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हिंदी की आत्मा अवधी
पिछले दिनों मुंबई में अवधी सम्मलेन आयोजित किया गया। अवधी भाषा में काव्यपाठ के लिए मेरे मित्र राजेश विक्रांत ने मुझे फोन किया। मै अपने आपको सम्मानित महसूस कर रहा था कि आज तक मंचों पर हिंदी में वो कवितायें सुनाई जो लोग सुनना चाहते थे, आज मै वो कविता
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Feb 23 2010 05:26 PM


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