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11 May 2010
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समर कैंप में कलाबाजी

उफ! गर्मियों ने बुरा हाल करना शुरू कर दिया है. इलेक्ट्रिसिटी जैसी ढेरों प्रॉब्लम्स सामने खड़ी हैं जो हाल बेहाल कर रही हैं. लगभग सभी शहरों के यह हालात हैं. अप्रैल से लगभग सितंबर तक चलने वाला समर सीजन कलाकारों के लिए भी कष्ट का होता है पर पर्सनली ही,
 
Uttama
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सानिया को तो बख्शिए

छोड़िए सियासत और अपने भारत की टेनिस सनसनी सानिया मिर्जा के निकाह का जश्न मनाइये। खुश होइये कि सानिया बेशक पाकिस्तान की बहू बनने जा रही हैं लेकिन खेलती रहेंगी अपने वतन के लिए और तो और... वो पाकिस्तान में रहेंगी भी नहीं। आम भारतीय हैं हम, क्यों सियासतदां
 
Uttama
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Old art, New followers

आज-कल के यंगस्टर्स का भी जवाब नहीं. अगर कोई आर्ट फील्ड का यंगस्टर है तो बात कुछ और ही हो जाती है. पुराने काम में नए स्कोप तलाशना और उसे आकार देना, खूब शानदार ढंग से कर रहे हैं नई जनरेशन के यह आर्टिस्ट. खास तो यह भी है कि यह लोग किसी रिलीजन के हों, इससे
 
Uttama
टैग: old art-1
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EXPRESSIONS: a solo show by uttama

इलाहाबाद म्यूजियम की कला दीर्घा में मेरी कला प्रदर्शनी एक्सप्रेशंस गुरुवार को शुरू हो गई। यहां मैंने अपनी कामायनी, बनारस, ट्राइब्स, नेचर और कंपोजिशन टॉपिक्स पर करीब चालीस पेंटिंग्स का प्रदर्शन किया है। जयशंकर प्रसाद की कामायनी सीरीज की नई पेंटिंग्स भी
 
Uttama
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EXPRESSIONS: A show by uttama

इलाहाबाद में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के म्यूजियम में गुरुवार 11 मार्च से 20 मार्च 2010 तक आयोजित मेरी कला प्रदर्शनी में आप सादर आमंत्रित हैं। कमला नेहरू रोड पर चंद्रशेखर पार्क स्थित इलाहाबाद म्यूजियम में आमंत्रित कलाकार के तौर पर मेरी यह प्रदर्शनी
 
Uttama
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आसमान हमारा कैनवस...

जमाना लद गया जब बहुत हुआ तो वूमैन सिर्फ वर्किंग होकर ही आगे मान ली जाती थी. हर फील्ड में पुरुष आगे थे. यहां बात अलग है, मैदान में पुरुष भी हैं और महिलाएं भी लेकिन दम के मामले में कोई भी उन्नीस नहीं. बात कर रही हूं कला की. इंडिया में विजुअल आटर्स का मैदान
 
Uttama
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मकबूल का यूं चले जाना

मुझे पता है कि यह हेडिंग अखबारों में आम तौर पर कब लगाई जाती है। मैं कलाकार हूं और किसी अन्य कलाकार के लिए इस तरह की बात करना भी नहीं चाहूंगी। चाहती हूं कि मकबूल हजार साल जीएं। बेशक वो कलाकार हैं। मैं या कोई और उनके कलाकार रूप में कमी निकाले तो ठीक नहीं
 
Uttama
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विवाद का स्थाई विषय-तस्लीमा

तस्लीमा नसरीन का जैसे विवादों से चोली-दामन जैसा साथ है। जहां तस्लीमा, वहां विवाद। इस बार तो बेवजह बवंडर में फंस गईं। लिखा भी नहीं कि मोहम्मद साहब बुर्के के विरोधी थे पर मीडिया ने तान दिया और दंगे भड़क गए। तस्लीमा नाम की आग ने कई बार झुलसाया है। तस्लीमा
 
Uttama
Mar 03 2010 06:35 AM
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रेत के चितेरे

सिकुड़ती नदियों का यह एक यूज है. पुराने और स्टैब्लिस्ड आर्टिस्ट ही नहीं, अब नए लोग भी इस तरह मुड़ रहे हैं. और तो और... शहरों में वह नई जनरेशन जो नित नया करना चाहती है. वह भी आ रही है और खूब एंजॉय करती है. बात हो रही है सैंड आर्ट यानि रेत पर कला की. नदी
 
Uttama
टैग: sand art
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उत्सव और उसका आक्रोश!!!

उत्सव का नाम पहले भी सुना है मैंने। टेनिस खिलाड़ी रुचिका गेहरोत्रा को आत्महत्या के लिए मजबूर कर देने वाले हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक एसपीएस राठौड़ पर एक छोटे से चाकू से हमला करने वाला उत्सव ऐसा क्यों कर बैठा, कोई नहीं समझ पा रहा। बनारस हिंदू
 
Uttama
टैग: varanasi
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जीवट का जैक्सन

माइकल जैक्सन के निधन की ख़बर अचानक ऐसे आई कि सहसा विश्वास ही नहीं हुआ । कौन इतनी आसानी से मान लेता कि जिस जैक्सन ने बचपन से संघर्ष ही संघर्ष किया वो मौत के सामने यूँ ही हथियार डाल देगा । सनकी और क्रूर पिता की उम्मीदों के भारी - भरकम बोझ तले शुरू हुई
 
Uttama
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एक जंग ये भी

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में इंग्लिश और माडर्न यूरोपियन भाषा विभाग की ये इमारत अपने एक प्रोफेसर की वजह से अन्तर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है । बढ़ी दाढ़ी और सामान्य वेशभूषा वाले प्रोफेसर अरविन्द कृष्ण मेहरोत्रा ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की एक ऐसी कुर्सी के
 
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यह कठपुतलियाँ

क्या होगा इस लोकतंत्र का । विधायिका अपने कर्तव्य भूल गई , कानून में कमियों को दूर कराने की बजाये उसका लाभ उठाया जाने लगा तो न्याय पालिका ने दखल दिया । लेकिन काट ढूँढ ली गई है , बाहुबलिओं ने अपनी जगह पत्नी या और नजदीकी रिश्तेदारों को चुनाव के मैदान मे
 
Uttama
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नौगढ़ः एक बड़ी उम्मीद

नौगढ़ को शायद कम ही लोग जानते होंगे। बिहार की सीमा से जुड़े उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले का यह इलाका ऐसा है कि एक ही बार में मन मोह ले। अनुपम नजारे हैं यहां। पहाड़ हैं और हरे-भरे वन भी। बुरी बात है यहां की गरीबी। मुझे पिछले दो साल में यहां तीन बार जान
 
Uttama
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बेजुबानों पर कहर का भी प्रचार

क ई दिन से उद्वेलित थी, परेशान थी। बकरीद के अगले दिन सुबह उठी तो समाचार पत्र में ऊंट की बलि की खबर देख ली। उद्वेलित इसलिये थी कि कुछ लोग कैसे सार्वजनिक रूप से एक जीव की हत्या कर सकते हैं? एक आदमी को मार डालना जेल भिजवा सकता है, हत्यारे को फांसी हो सक
 
Uttama
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कलाओं पर कैसा पहरा...

आर्ट और न्यूड... दोनों के रिश्ते पर तमाम बार सवाल उठते हैं और यदि फीमेल आर्टिस्ट न्यूड पेंट करें तो जैसे बवंडर ही मच जाता है. लेकिन कोई समझना नहीं चाहता की कैनवस पर कब, क्या और कैसे पेंट करना है, यह आर्टिस्टिक मूड डिसाइड करता है. कैनवस सामने आने पर क
 
Uttama
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कामायनी और मैं

कामायनी मुझे अपनी सबसे प्रिय पेंटिंग सीरीज में से एक है। मुझे नियमित रूप से पुस्तकें पढ़ने का शौक है, खासकर बड़ी शख्सियतों की पुस्तकें। वाकया आगरा का है। वहां आगरा कालेज में अध्यापन के दौरान एक शिक्षक साथी के साथ जयशंकर प्रसाद की पुस्तकों पर चर्चा चल
 
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यह भी हैं कला के दिन

फेस्टिव सीजन है, दीपों के त्योहार दीपावली की उमंग जगने लगी है. घरों में रंगाई-पुताई और सफाई का दौर चल रहा है. बाजारों में भीड़ बढ़ रही है. कुछ पर्सनल इवेंट्स को छोड़ दें तो सेलीब्रेशन का मूड आम तौर पर साल में ऐसे बड़े त्योहारों पर ही बनता है. दरअसल,
 
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यह भी हैं कला के दिन

फेस्टिव सीजन है, दीपों के त्योहार दीपावली की उमंग जगने लगी है. घरों में रंगाई-पुताई और सफाई का दौर चल रहा है. बाजारों में भीड़ बढ़ रही है. कुछ पर्सनल इवेंट्स को छोड़ दें तो सेलीब्रेशन का मूड आम तौर पर साल में ऐसे बड़े त्योहारों पर ही बनता है. दरअसल,
 
Uttama
Oct 16 2009 11:39 AM
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ये मौसम का जादू ...

सावन का महीना जाने के बाद देर से ही सही, झमाझम बरसात का मौसम आया है। गर्मियों से मुक्त हो रहा मन प्रसन्न है, नदियां उफन रही हैं। कहीं-कहीं जन का जीवन डिस्टर्ब जरूर है पर मन सभी का खुश। चमकती-कड़कती बिजली, घनघोर घटायें, रंग-बिरंगे बादल, अधखिली धूप,
 
Uttama
Sep 17 2009 09:59 AM
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नई उमर की नई फसल

जमाना लद गया जब वही पुरानी घिसी-पिटी कला को देखकर लोग शान में कसीदेगढ़ने लग जाते थे। कला की दुनिया में भी मंदी के जो दिन आए हैं उनसे एकसबक तो मिलने लगा है कि फ्रेश और प्रैक्टिकल आर्ट बायर्स की टॉपप्रायर्टी पर हैं। फिर कला की दुनिया में यह तो बहुत पुराना
 
Uttama
Aug 29 2009 08:02 PM
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बेरोजगारी का तमाशा

यह देखिये बेरोजगारी का एक और खेल । मजबूरी के मारों का जीने के लिए संघर्ष । गडबडी के ख़िलाफ़ निर्णायक लड़ाई का प्रण । नौकरी की आस टूटने पर हाहाकार । उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में सेना की भर्ती के दौरान मचे बवाल से मुझे तो कतई आश्चर्य नहीं हुआ । हाँ
 
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कला जगत के नए स्ट्रोक्स

कला जगत में धोखाधडी की घटनाएँ बढ़ रही हैं। जाने - माने पेंटिंग आर्टिस्ट राजा रवि वर्मा की तमाम ओरिजनल पेंटिंग्स चुराए जाने से पहले भी कला की दुनिया ऐसी हरकतें झेलती रही है। लिओनार्दो दा विन्ची की प्रसिद्ध कृति मोनालिसा भी कई बार चोरी हुई। अपने इंडियन
 
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आंखों में धूल

किसे यकीन होगा कि राष्ट्रीय महत्त्व की तमाम एतिहासिक पेंटिंग्स आसानी से चोरी हो जायें और इसका किसी को पता भी बरसों बाद चले । लेकिन आंखों में इस तरह से धूल झोंकी गई है केरल के थिरु अनंत पुरम के पास किलिमनूर पैलेस में । प्रख्यात हिन्दुस्तानी पेंटिंग आर
 
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बचानी होगी डिग्रियों की चमक

आख़िर ऐसा हो क्यों रहा है? हम इंडियन अपने एजूकेशन सिस्टम पर इतना इतरा रहे हैं, नयी यूनिवर्सिटीस खोल रहे हैं. लगातार दावा कर रहे हैं कि हम विदेशी यूनिवर्सिटीस से हाथ मिलाकर हाइ लेवेल और मॉडर्न एजुकेशन यहाँ भी देंगे पर इंडियन स्टूडेंट्स क्यों अन्य देशो
 
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उम्मीद की किरण

चलो किस्मत से ही सही, देश की सबसे बड़ी पंचायत में महिलाओं की नुमाइंदगी बढ़ ही गई हालाँकि प्रमुख दलों ने उनकी जमकर अनदेखी की। कांग्रेस हो या भाजपा, किसी भी बड़े दल ने 10 फीसदी से ज्यादा महिलाओं को टिकट नहीं दिया था, जबकि ये दो दल तो उनके लिए 33 फीसदी आर
 
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मतदाता की जय

लोकसभा चुनाव के नतीजे उम्मीद से उलट हैं, पर बेहद सुखदेय। कई डर इससे उड़नछू हो गए हैं। सियासत के लिए लाइलाज बीमारी बन रहे माफिया पस्त हुए हैं तो सत्ता तक पहुँचने के लिए बेशर्मी से अपने बयान बदल डालने वाले लालू प्रसाद यादव और रामविलास पासवान जैसे नेता अ
 
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भद्दा मज़ाक...

ये मज़ाक है दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ, बेशर्मी है राजनेताओं की और जनता के खून-पसीने की कमाई का सरासर दुरूपयोग। पंद्रहवी लोकसभा के चुनावों का भारी-भरकम खर्च उठाकर जैसे ही अपना देश बमुश्किल राहत की साँस लेकर चुकेगा, इन चुनावों की वजह से रिक्त
 
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गाँधी जी के रास्ते

ईरोम चानू शर्मीला है उसका नाम , आंधी कहें तो उसे कम आंकेंगे हम। नौ साल से मणिपुर से दिल्ली आ रही हवाओं को इस लड़की ने तूफ़ान की सी शक्ल दे रखी है । वो कुछ बोलती नहीं , उसकी चुप्पी रंग दिखा रही है । सियासत गरम है , पर सियासतदां इस गर्माहट का फायदा नहीं
 
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तिब्बत की कला

ये तस्वीर का दूसरा पहलू है और 50 साल से तिब्बत के आन्दोलन को हर तरह से कुचल रहे चीन का दूसरा चेहरा। चीन हर साल तिब्बत की कला से करोड़ों युआन का ढेर लगा रहा है। जितने जतन वो अपनी कला सामग्री बेचने के लिए करता है, उससे कम मेहनत तिब्बती कला के लिए नहीं
 
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चौदहवीं के ये चाँद

चुनाव के नगाड़े बज रहे हैं, हर तरफ़ धूम मची है। चुनाव की चर्चा में बाकी काम ठप्प पड़ने लगे हैं। ऐसे में कलाजगत भला कैसे शांत बैठ जाए, सवाल दर सवाल हैं और जवाब आधे-अधूरे। चौदहवीं लोकसभा में कलाजगत के भी नुमाइंदे थे। राजबब्बर, धर्मेन्द्र, जयाप्रदा, गोविं
 
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ज़न्नत पर बुरी नज़र

पाकिस्तान में चरमपंथ अपने चरम पर है। मुल्क की स्वात घाटी कभी अपनी जन्मजात खूबसूरती के लिए इस ज़मीन की ज़न्नत कही जाती थी। अपने कश्मीर को जब हम धरती का स्वर्ग कहते तो पाकिस्तानी स्वात पर अघाते नहीं थकते। कुछ भी हो, स्वात भी खूबसूरती की मामले में उन्नी
 
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मौत का मजमा

अजब ख़बर है ये, जिसके मुताबिक टेलिविज़न रियलिटी शो बिग ब्रदर से चर्चित हुई ब्रिटिश आर्टिस्ट जेड़ गुडी ने अपनी मौत के लाइव टेलीकास्ट का इंतजाम किया है। ख़ुद से करीब ६ साल छोटे जैक ट्वीड से ब्याह रचाने वाली जेड़ सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित है और दुनिया में
 
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जय हो

इस बार हम भारतीयों ने इतिहास रचा है। हमारी फ़िल्म 'स्लमडाग मिलेनियर' ऑस्कर के दस वर्गों में नामांकित हुई और आठ ऑस्कर अपनी झोली में डाल लिए। मुंबई की झोपड़पट्टी में रहने वाले लड़के के करोड़पति बनने की कहानी पर बनी 'स्लमडाग' को सर्वश्रेष्ठ फिल्म और डैनी ब
 
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एक बड़ा झटका

ग्वालियर संगीत घराने के साथ ठगी की बड़ी घटना आँख खोल देने वाली है । प्रसिद्ध संगीतज्ञ स्वर्गीय पंडित रघुनाथ तलेगांकर के तबला वादक सुपुत्र केशव तलेगांकर चंडीगढ़ के भास्कर राव ऑडिटोरियम में अपनी प्रस्तुति पर अखबारों का कवरेज पड़ ही रहे थे कि उत्तर प्रदेश
 
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यह अनूठा संगम

अनूठी पहल थी कला के उन्नयन की। कलाजगत की मक्का बनारस में कला के फनकारों और मुरीदों का अनूठा संगम हुआ। यह प्रयास था उन प्रतिभाओं को निखारने और मंच देने का, जो अपनी कला साधना के बूते जीवन और समाज की दशा-दिशा बदलने की सोच बना रहे हैं। वो नौनिहाल भी खूब
 
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ये जिज्ञासा, ये जुनून

रघु राय है इनका नाम, उम्र है करीब 67 साल। पर जीवट वाले इस फोटोग्राफर ने जैसे उम्र को धता बताने की ठान रखी है। बनारस में B.H.U के visual arts students से जब वो रू-ब-रू हुए तो यही लब्बोलुआब निकला कि हौसला हो तो कला पर न उम्र भारी होती है, न ही उसे कोई
 
Uttama