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सब भले लोग हैं
कितने मक्कार हैं मनचले लोग हैंमैं समझता था ये सब भले लोग हैंबात दिल की कहें भी तो किससे कहेंहर तरफ हर जगह दोगले लोग हैंमेरे किरदार को मरी तहजीब कोये क्या समझेंगे ये बाबले लोग हैंयां से वां साजिशें वां ये यां मुश्किलेंदूरियां लोग हैं फासले लोग हैंमे
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Dec 29 2009 11:56 AM


Shuffle








