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Amitabh Tripathi

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31 Dec 2009
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भाजपा की समस्या है क्या?

बीते तीन चार माह में इस बात पर काफी चर्चा हुई है कि अब भाजपा का क्या होगा? लोकसभा चुनावों का परिणाम आते ही जिस प्रकार सर्वत्र यह विषय चर्चा के केन्द्रबिन्दु में है यह दो बातों की ओर संकेत करता है। एक देश में एकदलीय शासन की सम्भावना से लोग आशंकित हैं
 
अमिताभ त्रिपाठी
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दिल्ली में मदरसे कहीं बन न जायें सिरदर्द

सच्चर कमेटी की सिफारिशों को क्रियांवित करने के लिये केन्द्र सरकार समान अवसर आयोग का गठन करने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है जो पूरी तरह अल्पसंख्यक मंत्रालय के अधीन होगा और इस आयोग के द्वारा सभी क्षेत्रों में राजनीतिक, प्रशासनिक, न्यायायिक सहित पुलिस
 
अमिताभ त्रिपाठी
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जाकिर नाइक का एक पक्ष यह भी है

पिछले कुछ वर्षों से इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के प्रमुख ज़ाकिर नाइक न केवल भारत में वरन समस्त विश्व में काफी चर्चा में हैं। तुलनात्मक धर्म के नाम पर दूसरे धर्मों को इस्लाम से कमतर सिद्ध करने के व्यापक अभियान से एकबारगी सभी को लगा कि शायद ज़ाकिर नाइक इस्
 
अमिताभ त्रिपाठी
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कहीं हम आडम्बरी तो नहीं होते जा रहे हैं?

पिछले दिनों दिल्ली विश्वविद्यालय के कुछ महाविद्यालयों के पत्रकारिता से जुडे छात्रों के मध्य विदेश नीति और भारत की सामरिक चुनौतियों से सम्बन्धित विषय पर मुझे इन छात्रों को सम्बोधित करना था। कार्यक्रम के उपरांत राजस्थान की एक पत्रकारिता छात्रा ने अनौपच
 
अमिताभ त्रिपाठी
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लाचार भारत या लाचार नेतृत्व ?

भारत के लिये कूटनीटिक समस्यायें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। अभी कुछ दिन पूर्व ही लीबिया के शासक कर्नल गद्दाफी द्वारा संयुक्त राष्ट्र संघ में कश्मीर के विषय को उठाने के बाद और इसे एक स्वतन्त्र देश का दर्जा देने की माँग उठाने के बाद विश्व के मुस
 
अमिताभ त्रिपाठी
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कौन है साम्प्रदायिक आप ही निर्णय करें?

कुछ दिनों पूर्व मैने अपने ब्लाग पर एक लेख लिखा था कि भारत में मुस्लिम साम्प्रदायिकता को उभारने का व्यापक षड्यंत्र हो रहा है। यह कार्य सुनियोजित ढंग से किया जा रहा है ताकि देश में शरियत और क़ुरान आधारित व्यवस्था का सूत्रपात किया जा सके। इसी क्रम में इस
 
अमिताभ त्रिपाठी
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Sep 30 2009 03:23 PM
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मालेगाँव विस्फोट से मुंतज़र अल जैदी तक

आज प्रातः काल जब एक प्रमुख अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र उठाकर देखा तो उसमें ठीक एक वर्ष पूर्व मालेगाँव में हुए विस्फोट में मारी गयी एक मुस्लिम बालिका के बारे में बताया गया था कि किस प्रकार उसके सपने अधूरे रह गये। सहानुभूति के इस ढंग पर मैं यह नहीं कहूँ
 
अमिताभ त्रिपाठी
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मुस्लिम साम्प्रदायिकता सर उठा रही है

निश्चित रूप से मेरे इस लेख का शीर्षक बहुत लोगों को रुचिकर नहीं लगेगा क्योंकि इस देश में मुस्लिम समाज को शांति का दूत माना जाता है हो भी क्यों न उनका धर्म जो शांति और अमन का प्रतीक है। इसलिये यदि साम्प्रदायिक शब्द किसी के साथ उपयुक्त बैठता है तो वह
 
अमिताभ त्रिपाठी
Sep 22 2009 01:59 PM
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इजरायल की निन्दा का दौर फिर आरम्भ

पिछले वर्ष इजरायल द्वारा हमास के विरुद्ध गाजा में की गयी कार्रवाई को लेकर समस्त विश्व ने इजरायल की निन्दा की थी। इजरायल की इस कार्रवाई पर संयुक्त राष्ट्र संघ के मानवाधिकार परिषद ने जो इस विश्व संस्था की नवोदित संस्था है उसने दक्षिण अफ्रीका के रिचर्ड
 
अमिताभ त्रिपाठी
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हिन्दू जीवन पद्दति नहीं धर्म है

इन दिनों धर्म पर बहस काफी तीव्र हो गयी है और भारत में पिछले 6 दशक में कम्युनिज्म और सेक्युलरिज्म के घालमेल ने बौद्धिक वर्ग में धर्म के विषय को लेकर एक विशेष प्रकार की ग्रंथि का निर्माण कर दिया है जिसके चलते वह धर्म को बहस के दायरे से बाहर रखना चाहता है।
 
अमिताभ त्रिपाठी
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चुनाव परिणाम बनाम हिन्दुत्व

चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से इस बात पर काफी चर्चा हो रही है कि अब देश में हिन्दुत्व आन्दोलन का क्या होगा? यह विषय इस समय उठाना इसलिये आवश्यक हुआ है कि जिस दिन चुनाव परिणाम घोषित हो रहे थे उस दिन मैं दिल्ली से कहीं जा रहा था और मेरे साथ विमान [..
 
अमिताभ त्रिपाठी
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क्यों हारी भाजपा ?

चुनाव परिणाम आ चुके हैं और सारी स्थितियाँ स्पष्ट हो चुकी हैं। लेकिन यह जनादेश एक मायने में अत्यंत रोचक है। कांग्रेस 1989 के अपने आँकडे से आगे बढ गयी है जब उसे 197 सीटें मिली थी और भाजपा 1991 के अपने आँकडे के आस पास पहुँच गयी है लेकिन दोनों में अंतर य
 
अमिताभ त्रिपाठी
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इस जनादेश के निहितार्थ क्या हैं?

की 15वीं लोकसभा के चुनाव परिणाम आ चुके हैं और इन अप्रत्याशित चुनाव परिणामों ने सबके अनुमानों को धता बता दिया लेकिन इन चुनाव परिणामों के निहितार्थ को पढ्ने का प्रयास कुछ टीवी चैनल विशेष रूप से कर रहे थे। कुछ तो इसे कांग्रेस का अभ्युदय, गान्धी परिवार क
 
अमिताभ त्रिपाठी
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क्या वरुण ने कुछ गलत कहा?

पिछले चौबीस घण्टों में वरुण गान्धी चर्चा में आ गये हैं। कारण ऐसा कि कुछ लोग उससे सहमत हो सकते हैं और कुछ लोग नहीं। लेकिन वरुण गान्धी के जिस भाषण को लेकर चर्चा है और उन्हें चुनाव आयोग का नोटिस भी मिल चुका है उसे लेकर अनेक प्रतिक्रियायें हैं। भाजपा जहा
 
अमिताभ त्रिपाठी
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मुलायम और कल्याण की दोस्ती का राज

पिछले कुछ दिनों से एक समाचार काफी सुर्खियों में है और वह है उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का भाजपा छोड कर जाना और समाजवादी पार्टी के साथ आगामी लोकसभा चुनावों में प्रचार करना। कल्याण सिंह हो साथ लेने से समाजवादी पार्टी की मुश्किलें बढ
 
अमिताभ त्रिपाठी
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ये हिन्दुत्व नहीं गुण्डागर्दी है

कल सुबह सुबह जब समाचार पत्र उठाया और उसमें पढ्ने को मिला कि कर्नाटक में कुछ तथाकथित हिन्दुत्व के ठेकेदारों ने मँगलोर में एक पब में घुसकर मार पीट की और लडकियों को निशाना बनाया तो सर शर्म से झुक गया। आखिर जो काम किया गया उसकी जितनी निन्दा की जाये वह कम
 
अमिताभ त्रिपाठी
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भारत क्यों हार रहा है कूटनीतिक लडाई?

भारत की सरकार की ओर से नित नये दावे किये जा रहे हैं कि भारत ने पाकिस्तान के विरुद्ध समस्त विश्व में एक ऐसा माहौल बनाया कि उस आक्रामक कूटनीति के आगे उसे भारत के आगे घुटने टेकने पडे। परंतु यह अर्धसत्य है और इस तथ्य से भारत सरकार भी भलीभाँति परिचित है।
 
अमिताभ त्रिपाठी
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हम आतंकवाद से हार रहे हैं?

मुम्बई पर हुए आतंकवादी आक्रमण के तत्काल बाद मैंने अपने आलेख में आशंका व्यक्त की थी कि पिछले अनेक आक्रमणों की भाँति इस बार भी घटना का विश्लेषण होगा, सरकार की ओर से भारी भरकम वक्तव्य आयेंगे, समाचार पत्रों में बडॆ बडे लेख लिखे जायेंगे, टीवी चैनलों पर टि
 
अमिताभ त्रिपाठी
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आतंकवाद जिहाद का ही एक स्वरूप है- डैनियल पाइप्स

पिछले वर्ष 26 नवम्बर को मुम्बई पर हुए आतंकवादी आक्रमण के उपरांत आतंकवाद के विरुद्ध युद्ध का विषय एक बार फिर से विश्व के एजेण्डे में सबसे ऊपर आ गया है। यह आक्रमण अनेक मायनों में पिछले आक्रमणों से भिन्न था क्योंकि इसने विश्व भर का ध्यान अपनी ओर खींचा।
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इजरायल की निन्दा क्यों?

इजरायल ने गाजा पट्टी में हमास पर आक्रमण किया नहीं कि समस्त विश्व एकजुट होकर इस देश की निन्दा करने लगा। विश्व की सर्वोच्च विधिक संस्था में संयुक्त राष्ट्र संघ में इजरायल की निन्दा के प्रस्ताव पारित किये जाने लगे और हर ओर से प्रयास होने लगा कि किसी प्र
 
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