ती के मूड में थे, पहुँच गए डाक्
 
आलोक सिंह
पसंद करें
3
नापसंद करें

आत्मविश्वास और लक्ष्य

किसी काम को करने के लिए आत्मविश्वास की जरुरत होती है , समय , भाग्य , परिस्थितियाँ तो केवल सहायक या प्रतिरोधक होती है . जैसे आग जलाने के लिए आग की जरुरत होती है , लकडी , तेल , घी , पेट्रोल , गैस तो केवल सहायक होती है . अब आप कहोगे की आग लगाने के लिए ए
 
आलोक सिंह
पसंद करें
4
नापसंद करें

शर्त और अनुभव

उम्र के साथ अनुभव आता है , एक बुजुर्ग व्यक्ति और नवयुवक के बीच जो सोच तथा निर्णय का जो फर्क होता है वो अनुभव के कारण ही होता है । शायद आपने ये कहानी सुनी होगी . एक बार की बात है, एक शादी में लड़की वालों ने शर्त रखी की बारात में कोई बुजुर्ग नहीं आयेगे
 
आलोक सिंह
पसंद करें
3
नापसंद करें

गाड़ी तो २ चाहिए और वो भी स्कार्पियो

दहेज़ प्रथा को जल्द से जल्द समाप्त किया जाना चाहिए , आखिर क्या हक़ है लड़केवालों को की वो लड़की के परिवारवालों को दहेज़ के लिए परेशान करे और न देने पर लड़की के साथ दुर्वयवहार करे ।आखिर जितना पैसा लगा कर लड़केवालों ने अपने लड़को को पढाया लिखाया उतना ही
 
आलोक सिंह
पसंद करें
4
नापसंद करें

बस भर गई

एक जजमान ने सत्यनारायण कथा कराई, उसके बाद पंडित जी को भोजन ग्रहण करने के लिए कहा . पंडित जी ने खाना शुरू किया और देखते- देखते जब रसोई में खाना लगभग आधा हो गया तो जजमान को चिंता हुई की लगता है आज भूखे ही रहना पड़ेगा, तो वो पंडित जी से बोले "पंडित जी भो
 
आलोक सिंह
पसंद करें
5
नापसंद करें

क्लासफेलो मतलब

सुरेन्द्र जी ( वो इलाहबाद से रायबरेली वाले ) की पत्नी जब भी कोई बात उनसे पूछती है तो वो कहते है "तुम तो ज्यादा पढ़ी हो तुम्हे ही मालूम होगा"। मैंने एक बार उनसे पूछा की "आप हर बार ऐसा जवाब क्यों देते हो"। तो सुरेन्द्र जी बोले आलोक बात ऐसी है की "हमारी
 
आलोक सिंह
पसंद करें
3
नापसंद करें

एक दर्दनाक हादसा

एक काला बहुत ही काला काला स्याह एकदम काला अमावस्य का बड़ा भाई पहाड़ी कौए का परदादा कोयल संप्रदाय का दादू बंगाल का काला जादू तारकोल जिसके पैरों में भक्ति भाव से पसरता हो , कोयला जिसका रूप रंग पाने के लिये , सदियों तक जमीन के नीचे बैठ कर तपस्या करता हो
 
आलोक सिंह
पसंद करें
4
नापसंद करें

हमारे पडोसी

पडोसी की जागरूकता और हितेषीपन कैसा होता है ये तो सब जानते है । एक कंपनी वाले तो ये कहते है की "आप किसी भी बात को अपने पडोसी से मत बताओ क्योंकि पडोसी, कभी भी आप का भला नही चाहेगा ।" अब वे ऐसा क्यों कहते है पता नहीं पर कुछ ऐसा हादसा हुआ की हमने भी जान
 
आलोक सिंह
पसंद करें
5
नापसंद करें

मुस्कुराना टैक्स फ्री है

एक लेखपाल जी थे , उनसे नायब साहब ने राजस्व रिपोर्ट मांगी थी ३१ मार्च से पहले । ३० मार्च को भी लेखपाल जी आराम कर रहे थे , रिपोर्ट बनाना शुरू ही नही किए थे । नायब साहब ने पूछा - लेखपाल जी रिपोर्ट बन गई ? लेखपाल जी बोले - हाँ साहब , रहा काम थोड़ा जीन-लगा
 
आलोक सिंह
पसंद करें
5
नापसंद करें

हँसना मना है

ताऊ को कई दिन से धमकी भरे फ़ोन मिल रहे थे , तो उन्होंने इस बारे में पुलिस को बताना ठीक समझा . ताऊ (पुलिस से)- मुझे फोन पर धमकियां मिल रही है। पुलिस (ताऊ से)- कौन है जो आपको धमकियां दे रहा है? ताऊ (पुलिस से)-टेलीफोन वाले बोल रहे हैं बिल नहीं भरोंगे तो
 
आलोक सिंह
पसंद करें
4
नापसंद करें

वक़्त तेज चलता है

कभी - कभी कुछ मन में ख्याल आता है , उन्हें आज सबको सुनाना चाहता हूँ . हर बार उठता , सम्भलता और चलता हूँ फिर भी खुद को सबसे पीछे पाता हूँ ! बहुत बार पूछा है मैंने खुद से ये सवाल वक़्त तेज चलता है या मैं धीरे रह जाता हूँ !! हर बार देखता हूँ हर बार सोचत
 
आलोक सिंह
पसंद करें
5
नापसंद करें

ऐसा क्यों हुआ

शायद १०-१२ साल पहले की बात है, मेरे पड़ोस में एक परिवार रहता था। परिवार में नीलू आंटी, उनके पति और तीन बच्चे थे। बड़ा बेटा ७-८ साल का, मझला बेटा ५-६ साल का और सबसे छोटा बेटा ४-५ महीने का था। नीलू आंटी का छोटा बेटा ऑपरेशन से पैदा हुआ था, डाक्टर ने नीलू
 
आलोक सिंह
पसंद करें
6
नापसंद करें

जाना कहाँ है

एक नवयुवक एक छोटे से रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर के पास जाता है और पूछता है । युवक - पूर्व से आने वाली गाड़ी कब आएगी ? स्टेशन मास्टर - १ घंटे बाद आएगी । युवक - पश्छिम से आने वाली गाड़ी कब आएगी ? स्टेशन मास्टर - शाम को आएगी। युवक - कोई मेल - एक्सप्रेस
 
आलोक सिंह
पसंद करें
3
नापसंद करें

हे हर हार आहार सुत

हे हर हार आहार सुत विनय करू कर जोर ! एक छोटी सी विनती सुनो तुम मोर !! कितने सारे लोग लिख रहे नित्य नूतन लेख ! राम का नाम लेके लिखो आप भी आलेख !! मिल गयी लेख पर टिप्पणिया तो समझे लंका जराये ! नहीं मिली अगर तो समझो बिन बूटीवाला पर्वत लाये !! बहुत हुआ र
 
आलोक सिंह
पसंद करें
3
नापसंद करें

दर्द क्या है

एक बार बहुत से लोगों ने एक सभा का आयोजन किया, विषय था दर्द क्या है। हर कोई अपनी राय देने के लिए स्वतंत्र था। पहले एक डाक्टर महोदय आये और बोले "दर्द मांसपेशियों में खिचाव के कारण उत्पन होता है "। कवि महोदय आये और बोले "दर्द एक अहसास है जो कविता को जन्
 
आलोक सिंह
पसंद करें
3
नापसंद करें

सुरेन्द्र जी का सबक

सुरेन्द्र जी ने रायबरेली से आने के बाद अपना कमरा बदल लिया, जहाँ पर एक सामूहिक स्नानागार और शौचालय था । कमरे में सब कुछ तो ठीक था पर सामान रखने के लिए कोई अलमारी नहीं थी, सुरेन्द्र जी अपना तेल, साबुन इत्यादि सामान खिड़की के ऊपर रखते थे । एक दिन सुबह उ
 
आलोक सिंह
पसंद करें
3
नापसंद करें

धमा-चौकड़ी बंद करो

बात उस समय की है जब मैं गाजियाबाद में रहता था । हम चार दोस्तों ने एक तीन कमरे का मकान किराये पर लिया हुआ था । कहने को तो हम चार लोग थे पर ऐसा कोई समय नहीं होता था की जब हमारे दो-तीन (कभी इससे ज्यादा) बाहरी मित्र न आये हुए हो । जब लड़के होगे तो शोर , च
 
आलोक सिंह
पसंद करें
3
नापसंद करें

इलाहाबाद से रायबरेली

मेरे गाँव में एक सुरेन्द्र है. वो अपने साथ घटी एक घटना अक्सर सुनाते हैं , वो मैं आज वो आप को सुनाने जा रहा हूँ . करीब १५- २० साल पहले की बात है , सुरेन्द्र जी इलाहाबाद में रह कर सरकारी नौकरी की तैयारी करते थे . घर से ज्यादा पैसे नहीं मिलते थे तो उन्ह
 
आलोक सिंह
पसंद करें
5
नापसंद करें

न्यूटन का ब्लॉग सिद्धांत

यदि सर आइज़क न्यूटन जी आज होते तो शायद उन्होंने ब्लॉग के लिए तीन नियम बताये होते पहला नियम : यदि कोई ब्लोगर ब्लॉग लिख रहा है तो वह लिखता ही रहेगा और टिपियाता रहेगा जब तक उसके लेख पर टिप्पणिया मिल रही है । दूसरा नियम : लेख परिवर्तन की दर टिप्पणियों के
 
आलोक सिंह
पसंद करें
4
नापसंद करें

हनुमान जी और गणित

घर गया तो पता चला उ. प्र. बोर्ड की परीक्षा चल रही है. मेरे एक मित्र जो अध्यापक हैं रास्ते में मिल गए तो उनसे बात होने लगी तो उन्होंने एक किस्सा सुनाया। एक लड़का था जो हाई स्कूल की परीक्षा में दो बार गणित विषय में फेल हो गया था । तीसरी बार जब वह गणित
 
आलोक सिंह
पसंद करें
0
नापसंद करें

होली में पहेली

१०० लोग की पहेली का सही उत्तर १३ दोस्त + १५ रिश्तेदार + ७२ घरवाले = १०० लोग सही जवाब दिया सतीश चंद्र सत्यार्थी जी ने , बहुत बहुत बधाईया । होली में गाँव गया तो मेरी 6 वर्ष की भतीजी मेरे पास आई और बोली " चाचा मेरे पहेली का जवाब दे सकते हो "। मैंने कहा
 
आलोक सिंह
पसंद करें
1
नापसंद करें

१०० लोग

बहुत - बहुत धन्यवाद आप का जो आपने ब्लॉग सार को पसन्द किया और अपना अमूल्य समय और सुझाव दिया । कल सुबह मैं इस्पात शहर ( जमशेदपुर ) से आपने घर जौनपुर चला जाऊंगा । घर पर कुछ आवश्यक कार्य और होली के कारण जाना पड़ रहा है । ५ वर्ष से मैं होली पर घर नहीं गया
 
आलोक सिंह
पसंद करें
5
नापसंद करें

ब्लॉग सार

क्यों व्यर्थ लेख की चिंता करते हो ? टिप्पणी न मिलने से डरते हो ? कौन तुम्हारी टिप्पणियाँ छीन सकता सकता है ? टिप्पणी पाने के लिए टिप्पणियाँ करते हो, टिप्पणियाँ न पैदा होती है न मरती है ! * जो लिखा अच्छा लिखा, जो लिखोगे वो अच्छा ही लिखोगे , जो टिप्पणिय
 
आलोक सिंह
पसंद करें
4
नापसंद करें

वो होली की सुबह

होली आने वाली है और मुझे उस आदमी का चेहरा फिर याद आने लगा है । वर्ष २००६ की बात है । मैं उस समय गाजियाबाद में रहता था । दो दिन बाद होली थी, मैं अपने घर जौनपुर जाने की तैयारी कर रहा था पर अचानक मेरे सर में तेज दर्द होने लगा और हल्का - हल्का बुखार भी ह
 
आलोक सिंह
पसंद करें
2
नापसंद करें

जड़मेंथा मतलब

पिंटू और सिंटू दो भाई थे दोनों बहुत शरारती थे। दिन रात खेलते रहते थे कभी स्कुल नहीं जाते और घर पर जो भी मास्टर पढाने आता उसे भगा देते थे । माँ-बाप बड़े परेशान थे की कैसे पढेगे । उन्होंने एक नया मास्टर घर पर पढाने के लिए रखा , मास्टर ने कहा की वह अपने
 
आलोक सिंह
पसंद करें
0
नापसंद करें

जिन्दगी की इस दौड़ में

जिन्दगी की इस दौड़ में दौड़ के करना क्या है ? जब यही जीना है दोस्तों तो फिर मरना क्या है ? पहली बारिश में छाते की फ़िक्र है भूल गए वो भीगते हुए टहलना? धारावाहिक के किरदारों का सारा हाल है मालूम पर माँ का हाल पूछने की फुर्सत नहीं है ? अब घास पे नंगे पा
 
आलोक सिंह