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24 May 2010
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एक छोटी सी मुलाकात नामवर सिंह से

कम्युनिस्ट आन्दोलन के लिए गुंजाइश कम है। समालोचना के पितामह के नाम से विख्यात नई कहानी, नई कविता के नये प्रतिमान रचने वाले नामवर सिंह से छोटी सी मुलाकात-- माक्र्स के बाद का विश्व काफी बदल चुका है। पर माक्र्सवाद के सिद्धान्तों में फेर- बदल नहीं हुए हैं।
 
shelley
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एक मुलाकात वीरेन डंगवाल से

जब उनकी कलम चलती है सब चमत्कृत रह जाते हैं। कविता, प्राध्यापन, पत्रकारिता हर क्षेत्र में उनकी कोई सानी नहीं है। पत्रकारिता में सनसनी और सांप्रदायिकता के घोर विरोधी होने के साथ ही वे अपनी बेबाक कथन के लिए जाने जाते हैं। हमबात कर रहे हैं प्रसिद्ध कवि /
 
shelley
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होली की शुभकामना

होली का त्यौहार आ गया है सालभर लोग पानी बर्बाद करते हैं और होली के समय हल्ला करते है सुखी होली खेल कर पानी बचाएं क्या हम ऐसा नही कर सकते की साल भर पानी बचाए और एक दिन जमकर होली खेलें मगर प्राकृतिक रंगों से. गौर फरमाइयेगा. होली की शुभकामना
 
shelley
Feb 28 2010 11:03 AM
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राहुल का स्वयंवर

nd टीवी पर एक सीरियल आ रहा है राहुल महाजन का स्वयंवर . कल इसका एक शो देखा nd टीवी क्या परोस रहा है टी आर पि के ज़माने में इस शो को कौन से दर्शक पसंद कर रहें है मैं समझ नहीं पाई. इससे पहले राखी के स्वयंवर में दर्शको का स्वाद बिगड़ा था पर इस स्वयंवर ने तो
 
shelley
Feb 24 2010 12:53 PM
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नर्मदे हर

आज है नर्मदा जयंती हजारों साल के तप से पाया आज सा सौन्दर्यजबलपुर में बिखेरा मां ने अतुलनीय सौन्दर्य`अलक्ष लक्ष किन्नरा नरासुरादि पूजितसुलक्ष नीरतीर धीर पक्षिलक्ष कूजितं।वशिष्ट शिष्ठ पिप्लाद कर्मामादिशर्मदे,त्वदीय पाद पंकज नमामि देवि नर्मदे।।नर्मदा
 
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श् श्श्.... बिना बोले नहाना है!

आज सूर्यग्रहण है यह तो सबको मालूम है पर कम ही लोगों को मालूम होगा कि आज मौनी अमावश्या भी है। मौनी अमावश्या मतलब स्नान ध्यान का ऐसा त्योहार जिसमें स्नान के बाद ही कुछ बोलते हैं। बचपन में जब घर पर रहा करती थी तो रात को ही मम्मी याद दिला देती थीं कल मौनी
 
shelley
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संक्रांति की बधाई

आज मकर संक्रांति है। सूर्याेपासना का पर्व। सबने स्नान ध्यान के साथ नवान्न का भाग किया होगा। पतंग उड़ाई होगी। मैं आज पतंग के बारे में बताती हूं।इतिहासमाना जाता है कि पतंग का आविष्कार ईसा पूर्व तीसरी सदी में चीन में हुआ था। दुनिया की पहली पतंग एक चीनी
 
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पक्षी को बुलाना है

पक्षियों के लिए दाना- पानी रखने की बात अब कई लोग करने लगे हैं। बहुत सारे लोग गर्मी में कम से कम पानी तो रखते ही हैं। मेरे घर में दादी रोज सुबह ही छत पर चावल बिखेर आती थीं। हमारे उठने से पहले ही चिड़ियां आकर दाने चुग जाती थीं। अब जब से पत्रकारिता लाइन में
 
shelley
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नव वर्ष की बधाई

काफी दिनों से ब्लॉग से दूर रही मैं। रोज- लिखने में कोई ने कोई अड़चन आ रही थी तो बंद ही कर दिया। बहुत से लोगों ने इसके लिए टोका भी। नये साल में मैंने तय किया है। कुछ भी हो अब रेगुलर रहूंगी। कमेंट करना भी छोड़ दिया था मैंने। ब्लाग्स तो देखती थी पर कमेंट नहीं
 
shelley
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वंदे मातरम

सभी देशवाशियों को स्वत्रंता दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएं।
 
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दोस्ती

आज फ्रेंडशिप डे था। दोस्ती का दिन। लेकिन क्या हमारे देश में दोस्ती को किसी एक दिन की आवश्यकता है?दोस्ती के लिए किसी एक दिन का चुनाव करना हमारे लिए ठीक नहीं है क्योंकि हमारी संस्कृति में हर दिन दोस्ती का है। होली जैसे त्योहार में दोस्त तो क्या दुश्मन
 
shelley
Dec 29 2009 11:52 AM
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उधार से

गुनगुनाती गुई आती है फलक से बूंदें फ़िर कोई बदली तेरी पाजेब से टकराई है. बारिश को देख रह नही गया तो कुछ लाइन उधर की ली कुछ तस्वीरें भी ..... छत टपकती है और घर में ' वो ' मेहमान है पानी - पानी हो रही है आबरू बरसात में ।
 
shelley
Dec 29 2009 11:52 AM
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सुनील सिंह और सुशील बैठियाला बातचीत

जबलपुर में अभिनय का प्रशिक्षण देने आये कलाकार सुनील सिंह और सुशील बैठियाल से मुलाकात। माचिस फेम सुनील सिंह को तो सब जानतें है। सुशील बैथियाला रंगमंच के कलाकार हैं। वालिवुड के भी पहचाने नाम हैं . आमजन को थियेटर की जरूरत -सुनील सिंह जबलपुर के छात्रों क
 
shelley
Dec 29 2009 11:52 AM
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कलम की एक सत्ता होती है- विष्णु नागर

अगस्त को जबलपुर आये विष्णु नागर जी से मैंने छोटी सी मुलाकात की थी। जिनकी लेखनी में व्यंग्य का पैनापन हो और कलम आम आदमी की समस्या, पी़ड़ा से भीगी हो। जो लगभग 37 साल से सक्रिय पत्रकारिता से जु़ड़े हैं और साहित्य से जिनका पुराना रिश्ता है। जी हां हम बात क
 
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छठ पूजा विधि

ये मेरे लेखन की ही कमी है की मैं छठ के बारे में सही जानकारी नहीं दे सकी. छठ के दौरान लोग सूर्य देव की पूजा करतें हैं , इसके लिए पानी में खड़े होकर उगते और डूबते सूर्य को सूप में प्रसाद चढाते हैं और लोग दूध से अर्ध्य देते हैं प्रसाद बाद में लोगो को वित
 
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छठ हो गया शुरू

बिहार-यूपी के लोग कर रहे छठ पूजा का आयोजन बिहार के सुप्रसिद्ध पर्व छठ पूजा की शुरुआत हो चुकी है। यूपी-बिहार के काफी लोग जबलपुर में भी निवास करते हैं। छुट्टियों की कमी, रिजर्वेशन न मिलना या यहीं बस जाने वाले लोग पूरे हर्ष-उल्लास से डाला छठ का आयोजन कर
 
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नाटक में लानी होगी और भी क्वालिटी

एनएसडी के प्रोडक्ट और थियेटर तथा िफल्मी दुनिया के जाने- माने कलाकार मनोहर तेली किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उदयपुर के छोटे से गांव में जन्में तेली जी न सिर्फ मंझे हुए रंगकर्मी हैं बल्कि उनकी िफल्म गॉडफादर भी 6 राष्ट्रीय अवार्ड प्राप्त कर चुकी है। ज
 
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राखी का स्वयंबर

पिछले डेढ़ महीने से इमेजिन पर राखी सावंत का स्वयंवर प्रसारित हो रहा था। राखी की अबतक की जो इमेज है है वो सिर्फ़ एक आइटम गर्ल का नही क्योकि आइटम गर्ल तो कई हैं पर राखी की महिमा ही अलग है आप ख़ुद ही अंदाजा लगा लीजिये की मैं अपने ब्लॉग पर उसकी बात कर रही
 
shelley
Aug 04 2009 11:59 AM
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जबलपुर की नागपंचमी

प्रदेश में संस्कारधानी एक ऐसा शहर है जहां आज भी त्योहारों को लेकर उतनी ही आस्था है जितनी पुराने जमाने में होती थी ऐसा हमारा नहीं दूर- दूर से आये सपेरों का कहना है जो पैसों के लिए नहीं वरन त्योहारों को जीवित रखने की परंपरा को देख यहां आते हैं। यूं तो साल
 
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Jul 26 2009 04:55 PM
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गुडिया नए ज़माने की

बचपन में गुडिया से हर किसी का सामना होता ही है। विशेषरूप से लड़कियां तो हमेशा उनकी शादी - विवाह और दूसरी चिन्ताओ में व्यस्त रहती है। गुडिया के नए ठाट तो देखिये.
 
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मैंने देखा कर्नाटक

पिछले दिनों मुझे कर्नाटक जाने का अवसर मिला. जैसा सोचा था उससे अलग लगा वह प्रदेश. हिंदी के प्रति उनका ममत्व आह्लादित कर गया. मैंने वहां धरवार और हुबली सिटी देखा. सबसे ज्यादा अच्छा लगा - लोगें का प्यार. हिंदी प्रदेश की कहकर उन्होंने जो प्यार दिया . उसक
 
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आया मानसून

आख़िर इंतजार के बाद आ ही गया मानसून। जबलपुर में भी झमाझम बरसे बादल ।
 
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मिलिए मैसी साहब से

जबलपुर की धरती ने अपने अंक में अनेक प्रतिभाएं समेटी हैं। जबलपुर के ही एक बेटे ने मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में अपना एक मुकाम बनाया और चरित्र अभिनेता के रूप में उसकी पहचान है। मैं बात कर रही हूं मैसी साहब , मुंगेरीलाल यानी रघुवीर यादव की जो अपनी पत्नी रोश
 
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आसमानी रंग

नीला आसमान रंग भी बदलता है कभी लाल तो कभी पीला। सुबह और शाम के नज़ारे तो देखने लायक ही रहते है। जब बादल आ मिलते है तो ऐसा ही रंग होता है .
 
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lakshmikant शर्मा

एक दिवसीय दौरे पर भारत आये जनसंपर्क मिनिस्टर लक्ष्मीकांत शर्मा से मैंने छोटी सी बातचीत की और जानेउनकी जिंदगी के अनछुए पहलू। प्रारंभिक पढ़ाई- लिखाई कहां हुई बचपन से बीए तक की पढ़ाई मैंने सिरौंज में की। उसके बाद एमए और एलएल बी की पढ़ाई के लिए गंजबादसौदा आ
 
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लहरें

मचलती लहरों में नाव खेना या तैरना आसन नही होता ।
 
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मासूम बचपन

बचपन की मासूमियत बचाएं
 
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प्यास

पक्षियों को भी लगती है प्यास । इनके लिए अपने घर में पानी रखें ।
 
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कुछ अलग

अभी मैंने योगेन्द्र सिंह राठौर की कविता पढ़ी । बिल्कुल अलग उपमान हैं इसमे और बिम्ब भी नया , इसलिए आपसब के लिए प्रस्तुत है- इश्क, एक सिगरेट के पैकेट की तरह, चेतावनी ऊपर लिखी हुई, फिर भी प्रोफेसर से लेकर, वैज्ञानिक तक पीते हैं, और प्रेमिका, उंंगलियों मे
 
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राम तुलसी और हनुमान.

रामनवमी का सम्बन्ध राम से है और उससे भी ज्यादा हनुमान से है। राम की बात याद करते ही कई बातें दिमाग में आने लगती है। जनमानस के राम रामबाण अर्थात अचूक निशाने का प्रतीक है तो राम राज्य अपूर्व ऐश्वर्य और सुख शांति का। राम के समय में जाते ही यह याद कर सुख
 
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कसम की किस्म

हमारे देश में कसमो का बड़ा महत्व है । लोग माँ - बाप और भगवन की कसमे खाकर अपनी सच्चाई का प्रमाण देते हैं। माना जाता है की कसम खाकर बोलने वाला सच ही कहता है। वीरेन डंगवाल की एक कविता पढ़ी , कुछ खास किस्म की कसमो का जिक्र है, आप भी पढिये - मुखर्जी और ब्ल
 
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महिला दिवस कुछ सवाल

कल महिला दिवस था । इक्कीसवी सदी की नारी का जिक्र आते ही हमारे मन में एक सुपर पावर वुमेन की तस्वीर उभरती है। जो हर क्षेत्र में सफलता का परचम लहरा रही है। यह सही है स्त्री ने घर की चहारदीवारी से बाहर निकल कर अनंत आकाश तक का सफर तय कर लिया है। किरण बेदी
 
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नये पुराने का संगम जयपुर

कई दिनों से मैं ब्लॉग की दुनिया से गायब रही। दरअसल इन दिनों मैं ेजयपुर गई थी। भारतीय साहित्य परिषद राजस्थान की तरफ से मुझे सरला अग्रवाल कहानी प्रतियोगिता में द्वितीय पुरस्कार मिला। इस दौरान मैंने जयपुर का भ्रमण भी किया। जयपुर में जो मुझे सबसे खास बात
 
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वैलेंटाइन डे बनाम मदनोत्सव

वैलेंटाइन डे के आगमन की चर्चा सुनते ही सब तरफ़ का माहौल ही बदल गया है. किसी के चहरे संस्कृति के नाम पर विकृत हो रहे है कोई इसे अच्छा कह रहा है कि आधुनिक काल के हिसाब से ये ठीक है. कोई इसे अभिव्यक्ति कि स्वतंत्र के साथ जोड़ रहा है. ब्लॉग पर भी इन दिनो
 
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aahuti

नर्मदे हर नर्मदे हर
 
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राम कहानी

इतने दिनों से मैंने कोई पोस्ट नही डाली है तो शायद लोग सोच रहे हो की मैं फ़िर से अपना ब्लॉग बंद न कर दू. दरअसल मैं इन दिनों काफी व्यस्त थी। १९ जनवरी का दिन खास दिन था. उस दिन यहाँ हमने ब्लोगेर मीट किया. जी अब तो आपलोगों को निश्चित रूप से हमसे इर्ष्या ह
 
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