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कवि और कविता
नरेन्द्र गौड़ आम आदमी की ज़ुबान हैं । उनके भाषिक बिम्ब लोक जीवन में रचे-बसे हैं । उनकी साधारण चीज़ों पर गहरी पकड़ साधारण सी बात को असाधारण बना देती है । गौड़ की ज़्यादातर कविताएँ लम्बी हैं ,जो कथात्मक शैली में प्रस्तुत की गई हैं । शुरु में लगता है जैसे किस
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Dec 29 2009 11:55 AM


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