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प्रेम का दरिया

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12 Jun 2010
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विष्‍णु नागर होने का मतलब

नागर जी से मेरा पहला परिचय उनके असंख्य पाठकों की तरह नवभारत टाइम्स के जरिए ही हुआ। ये मेरे लेखकीय शैशवकाल के दिन थे, जब पढ़ने की भूख कुछ भी पढ़वा लेती थी और जिन लेखकों को पत्र-पत्रिकाओं में किसी ना किसी रूप में पढ़ता रहा, उनमें नागर जी अहम थे। उन दिनों मुझे
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
Jun 13 2010 09:21 AM
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विवादास्पद और वर्जित विषयों की रचनाकार : एलफ्रीडे जेलीनेक

यूरोप के छोटे-से देश ऑस्ट्रिया के साहित्य की तरफ दुनिया का ध्यान पहली बार तब आकर्षित हुआ जब नोबल पुरस्कार के 110 साल के इतिहास में पहली बार 2004 में, यहां की चर्चित नाटककार और उपन्यासकार ऐलफ्रीडे जेलेनीक को दुनिया के सबसे बड़े साहित्य सम्मान से नवाजा गया।
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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सर्बिया का चमकीला नक्षत्र - ईवो आंद्रिक

दो साल की उम्र में जिस बालक को पिता अनाथ छोड़ जाएं, उस के भविष्य की कल्पना ही भयावह होती है। लेकिन जीवट हो तो इंसान क्या नहीं कर सकता? ऐसा ही हुआ, 1961 के नोबल पुरस्कार विजेता कथाकार-उपन्यासकार ईवो आंद्रिक के साथ। 9 अक्टूबर, 1892 को जन्मे ईवो को पिता की
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
May 30 2010 08:28 AM
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फतवा है फरमान नहीं

हाल ही में दारुल उलूम देवबंद से एक फतवा जारी हुआ है, जिसके मुताबिक किसी मुस्लिम महिला का कार्यालयों में पुरुष सहकर्मियों के साथ काम करना और उसकी कमाई से घर का खर्च चलाना गैर इस्लामिक माना गया है। यह पहली बार नहीं हुआ है, भारत के मुस्लिम संस्थान बरसों से
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
टैग: धर्म
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बेचैन आत्‍मा का कवि : इयुजीनियो मोन्‍ताले

समकालीन भारतीय कविता, विशेष रूप से हिंदी कविता को विश्‍व के जिन कवियों ने बेहद प्रभावित किया है, उनमें इतालवी कवि इयुजीनियो मोंताले का नाम प्रमुख है। आधुनिक इतिहास, दर्शन, प्रेम और मानवीय अस्तित्व की विविध दुविधाओं और बेचैनियों को गीतात्मक सौंदर्य और
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
May 16 2010 08:28 AM
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मां तुझे सलाम

दुनिया ही क्या समूची सृष्टि में मां को सर्वाधिक महत्व दिया गया है। पशु-पक्षी जगत से लेकर मानव जगत में मां की महिमा अपरंपार है। सृष्टि के प्रत्येक प्राणी को जन्म देने वाली मां को विश्‍व की समस्त संस्कृतियों में सबसे बड़ा दर्जा दिया गया है। भारत में तो मातृ
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
May 09 2010 07:22 AM
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कलम से खुदाई करने वाले शेमस हीनी

आयरलैंड के कवियों में शेमस हीनी ऐसे कवि हैं, जिनकी कविताओं ने देश-काल की सीमाओं को लांघते हुए हर काव्यप्रेमी का दिल जीता है। १३ अप्रेल, १९३९ को एक किसान परिवार में जन्मे शेमस हीनी ने अपने ग्रामीण परिवेश में जो कुछ बचपन से देखा-भोगा, उसे अपनी कवितओं में
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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मेरी कविताओं का लक्ष्‍य सामाजिक है - हेमंत शेष

के. के. बिरला फाउण्‍डेशन की ओर से इस वर्ष का बिहारी पुरस्कार हिंदी के विशिष्ट कवि हेमंत शेष को घोषित किया गया है। पिछले दिनों दैनिक हिंदुस्‍तान, दिल्‍ली से संदेश आया कि आप हेमंत जी पर लेख लिखें या उनसे बातचीत कर हमें भेजें। मैंने तय किया कि
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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समाज के लिए समर्पित लेखिका - पर्ल. एस. बक

अमेरिकी साहित्य के इतिहास में पर्ल एस. बक पहली महिला रचनाकार हैं, जिन्हें साहित्य में १९३८ में नोबल पुरस्कार मिला। अमेरिका में ईसाई मिशनरी परिवार में १८९२ में जन्मी पर्ल के जीवन का अधिकांश चीन में बीता। जन्म के बाद ही वे माता-पिता के साथ चीन आ गईं थीं।
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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बातों का बाजार

बात करनी मुझे मुश्किल कभी ऐसी तो ना थीजैसी अब है तेरी महफिल कभी ऐसी तो ना थी।अहमद फराज के इस मशहूर शेर के पहले मिसरे में ‘मुश्किल’ की जगह ‘आसान’ कर लीजिए, क्योंकि हिंदुस्तान के टेलीकाम बाजार में काल रेट का युद्ध अब बेहद रोमांचक होता जा रहा है। वीडियोकान
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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अपने जन्मदिन पर

एकन जाने कितने बीहड़ों को पार कर आया हूँ मैंजिसे बचपन में मास्टरजी कप-प्लेट धोने से ज़्यादा योग्य नहीं समझते थेकितने ही जन्मदिन आये-गयेख़याल ही नहीं रहाकुछ तो सिर्फ़ मजूरी करते हुए काटेआज भी याद नहीं रहताघर वाले ही याद दिलाते हैं अक़सरया कुछ सबसे अच्छे
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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शहीदों के नाम माफ़ीनामा

शहीदो मैं पूरे देश की ओर सेआपसे क्षमा चाहता हूँहमें माफ़ करनाहमारे भीतर आप जैसादेश प्रेम का जज़्बा नहीं रहाहमारे लिए देशरगों में दौड़ने वाला लहू नहीं रहाअंतराष्ट्रीय सीमाओं से आबद्धभूमि का एक टुकड़ा मात्र है देशहमें माफ़ करना हम भूल गये हैंजन-गण-मन औरवंदे
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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विंदा हुए विदा...

भारतीय भाषाओं में ऐसे कवि कम ही हुए हैं, जिन्हे अखिल भारतीय स्तर पर साहित्य और आम जनता के बीच खासी लोकप्रियता हासिल हो। विंदा करंदीकर ऐसे ही विरल रचनाकार थे, जिन्हें मराठी के अलावा हिंदी, अंग्रेजी और समस्त भारतीय भाषाओं में बेहद सम्मान मिला। विंदा के इस
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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साहसी और प्रतिभावान लेखक: वोले शोयिंका

नाइजीरिया जैसे छोटे से देश को विश्‍व साहित्य में एकमात्र नोबल पुरस्कार दिलाने का श्रेय महान अश्‍वेत कवि, नाटककार और उपन्यासकार वोले शोयिंका को जाता है। शोयिंका पहले अश्‍वेत अफ्रीकी रचनाकार हैं, जिन्हें 1986 में नोबल पुरस्कार मिला। कई बार भारत आ चुके
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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मख्मूर साहब के बिना

उर्दू के मशहूर शाइर मख्‍मूर सईदी साहब का पिछले दिनों यानी 2 मार्च, 2010 को जयपुर में निधन हो गया। 31 दिसंबर, 1934 को टोंक में जन्‍मे मख्मूर साहब ने उर्दू शायरी में राजस्थान का परचम इस बुलंदी के साथ फहराया कि इस रेगिस्तानी सरजमीं की तमाम रंगतें उनकी शायरी
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
Mar 08 2010 07:32 AM
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साहित्यकारों के विनोद प्रसंग

हिंदी ही क्या समस्त भाषाओं में साहित्यकारों के जीवन में बहुत से विनोद प्रसंग जुड़े रहते हैं। इन प्रसंगों से गंभीर दिखने वाले रचनाकारों की एक सहज और आत्मीय छवि बनती है। हिंदी साहित्य की ऐतिहासिक पत्रिका ‘सरस्वती’ में कीर्तिशेष संपादक स्व. श्रीनारायण
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
Feb 28 2010 06:39 AM
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आधुनिक अरबी का महान रचनाकार - नजीब महफूज

अरबी साहित्य के इतिहास में पहला और अब तक का अंतिम नोबल पुरस्कार मिस्त्र के नजीब महफूज को 1988 में मिला। लेकिन नजीब इस पुरस्कार से तीन दशक पहले ही अरबी भाषा के इतिहास में वो मुकाम बना चुके थे, जिसमें वे बाल्जाक, तोलस्तोय और चार्ल्‍स डिकेंस के समकक्ष नजर
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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कोई सरहद ना इसे रोके...

प्राय: सभी देशों में पुरूष-स्त्री से एकनिष्ठ प्रेम की मांग करते हैं किंतु मौका मिलने पर विवाहेत्तर संबंधों से गुरेज नहीं करते और स्त्री ऎसा कर ले, तो झट से तलाक दे देते हैं। किंतु आधुनिक विचारों ने अब महिलाओं को जन्म-जन्मांतर की कैद वाले दकियानूसी
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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रचना आज : पांच कवियों पर केंद्रित किताब

कवि लीलाधर मंडलोई ने हिंदी के पांच कवियों पर एकाग्र पुस्‍तक 'रचना आज' संपादित की है। विश्‍व पुस्‍तक मेले में प्रकाशक अनुभव प्रकाशन के स्‍टाल पर कल शाम वरिष्‍ठ आलोचक डॉ. विश्‍वनाथ त्रिपाठी ने इसका लोकार्पण किया। इन पांच कवियों में कुमार वीरेंद्र,
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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घूंघट खोल, बढ़के बोल

महिलाओं के सफल शासन की हाल की झांकी से जाहिर है कि आने वाले दौर में घूंघट की घबराहट नहीं, हौसले के बोल सुनने को मिलेंगे।देश करवट ले रहा है। यह सही है कि पंचायती शासन में अब तक ग्रामीण महिलाओं के नाम पर पुरूषों ने ही शासन किया है। लेकिन जिसने भी झिझक
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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ममता और वात्‍सल्‍य की कवयित्री : गेब्रिएला मिस्‍त्राल

साहित्य में नोबल पुरस्कार पाने वाली पहली लेटिन अमेरिकी कवयित्री गेब्रिएला मिस्त्राल का आरंभिक जीवन बड़ी कठिनाइयों में गुजरा। तीन साल की आयु में पिता की मृत्यु के बाद मां और बड़ी बहन के साथ संघर्ष करते हुए गेब्रिएला ने पंद्रह वर्ष की आयु में छद्मनाम से
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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अनुभवों का महामेला

जयपुर में पांच साल से होने वाला अंतर्राष्ट्रीय साहित्य उत्सव अब नई उंचाइयां छूने लगा है और जयपुर के पर्यटन उद्योग के साथ कदमताल करते हुए जयपुर की नई पहचान बन चुका है। चार साल पहले जब यह उत्सव शुरु हुआ था, तब किसी ने यह कल्पना भी नहीं की थी कि फिल्मी
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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मोगली का सर्जक-रूडयार्ड किपलिंग

अगर जन्म के आधार पर नागरिकता मानी जाए तो मुंबई में जन्मे रूडयार्ड किपलिंग पहले भारतीय थे, जिन्हें 1907 में नोबल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। किपलिंग अंग्रेजी भाषा के पहले लेखक थे, जिन्हें अब तक रिकार्ड सबसे कम उम्र यानी 42 वर्ष की आयु में नोबल पुरस्कार
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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आधी दुनिया को आधी पंचायत

गांव की राजनीति में बड़े बदलावों की आहट है, वही गांव जिसे हिंदुस्तान का चेहरा कहा जाता है। पहली बार पंचायतों में महिलाओं को पचास फीसदी आरक्षण के साथ राजस्थान में पहले चुनाव हो रहे हैं, एक तिहाई के आरक्षण से जब तस्वीर बदली है तो इससे क्या होगा, अंदाजा
 
आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal)
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आधी दुनिया की पूरी पंचायत

इस बार राजस्थान में पंचायत चुनावों की छटा ही अलग है। स्थानीय निकाय चुनावों में पचास प्रतिशत आरक्षण ने पहले नगर पालिका और नगर निगम चुनावों में महिलाओं को जबर्दस्त राजनैतिक शक्ति प्रदान की और अब ग्राम पंचायतों के माध्यम से महिलाएं प्रदेश की राजनीति में
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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कविता : होटल के इस कंबल में

जब भी किसी होटल में ठहरता हूं तो स्‍नानघर या ड्रेस टेबल के आईने पर चिपकी बिंदियां उस कमरे को घर बना देती हैं। अगर किसी होटल में यह सब ना हो तो लगता है, यह होटल कम चलता है या यहां साफ-सफाई का खास खयाल रखा जाता है। राजेश जोशी ने जयपुर के स्‍वीट ड्रीम होटल
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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31 दिसंबर की रात

यह कहानी पिछले साल लिखी थी। आज 31 दिसंबर के दिन अपने दोस्‍तों और पाठकों के बीच इसे प्रस्‍तुत करते हुए थोड़ी झिझक हो रही है। वजह यह कि ब्‍लॉग पर पहली बार अपनी कहानी दे रहा हूं। पता नहीं पाठकों को पसंद आएगी कि नहीं। बाहर बारिश हो रही है। पड़ोस में कहीं तेज
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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अपनी जनता का लेखक : फ्रांस ईमिल सिल्लान्पा

विश्‍वसाहित्‍य में भारतीय भाषाओं जैसी कई भाषाएं हैं जिन्‍हें या तो कभी नोबल पुरस्‍कार नहीं मिला अथवा एक ही बार मिला है। ऐसी ही एक भाषा है उत्‍तरी यूरोपीय देश फिनलैंड की सुओमी भाषा, जिसे सामान्‍य तौर पर फिनिश कहा जाता है। यूरेलिक भाषा परिवार की इस भाष
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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जोस सारामागू की कल्पंनाशील दुनिया

पुर्तगाल का भारत से गहरा रिश्‍ता रहा है और आज भी हमारी प्रचलित भाषा में गमला, गोभी, मस्‍तूल, आलमारी और गोदाम जैसे बहुत से शब्‍द हैं, जो पुर्तगाली मूल के हैं। पुर्तगाली भाषा की गरिमा को वैश्विक स्‍तर पर पहली बार तब पहचाना गया जब 1998 में जोस सारामागू
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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2009 के नौ नौजवान

गुजश्‍ता साल में राजस्थान के नौजवानों ने साहित्य, कला और संस्कृति की दुनिया में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इस कदर नाम कमाया है कि आज की युवा पीढ़ी की प्रतिभा और कर्मशीलता देखकर हर किसी को नाज होता है। हमने राजस्थान के समूचे सांस्कृतिक परिदृश्
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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एक किताब ने बनाया इतिहास

कई बार किसी लेखक की एक ही कृति इतनी महत्वपूर्ण हो जाती है कि अनेक महत्वपूर्ण लेखकों की रचनाओं पर सदियों तक भारी पड़ती है। नोबल पुरस्कार के दूसरे ही वर्ष यानी 1902 में ऐसी ही एक ऐतिहासिक महत्व की पुस्तक ‘हिस्ट्री ऑफ रोम’ के लेखक थियोडोर मॉमसेन को पुरस्
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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गुनाहों का देवता: 50 बरस: सौ संस्करण

हिंदी में अगर साहित्य की लोकप्रिय किताबों की बात की जाए तो धर्मवीर भारती का उपन्यास ‘गुनाहों का देवता’ शीर्ष दस पुस्तकों में होगा। भारत की विभिन्न भाषाओं में इसके सौ के करीब संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं और युवा वर्ग में आज भी यह खासी लोकप्रिय किताब ह
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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कलिंग की युद्ध भूमि को देखकर

कई बरस पहले उड़ीसा गया था। उस वक्‍त धौलगिरि और कोणार्क देखकर कुछ कविताएं लिखी थीं। इतने साल गुजर गए हैं, लेकिन ये कविताएं मुझे आज भी अच्‍छी लगती हैं। अपने पाठक-मित्रों के लिए आज ये दो कविताएं प्रस्‍तुत कर रहा हूं। एक जहाँ लड़ा गया था युद्ध वहाँ खेत खड़
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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छह दिसंबर : दो कविताएं

छह दिसंबर, 1992 के सांप्रदायिक दावानल के बाद  दो कविताएं लिखी थीं, जो कहीं प्रकाशित नहीं हुईं। आज सत्रह बरस बाद भी मैं वही पीड़ा और आक्रोश महसूस कर रहा हूं, जो उस वक्‍त इन कविताओं को लिखते समय था। समय कभी कम नहीं करता यादों के जख्‍म, बल्कि
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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राजस्थानी लोकगीतों में नारी संवेदना

बचपन से मैं विभिन्न अवसरों पर गाए जाने वाले महिलाओं के गीत सुनता आया हूं और साहित्य में रूचि पैदा होने के बाद से इन गीतों के विविध पक्षों को लेकर सोचता विचारता रहा हूं। सबसे पहले मुझे जिन गीतों ने आकृष्ट किया, वो थे विवाह के अवसर पर गाए जाने वाले गीत
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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मित्रों के आग्रह पर ब्‍लाग पर कविता

बहुत से पाठक और मित्रों का लंबे समय से आग्रह था कि अपने ब्‍लाग पर कविताएं भी डलनी चाहिएं। मैं बहुत संकोच में था, लेकिन अब लगता है कि जो कविताएं संग्रह में हैं और बहुत से पाठक-मित्रों ने नहीं पढ़ी हैं, उन्‍हें यहां दिया जा सकता है। इस तरह शायद इन कविता
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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अर्थवान की तलाश में निरर्थकता के दर्शन का लेखक - अल्बैर कामू

भारत में जिन विदेशी रचनाकारों को सबसे ज्यादा पढ़ा जाता है, उनमें अल्बैर कामू एक ऐसा नाम है, जिनकी रचनाओं का भारत की विभिन्न भाषाओं में अनुवाद हुआ है। 1957 में नोबल पुरस्कार से सम्मानित कामू, रूडयार्ड किपलिंग के बाद दूसरे ऐसे साहित्य़कार हैं जिन्हें म
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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दिसंबर के एक सर्द सफर की याद

लेखकों के साथ यूं तो बहुत-सी यात्राएं की हैं, लेकिन दिसंबर की कड़ाके की ठण्ड में किये गए दो लंबे सफर यादगार हैं। पहली याद दिसंबर 2005 की है, जब हम 25 लेखक दिल्ली से वाघा के रास्ते पाकिस्तान जा रहे थे। मैं पहली विदेश यात्रा के जोम में था, इसलिए दो
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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प्रयोगधर्मिता से निकली राह : सुनीत घिल्डियाल का कला संसार

सुनीत घिल्डियाल राजस्‍थान के बेहद प्रशंसित और प्रतिष्ठित चित्रकार हैं। राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उनके काम को एक दर्जन से अधिक बार सम्मानित-पुरस्कृत किया गया है। देश-विदेश तक उनकी कलाकृतियां पहुंची हैं और सराही गई हैं। राष्ट्रीय स्तर के विभ
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi
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आलोचना की उपेक्षा परंपरा के शिकार जनकवि

हिंदी आलोचना की परंपराओं में उपेक्षा भी एक परंपरा ही है, जिसमें अनेक महत्वपूर्ण कवियों को बिल्कुल भुला दिया जाता है और कम महत्वपूर्ण कवियों को खासी तवज्जोह देकर महान सिद्ध कर दिया जाता है। ऐसी उपेक्षा के शिकार कवियों में हिंदी और राजस्थानी के सुप्रसि
 
प्रेमचंद गांधी Prem Chand Gandhi