0
मौन बैठे हो क्यों मेरे अशरण शरण..
मौन बैठे हो क्यो मेरे अशरण शरण।इस अभागे को क्या मिल सकेगा नहीं,हे कृपामय तेरा कमल-कोमल-चरण।मौन बैठे हो क्यो मेरे अशरण शरण।क्या मेरे इस गिरे हाल में ही हो खुशतुमको भाता हमारा हरामीपना।क्या मेरी दुर्दशा से ही हर्षित हो प्रभुतो सुनो अपनी पूरी करो कामना।तेरी
- 12 00 टिप्पणियां [0]
Mar 23 2010 09:33 PM


Shuffle








