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09 Apr 2010
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अभिज्ञात के रूप में कहानी का फिर एक तारा चमका है- संजीव

बाएं से अरुण माहेश्वरी, विजय बहादुर सिंह, अभिज्ञात, संजीव, अर्धेन्दु चक्रवर्ती और हितेन्द्र पटेलअभिज्ञात के कहानी संग्रह 'तीसरी बीवी' का लोकार्पण कोलकाताः अभिज्ञात के रूप में कहानी का फिर एक तारा चमका है। एक जीवंत कथाकार की पुस्तक 'तीसरी बीवी' के
 
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नरेश मेहता स्मृति सम्मान नंदकिशोर आचार्य को

भोपाल : प्रतिष्ठित नरेश मेहता सम्मान वर्ष 2009 के लिए वरिष्ठ लेखक और विचारक नंदकिशोर आचार्य को दिया जाएगा। वैचारिक और सांस्कृतिक लेखन के लिए मध्य प्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा स्थापित इस सम्मान में प्रशस्ति पत्र और इक्यावन हजार रुपए की राशि
 
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साहित्य-कर्म मेरे जीने का तरीका है - नंद भारद्वाज

नन्द भारद्वाज बेटी कुंतल के साथ हिंदी के शीर्ष साहित्यकार नन्द भारद्वाज को इस साल का बिहारी सम्मान दिया जा रहा है पिछले चार दशक से मैं हिन्दी और राजस्थानी में अपने लेखन-कार्य से जुड़ा हूं, लेकिन आज भी हर नयी रचना एक शुरूआत लगती है और संतोष तो बिरले ही
 
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उदयपुर में सत्यनारायण पटेल का कहानी पाठ

उदयपुर ।``कहां है आदमी, यहां तो सब कीड़े-मकोड़े है। इनकी औलादें भी ऐसी ही होंगी। कभी नहीं, कभी पनही नहीं पहनेंगे। जिनगीभर उबाणे पगे पटेलों की जी हुजूरी करेंगे।´´ गांवों में जातीय और आर्थिक शोषण के यथार्थ का जीवन्त चित्र प्रस्तुत करने वाली कहानी `पनही´
 
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रजनीगंधा की महक शब्दों का जादू

रिपोर्ट इमरान शेख हंसती कभी-कभी है, शायर की डायरी है जयपुर 24 दिसम्बर गुलाबीनगरी में पहली बार गुजरात के धनतेज गाँव में जन्मे और फिलहाल वडोदरा से आए मशहूर शायर खलील धनतेजवी ने बुधवार को अपने अशआर और गजलों की प्रस्तुति से कविता और गजल प्रेमियों का दिल
 
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Dec 29 2009 11:56 AM
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डॉ. पल्लव को राष्ट्रीय पुरस्कार

चित्तौड़गढ़। युवा लेखक और साहित्य संस्कृति की विशिष्ट पत्रिका `बनास´ के सम्पादक डॉ। पल्लव को भारतीय भाषा परिषद कोलकाता का प्रतििष्ठत `युवा साहित्य पुरस्कार´ देने की घोषणा की गई है। पल्लव को यह राष्ट्रीय पुरस्कार संस्मरण लेखन के लिए मिला है। परिषद की मा
 
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आदिवासी विद्रोह और साहित्य´ विषयक संगोष्ठी

उदयपुर। श्रम, समूह और सहकारिता पर आधारित आदिवासी जीवन का विघटन व्यक्तिगत संपत्ति के उदय से जुड़ा और तभी आदिवासी और गैर आदिवासी समाज में विभाजन भी हुआ। सुप्रसिद्ध मराठी साहित्यकार और अखिल भारतीय आदिवासी साहित्यकार समिति के राष्ट्रीय महासचिव वाहरू सोनवण
 
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जयपुर में सूरज प्रकाश

कथावाचन करते सूरज प्रकाश हिन्दी के प्रख्यात कथाकार सूरज प्रकाश पिछले दिनों जयपुर आए ,श्रमजीवी पत्रकार संघ और प्रगतिशील लेखक संघ के संयुक्त तत्वावधान में विशेष आयोजन में उनका कहानी पाठ हुआ ,जिसमें शहर के अनेक प्रबुद्ध लेखक पत्रकार थे ,दूरदर्शन के निदे
 
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Dec 29 2009 11:56 AM
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आलोक श्रीवास्तव जयपुर में सम्मानित

आलोक श्रीवास्तव को सम्मानित करते यशवंत व्यास,शिव कुमार शर्मा और आयोजक बोलते आलोक मंच पर एक नज़र ----- २० मई की शाम को जयपुर के एम आई रोड स्थित चेंबर भवन में मूलत:विदिशा के रहने वाले और इनदिनों दिल्ली के बाशिंदे नामचीन युवा शायर आलोक श्रीवास्तव को डॉ भ
 
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Dec 29 2009 11:56 AM
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शिव कुमार बटालवी की एक तवील पंजाबी नज्म

एक कुड़ी जिहदा नाम मोहब्बत इक कुड़ी जिहदा नाम मोहब्बत गुम है गुम है गुम है साद मुरादी सोहणी फब्बत गुम है गुम है गुम है सूरत उसदी परियां वरगी सीरत दी ओह मरियम लगदी हसदी है तां फुल्ल झड़दे ने तुरदी है तां ग़ज़ल है लगदी लम्म सलम्मी सरूं क़द दी उम्र अजे
 
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भारती अभिधा की तीन कवितायें

स्पर्श वासना से दग्ध हाथों ने छुआ जिस पल मोम सी अहिल्या पत्थर हुयी उसी पल स्नेहसिक्त एक स्पर्श राम का फूंक गया पाषाण देह समझती है अन्तर स्पर्श का... स्वप्न बाँध पोटली स्वप्नों की रख लेती हूँ तकिये के नीचे और सो जाती हूँ हर सुबह काजल के साथ डाल लेती ह
 
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Dec 29 2009 11:56 AM
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आलोक श्रीवास्तव - सच्चा शायर

डॉ. दुष्यंत की एक समीक्षा कलम के लिए आलोक जितने प्यारे और सच्चे शायर हैं उतने ही प्यारे इंसान भी हैं. सच कहूं तो उनसे मिलने के बाद मेरे लिए यह तय कर पाना मुश्किल हो गया कि आलोक शायर ज़्यादा अच्छे हैं या इंसान. बहरहाल मैं इस जद्दोजहद से खुद को आजाद कर
 
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कलम का आयोजन -कुछ अनकही का लोकार्पण

परिवेश और स्थितियों की प्रमाणिकता ही किसी को कालजयी बनाते हैं, किसी कहानी या उपन्यास का कोई चरित्र जब अपनी सीमाओं का अतिक्रमण कर नए आयाम स्थापित करता है, अपने संघर्षों से नवीन स्थितियों को पैदा करता वही चरित्र युगों तक पाठक के जनमानस को उद्वेलित करता
 
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Dec 29 2009 11:56 AM
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आलोक श्रीवास्तव को दुष्यंत कुमार पुरस्कार

मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी ने इस बार अपना प्रतिष्ठित 'दुष्यंत कुमार पुरस्कार' युवा ग़ज़लकार आलोक श्रीवास्तव को देने की घोषणा की है. आलोक को यह पुरस्कार उनके बहुचर्चित ग़ज़ल संग्रह 'आमीन' के लिए दिया जाएगा. साल 2007 में राजकमल प्रकाशन, दिल्ली से प्रकाश
 
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रंगों और शब्दों के बीच की आवाजाही का पड़ाव जयपुर

कलम के लिए दुष्यंत द्वारा प्रभु जोशी कथाकार बेहतर हैं या अच्छे पेंटर या उम्दा फिल्मकार, ये तय करना बड़ा मुश्किल है पर ये ज़रूर है कि शब्द रंग और दृश्य तीनों से उनका जुड़ाव उन्हें एक सम्पूर्ण कलाकार बनाता है। अट़्ठारहवीं शताब्दी के अंत और उन्नीसवीं शत
 
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कलम की सहभागिता में जयपुर फ़िल्म फेस्टिवल

पहला जयपुर इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल 31 जनवरी और एक फरवरी 2009 शिरकत- मुंबई से जगमोहन मूंधडा,सुभाष कपूर और सुदिप्तो सेन दिल्ली से दीपक रोय,राकेश अन्दानिया और बीजू मोहन पंडित विश्वमोहन भट्ट, डॉ हरिराम आचार्य, दीपक पुरोहित, दान सिंह के साथ सारा जयपुर
 
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रेत पर उदयपुर में संगोष्ठी

उदयपुर। पारम्परिकता रेत के शिल्प को शिथिल नहीं कर सकी और जरायमपेशा समाज पर लिखे जाने के बावजूद यह अतिरंजना से बचता है। सुपरिचित आलोचक एवं मीडिया विश्लेषक डॉ. माधव हाड़ा ने भगवानदास मोरवाल के चर्चित उपन्यास रेत के संबंध में कहा कि समाजशास्त्रीयता इस उप
 
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