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आज महिला दिवस है
मां कोजिसने मेरे लिएसहे न जाने कितने दर्द बहन कोजिसने बिना किसी शर्तमेरी सारी बात मानीऔर उन सबको जो बिन चाहे मिलेएक सपना भर गए मेरी अधजगी आंखो मेंदिल में धड़कनें जगाईऔर मेरी थमी थमी राहों को दे गए रफ्तारवो जो बहुत करीब आए बिन चाहेऔर बादल की तरह बरस कर
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Mar 07 2010 11:14 PM


Shuffle








