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राजतन्त्र

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17 Jun 2010
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सभी खूबसूरत चेहरे होते नहीं बेवफा

गम की शाम ढ़ल ही जाती हैजख्म दिल के मिटा ही जाती है।।खुले रखो दिल के दरवाजे तो फिर नई मंजिल मिल ही जाती है।।सभी खूबसूरत चेहरे होते नहीं बेवफामिल ही जाती है तलाशने से वफा।।चलता रहता है यूं ही ये सिलसिलाजब तक रहता है जिदंगी का कारवां।। नोट-यह कविता
 
राजकुमार ग्वालानी
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११ अगस्त को छत्तीसगढ़ आएगी कामनवेल्थ की बैटन

कामनवेल्थ की बैटन का अब छत्तीसगढ़ में ११ अगस्त को आगमन होगा। पहले यह यहां पर ८ अगस्त को आने वाली थी। कामनवेल्थ आयोजन समिति ने आज खेल विभाग को इस बात की जानकारी भेजी है कि बैटन रायपुर में ११ अगस्त की शाम को आएगी और १४ अगस्त की सुबह वापस लौट जाएगी। अब बैटन
 
राजकुमार ग्वालानी
Jun 16 2010 08:50 AM
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पांच घंटे में ठीक हुआ इंटरनेट

कल दोपहर को जब हम घर खाना खाने के लिए आए तो देखा की इंटरनेट बंद है। चेक किया तो मालूम हुआ कि मॉडम काम नहीं कर रहा है। हमने तुरंत एयरटेल में फोन खटखटाया। उधर से कहा गया कि कल सुबह 10 बजे तक आपका नेट ठीक कर दिया जाएगा। हम परेशान हो गए यार अगर सुबह तक नेट
 
राजकुमार ग्वालानी
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चाहे लगाओ नापंसद के कितने भी चटके- हम ऐसे नहीं हैं जो इनसे भटके

ब्लागवाणी ने ब्लाग जगत को दुश्मनी भुनाने का एक ऐसा हथियार दे दिया है जिसकी गूंज आज पूरे ब्लाग जगत में होने लगी है। अगर हमें लगता है कि हमारी उस ब्लागर से नहीं जमती है तो उनकी अच्छी पोस्ट पर लगा देते हैं नापसंद का चटका। इतना ही नहीं अपने मित्रों के साथ
 
राजकुमार ग्वालानी
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अनिल पुसदकर के सम्मान देने से अभिभूत हूं

प्रेस क्लब रायपुर में हम लोग कल दोपहर को छत्तीसगढ़ खेल पत्रकार संघ का गठन करने के लिए बैठे थे। इस बैठक में हम लोगों ने प्रेस क्लब के अध्यक्ष भाई अनिल पुसदकर को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया था। हम लोगों की मंशा प्रारंभ से ही उनको अपने संघ का मुख्य
 
राजकुमार ग्वालानी
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खिलाड़ी है मेरी जान

प्रदेश के बिलासपुर जिले में एक गांव शिवतराई ऐसा है जहां से  दो दर्जन से ज्यादा तीरंदाजी के राष्ट्रीय खिलाडिय़ों को तैयार करने का काम कोच इतवारी राम ने किया है। इतवारी पर खेलों का ऐसा जुनून है कि वे खिलाडिय़ों को ही अपना जान समझते हैं। खिलाडिय़ों पर वे
 
राजकुमार ग्वालानी
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एक संपादक ने किया पत्रकारिता को शर्मसार

पत्रकारिता जगत के इतिहास का कल का दिन एक काला दिन था। काला दिन इसलिए कि एक संपादक की करतूत के कारण सारा पत्रकारिता जगत शर्मसार हो गया है। कम से कम हमारे ढाई दशक की पत्रकारिता में तो हमने ऐसा न कभी देखा और न सुना है। बात दरअसल यह है कि दिल्ली से प्रकाशित
 
राजकुमार ग्वालानी
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फीफा निखरेगा फुटबॉलरों को

अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल फेडरेशन यानी फीफा की एक योजना के तहत छत्तीसगढ़ के तीन जिलों के फुटबॉलरों को निखारने का काम किया जाएगा। चुने गए तीन जिलों में स्कूल स्तर की सब जूनियर स्पर्धा का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन का सारा खर्च पेय पदार्थ बनाने वाली एक कंपनी
 
राजकुमार ग्वालानी
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क्या हैं आपके विचार

यहां कोई नहीं करता किसी से प्यार धोखे और फरेब का सजा है बाजार हर किसी को है बस पैसों से ही प्यारक्या हैं इस बारे में आपके विचार हमें जरूर बताएं आप सभी ब्लाग जगत के दोस्त-यार
 
राजकुमार ग्वालानी
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एक पैग और

जिंदगी में जब भी कदम लडख़ड़ाएऔर आप गिर भी जाए तो डरना मत हिम्मत और हौसले से अपने को फिर से खड़ा करना और आवाज देना वैटर एक पैग और
 
राजकुमार ग्वालानी
टैग: वैटर
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आएंगे तब जब साथ चलोगी

जी भर कर देख लो आज फिर न हमें देख पाओगी।।चले जाएंगे हम तो कल हमें देखने को तरस जाओगी।।बहुत तडफ़ाया है हमें अब तडफ़ का अहसास जानोगी।।दूर हो जाएंगे जब हमहमारे प्यार को पहचानोगी।।पास थे तो बहुत सताया अब किसे तुम सताओगी।।जुदा हो जाएंगे जब हमतुम हमें याद करके
 
राजकुमार ग्वालानी
टैग: अहसास
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क्या पापा का कोई बाप नहीं है ब्लाग जगत में

ब्लाग जगत के कई ब्लागर मित्र किसी पापा नाम के एक ऐसे गंदे इंसान से परेशान हैं जो इंसान किसी के भी ब्लाग में गंदगी करके चल देता है। यह गंदा इंसान हमारे ब्लाग में भी आया, हमने तो उसे कह दिया है कि ऐसे गंदे लोगों को मुंह लगाना हम पसंद नहीं करते हैं जिनकी
 
राजकुमार ग्वालानी
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हमने तो भगवान को बेदिल ही देखा है

इंसानों की बस्ती में भी तंहा हैं हम वो इसलिए की सबसे जुदा हैं हम हमें सताते हैं सबके गम हो जाती हैं हमारी आंखे नम दुनिया में इतना दर्द देखा है अपना दर्द बहुत कम लगता है कहते हैं मर्द को दर्द नहीं होता है लेकिन हमने ऐसा मर्द नहीं देखा है जिसके दिल में
 
राजकुमार ग्वालानी
टैग: दर्द
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भाई-चारे का लेकर संदेश-हम कर रहे हैं ब्लाग चौपाल पेश

मित्रों बहुत समय से मन में विचार था कि ब्लाग जगत में ब्लागरों की एक ऐसी चौपाल लगाई जाए जिसमें कहीं कोई मतभेद और गुटबाजी न हो। इस विचार के साथ हमारी श्रीमती अनिता ग्वालानी ने सुझाव दिया कि हम लोग मिलकर एक चर्चा मंच बनाएं। हमने इस मंच को बनाने का जिम्मा
 
राजकुमार ग्वालानी
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पांच माह में 500 पोस्ट

नए साल 2010 में हमने अपने ब्लागों में पांच माह में करीब पांच सौ पोस्ट लिख डाली है। इस समय हमारे ब्लाग राजतंत्र और खेलगढ़ के साथ अगर ब्लाग 4 वार्ता को मिला दिया जाए तो 1400 पोस्ट का आंकड़ा भी पार हो गया है। हमने ब्लाग जगत में पिछले साल फरवरी से कदम रखा
 
राजकुमार ग्वालानी
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क्या करें कोई तो बताए

हमारे एक मित्र ने हमसे एक सवाल किया है जो हम यहां अपने ब्लागर मित्रों से पूछ रहे है- सवाल है- जब इंसान हर तरफ से निराश हो जाए और उसका भगवान पर से भी विश्वास उठ जाए तो उसे क्या करना चाहिए।
 
राजकुमार ग्वालानी
टैग: भगवान
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समय देने से मिलेगी सफलता

छत्तीसगढ़ के टेबल टेनिस खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण देने आए बंगाल के कोच तन्मय डे का मानना है कि छत्तीसगढ़ के खिलाडि़य़ों में दम-खम की कमी है। राष्ट्रीय स्तर पर सफलता पाने के लिए मैदान में ज्यादा से ज्यादा समय देना होगा। छत्तीसगढ़ टेबल टेनिस संघ ने प्रदेश के
 
राजकुमार ग्वालानी
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जेल जाओगे... बड़ा मजा आएगा

एक अंग्रेज भारत आया और हिन्दी सीखने के लिए एक नाई की दुकान में गया। नाई से उसने अंग्रेजी में कहा मुझे हिन्दी सीखा देंगे। नाई ने कहा इसमें क्या बड़ी बात है, मैं तुम्हें सीखा देता हूं। जैसे मैं बोलू वैसे बोलते जाना। नाई ने कहा- मैंने किया।अंग्रेज ने कहा-
 
राजकुमार ग्वालानी
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अंग्रेजी से मुक्ति के लिए फ्रांसीस क्रांति की नहीं जागरूकता क्रांति की जरूरत

अपनी राष्ट्रभाषा हिन्दी को लेकर अपने देश के साहित्यकारों में ही बहुत ज्यादा मतभेद हैं। कोई यह मानता है कि हिन्दी भाषा का अंत नहीं हो सकता है तो कोई कहता है कि हिन्दी मर रही है। ऐसे में जबकि सबके अपने-अपने मत हैं तो भला कैसे अपनी राष्ट्रभाषा का भला हो
 
राजकुमार ग्वालानी
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मत करो टांग खिंचाई-होती है जग हंसाई

हम ब्लाग बिरादरी में पिछले एक साल से ज्यादा समय से देख रहे हैं कि यहां भी टांग खिंचाई हो रही है। ब्लाग जगत में टांग खिंचाई हो रही है  तो उसके पीछे कारण यही है कि लोग एक-दूजे को भाई जैसा नहीं मानते हैं। हमारा मानना है कि अगर भाई-चारे से रहा जाए तो न
 
राजकुमार ग्वालानी
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समीर लाल और अजय झा ने नहीं निभाया वादा

अपने ब्लाग जगत के बिग-बी यानी समीर लाल और अजय कुमार झा जी ने नए साल में छत्तीसगढ़ आने का वादा किया था, पर ये वादा इन्न्होंने नहीं निभाया। समीर लाल जी तो जबलपुर आकर लौट गए पर छत्तीसगढ़ नहीं आएं। न जाने क्यों उन्होंने छत्तीसगढ़ के ब्लागरों का दिल तोड़ा। जब
 
राजकुमार ग्वालानी
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क्या टिप्पणी का विजेट कभी ठीक नहीं होगा

काफी समय से हम देख रहे हैं कि ब्लागों में टिप्पणी का विजेट खराब हो गया है। इसके पहले जब यह विजेट खराब हुआ था तो आशीष खंडेलवाल ने इसे ठीक करने में मदद की थी, लेकिन लगता है कि अब आशीष जी भी इस दिशा में कुछ नहीं कर पा रहे हैं। क्या गुगल भी इसे ठीक करने में
 
राजकुमार ग्वालानी
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कितना समय लगता है आपको एक पोस्ट तैयार करने में

लंबे समय से मन में विचार आ रहा था कि अपने ब्लाग बिरादरी के मित्रों  से यह पूछा जाए कि वे कितने समय में एक पोस्ट तैयार करते हैं। ऐेसा विचार इसलिए आया क्योंकि जहां तक हमारा सवाल है तो हमें एक पोस्ट को तैयार करने में महज 10 मिनट का समय लगता है। इतना कम
 
राजकुमार ग्वालानी
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अध्यक्ष-सचिव का कार्यकाल तय करने वाला नियम जल्द लागू हो

प्रदेश के कई खेल संघ चाहते हैं कि राज्य में खेल संघों के अध्यक्ष और सचिव के कार्यकाल तय करने वाला नियम जल्द लागू हो। महाराष्ट्र में इस नियम के लागू होने के बाद यहां के खेल संघों का ऐसा मानना है कि प्रदेश की खेलमंत्री लता उसेंडी को इस दिशा में पहल करते
 
राजकुमार ग्वालानी
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सात किलो मीटर का होगा कारवां

राजधानी के शहीद भगत सिंह चौक से लेकर स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स  तक करीब सात किलो मीटर के रास्ते में 9 अगस्त को एक ऐतिहासिक  नजारा होगा जब यहां पर प्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री के साथ सारे मंत्रियों और अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ खेल
 
राजकुमार ग्वालानी
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हमारे कम्प्यूटर ने तोड़ दिया दम-जल्द ठीक करवा लिए इसलिए नहीं है गम

घर से फोन आया कि न जाने क्या हो गया है घर के सारे के सारे इलेक्ट्रानिक सामानों की जान जा रही है। सबसे पहले कूलर, फिर कम्प्यूटर, टीवी और फिर पंखों के साथ कई सीएफएल उड़ गए। ये सब बिजली वालों की मेहरबानी से हुआ। अचानक घरों में 220 वोल्ट के स्थान पर 440
 
राजकुमार ग्वालानी
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मुझे तो फी-मेल भी पसंद नहीं

एक मित्र से दूसरे ने पूछा- यार तुम्हें मेल पसंद है क्या? मेरे पास तो बहुत ज्यादा मेल आते हैं। इतने ज्यादा आते हैं कि मैं रात-दिन परेशान हो जाता हूं।दूसरे ने कहा- न बाबा न.. अपनी ऐसी कोई आदत नहीं है, मुझे तो फी-मेल भी पसंद नहीं आती है, तुम तो फिर मेल की
 
राजकुमार ग्वालानी
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टिप्पणी पांच दिखती है एक, बहुत नाइंसाफी है ये...

हमारी कल की पोस्ट मूछों वाला ब्लागर लापता में एक समय जब पांच टिप्पणियां आईं थी, तब ब्लागवाणी में तो ये पांच दिख रही थी, लेकिन राजतंत्र को खोलने पर एक ही टिप्पणी नजर आ रही थी। पांच टिप्पणी चिट्ठा जगत में भी नजर आ रही थी। आखिर ये कैसा गोल-माल होता है समझ
 
राजकुमार ग्वालानी
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बड़ी मूछों वाला ब्लागर लापता

ब्लाग बिरादरी में बहुत ज्यादा नाम कमाने वाले एक बेहद लोकप्रिय, फेमस और अति प्रसिद्ध मूछों वाले ब्लागर के कल अचानक लापता होने की खबर मिली है। हम कल से उनको तलाश रहे हैं। कई ब्लागरों के फोन खटखटाने के बाद आज अचानक सुबह-सुबह एक ब्लागर का फोन आया कि इस
 
राजकुमार ग्वालानी
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ग्रामीण खिलाडिय़ों से सरोकार ही नहीं

प्रदेश के ज्यादातर खेल संघों का ग्रामीण खिलाडिय़ों से कोई सरोकार ही नहीं है। छत्तीसगढ़ बनने के दस साल बाद भी राष्ट्रीय स्तर पर खेलने जाने जाने वाली टीमों में चंद शहरों के खिलाडिय़ों को ही स्थान दिया जाता है। संभवत: ग्रामीण खिलाडिय़ों की उपेक्षा से प्रदेश
 
राजकुमार ग्वालानी
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नक्सलियों के खूनी खेल की जिंदा तस्वीरें

छत्तीसगढ़ में एक बार फिर से नक्सलियों ने कल शाम को खूनी खेल खेला। पहली बार नक्सलियों ने आम जनों को निशाना बनाते हुए एक यात्री बस उड़ा दी। इस घटना में 50 जानें गई हैं। इनमें 36 एसपीओ और 14 नागरिक शामिल हैं। दंतेवाड़ा जिले के सुकमा मार्ग के भूसाराम में हुई
 
राजकुमार ग्वालानी
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हम भी बन गए चर्चाकार- ललित शर्मा का चमत्कार

हमें ब्लाग 4 वार्ता में पिछले एक सप्ताह से लगातार चर्चा कर रहे हैं। चर्चा करने में हमें भी मजा आने लगा है। हमें चर्चाकार बनाने का सारा श्रेय भाई ललित शर्मा को जाता है। उनकी प्रेरणा से ही हम चर्चा करने लगे हैं। आज हमें लगता है कि हम अकेले भी सब कर सकते
 
राजकुमार ग्वालानी
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समाज के ठेकेदारों ने ले ली एक पत्नी की जान

अपने राज्य छत्तीसगढ़ में साहू समाज के कुछ ठेकेदारों ने एक असहाय पति से जहां उनकी पत्नी छिन ली, वहीं चार बच्चों के सिर से मां का साया उठा लिया। इन पत्नी का कसूर यह था कि उसने अपने गोत्र के आदमी से विवाह कर लिया था। अगर विवाह कुछ समय पहले हुआ रहता तो एक
 
राजकुमार ग्वालानी
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पहचान कौन....

बस्तर यात्रा में हमें तीरथगढ़ के गेट पर एक बंदा बैठा मिला। जब हम कार रखने के बाद गेट के पास गए तो मालूम हुआ कि वह बंदा असली नहीं नकली था। वास्तव में बस्तर की कलाकारी का जवाब नहीं है। इस कलाकारी का एक नमूना है ये तस्वीर।
 
राजकुमार ग्वालानी
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क्या सेना में दम है नक्सलियों से निपटने का

छत्तीसगढ़ की नक्सली समस्या के विकराल होते रूप के बाद पहली बार छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने भी यह बात कह दी है कि इस समस्या से निपटने के लिए सेना का सहारा लेना पड़ेगा। अब तक तो इस बारे में विपक्षी ही कहते रहे हैं, पर खुद गृहमंत्री यह मानने लगे
 
राजकुमार ग्वालानी
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कसाब की फांसी पर तत्काल अमल क्यों नहीं?

आज हमें अपने देश के कानून पर बहुत तरस आ रहा है और अफसोस हो रहा है कि ये अपने देश का कैसा कानून है जो अजमल आमिर कसाब जैसे आतंकी को भी फांसी की सजा के खिलाफ अपील करने का मौका देता है। जब एक अदालत ने उसे दोषी मानते हुए फांसी की सजा दे दी है तो फिर उसको समय
 
राजकुमार ग्वालानी
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1300 पोस्ट भी हो गई पूरी

हमारे ब्लाग राजतंत्र और खेलगढ़ को मिलाकर हमारी 1300 पोस्ट पूरी हो गई है। 1300 पोस्ट तक का सफर हमने एक साल और दो माह में  यानी करीब 14 माह में पूरा किया है। हमने ब्लाग जगत में पिछले साल जब फरवरी से कदम रखा था तब हमें मालूम नहीं था कि हमें ब्लाग लेखन
 
राजकुमार ग्वालानी
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पदकों की नहीं राह-कुर्सी की चाह

छत्तीसगढ़ की मेजबानी में होने वाले ३७वें राष्ट्रीय खेलों में मेजबान  को ज्यादा से ज्यादा पदक कैसे मिले इसकी योजना किसी खेल संघ के पास नहीं हैं, लेकिन इन खेलों के लिए बनने वाले समिति में हर कोई कुर्सी पाने के जुगाड़ में है। कुर्सी को लेकर ही प्रदेश
 
राजकुमार ग्वालानी
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पाबला जी का आया फोन-नहीं बदली है उनकी टोन

रविवार को छुट्टी के दिन सुबह को करीब 10.30 बजे बीएस पाबला जी का फोन आया। उधर से जानी-पहचानी टोन में आवाज आई। राजकुमार जी क्या हाल है? हमने कहा ठीक है पाबला जी।उन्होंने अपनी मधुर टोन में कहा- कोई नाराजगी है क्या? हमने कही नहीं तो। उन्होंने हंसते हुए कहा
 
राजकुमार ग्वालानी
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मां के अंतिम दर्शन ही नहीं कर पाया..

मां तुने दिया हमको जन्मतेरा हम पर अहसान हैतेरे ही करम से दुनिया में हमारा नाम हैओ मेरी प्यारी मां तुझे सत्-सत् प्रणाम है वह 7 फरवरी 2003 का दिन था जब हम जगदलपुर में राष्ट्रीय महिला खेलों की रिपोर्टिंग करने गए थे। सुबह-सुबह हमारे समाचार पत्र दैनिक
 
राजकुमार ग्वालानी
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