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अक्षत विचार

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17 Jun 2010
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सड़कों पर चलना हो गया है मुश्किल

पहाड़ों पर तीर्थयात्रा शुरु होते ही गाड़ियों का रेला बढ़ जाता है। देश-विदेश के तीर्थयात्री सफर पर निकल पड़ते हैं। सड़कों पर यातायात कई गुना बढ़ जाता है। हालांकि पहाड़ों पर वाहन चलाने के लिये कुछ कायदे-कानून तय किये गये हैं। गति सीमा कितनी होनी चाहिये यह सब
 
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आखिरी दरवाजा

एक फकीर था। वह भीख मांगकर अपनी गुजर-बसर किया करता था। भीख मांगते-मांगते वह बूढ़ा हो गया। उसे आंखों से कम दीखने लगा। एक दिन भीख मांगते हुए वह एक जगह पहुंचा और आवाज लगाई। किसी ने कहा, “आगे बढ़ो! यह ऐसे आदमी का घर नहीं है, जो तुम्हें कुछ दे सके।” फकीर ने
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अपने ब्लाग को फेसबुक और टविटर में रजिस्टर करें। Register your blog in facebook and twitter

हम अपने ब्लाग को आज विभिन्न ब्लाग एग्रीगेटरों मे रजिस्टर करवाते हैं ताकि हमें अधिक से अधिक संख्या में दर्शक मिलें और अधिक से अधिक लोग हमारे विचारों से और सूचनाओं से अवगत हो सकें। फेसबुक और टविटर ऐसी साइट हैं जो आज अधिकांश लोगों द्वारा इस्तेमाल की जा रही
 
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रंगों के बाजीगर हैं फारुखी

उनके हाथों में जादू है जब वे कैनवस पर रंग उकेरते हैं तो कला जीवंत हो उठती है। उनके हाथों में पंहुचते ही मानो ब्रश अपने आप ही एक कहानी लिखने लगते हैं। फारुखी काफी पहले से ही रंगों से खेलने के शौकीन रहे हैं। उन्होंने अपनी अधिकांश पेंटिगें आस-पास के
 
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दान का आनन्द

एक राजा थे। वह बड़े ही उदार थे। दानी तो इतने कि खाने-पीने की जो भी चीज होती, अक्सर भूखों को बांट देते और स्वयं पानी पीकर रह जाते। एक बार ऐसा संयोग हुआ कि उन्हें कई दिनों तक भोजन न मिला। उसके बाद मिला तो थाल भरकर मिला। उसमें से भूखों को बांटकर जो बचा, उसे
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परंतु उन पर कोई फर्क नहीं पड़ता।

आखिरकार बीएसएनएल के ब्राडबैंड कनैक्शन से तौबा कर ली। अब भले ही इंटरनेट धीमी गति से चल रहा है। परंतु एक सकून है, नहीं तो केवल बिल ही देना पड़ रहा था परंतु सेवा के नाम रोज-रोज फोन करके भी कुछ हासिल नहीं हो रहा था। स्थानीय अधिकारियों से लेकर उच्चाधिकारियों
 
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Google Adsense Alternatives गूगल एडसेंस के अलावा भी मौजूद हैं कई विकल्प

ब्लाग के क्षेत्र में आज कई प्रतिभाऐं मौजूद हैं। संभवतः यदि ब्लाग जैसा माध्यम न होता तो वे गुमनाम ही रह जाती परंतु अपने हुनर को तराशने के लिये उन्हें यह एक अच्छा विकल्प मिला है। और इस माध्यम से उनकी प्रतिभा पूरी दुनिया के सामने महज एक क्लिक के द्वारा
 
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Producing a Garhwali Film

Bhishma KukretiManmohan Jakhmola called Madan Mohan Duklan that he got a financer for their dreamt project of a Garhwali film. man Mohan Jakhmola told Madan Duklan that the financer from Canada Mr Aswal wants to meet with project team in Dehradun.Within
 
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उत्तराखंड में जलते जंगल

गर्मियों शुरु होते ही उत्तराखंड के जंगलों में भी आग का प्रकोप बढ़ जाता है और ये जंगल धू–धू कर जलने लगते हैं। उत्तराखंड के लोगों के लिये यह बड़ा मुश्किल समय होता है। एक ओर जहां ऊपर से सूरज की गरमी से जमीन तपती है वहीं जंगलों के जलने से धुआं और गर्मी और बढ़
 
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दुःखी कर दिया है बीएसएनएल की ब्रौड बैंड सेवा ने

पिछले दस दिनों से नन्दप्रयाग में बीएसएनएल की ब्रौडबैंड सेवा ने ग्राहकों को बुरी तरह से परेशान करके रखा है। कभी ओएफसी कटने का बहाना, तो कभी बिजली का बिल समय पर जमा न करने के कारण एक्सचेंज की बिजली कटने के कारण नगर की इंटरनेट सेवा बुरी तरह चरमरा गयी है।
 
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धरती का रस

एक राजा था। एक बार वह सैर करने के लिए अपने शहर से बाहर गया। लौटते समय देर हो गई तो वह विश्राम करने के लिये पास ही मौजूद एक बुढ़िया की झोपड़ी में ठहर गया। बुढ़िया राजा को साधारण पथिक समझी थी। राजा को प्यास लगी तो उसने बुढ़िया से कहा, “माई, प्यास लगी है,
 
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धरती का रस

एक राजा था। एक बार वह सैर करने के लिए अपने शहर से बाहर गया। लौटते समय देर हो गई तो वह विश्राम करने के लिये पास ही मौजूद एक बुढ़िया की झोपड़ी में ठहर गया। बुढ़िया राजा को साधारण पथिक समझी थी। राजा को प्यास लगी तो उसने बुढ़िया से कहा, “माई, प्यास लगी है,
 
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शैतान का दाहिना हाथ

जब शैतान का मन अपने आप से ऊब गया, तो उसने संन्यास लेने का निश्चय किया। तब उसने अपने गुलामों को बेचना शुरु कर दिया। ‘बुराई’, ‘झूठ’, ‘ईर्ष्या’, ‘निरुत्साह,’ ‘दर्प’-सब पंक्ति बांधकर खड़े हो गये। शैतान के भक्त आते गए और उन्हें पहचानकर एक-एक को खरीदते गये। पर
 
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Mar 05 2010 02:07 PM
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शैतान का दाहिना हाथ

जब शैतान का मन अपने आप से ऊब गया, तो उसने संन्यास लेने का निश्चय किया। तब उसने अपने गुलामों को बेचना शुरु कर दिया। ‘बुराई’, ‘झूठ’, ‘ईर्ष्या’, ‘निरुत्साह,’ ‘दर्प’-सब पंक्ति बांधकर खड़े हो गये। शैतान के भक्त आते गए और उन्हें पहचानकर एक-एक को खरीदते गये। पर
 
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Mar 05 2010 02:07 PM
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1411

04-03-2010 को उत्तराखंड के जिला चमोली के ब्लाक घाट के गांव कांडई के जंगल में लगभग सात फुट लम्बा गुलदार मरा पाया गया। मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
 
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Mar 04 2010 12:39 PM
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1411

04-03-2010 को उत्तराखंड के जिला चमोली के ब्लाक घाट के गांव कांडई के जंगल में लगभग सात फुट लम्बा गुलदार मरा पाया गया। मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
 
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Mar 04 2010 12:39 PM
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काहे के प्रगतिशील, काहे के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पैरोकार?

कुछ लोग इन दिनों हुसैन की कतर की नागरिकता को लेकर बवाल कर रहे हैं। ये अपने को बुद्धिजीवी मानने वाले हुसैन के भारत से पलायन को यहां के कुछ लोगों के विरोध को कारण मान रहे हैं। भई आप विरोध करो तो उचित, परंतु आपका कोई विरोध करे तो गलत। विरोध करने वालों ने
 
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Mar 03 2010 07:00 PM
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काहे के प्रगतिशील, काहे के अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पैरोकार?

कुछ लोग इन दिनों हुसैन की कतर की नागरिकता को लेकर बवाल कर रहे हैं। ये अपने को बुद्धिजीवी मानने वाले हुसैन के भारत से पलायन को यहां के कुछ लोगों के विरोध को कारण मान रहे हैं। भई आप विरोध करो तो उचित, परंतु आपका कोई विरोध करे तो गलत। विरोध करने वालों ने
 
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Mar 03 2010 07:00 PM
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पाखुई बाघ संरक्षित क्षेत्र

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश के कामेंग जिले में पाखुई बाघ संरक्षित क्षेत्र एक सुरक्षित क्षेत्र है। यहां दूर–दूर तक हरियाली फैली है और विभिन्न वन्य जीव रहते हैं। इस बाघ संरक्षित क्षेत्र का मुख्यालय सीजुसा है जो असम के साइबारी से 21 किलोमीटर की दूरी
 
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Feb 27 2010 09:47 PM
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पाखुई बाघ संरक्षित क्षेत्र

पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश के कामेंग जिले में पाखुई बाघ संरक्षित क्षेत्र एक सुरक्षित क्षेत्र है। यहां दूर–दूर तक हरियाली फैली है और विभिन्न वन्य जीव रहते हैं। इस बाघ संरक्षित क्षेत्र का मुख्यालय सीजुसा है जो असम के साइबारी से 21 किलोमीटर की दूरी
 
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Feb 27 2010 09:47 PM
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नन्दप्रयाग तब

ऋषिकेश बद्रीनाथ मार्ग पर स्थित अलकनंदा व नंदाकिनी नदियों के संगम पर बसा हुए नगर नन्दप्रयाग भौगोलिक, पौराणिक, धार्मिक, सामाजिक, राजनैतिक तथा रमणीयता की दृश्टि से एक प्रमुख स्थल है। पौराणिक कथानुसार कण्व ऋषि का आश्रम(कण्वाश्रम) भी यहीं पर था, जहां पर राजा
 
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Feb 22 2010 06:47 AM
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नन्दप्रयाग तब

ऋषिकेश बद्रीनाथ मार्ग पर स्थित अलकनंदा व नंदाकिनी नदियों के संगम पर बसा हुए नगर नन्दप्रयाग भौगोलिक, पौराणिक, धार्मिक, सामाजिक, राजनैतिक तथा रमणीयता की दृश्टि से एक प्रमुख स्थल है। पौराणिक कथानुसार कण्व ऋषि का आश्रम(कण्वाश्रम) भी यहीं पर था, जहां पर राजा
 
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Feb 22 2010 06:47 AM
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मातृ-भक्ति का प्रभाव

किसी समय चीन देश में होलीन नाम का एक नौजवान रहता था। वह अपनी मां का परमभक्त था। बूढ़ी मां की सेवा-चाकरी बड़े भक्ति-भाव से किया करता था। मां को किस समय, किस चीज की जरुरत पड़ेगी, इसका वह पूरा ख्याल रखता था।एक बार हो-लीन के घर में एक चोर घुसा। जिस कमरे में
 
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Feb 15 2010 08:02 PM
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मातृ-भक्ति का प्रभाव

किसी समय चीन देश में होलीन नाम का एक नौजवान रहता था। वह अपनी मां का परमभक्त था। बूढ़ी मां की सेवा-चाकरी बड़े भक्ति-भाव से किया करता था। मां को किस समय, किस चीज की जरुरत पड़ेगी, इसका वह पूरा ख्याल रखता था।एक बार हो-लीन के घर में एक चोर घुसा। जिस कमरे में
 
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Feb 15 2010 08:02 PM
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मुंबई में शाहरुख खान की फिल्म माई नैम....

आखिर मुंबई में शाहरुख खान की फिल्म माई नैम.... रिलीज हो गयी और लोगों ने इसे बढ़िया रिस्पांस दिया। यह फिल्म मुंबई के सिनेमाहालों में हाउसफुल जा रही है। शिवसेना की तमाम धमकियों को नजरअंदाज कर लोगों ने फिल्म का आनंद लिया। एक तरह से मुंबई के लोगों ने भारी
 
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Feb 13 2010 06:14 AM
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मुंबई में शाहरुख खान की फिल्म माई नैम....

आखिर मुंबई में शाहरुख खान की फिल्म माई नैम.... रिलीज हो गयी और लोगों ने इसे बढ़िया रिस्पांस दिया। यह फिल्म मुंबई के सिनेमाहालों में हाउसफुल जा रही है। शिवसेना की तमाम धमकियों को नजरअंदाज कर लोगों ने फिल्म का आनंद लिया। एक तरह से मुंबई के लोगों ने भारी
 
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Feb 13 2010 06:14 AM
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क्या भारतीय टीम को अजेय रहने का वरदान मिला है?

भारत दक्षिण अफ्रीका से पराजित क्या हुआ कि फिर शुरु हो गया खबरिया चैनलों का कोसने का खेल। भारत ने नाक कटायी। भारत के बल्लेबाज हुए फेल। नं0 एक की असलियत सामने आयी। मेहमान ने मेजबान को घर में ही पीटा। भई आखिर ये खेल ही तो है और इसमें कोई न कोई तो हारेगा ही।
 
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Feb 09 2010 08:00 PM
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क्या भारतीय टीम को अजेय रहने का वरदान मिला है?

भारत दक्षिण अफ्रीका से पराजित क्या हुआ कि फिर शुरु हो गया खबरिया चैनलों का कोसने का खेल। भारत ने नाक कटायी। भारत के बल्लेबाज हुए फेल। नं0 एक की असलियत सामने आयी। मेहमान ने मेजबान को घर में ही पीटा। भई आखिर ये खेल ही तो है और इसमें कोई न कोई तो हारेगा ही।
 
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काम से ही नाम की महत्ता

पुरानी बात हैं। किसी बालक के माँ-बाप ने उसका नाम पापक (पापी) रख दिया। बड़ा हुआ तो उसे यह नाम बहुत बुरा लगने लगा। उसने अपने आचार्य से प्रार्थना की, “मेरा नाम बदल दें। यह नाम बड़ा अप्रिय है, क्योंकि अशुभ और अमांगलिक है।” आचार्य ने उसे समझाया कि नाम तो केवल
 
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काम से ही नाम की महत्ता

पुरानी बात हैं। किसी बालक के माँ-बाप ने उसका नाम पापक (पापी) रख दिया। बड़ा हुआ तो उसे यह नाम बहुत बुरा लगने लगा। उसने अपने आचार्य से प्रार्थना की, “मेरा नाम बदल दें। यह नाम बड़ा अप्रिय है, क्योंकि अशुभ और अमांगलिक है।” आचार्य ने उसे समझाया कि नाम तो केवल
 
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Feb 07 2010 06:59 PM
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घरेलू गौरैया की घटती आबादी

देखने में सर्वत्र परिचित‚ सर्वव्यापी एवं कभी ज्यादा संख्या में दिखाई पड़ने वाली घरेलू गौरैया‚ पूरे विश्व में तेजी से दुर्लभ होती जा रही है। फुर्तीली और चहलकदमी करने वाली गौरैया को हमेशा शरदकालीन एवं शीतकालीन फसलों के दौरान‚ खेत–खलिहानों में अनेक छोटे–छोटे
 
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Feb 06 2010 07:07 PM
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घरेलू गौरैया की घटती आबादी

देखने में सर्वत्र परिचित‚ सर्वव्यापी एवं कभी ज्यादा संख्या में दिखाई पड़ने वाली घरेलू गौरैया‚ पूरे विश्व में तेजी से दुर्लभ होती जा रही है। फुर्तीली और चहलकदमी करने वाली गौरैया को हमेशा शरदकालीन एवं शीतकालीन फसलों के दौरान‚ खेत–खलिहानों में अनेक छोटे–छोटे
 
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मीडिया की चरण वन्दना

ठाकरे के गढ़ में वेफिक्र घूमे राहुल‚ शिवसेना के गढ़ में राहुल राज‚ मांद में रहा शेर‚ शिव सेना का अभियान टांय–टांय फिस्स और भी बहुत सारे जुमले गढ़े जा रहे हैं राहुल गांधी की मुंबई यात्रा पर। मीडिया ने ठाकरे परिवार को बिल्कुल ही चुका हुआ करार दे दिया है।
 
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Feb 06 2010 11:33 AM
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मीडिया की चरण वन्दना

ठाकरे के गढ़ में वेफिक्र घूमे राहुल‚ शिवसेना के गढ़ में राहुल राज‚ मांद में रहा शेर‚ शिव सेना का अभियान टांय–टांय फिस्स और भी बहुत सारे जुमले गढ़े जा रहे हैं राहुल गांधी की मुंबई यात्रा पर। मीडिया ने ठाकरे परिवार को बिल्कुल ही चुका हुआ करार दे दिया है।
 
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पूर्णमद: पूर्णमिदम्

एक दफा एक पिता और पुत्र खाने बैठे। पिता की थाली में मां ने एक पूरा लड्डू रखा और बच्चे की थाली में आधा। बच्चा रोने लगा, हठ करने लगा कि हमे पूरा ही लड्डू चाहिए।मां कुशल थी। उसने एक छोटा-सा गोल लड्डू बनाया। और बच्चे को परोस दिया। लड़का खुश हुआ, क्योंकि उसे
 
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Feb 05 2010 06:58 PM
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पूर्णमद: पूर्णमिदम्

एक दफा एक पिता और पुत्र खाने बैठे। पिता की थाली में मां ने एक पूरा लड्डू रखा और बच्चे की थाली में आधा। बच्चा रोने लगा, हठ करने लगा कि हमे पूरा ही लड्डू चाहिए।मां कुशल थी। उसने एक छोटा-सा गोल लड्डू बनाया। और बच्चे को परोस दिया। लड़का खुश हुआ, क्योंकि उसे
 
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लोग पत्रकार क्यों बनते है?

लोग पत्रकार क्यों बनते है? पत्रकार बनने के पीछे उनके उद्देश्य क्या हैं? क्या वह लोगों की समस्याओं को आगे लाने के लिये पत्रकार बने हैं या उनकी रुचि समाज में व्याप्त बुराईयों के खिलाफ आवाज उठाने में है अथवा फिर एक व्यवसाय के तौर पर उन्होंने इसे चुना है?
 
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Feb 04 2010 04:05 PM
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लोग पत्रकार क्यों बनते है?

लोग पत्रकार क्यों बनते है? पत्रकार बनने के पीछे उनके उद्देश्य क्या हैं? क्या वह लोगों की समस्याओं को आगे लाने के लिये पत्रकार बने हैं या उनकी रुचि समाज में व्याप्त बुराईयों के खिलाफ आवाज उठाने में है अथवा फिर एक व्यवसाय के तौर पर उन्होंने इसे चुना है?
 
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पुरस्कार तो दिये ही जाने चाहिये

पिछले दिनों घोषित हुए पद्म पुरस्कार भी विवादों के घेरे में रहे हैं। कई लोगों ने इन पुरस्कारों की प्रासंगिकता पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए इन्हे बंद किये जाने की वकालत की है। परंतु तमाम विवादों के बाद भी पुरस्कार तो दिये ही जाने चाहिये। सालों से पुरस्कार और
 
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पुरस्कार तो दिये ही जाने चाहिये

पिछले दिनों घोषित हुए पद्म पुरस्कार भी विवादों के घेरे में रहे हैं। कई लोगों ने इन पुरस्कारों की प्रासंगिकता पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए इन्हे बंद किये जाने की वकालत की है। परंतु तमाम विवादों के बाद भी पुरस्कार तो दिये ही जाने चाहिये। सालों से पुरस्कार और
 
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Jan 31 2010 06:49 AM