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आईना कुछ कहता है

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09 Jun 2010
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जुगाड़ कैसे कैसे

                                   
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मेरी किस्मत में तू नहीं शायद

मेरी किस्मत में तू नहीं शायद.... क्यूँ तेरा इंतज़ार करती हूँ... मैँ तुझे कल भी प्यार करती थी... मैँ तुझे अब भी प्यार करती हूँ
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अंतिम चित्र

आज पुरानी मेल्ज़ को खंगालते वक्त ये चित्र मिले तो सोचा कि क्यों ना इन्हें आप सबके साथ शेयर किया जाए?... जिन्होंने भी ये चित्र खींचे..उनकी हिम्मत की दाद देनी होगी कि ऐसे वक्त में भी उन्हें ये सब सूझ रहा था...भगवान जाने इन चित्रों को खींचने वालों का क्य
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आओ पैप्सी बनाएँ

संजू तनेजा***            
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भूख गरीबी... पीड़ा और त्रासद यहाँ

संजू तनेजा***      भूख  गरीबी...पीड़ा और त्रासद यहाँ आओ...पी के पैप्सी खुशहाल बनाएँ अपना जहाँ
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ज़िन्दों में मुर्दों में है फर्क कहाँ

संजू तनेजा*** ज़िन्दों में  मुर्दों में है फर्क कहाँ पापी पेट  का रहता सवाल यहाँ पवित्र पावन मँगलकारी धरती कहाँ ज़िन्दों की नहीं मुर्दों की दरकार वहाँ हाँ!..ये हरिद्वार है र्        
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ईद मुबारक

ईद मुबारक सीधे कराची से...आप मुस्कुराए बिना नहीं रह पाएँगे     ***संजू तनेजा***
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अन्दाज़ ए स्वाईन फ्लू

आपका अन्दाज़ ए स्वाईन फ्लू हमरे मन को भा गया कुछ अलग सा...कुछ जुदा सा सबको दिलों को भरमा गया                  
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साहित्य शिल्पी का प्रथम वार्षिकोत्सव एवं नुक्कड़ की भागीदारी

साहित्य शिल्पी ने अंतर्जाल पर एक वर्ष पूरा कर लिया है।इस संदर्भ में साहित्य शिल्पी अपने प्रथम वार्षिकोत्सव में आमंत्रित करते हुए हर्षित है।इसमें नुक्कड़ भी सक्रिय रूप से भाग ले रहा है पूरा समाचार जानने के लिए बारी-बारी से चित्रों पर चटखा लगाएँ  
Sep 10 2009 01:14 PM
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परिन्दा ए परवाज़

ना कतरो बेरहमी से इस कदर पर  परिन्दा  ए  परवाज़  के वो उड़ना तो भूले ही भूले जीना  भी  भूल  जाए बी वैजिटेरियन....शाकाहार अपनाएँ   ***संजू तनेजा***  
Aug 25 2009 10:56 AM
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ना बाबा ना

भली ही पूरी ज़िन्दगी घर में वेल्ले बैठ बच्चे दिन-रात वीडियो गेम खेलते रहें या फिर गली में गुल्ली-डण्डे संग दर्जनों गुलाटियाँ मारते फिरें लेकिन क्रिकेट?..... तौबा...तौबा..... ना बाबा ना ....बिलकुल नहीं....सवाल ही नहीं पैदा होता    
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शायद चुनाव आने वाले हैँ

रंग जो नया है   ढंग जो नया है       ***संजू तनेजा***   चित्र सौजन्य-इंडिया टुडे
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देख के तुमको क्या होता है

देख के तुमको क्या होता है कुछ ना बताएँगे कुछ भी कहे कोई हम तो तुमको देखे जाएँगे   ***संजू तनेजा***
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ऐ ज़िन्दगी हमें तेरा ऐतबार ना रहा

दोस्त...दोस्त ना रहा प्यार...प्यार ना रहा ऐ ज़िन्दगी हमें तेरा ऐतबार ना रहा ऐतबार ना रहा         2.        तेरे मेरे बीच में कैसा है ये बंधन अनजाना तूने नहीं जाना मैँने नहीं जाना इक डोर खींचे दूजा दौड़ा चला आए कच
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कोरा कागज़

मेरा जीवन कोरा कागज़ कोरा ही रह गया ....       मीत ना मिला रे मन का  
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तू तो ना आए तेरी याद सताए

दिन ढल जाए हाय रात ना जाए तू तो ना आए तेरी याद सताए
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मान मेरा एहसान

मान मेरा एहसान अरी  नादान के मैँने तुझसे किया है प्यार... ओ...मैँने तुझसे किया है प्यार                             
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आओ खेल-खेल में पईस्सा बनाएँ...

आओ खेल-खेल में पईस्सा बनाएँ... सारे जहाँ से अच्छा... हिन्दोस्ताँ हमारा...हमारा 1. 2. 3.      देखा!.... ना हींग लगी और ना ही फिटकरी.. फिर भी रंग चढा चोखा ही चोखा :-) जय हिन्द..... ***संजू तनेजा***
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थोड़ी सी जो पी ली है

थोड़ी सी जो पी ली है चोरी तो नहीं की है ओ 'शीला' ..... ओ ' मनमोहन'... ओ 'अडवानी'.... कोई तो रोको...कोई तो संभालो   हमें बचा लो..... हम लौटना चाहते हैँ...   हिन्दी में बोले तो... अच्छा बच्चा बनने का और... ड्रगस नइई लेना का...... बोले तो बापू
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सलामत रहे दोस्ताना हमारा

सलामत रहे दोस्ताना हमारा बने चाहे दुश्मन ज़माना हमारा   कट... कट... कट......   क्या पुरानी गुज़रे ज़माने की बात करते हो भाई?....   हमारा भी सलामत रहे दोस्ताना बने चाहे दुश्मन ज़माना हमारा