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09 May 2010
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मां को एक ही दिन सम्मान क्यों?

हमारी संस्कृति में माता-पिता के आशीर्वाद से ही दिन की शुरुआत करने की सलाह दी गई हैरविवार को भारत सहित लगभग अधिकांश देशों में पाश्चात्य संस्कृति का मदर्स डे मनाया गया। बच्चों और बड़ों ने मॉम को गिफ्ट  आदि देकर उनके प्रति सम्मान और प्रेम का प्रदर्शन
 
shailesh kumar vijay
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कृपया सचिन को भगवान न बनाएं......

सचिन खिलाड़ी के रूप में ही बहुत महान हैंपिछले शनिवार को सचिन तेन्दुलकर का 37 वां जन्मदिन पूरे धूमधाम से मनाया गया। हम भी सचिन की लंबी उम्र की कामना करते हैं और चाहते हैं कि वह अगले दस वर्ष तक क्रिकेट खेलें। क्रिकेट से थोड़ा बहुत भी लगाव रखने वाले
 
shailesh kumar vijay
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आईपीएल का खेल की भावना से कोई सरोकार नहीं

आईपीएल की तिलस्म से पर्दा उठना चाहिए विदेश राज्यमन्त्री और आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी के ट्वीट वार ने आईपीएल की सच्चाई पर से धीरे-धीरे पर्दा उठाने लगा है। उम्मीद की जानी चाहिए इसी बहाने आईपीएल का तिलस्म देशवासियों के सामने आएगा।
 
shailesh kumar vijay
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नोटों का माला पहनने से दलितों का उत्थान नहीं होगा मुख्यमंत्री जी

बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम की जयन्ती के बहाने शक्ति प्रदर्शन करने वाली बसपा सुप्रीमो उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री नोटों की माला पहन कर क्या सन्देश देना चाहती हैं। यह तो वही बताएंगी। लेकिन, जिस प्रदेश में बुन्देलखण्ड जैसे पिछड़े इलाके
 
shailesh kumar vijay
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आरक्षण से ही महिलाओं के दुख दूर नहीं हो जाएंगे

जातिवाद की राजनीति करने वालों को मुंहकी  खानी ही थीपिछड़ों, दलितों और मुस्लिम महिलाओं के लिए कोटे के अन्दर कोटे की पैरोकारी करने वाले कथित लंबरदारों  के विरोध के बावजूद महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने का विधेयक राज्यसभा में पास होना वाकई
 
shailesh kumar vijay
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हमारी आस्था और ये ढोंगी बाबा

जिस्म फरोसी के विरुद्ध सख्त कानून की जरूरत   लड़कियों को आजादी दायरा, नैतिकता और अनुशासन के साथ दी जानी चाहिएअपने देश में आस्था या धर्म के नाम पर किसी को बेवकूफ बनाना आसान है। अच्छी और लच्छीदार बातों से लोगों
 
shailesh kumar vijay
Mar 03 2010 12:48 AM
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आप सभी ब्लॉगर बंधुओं की होली रंग भरी हो                                     
 
shailesh kumar vijay
Mar 01 2010 12:27 AM
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इन सिरफिरे माओवादियों को बेरहमी से कुचलना होगा

ये सभ्य  समाज में रहने लायक नहीं हैं पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले के सिल्दा में 14 ईस्टर्न फ्रंटियर रायफल्स के बेस कैंप पर माओवादियों ने हमला कर अपने रक्तपिपासु और बर्बर जमीर को ही साबित किया है। जिस तरह से इन वामपन्थी
 
shailesh kumar vijay
Feb 17 2010 12:47 AM
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गृहमन्त्री जी कश्मीरी पण्डितों को वापसी का प्रस्ताव कब देंगे?

अपने ही देश में शरणार्थी बने हैं कश्मीरी पण्डित कांग्रेस का समर्थन परंपरागत तुष्टिकरण का ही नीति है जम्मू-कश्मीर के मुख्यमन्त्री उमर अब्दुल्ला के पाक अधिकृत कश्मीर गए युवाओं के वापस आने और उनके पुनर्वास और समर्पण के प्रस्ताव को केन्द्र सरकार की सहमति
 
shailesh kumar vijay
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राहुल का मुम्बई दौरा बचकाना जिद से ज्यादा कुछ नहीं था

देश में बढ़ता भाषाई नफरत कांग्रेस की ही देन हैशिवसेना शाहरुख विवाद के पीछे की राजनीति को समझना होगापिछले दिनों राहुल गांधी के महाराष्ट्र दौरे को मीडिया में जमकर बेचा गया। मानो राहुल गांधी महाराष्ट्र का दौरा कर उत्तर भारतीयों के लिए सुरक्षा कवच प्रदान कर
 
shailesh kumar vijay
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महानगरों में कम होते जिन्दगी के मायने

बात-बात पर जान लेने से पीछे नहीं हट रहे दिल्ली वालेलगता है दिल्ली सरीखे महानगरों में रहने लोग मानवीय संवेदनाओं से दूर होते जा रहे हैं। क्योंकि, छोटी-छोटी बातों पर भी लोग एक दूसरे की जान लेने से नहीं चूक रहे हैं। लोगों का गुस्सा और तनाव तो आदिम युग की
 
shailesh kumar vijay
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तो क्या वाकई अमर मुलायम के कुनबाई मोह का विरोध कर रहे हैं?

उत्तरप्रदेश में सपा निश्चित तौर पर और कमजोर होगीअमर भी नुकसान में रहेंगें तो क्या अपने कुनबे के मोह में मुलायम सिंह यादव अमरसिंह के समाजवादी पार्टी के लिए किए गए योगदान को भूला देंगे? तो क्या वाकई अमर मुलायम के कुनबाई मोह का विरोध कर रहे
 
shailesh kumar vijay
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क्यों जाते हैं भारतीय छात्र ऑस्ट्रेलिया

अभी नितिन गर्ग की चिता की आग ठंडी भी नहीं हुई थी कि ऑस्टे्रलिया में फिर एक भारतीय युवक जसप्रीत सिंह (29) को निशाना बनाया गया। इस बार ऑस्ट्रेलियाइयों ने तो सारी हदें पार करते हुए उस युवक को जिंदा जलाने का प्रयास किया। इस हमले में वह 20 फीसदी तक
 
shailesh kumar vijay
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वर्ष 2010 आप सभी ब्लॉगर बंधुओं के लिए सुख,समृद्धि और प्रगति का वाहक बने। जो गुजर गया वह आपका भाग्य था और आने वाला कल आपका विश्वास है इसलिए वर्तमान को सुखद और शांतिमय बनाकर जीवन के पथ पर आप सभी अग्रसर हों....    
 
shailesh kumar vijay
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मैंने भी आज से लिखना शुरू कर दिया

आज हमने भी ब्लोग्ग की दुनिया में कदम रख दिया है। खट्टे मीठे बहुत से अनुभव हैं जिन्हें लिखा जा सकता है। मेरी कोशिश होगी की मैं पुरी ईमानदारी से अपनी बात लिखूं। मैं अपने ब्लोग्ग में किसी को हार्ट करने से बचूंगा। आगे ईश्वर की कृपा। शैलेश कुमार तिवारी
 
shailesh kumar vijay
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केंद्र की नाकामियों और महंगाई पर क्यों मौन है मीडिया ?

भारतीय मीडिया का दोहरा चरित्र       एक बार प्याज महंगी हुई तो भाजपा की सरकार सत्ता से बाहर हो गई। आज ऐसा कोई भी खाद्यान्न या सब्जी नहीं है जिसे सस्ता कहा जा सके। लेकिन, कहीं भी उन दिनों की महंगी प्याज की तरह आज की महंगाई
 
shailesh kumar vijay
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यह तो जेब काटने वाला कांग्रेसी हाथ है

डीटीसी बसों का किराया बढ़ाकर दिल्ली सरकार अपनी नाकामयाबी ढक रही है दिल्ली सरकार ने डीटीसी बसों का किराया बढ़ाकर एक बार फिर आम आदमी की जेब ढीली कर दी है। कांग्रेसी बड़े गर्व से कहते हैं कि कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ। लेकिन यह हाथ जनकल्याण के लिए नहीं
 
shailesh kumar vijay
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यह कांग्रेस की जीत तो कतई नहीं है

विकल्पहीनता की स्थिति में जनता ने कांग्रेस को वोट दिया तीन राज्यों की विधानसभा चुनाव में मिली जीत का श्रेय कांग्रेसियों और कुछ कांग्रेसप्रस्त मीडिया संस्थानों ने सोनिया और राहुल गांधी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन को दिया है। जबकि, कुछ कांग्रेसी प्रध
 
shailesh kumar vijay
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क्यों डर रहा है भारत चीन से

ड्रैगन को ललकारे भारत लगता है अब चीन भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य महत्वपूर्ण शख्सियतों का दौरा निर्धारित करेगा कि उन्हें अपने देश में कहां भ्रमण करना चाहिए और कहां नहीं। चुनाव प्रचार के लिए प्रधानमंत्री द्वारा अरुणांचल प्रदेश का दौरा करने
 
shailesh kumar vijay
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उन्हें तलाश है एक अदद प्रेम+इका की....

उन्हें तलाश है एक अदद प्रेम+इका की। हालांकि, वह शादीशुदा हैं और पिता भी बन चुके हैं, लेकिन अभी भी उनकी प्रेम पिपासा शांत नहीं हुई है, अलबत्ता दिन प्रति बढ़ती ही जा रही है। हर मामले में उनका अपना नजरिया है। इस मामले में भी वह अपने को सही ठहराते हैं। फि
 
shailesh kumar vijay
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पोखरण-दो पर संदेह कहीं कुंठा तो नहीं!

राष्ट्र की छवि धूमिल करने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिएआजकल किसी भी बात को मीडिया में उछालने का नया ट्रेंड चल निकला है। लोग किसी भी मामले को सरेआम करने में थोड़ा सा भी संकोच नहीं कर रहे हैं। भले ही वह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा अथवा स्वाभिमान से ही क्यों न जुड़ा
 
shailesh kumar vijay
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Sep 21 2009 01:29 AM
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आदतों में शुमार हो चुकी है सुस्त कार्य संस्कृति

कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी धीमी, शाख पर लग रहा बट्टा लगता है सुस्त कार्य संस्कृति हम भारतवासियों के संस्कारों में रच बस गई है। कोई भी कार्य समय पर पूरा न करने की मानों हमारी आदत सी बन गई है। कुछेक लोग और संस्थाओं को छोड़ दिया जाए तो अधिकांशतया विलंब की
 
shailesh kumar vijay
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कब स्वीकारेंगे अपनी गलतियों को राजनीतिक दल

भाजपा और वाम दलों को सच्चाई से आत्मविश्लेषण करना चाहिए क्या भारतीय राजनीतिक दल अपनी गलतियों से कभी सबक लेंगे। गलतियों के लिए बहाना बनाना, तर्क गढ़कर उस पर पर्दा डालना और झूठ का सहारा लेना तो लगता है हमारे नेताओं के संस्कारों में रच बस गया है।
 
shailesh kumar vijay
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काफी मुनाफा है मिलावट के धंधे में

मृत्युदंड मिले मिलावटखोरों और जमाखोरों को क्या हो रहा है अपने देश में? चारों तरफ लूट खसोट और बेइमानी का बोलबाला है। आतंकवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद से तो लोग जूझ ही रहे थे कि वर्षों पुराना मर्ज मिलावट और जमाखोरी फिर से जनता को परेशान करना शुरू कर दिया है।
 
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रेलवे को क्षति पहुंचाना शगल बन गया है

सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने वालों पर कठोर कार्रवाई होसरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना लोगों के लिए शगल बन गया है। छोटी-छोटी बातों के लिए लोग राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। आजकल देश में अपनी मांगें मनवाने के लिए सरकारी संपत्ति को क्षति
 
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क्या समलैंगिकता मानसिक बीमारी नहीं है ? समाज को नहीं अपनी सोंच बदलें समलैंगिकता के पैरोकार समलैंगिक संबंधों पर दिल्ली हाईकोर्ट का निर्णय भले ही कुछ पश्चिमप्रस्त मीडिया संस्थानों और संगठनों के लिए ऐतिहासिक और प्रगतिवादी फैसला लग रहा हो लेकिन देश की बह
 
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आरक्षण के भीतर आरक्षण की मांग साजिश या कुछ और.... कुछ राजनीतिक दलों की क्षुद्र राजनीति के चलते वर्षों से अधर में लटके महिला आरक्षण विधेयक पर इस बार भी संदेह के बादल मंडराने लगे हैं। अपने गठबंधन के दम पर फिर से सत्ता में लौटी कांग्रेस से न केवल महिलाओ
 
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तो क्या ये वाकई मुसलमानों का भला चाहते हैं! एक बार फिर देश की सबसे बड़ी पंचायत के लिए चुनाव का समय आ गया है। फिर से राजनीतिक दल घिसे-पिटे मुद्दों और जनता को बरगलाने के लिए अपने घोषणापत्र के साथ इस महासमर में हाजिर हैं। गरीब जनता को कोई दो रुपये किलो च
 
shailesh kumar vijay
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राष्ट्रीयता पर हावी होती क्षेत्रीयता देश में क्षेत्रीय दलों की बढ़ती संख्या चिंता का कारण बनती जा रही है। अपने निहित स्वार्थ और अहम के चलते यह दल केंद्र को महेशा कमजोर ही करते नजर आते हैं। केंद्र में क्षेत्रीय दलों की भूमिका कुछ हद तक लोकतंत्र को मजबू
 
shailesh kumar vijay
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कलंकित होता बचपन

कलंकित होता बचपन दिल्ली में एक 13 वर्षीय बच्चे की शर्मसार कर देने वाली करतूत बच्चों की दुनिया की एक विकृत चेहरा दिखाती है। कि कैसे अब बच्चे भी हिंसा, सेक्स और नशे की तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। यह उस वर्ग की हकीकत है जिसे केवल पढ़ने और खेल-कूद में
 
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दूर होती आम आदमी से शिक्षा

दूर होती आम आदमी से शिक्षा आखिरकार दिल्ली सरकार ने पब्लिक स्कूलों को फीस बढ़ाने की अनुमति दे ही दी। पहले से ही फीस की भार से बेजार अभिभावक अब दोहरी मार झेलने को विवश हो जाएंगे। बढ़ी फीस भरने के अलावा उनके पास और कोई विकल्प भी नहीं बचा है। अभिभावकों के
 
shailesh kumar vijay
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सीख लें गांधीगीरी

नवाबों के शहर को गांधीगीरी सिखाएंगे मुन्ना फिल्मों में लटको झटको दिखाने के बाद अब लखनऊ की जनता को गांधीगीरी सिखाने के लिए मुन्ना भाई उर्फ संजय दत्त चुनाव लड़ने नवाबों के शहर आ ही गए। इसके साथ ही मीडिया में मचा हो हो हल्ला भी शांत हो गया। अब तक जितने भ
 
shailesh kumar vijay
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मेरा पड़ोसी

उसके बीवी बच्चों ने धुन डाला। मैं दिल्ली के जिस मोहल्ले की गली में रहता हूं, मेरे मकान के सामने दिल्ली पुलिस के एक हेडकांस्टेबल भी अपने परिवार के साथ रहते हैं। मैं जब इस मकान में रहने आया तो पहली नजर में उस हेडकांस्टेबल को देख कर मुझे लगा कि वह घर का
 
shailesh kumar vijay