0
हे देव तेरा गुणगान मेरे..
दिनचर्या तेरी मेरी सेवा होकुछ ऐसी कमाई हो जाये।हे देव तेरा गुणगान मेरेजीवन की पढ़ाई हो जाये।।यह जग छलनामय क्षण भंगुरखिल कर झड़ जाते फूल यहाँ।अनूकूल स्वजन भी दुर्दिन मेंहो जाते हैं प्रतिकूल यहाँ।मेरे जीवन का सब कर्ता-धर्तासच्चा साँई हो जाये-हे देव तेरा
- 8 00 टिप्पणियां [0]
Mar 10 2010 04:30 PM


Shuffle





























